Naveen samachar chhattisgarh
Friday, June 19, 2026
शनिवार को हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों के संचालन समय पर पुनर्विचार करे सरकार : नवीन शिक्षक संघ
स्कूल शिक्षा विभाग को कक्षा 9 से 12 तक के सुबह स्कूल लगाने पर जल्दी निर्णय लेना चाहिए इस संबंध मे जल्दी ही नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का प्रतिनिधिमंडल संचालक महोदय से मुलाक़ात कर मांग पत्र सौंपकर शनिवार सुबह स्कूल लगाने की मांग को प्रमुखता से रखेंगे- विकास सिंह
Thursday, June 18, 2026
नवीन शिक्षक संघ की ऑनलाइन बैठक संपन्न, 28 जून को रायपुर में होगी पुनः बैठक बनेगी पूर्व सेवा अवधि गणना करने व टीईटी से राहत के लिए आंदोलन की रणनीति
रायपुर। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ की ऑनलाइन बैठक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व व प्रदेश पदाधिकारियों एवं विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा आगामी रणनीति तय की गई। संघ ने निर्णय लिया कि इन विषयों पर आगे की कार्ययोजना एवं आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए 28 जून को रायपुर में पुनः बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में प्रमुख रूप से पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से देय समयमान वेतनमान के अनुसार वेतन एवं पेंशन निर्धारण के विषय पर चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों की पूर्व सेवा अवधि को मान्यता देते हुए उन्हें प्रथम नियुक्ति तिथि से समयमान वेतनमान एवं पेंशन का लाभ प्रदान किया जाना चाहिए।
दूसरे महत्वपूर्ण विषय के रूप में राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी (TET) से राहत देने की मांग पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाना न्यायसंगत होगा।
बैठक में VSK एप में लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। शिक्षकों ने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में सर्वर डाउन, लॉगिन संबंधी परेशानी एवं उपस्थिति रिकॉर्ड प्रदर्शित नहीं होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने मांग की कि विभाग इन तकनीकी खामियों को शीघ्र दूर करे ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों के हितों से जुड़े इन सभी मुद्दों को शासन एवं विभाग के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा तथा आवश्यक होने पर आगे व्यापक आंदोलन की रणनीति भी बनाई जाएगी। 28 जून को रायपुर में होने वाली बैठक में इन विषयों पर विस्तृत चर्चा कर आगामी निर्णय लिए जाएंगे। ऑनलाइन बैठक मे महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा जाटव, प्रदेश सचिव गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, अजय कड़व, ज्योति सक्सेना, दुष्यन्त कुम्भकार, नरेश गुप्ता, मनोज चंद्रा, नंदिनी देशमुख, सतीस टंडन, चंद्रिका पाण्डेय, वेदप्रकाश साहू, बसंत जोगी, रूपा साहू, भूपेंद्र कुमार, मनीष साहू, बलराम बंजारे, प्रेमलाल पाटिल, लोकेश साहू, चोवाराम देशलहरे, टूमन लाल भुआर्य सहित पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।
Tuesday, June 16, 2026
स्कूल खुलने के पहले दिन 39 डिग्री तापमान, विद्यार्थियों के हित में जल्द निर्णय ले सरकार : विकास सिंह राजपूत
भीषण गर्मी के बीच खुले स्कूल, लगातार मांग के बाद भी नहीं हुआ निर्णय में बदलाव
रायपुर -
प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी, उमस तथा कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट के बीच मंगलवार 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई। स्कूल खुलने के पहले ही दिन कई क्षेत्रों में तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में विद्यार्थियों, विशेषकर 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर चिंताएं एक बार फिर सामने आई हैं।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों एवं पालकों द्वारा लगातार 1 जुलाई से स्कूल खोलने की मांग की गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने अपने पूर्व निर्धारित निर्णय में कोई बदलाव नहीं किया और प्रदेशभर के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में आज से कक्षाएं प्रारंभ हो गईं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक जिलों में तापमान अभी भी 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। ऐसी परिस्थितियों में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है। भीषण गर्मी को देखते हुए विभिन्न संगठनों द्वारा शिक्षा मंत्री एवं स्कूल शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर स्कूल खोलने की तिथि आगे बढ़ाने का अनुरोध भी किया गया था।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता, पर्याप्त पंखों की व्यवस्था तथा विद्यार्थियों को गर्मी से बचाने के आवश्यक उपायों को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। पालकों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी एवं उमस की स्थिति में बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन को पुनर्विचार करना चाहिए था।
वर्जन
"प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और उमस की स्थिति बनी हुई है। 6 से 14 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार को 1 जुलाई से स्कूल खोलने पर विचार करना चाहिए था। साथ ही सभी विद्यालयों में पेयजल एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।"
— विकास सिंह राजपूत
प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़
Monday, June 15, 2026
VSK एप का सर्वर ठप, शिक्षकों की बढ़ी चिंता: ऑनलाइन उपस्थिति नहीं होने पर वेतन कटौती का जिम्मेदार कौन?
स्कूल खुलते ही प्रदेश भर के शिक्षक परेशान
दुर्ग/रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के शिक्षकों को VSK एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, निर्धारित समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों के उस दिन का वेतन काटने संबंधी आदेश भी जारी किया गया है।
इसी बीच मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से VSK एप का सर्वर डाउन होने एवं तकनीकी खामियों के कारण शिक्षकों के ऑनलाइन चेक-इन नहीं हो पाने की शिकायतें सामने आई हैं। कई शिक्षकों ने स्क्रीनशॉट साझा कर बताया कि नेटवर्क एवं सर्वर संबंधी समस्याओं के कारण घंटों प्रयास करने के बावजूद उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी।
प्रदेश के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी पहले से ही एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में केवल ऑनलाइन माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था ने शिक्षकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। शिक्षकों का कहना है कि यदि तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है तो इसके लिए संबंधित शिक्षक को जिम्मेदार ठहराना न्यायसंगत नहीं होगा।
नवीन शिक्षक संघ ने इस पूरे मामले में विभाग से गंभीरतापूर्वक विचार करने की मांग करते हुए कहा है कि तकनीकी खामियों के चलते किसी भी शिक्षक का वेतन काटने जैसी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
वर्जन
"ग्रामीण क्षेत्रों में VSK एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में शिक्षकों को नेटवर्क संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। नेटवर्क या सर्वर की समस्या के कारण यदि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है और ऐसी स्थिति में शिक्षकों का वेतन काटा जाता है, तो आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? इस संबंध में विभाग को गंभीरता से विचार करना चाहिए। ऑनलाइन उपस्थिति के बजाय प्रदेश के सभी स्कूलों में बायोमेट्रिक डिवाइस लगाए जाने चाहिए, जिससे पारदर्शिता के साथ-साथ तकनीकी समस्याओं से भी बचा जा सके।"
— विकास सिंह राजपूत
प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़
Saturday, June 13, 2026
भीषण गर्मी व जल संकट को देखते हुए 16 जून से स्कूल खोलने के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग
रायपुर - नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी एवं उमस को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 16 जून 2026 से स्कूल खोलने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने माननीय शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन से इस विषय पर गंभीरता से संज्ञान लेने का आग्रह किया है।
वर्जन :
वर्तमान में प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में भीषण गर्मी और अत्यधिक उमस का वातावरण बना हुआ है। ऐसे समय में छोटे-छोटे बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
विकास सिंह राजपूत प्रदेश अध्यक्ष (नवीन शिक्षक संघ छ. ग.)
महिला प्रकोष्ठ प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, बलविंदर कौर, गंगा शरण पासी, नंदिनी देशमुख, ज्योति सक्सेना, गीता चंद्राकर, रूपा साहू ने सुझाव दिया है कि स्कूलों का संचालन 1 जुलाई 2026 से प्रारंभ करने पर विचार किया जाना चाहिए।
प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, दुष्यंत कुम्भकार, रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू, अजय कड़व, प्रकाश चंद कांगे, सतीस टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, राजेश शुक्ला, ब्रिज नारायण मिश्रा, शंकर लाल भार्गव, मनोज चंद्रा ने आगे कहा की प्रदेश के कई ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में भू-जल स्तर में गिरावट के कारण नलकूप एवं बोरिंग से पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। ऐसी परिस्थितियों में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
संजीव मानिकपुरी, वेद प्रकाश साहू, छन्नू लाल साहू, रमन शर्मा, हरिकांत अग्निहोत्री, अमित मैसी, वेदराम साहू, चंद्रिका पाण्डेय ने कहा कि विद्यालयों में पर्याप्त पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना स्कूल खोलना उचित नहीं होगा। इसलिए विद्यार्थियों के स्वास्थ्य हित को ध्यान में रखते हुए 16 जून से स्कूल खोलने के निर्णय पर एक बार पुनर्विचार कर आवश्यक निर्णय लिया जाना चाहिए।
Wednesday, June 10, 2026
राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से राहत एवं सेवा सुरक्षा की मांग, प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेजा गया मांग पत्र
रायपुर, 10 जून। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ द्वारा राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षकों को TET अनिवार्यता से मुक्त रखते हुए उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री, भारत सरकार, केंद्रीय शिक्षामंत्री एवं सचिव, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार को ईमेल तथा स्पीड पोस्ट के माध्यम से मांग पत्र प्रेषित किया गया।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने बताया कि वर्ष 2017 में एनसीटीई द्वारा टीईटी संबंधी संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए गए, जिसके कारण राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत हजारों शिक्षक अनावश्यक प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। जबकि कई राज्यों में ऐसे शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए राहत प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के अर्जित अधिकारों एवं सेवा सुरक्षा को बनाए रखना आवश्यक है।
मांग पत्र में केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि राजपत्र प्रकाशन अथवा संशोधित नियम लागू होने से पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षकों को TET अनिवार्यता से मुक्त किया जाए तथा केवल TET की अनुपलब्धता के आधार पर किसी भी शिक्षक की सेवा, पदोन्नति एवं वेतन संबंधी लाभ प्रभावित नहीं किए जाएं। साथ ही सभी राज्यों के लिए एक समान दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।
संघ ने यह भी उल्लेख किया है कि वर्ष 2017 से 2026 तक बिना TET उत्तीर्ण किए अनेक शिक्षकों को पदोन्नति प्रदान की गई है, ऐसे में शेष बचे शिक्षकों के लिए TET को सेवा सुरक्षा का आधार बनाना न्यायोचित नहीं है। इसलिए मानवीय एवं न्यायसंगत दृष्टिकोण अपनाते हुए पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत प्रदान की जानी चाहिए।
स्पीड पोस्ट के माध्यम से मांग पत्र प्रेषित किए जाने के दौरान विकास सिंह राजपूत, उमा जाटव, गिरीश साहू, दुष्यंत कुंभकार, अमितेश तिवारी, संजीव मानिकपुरी, नंदिनी देशमुख, गीता चंद्राकर, संजय शर्मा, दीपक साहू, विनोद ठाकुर, राकेश धनकर एवं मनोज जोशी उपस्थित रहे।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने केंद्र सरकार से शिक्षकों के व्यापक हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
Tuesday, June 9, 2026
टीईटी-बी.एड. राहत की मांग को लेकर संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग से मिले नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधि
दुर्ग, 09 जून 2026। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग से मुलाकात कर वर्ष 2017 के एनसीटीई/आरटीई संशोधन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी एवं बी.एड. अनिवार्यता से राहत प्रदान करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
संघ ने ज्ञापन में बताया कि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत वर्ष 2017 में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यताओं में संशोधन किया गया, जिसके बाद प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी तथा पदोन्नति हेतु बी.एड. योग्यता को अनिवार्य माना जाने लगा। संघ का तर्क है कि इस संशोधन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति तत्कालीन प्रचलित नियमों एवं योग्यताओं के आधार पर हुई थी, इसलिए उन पर बाद में लागू किए गए प्रावधानों का प्रतिकूल प्रभाव नहीं डाला जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2017 से अप्रैल 2026 तक स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अनेक शिक्षकों की बिना टीईटी एवं बिना बी.एड. के पदोन्नति की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभागीय स्तर पर इन प्रावधानों का एक समान पालन नहीं हुआ। ऐसी स्थिति में शेष बचे शिक्षकों को पदोन्नति एवं सेवा लाभों से वंचित करना प्राकृतिक न्याय एवं समानता के सिद्धांतों के विपरीत होगा।
संघ ने मांग की कि वर्ष 2017 के पूर्व नियुक्त समस्त शिक्षकों को टीईटी एवं बी.एड. अनिवार्यता से पूर्ण छूट प्रदान की जाए, साथ ही 2017 से 2026 के बीच पदोन्नत शिक्षकों के समान शेष पात्र शिक्षकों को भी राहत दी जाए। इसके अतिरिक्त सेवारत शिक्षकों के लिए एकमुश्त विशेष शिथिलीकरण (One Time Relaxation) प्रदान करने तथा टीईटी अथवा बी.एड. के अभाव में किसी भी शिक्षक की पदोन्नति, वेतनवृद्धि, क्रमोन्नति अथवा अन्य सेवा लाभ प्रभावित नहीं करने के स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग भी की गई।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के हजारों शिक्षक वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। ऐसे शिक्षकों के अर्जित सेवा अधिकारों की रक्षा करना शासन की नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शासन शिक्षक हितों एवं व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेकर प्रभावित शिक्षकों को राहत प्रदान करेगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश, संभाग एवं जिला स्तर के पदाधिकारी एवं शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
वर्जन – विकास सिंह राजपूत, प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़:
"वर्ष 2017 के संशोधन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवाएं तत्कालीन नियमों के अनुसार हुई हैं। वर्षों तक सेवा देने वाले शिक्षकों के अर्जित अधिकारों की रक्षा करते हुए उन्हें टीईटी एवं बी.एड. अनिवार्यता से राहत प्रदान की जानी चाहिए, ताकि किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो।"
तथ्य: वर्ष 2017 में शिक्षक शिक्षा संबंधी नियमों में संशोधन के बाद न्यूनतम योग्यताओं के प्रावधानों को लेकर विभिन्न राज्यों में व्याख्या एवं न्यायिक परीक्षण की स्थिति बनी रही है।
प्रतिनिधिमंडल मे प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा जाटव प्रदेश सचिव गिरीश साहू, प्रदेश कोषाध्यक्ष अमितेश तिवारी, संगठन मंत्री दुष्यन्त कुंभकार, महिला प्रकोष्ठ सचिव नंदिनी देशमुख, जिला अध्यक्ष संजीव मानिकपुरी, ब्लॉक अध्यक्ष धमधा संजय शर्मा, दुर्ग दीपक साहू, गीता चंद्राकर, विनोद ठाकुर, राकेश धनकर, मनोज जोशी, छगन लाल गेंड्रे, अशोक देवांगन, अनिल मार्कण्डेय, तीरथ मार्कण्डेय आदि शामिल
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