Naveen samachar chhattisgarh
Thursday, June 25, 2026
Wednesday, June 24, 2026
क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान पर स्पष्ट गणना चार्ट जारी करे शासन जिससे कर्मचारियों व शिक्षकों को वेतनमान चयन करने मे हो आसानी
क्रमोन्नति वेतनमान व समयमान वेतनमान के लाभ-हानि का तुलनात्मक चार्ट जारी करने की मांग को लेकर जल्दी ही वित्त विभाग के अधिकारियो से करेंगे मुलाक़ात नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल
रायपुर - छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय कर्मचारियों एवं शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान अथवा समयमान वेतनमान में से किसी एक विकल्प का चयन करने हेतु निर्धारित समय-सीमा प्रदान की गई है। ऐसे में कर्मचारियों के समक्ष यह महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा हो गया है कि उनके लिए कौन-सा विकल्प अधिक लाभकारी रहेगा।
इस संबंध में कर्मचारी एवं शिक्षक हितों से जुड़े नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने राज्य शासन के वित्त विभाग से मांग की है कि प्रत्येक वेतन स्तर एवं संवर्ग के अनुसार क्रमोन्नति वेतनमान और समयमान वेतनमान का तुलनात्मक वेतन गणना चार्ट तत्काल जारी किया जाए, ताकि कर्मचारी वास्तविक आर्थिक लाभ का आकलन कर सकें और सही विकल्प का चयन कर सकें।
विकास सिंह राजपूत ने कहा कि वर्तमान में अधिकांश कर्मचारी भ्रम की स्थिति में हैं। शासन द्वारा विकल्प चयन की समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है, लेकिन अब तक ऐसा कोई आधिकारिक गणना पत्रक या मार्गदर्शिका जारी नहीं की गई है, जिससे कर्मचारी दोनों व्यवस्थाओं के तहत मिलने वाले वेतन, वार्षिक वेतनवृद्धि, भविष्य के लाभ तथा पेंशन संबंधी प्रभावों की तुलना कर सकें।
उन्होंने कहा कि यदि वित्त विभाग द्वारा संवर्गवार और वेतन स्तरवार तुलनात्मक चार्ट जारी किया जाता है तो कर्मचारियों को निर्णय लेने में सुविधा होगी तथा भविष्य में किसी प्रकार की शिकायत या विवाद की संभावना भी कम होगी।
कर्मचारी संगठनों ने भी शासन से मांग की है कि विकल्प चयन की अंतिम तिथि से पूर्व विस्तृत दिशा-निर्देश एवं गणना चार्ट जारी कर कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जाए।
प्रमुख मांगें
क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान का तुलनात्मक गणना चार्ट जारी किया जाए।
प्रत्येक वेतन स्तर के लिए संभावित लाभ-हानि स्पष्ट की जाए।
कर्मचारियों को विकल्प चयन हेतु विस्तृत मार्गदर्शिका उपलब्ध कराई जाए।
आवश्यकता पड़ने पर विकल्प चयन की समय-सीमा बढ़ाई जाए।
विकास सिंह राजपूत ने कहा कि स्पष्ट एवं पारदर्शी जानकारी के अभाव में कर्मचारी असमंजस की स्थिति में हैं, इसलिए शासन को शीघ्र ही अधिकृत गणना पत्रक जारी कर कर्मचारियों को राहत प्रदान करनी चाहिए इस संबंध मे जल्दी ही वित्त विभाग के अधिकारियो से नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का प्रतिनिधि मंडल मुलाक़ात कर तुलनात्मक गणना चार्ट जारी करने की मांग को प्रमुखता से रखेंगे।
Tuesday, June 23, 2026
जनगणना कार्य का मानदेय और कर्तव्य प्रमाण पत्र देने की मांग, नवीन शिक्षक संघ ने अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
बालोद। नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश के नेतृत्व में एसडीएम राजस्व बालोद, तहसीलदार बालोद एवं नगर पालिका परिषद बालोद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से मुलाकात कर जनगणना मकान सूचीकरण कार्य में लगे शिक्षकों को मानदेय भुगतान एवं कर्तव्य प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
संघ ने बताया कि जनगणना मकान सूचीकरण कार्य के अंतर्गत 1 मई से 30 मई तक ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में बालोद तहसील एवं नगर पालिका परिषद बालोद क्षेत्र के शिक्षकों की ड्यूटी प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के रूप में लगाई गई थी। शिक्षकों ने शासन के निर्देशानुसार अवकाश अवधि में भी पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया।
नवीन शिक्षक संघ ने अधिकारियों को अवगत कराया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान शासकीय कार्य संपादित करने वाले शिक्षकों को नियमानुसार अर्जित अवकाश (Earned Leave) की पात्रता प्राप्त होती है। इसके लिए संबंधित शिक्षकों को कर्तव्य प्रमाण पत्र जारी किया जाना आवश्यक है, ताकि वे अर्जित अवकाश का लाभ प्राप्त कर सकें। साथ ही जनगणना कार्य के लिए देय मानदेय राशि का शीघ्र भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों ने अपने अवकाश का त्याग कर शासन के महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया है, इसलिए उनके अधिकारों और सुविधाओं का समय पर लाभ मिलना चाहिए। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ज्ञापन सौंपने वालों में हिलेश्वर देवांगन, किसन देवांगन, उमेश साहू, धर्मेंद्र देशलहरा, प्रवीण पांडे, प्रेमलाल पाटिल, विजय साहू, विकास शर्मा ,मोहन निषाद सहित नवीन शिक्षक संघ के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, जनगणना कर्मियों के लिए कर्तव्य प्रमाण पत्र एवं अतिरिक्त अर्जित अवकाश की मांग
कोयलीबेड़ा/पखांजूर। नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बलविंदर कौर के नेतृत्व में तहसीलदार एवं जनगणना 2026-27 के चार्ज अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के लिए कर्तव्य प्रमाण पत्र जारी करने तथा कार्य अवधि को अतिरिक्त अर्जित अवकाश के रूप में स्वीकृत करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि भारत की जनगणना 2026-27 के प्रथम चरण के अंतर्गत विकासखंड कोयलीबेड़ा के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कार्यरत प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने 01 मई 2026 से 02 जून 2026 तक कुल 33 दिनों तक ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में निरंतर जनगणना कार्य संपादित किया। इस दौरान कर्मचारियों ने भारत की जनगणना अधिनियम 1948 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।
नवीन शिक्षक संघ ने मांग की है कि जनगणना कार्य में लगे सभी कर्मचारियों को उनके योगदान के सम्मान में कर्तव्य प्रमाण पत्र प्रदान किया जाए तथा 33 दिनों की कार्य अवधि को अतिरिक्त अर्जित अवकाश के रूप में मान्यता देकर आदेश जारी किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में कर्मचारियों ने अपने अवकाश का त्याग कर जिम्मेदारी निभाई है, इसलिए उन्हें नियमानुसार लाभ प्रदान किया जाना आवश्यक है। संघ ने प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नवीन शिक्षक संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
Friday, June 19, 2026
शनिवार को हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों के संचालन समय पर पुनर्विचार करे सरकार : नवीन शिक्षक संघ
स्कूल शिक्षा विभाग को कक्षा 9 से 12 तक के सुबह स्कूल लगाने पर जल्दी निर्णय लेना चाहिए इस संबंध मे जल्दी ही नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का प्रतिनिधिमंडल संचालक महोदय से मुलाक़ात कर मांग पत्र सौंपकर शनिवार सुबह स्कूल लगाने की मांग को प्रमुखता से रखेंगे- विकास सिंह
रायपुर - स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार शनिवार को प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं का संचालन प्रातः 7:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों का संचालन प्रातः 10:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस संबंध में नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने शासन से पुनर्विचार करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के कारण कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को शनिवार के आधे दिवस के अवकाश का लाभ नहीं मिल पाएगा। वर्षों से शनिवार को संचालित होने वाली शारीरिक, सांस्कृतिक, खेलकूद, स्काउट-गाइड, योग तथा अन्य सहशैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता के अवसर भी प्रभावित होंगे।
श्री राजपूत ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी कार्यक्रम भी अत्यंत आवश्यक हैं। शनिवार को पूर्णकालिक शाला संचालन से इन गतिविधियों के लिए समय नहीं मिल पाएगा, जिसका प्रतिकूल प्रभाव विद्यार्थियों पर पड़ सकता है।
नवीन शिक्षक संघ ने स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए भी शनिवार को शाला संचालन का समय पूर्व की भांति प्रातः 7:30 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आधे दिवस के अवकाश का लाभ मिल सके तथा विभिन्न सहशैक्षणिक गतिविधियों का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
Thursday, June 18, 2026
नवीन शिक्षक संघ की ऑनलाइन बैठक संपन्न, 28 जून को रायपुर में होगी पुनः बैठक बनेगी पूर्व सेवा अवधि गणना करने व टीईटी से राहत के लिए आंदोलन की रणनीति
रायपुर। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ की ऑनलाइन बैठक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व व प्रदेश पदाधिकारियों एवं विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा आगामी रणनीति तय की गई। संघ ने निर्णय लिया कि इन विषयों पर आगे की कार्ययोजना एवं आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए 28 जून को रायपुर में पुनः बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में प्रमुख रूप से पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से देय समयमान वेतनमान के अनुसार वेतन एवं पेंशन निर्धारण के विषय पर चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों की पूर्व सेवा अवधि को मान्यता देते हुए उन्हें प्रथम नियुक्ति तिथि से समयमान वेतनमान एवं पेंशन का लाभ प्रदान किया जाना चाहिए।
दूसरे महत्वपूर्ण विषय के रूप में राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी (TET) से राहत देने की मांग पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाना न्यायसंगत होगा।
बैठक में VSK एप में लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। शिक्षकों ने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में सर्वर डाउन, लॉगिन संबंधी परेशानी एवं उपस्थिति रिकॉर्ड प्रदर्शित नहीं होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने मांग की कि विभाग इन तकनीकी खामियों को शीघ्र दूर करे ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों के हितों से जुड़े इन सभी मुद्दों को शासन एवं विभाग के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा तथा आवश्यक होने पर आगे व्यापक आंदोलन की रणनीति भी बनाई जाएगी। 28 जून को रायपुर में होने वाली बैठक में इन विषयों पर विस्तृत चर्चा कर आगामी निर्णय लिए जाएंगे। ऑनलाइन बैठक मे महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा जाटव, प्रदेश सचिव गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, अजय कड़व, ज्योति सक्सेना, दुष्यन्त कुम्भकार, नरेश गुप्ता, मनोज चंद्रा, नंदिनी देशमुख, सतीस टंडन, चंद्रिका पाण्डेय, वेदप्रकाश साहू, बसंत जोगी, रूपा साहू, भूपेंद्र कुमार, मनीष साहू, बलराम बंजारे, प्रेमलाल पाटिल, लोकेश साहू, चोवाराम देशलहरे, टूमन लाल भुआर्य सहित पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।
Tuesday, June 16, 2026
स्कूल खुलने के पहले दिन 39 डिग्री तापमान, विद्यार्थियों के हित में जल्द निर्णय ले सरकार : विकास सिंह राजपूत
भीषण गर्मी के बीच खुले स्कूल, लगातार मांग के बाद भी नहीं हुआ निर्णय में बदलाव
रायपुर -
प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी, उमस तथा कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट के बीच मंगलवार 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई। स्कूल खुलने के पहले ही दिन कई क्षेत्रों में तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में विद्यार्थियों, विशेषकर 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर चिंताएं एक बार फिर सामने आई हैं।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों एवं पालकों द्वारा लगातार 1 जुलाई से स्कूल खोलने की मांग की गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने अपने पूर्व निर्धारित निर्णय में कोई बदलाव नहीं किया और प्रदेशभर के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में आज से कक्षाएं प्रारंभ हो गईं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक जिलों में तापमान अभी भी 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। ऐसी परिस्थितियों में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है। भीषण गर्मी को देखते हुए विभिन्न संगठनों द्वारा शिक्षा मंत्री एवं स्कूल शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर स्कूल खोलने की तिथि आगे बढ़ाने का अनुरोध भी किया गया था।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता, पर्याप्त पंखों की व्यवस्था तथा विद्यार्थियों को गर्मी से बचाने के आवश्यक उपायों को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। पालकों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी एवं उमस की स्थिति में बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन को पुनर्विचार करना चाहिए था।
वर्जन
"प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और उमस की स्थिति बनी हुई है। 6 से 14 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार को 1 जुलाई से स्कूल खोलने पर विचार करना चाहिए था। साथ ही सभी विद्यालयों में पेयजल एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।"
— विकास सिंह राजपूत
प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़
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