Friday, July 17, 2026

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के सतत प्रयासों का असर, दुर्ग सहित अन्य शिक्षा संभागों में 01 अप्रैल 2026 की स्थिति से वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश



दुर्ग - नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश सचिव गिरीश साहू, जिलाध्यक्ष दुर्ग संजीव मानिकपुरी ने बताया है की 

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों और विभागीय स्तर पर उठाई गई मांगों का सकारात्मक परिणाम सामने आने लगा है। दुर्ग शिक्षा संभाग सहित अन्य शिक्षा संभाग कार्यालयों द्वारा भी 01 अप्रैल 2026 की स्थिति में विभागीय/संभागीय वरिष्ठता सूची तैयार करने तथा प्राप्त दावा-आपत्तियों के निराकरण के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग द्वारा जारी स्मरण पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 01.04.2026 की स्थिति में प्रकाशित सहायक शिक्षक (एलबी), स्नातक एवं प्रशिक्षित (ई/टी संवर्ग) की प्रावधिक वरिष्ठता सूची पर प्राप्त दावा-आपत्तियों का नियमानुसार निराकरण कर निर्धारित प्रारूप में शीघ्र कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए, ताकि अंतिम वरिष्ठता सूची का प्रकाशन समयबद्ध रूप से किया जा सके।

ब्लॉक अध्यक्ष संजय शर्मा धमधा, दीपक साहू दुर्ग व जागेश्वर चंद्राकर पाटन ने आगे कहा है कि नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने प्रारंभ से ही यह मांग उठाई थी कि राजपत्र प्रकाशन की स्थिति के अनुरूप 01 अप्रैल 2026 की स्थिति में त्रुटिरहित वरिष्ठता सूची का प्रकाशन किया जाए तथा सभी पात्र शिक्षकों को न्याय मिले। संघ के लगातार ज्ञापन, विभागीय अधिकारियों से चर्चा एवं विभिन्न स्तरों पर किए गए प्रयासों के बाद अब इस दिशा में कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है।


नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा,

"यह केवल एक पत्र जारी होने की बात नहीं है, बल्कि सैंकड़ो शिक्षकों की वरिष्ठता संबंधी लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। नवीन शिक्षक संघ लगातार यह मांग करता रहा है कि 01 अप्रैल 2026 की स्थिति में त्रुटिरहित वरिष्ठता सूची प्रकाशित कर सभी पात्र शिक्षकों को उनका वैधानिक अधिकार दिया जाए साथ ही पदोन्नत, निधन व सेवानिवृत शिक्षकों के नाम को विलोपित किया जाना चाहिए जिससे पदोन्नति सूची बनाते समय किसी भी शिक्षकों का नाम तकनीकी त्रुटि के कारण छूट न जाये।दुर्ग, रायपुर के साथ -साथ अन्य शिक्षा संभाग कार्यालय द्वारा इस दिशा में कार्रवाई प्रारंभ किया जाना चाहिए ।"

प्रदेश पदाधिकारी दुष्यंत कुम्भकार,अमितेश तिवारी,राजेश शुक्ला,नंदिनी देशमुख, गीता चंद्राकर, रूपा साहू ने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा हैं कि यदि वरिष्ठता सूची में उनके नाम, नियुक्ति तिथि, संविलियन तिथि, पद अथवा अन्य किसी प्रकार की त्रुटि हो तो निर्धारित समय सीमा में दावा-आपत्ति अवश्य प्रस्तुत करें। नवीन शिक्षक संघ प्रत्येक शिक्षक के न्यायोचित अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा तथा अंतिम त्रुटिरहित वरिष्ठता सूची के प्रकाशन तक अपना प्रयास जारी रखेगा।" 

Tuesday, July 7, 2026

समयमान व क्रमोन्नति के स्पष्टता के आभाव मे विकल्प भरने हेतु जल्दबाजी न करे


शासन पहले जारी करे तुलनात्मक चार्ट, तभी शिक्षक-कर्मचारी लें निर्णय — विकास सिंह राजपूत

रायपुर। समयमान वेतनमान और क्रमोन्नति के विकल्प चयन को लेकर प्रदेशभर के शिक्षकों एवं कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शासन द्वारा इस संबंध में 9 जुलाई तक विकल्प प्रस्तुत करने की समय-सीमा निर्धारित किए जाने के बाद नवीन शिक्षक संघ ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए शिक्षकों और कर्मचारियों से बिना स्पष्ट दिशा-निर्देश कोई भी विकल्प न भरने की अपील की है।

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि शासन ने समयमान वेतनमान अथवा क्रमोन्नति से संबंधित विकल्प भरने की प्रक्रिया तो शुरू कर दी है, लेकिन अब तक ऐसा कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश, तुलनात्मक विवरण या आधिकारिक चार्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे यह समझा जा सके कि दोनों विकल्पों में से किससे शिक्षक एवं कर्मचारियों को अधिक आर्थिक लाभ, वेतनवृद्धि, पदोन्नति लाभ अथवा सेवा संबंधी सुविधा प्राप्त होगी।

उन्होंने कहा कि यह विषय केवल औपचारिक विकल्प चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर कर्मचारियों के वर्तमान वेतन, भविष्य की आय, पेंशन संबंधी लाभ, वरिष्ठता तथा सेवा-शर्तों पर पड़ सकता है। यदि शिक्षक एवं कर्मचारी बिना समुचित जानकारी, गणना और शासन के आधिकारिक मार्गदर्शन के किसी एक विकल्प का चयन कर लेते हैं, तो भविष्य में उन्हें आर्थिक और सेवा संबंधी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

विकास सिंह राजपूत ने शासन से मांग की है कि समयमान वेतनमान और क्रमोन्नति के संबंध में विस्तृत तुलनात्मक चार्ट तत्काल जारी किया जाए। इस चार्ट में यह स्पष्ट रूप से बताया जाए कि किस श्रेणी के शिक्षक एवं कर्मचारियों के लिए कौन-सा विकल्प अधिक लाभकारी होगा, उसकी पात्रता क्या होगी, वेतन पर उसका क्या प्रभाव पड़ेगा, सेवा लाभों में क्या अंतर आएगा तथा भविष्य में उसका आर्थिक लाभ या हानि किस प्रकार होगी।

नवीन शिक्षक संघ ने प्रदेश के समस्त शिक्षक साथियों एवं कर्मचारियों से अपील की है कि जब तक शासन इस विषय में स्पष्ट दिशा-निर्देश, गणनात्मक विवरण और तुलनात्मक चार्ट जारी नहीं करता, तब तक किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में विकल्प न भरें। संघ का कहना है कि अधूरी जानकारी के आधार पर लिया गया निर्णय भविष्य में कर्मचारियों के हितों के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।

संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि शासन शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितों के प्रति गंभीर है, तो उसे समयसीमा निर्धारित करने के साथ-साथ निर्णय लेने हेतु आवश्यक सभी तथ्य और विकल्पों का पारदर्शी विश्लेषण भी उपलब्ध कराना चाहिए। तभी कर्मचारी अपने हित में सही, सुरक्षित और न्यायसंगत निर्णय ले सकेंगे।

नवीन शिक्षक संघ ने शासन से मांग की है कि समयमान एवं क्रमोन्नति से संबंधित सभी बिंदुओं पर तत्काल स्पष्टता दी जाए, ताकि प्रदेश के हजारों शिक्षक एवं कर्मचारी भ्रम की स्थिति से बाहर निकल सकें और अपने भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण निर्णय को पूरी जानकारी के साथ ले सकें।  

Thursday, July 2, 2026

राजपत्र प्रकाशन पूर्व नियुक्त शिक्षकों की TET राहत मांग पर PMO ने लिया संज्ञान प्रधानमंत्री कार्यालय ने नवीन शिक्षक संघ के मांग पत्र को स्कूल शिक्षा विभाग को भेजा देश के लाखो शिक्षकों के साथ न्याय करे सरकार -विकास सिंह



देश भर के लाखो शिक्षकों का उठाया नवीन शिक्षक संघछ. ग. ने आवाज कहा सबका साथ -सबका विकास 

केंद्र सरकार करे टेट राहत के मांग पर विचार 





दिल्ली - राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षक संवर्ग को TET की अनिवार्यता से राहत दिलाने की मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गए मांग पत्र पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए प्रकरण को स्कूल शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्यवाही हेतु अग्रेषित कर दिया है। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण मांग पर अब विभागीय स्तर पर ठोस पहल और सकारात्मक निर्णय की दिशा में रास्ता खुल सकता है।

वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अधिकारों का मामला

नवीन शिक्षक संघ ने अपने मांग पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों एवं पदोन्नत शिक्षक संवर्ग पर TET की अनिवार्यता लागू करना न्यायोचित नहीं है। संघ का कहना है कि ये शिक्षक वर्षों से शासकीय सेवा में कार्यरत हैं और विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उनके सेवा अधिकार, वरिष्ठता, पदोन्नति, वेतन, पेंशन तथा अन्य लाभों को प्रभावित करने वाली बाध्यता को समाप्त करते हुए न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाना चाहिए।

शिक्षक हितों की मांग को मिली प्रशासनिक गति

संघ के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस प्रकरण को स्कूल शिक्षा विभाग को भेजा जाना शिक्षक हितों से जुड़े इस मुद्दे को मिली एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रगति है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिला है कि हजारों शिक्षकों की आवाज अब उच्च स्तर तक पहुंच चुकी है और इस विषय पर औपचारिक प्रक्रिया के तहत विचार आगे बढ़ रहा है। प्रदेशभर के शिक्षक इसे अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग के समाधान की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं।

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि संगठन लगातार राजपत्र प्रकाशन पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से राहत, पूर्व सेवा अवधि की गणना, तथा वेतन, पेंशन और पदोन्नति संबंधी अधिकारों की सुरक्षा की मांग को प्रमुखता से उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय से प्रकरण का स्कूल शिक्षा विभाग तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि शिक्षकों की मांग अब प्रभावी रूप से शासन-प्रशासन तक पहुंच रही है। अब आवश्यकता इस बात की है कि विभाग इस विषय पर गंभीरता, संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण के साथ शीघ्र निर्णय ले।

प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत का बयान

“राजपत्र प्रकाशन पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षक संवर्ग को TET की बाध्यता से राहत मिलना न्याय और सेवा अधिकारों से जुड़ा विषय है। वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के हितों की रक्षा करना सरकार और विभाग की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा प्रकरण को स्कूल शिक्षा विभाग को भेजा जाना हमारी मांग को मिली महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रगति है। हमें उम्मीद है कि  विभाग देश भर के lakhobशिक्षकों के हित में सकारात्मक निर्णय लेगा।”

Tuesday, June 30, 2026

बिना टीईटी के शिक्षकों की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त करने नवीन शिक्षक संघ का सार्थक प्रयास पूर्व सेवा की गणना कर वेतन-पेंशन एवं राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से राहत की मांग को लेकर बालोद से शुरू होगा हस्ताक्षर अभियान


मुंगेली -नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ जिला इकाई के अध्यक्ष रमन शर्मा ने बताया है की संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में शिक्षकों की लंबित मांगों के समाधान के लिए प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान प्रारंभ किया जाएगा। इस अभियान का शुभारंभ बालोद जिले से होगा। अभियान के माध्यम से पूर्व सेवा अवधि की गणना कर वेतन एवं पेंशन का लाभ देने तथा राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखने की मांग राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, प्रदेश के सभी सांसदों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय तक हजारों शिक्षकों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन के माध्यम से पहुंचाई जाएगी।

नवीन शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रमन शर्मा ने

आगे कहा कि वर्तमान पदोन्नति प्रक्रिया में पूर्व से लागू नियम ही प्रभावी हैं। शासन द्वारा जारी राजपत्र में टीईटी को पदोन्नति के लिए अनिवार्य करने संबंधी कोई नया प्रावधान प्रकाशित नहीं किया गया है। इसलिए पूर्व वर्षों की भांति बिना टीईटी की अनिवार्यता के पात्र शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जानी चाहिए। 

नवीन शिक्षक संघ की प्रांतीय बैठक में राजनांदगांव जिला कार्यकारिणी का गठन छन्नूलाल साहू जिलाध्यक्ष एवं अजय कड़व जिला सचिव निर्विरोध मनोनीत


संविलियन आंदोलन में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका, संगठन ने जताया विश्वास


राजनांदगांव- नवीन शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ की प्रांतीय बैठक में संगठन विस्तार एवं शिक्षक हितों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसी क्रम में राजनांदगांव जिला इकाई के लिए छन्नूलाल साहू को जिलाध्यक्ष तथा अजय कड़व को जिला सचिव पद पर निर्विरोध मनोनीत किया गया। दोनों पदाधिकारियों के मनोनयन पर प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि छन्नूलाल साहू एवं अजय कड़व लंबे समय से शिक्षक हितों के लिए सक्रिय रहे हैं। विशेष रूप से शिक्षक संविलियन आंदोलन के दौरान दोनों नेताओं ने राजनांदगांव जिले का प्रभावी नेतृत्व करते हुए शिक्षकों को संगठित किया और आंदोलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके संगठनात्मक अनुभव एवं सक्रिय कार्यशैली को देखते हुए संगठन ने पुनः महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे नवीन शिक्षक संघ की विचारधारा के अनुरूप पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे तथा शिक्षकों की लंबित मांगों—पूर्व सेवा अवधि की गणना कर वेतन एवं पेंशन का लाभ, राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से राहत, समयमान/क्रमोन्नति सहित अन्य शिक्षक हितों—को लेकर संगठन के संघर्ष को और अधिक मजबूत बनाएंगे।




प्रांतीय बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेशभर में शिक्षक हितों के मुद्दों पर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा तथा संगठन को जिला एवं विकासखंड स्तर तक और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

नवीन शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ ने विश्वास व्यक्त किया कि छन्नूलाल साहू एवं अजय कड़व के नेतृत्व में राजनांदगांव जिला इकाई शिक्षक हितों की लड़ाई को नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान करेगी। 

Monday, June 29, 2026

पूर्व सेवा अवधि की गणना एवं टीईटी से राहत की मांग को लेकर नवीन शिक्षक संघ का आंदोलन शुरू, प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान का ऐलान



रायपुर। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में आयोजित ऑनलाइन बैठक तथा 28 जून को कलेक्टर गार्डन रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से देय समयमान वेतनमान के आधार पर वेतन एवं पेंशन का निर्धारण किया जाए तथा राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से मुक्त रखा जाए।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व सेवा अवधि की गणना नहीं होने से हजारों शिक्षकों को वेतन, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति एवं भविष्य की पेंशन संबंधी लाभों में नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं देशभर में लाखों शिक्षक टीईटी संबंधी विभिन्न न्यायिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण असमंजस और असुरक्षा की स्थिति में हैं। ऐसे में राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत प्रदान करना न्यायसंगत होगा।

संघ ने इन दोनों प्रमुख मांगों को लेकर व्यापक जनआंदोलन चलाने का निर्णय लिया है। आंदोलन के प्रथम चरण में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं विकासखंडों में कार्यरत हजारों शिक्षकों के हस्ताक्षर एकत्रित कर प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत बालोद जिले से की जाएगी। इसके पश्चात शिक्षकों के हस्ताक्षरों से युक्त मांग पत्र भारत के महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, प्रदेश के सभी सांसदों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय को प्रेषित कर शिक्षक हित में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की जाएगी।

प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि शिक्षक संवर्ग की जायज मांगों के निराकरण के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष किया जाएगा। यदि मांगों पर उचित पहल नहीं होती है तो संगठन आगामी चरणों में आंदोलन को और व्यापक रूप देगा।

बैठक में प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, दुष्यन्त कुम्भकार, अजय कड़व, गंगाशरण पासी, नरेश गुप्ता, सतीश टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, संजीव मानिकपुरी, छन्नूलाल साहू, हरिकांत अग्निहोत्री, राकेश धनकर, बलराम बंजारे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। 

Thursday, June 25, 2026

शिक्षकों की सात सूत्री मांगों को लेकर नवीन शिक्षक संघ सक्रिय, डीईओ-बीईओ को सौंपा ज्ञापन



पाठ्यपुस्तक, गणवेश, अर्जित अवकाश, टीईटी इंद्राज एवं मानदेय भुगतान सहित कई मुद्दे उठाए

बालोद। नवीन शिक्षक संघ के जिला प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश साहू के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बालोद से मुलाकात कर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।

संघ ने मांग की कि नए शिक्षा सत्र में अभी तक अनेक विद्यालयों में विषयवार पाठ्यपुस्तकें एवं गणवेश पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। ऐसे विद्यालयों तक शीघ्र पुस्तकें एवं गणवेश पहुंचाए जाएं, ताकि विद्यार्थियों के अध्ययन-अध्यापन कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश साहू ने बताया कि 1 मई से 30 मई 2026 तक जनगणना मकान सूचीकरण कार्य में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को अर्जित अवकाश प्रदान करते हुए उसका इंद्राज सेवा पुस्तिका में किया जाए। साथ ही विभागीय अनुमति लेकर अथवा बिना अनुमति के टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके शिक्षकों की योग्यता का उल्लेख सेवा पुस्तिका में दर्ज किया जाए तथा वर्ष 2026 में टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की वरिष्ठता सूची में भी इसका उल्लेख किया जाए।

संघ ने जिले के सभी शिक्षकों की सर्विस बुक का सत्यापन कराए जाने की मांग भी रखी। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025-26 में आयोजित पांचवीं एवं आठवीं बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों का लंबित मानदेय शीघ्र भुगतान करने की मांग की गई। संघ का कहना है कि मूल्यांकन कार्य संपन्न हुए काफी समय बीत जाने के बावजूद अनेक शिक्षकों को अभी तक मानदेय प्राप्त नहीं हुआ है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान लोकेश साहू, प्रवीण पांडेय, हिलेश्वर देवांगन, विजय साहू, पार्वती साहू, किसन देवांगन सहित नवीन शिक्षक संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

"शिक्षकों और विद्यार्थियों के हितों से जुड़ी मांगों का शीघ्र निराकरण करें"

नवीन शिक्षक संघ ने प्रशासन से मांग की है कि शिक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान हेतु सात सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की जाए।