भाईदूज (मातर) पर्व मनाने से वंचित रहेंगे लाखों विद्यार्थी एवं शिक्षक
मुख्यमंत्री मंत्री, शिक्षा मंत्री व विभागीय अधिकारियो को जल्दी ही मातर पर्व पर अवकाश के लिया ज्ञापन सौपने का निर्णय
रायपुर -छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और पारंपरिक तीज-त्योहारों में मातर (भाईदूज) तिहार का विशेष महत्व है। प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में यह पर्व वर्षों से पूरे उत्साह, उमंग और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता रहा है। लेकिन इस वर्ष दीपावली अवकाश की निर्धारित अवधि के कारण प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के मातर तिहार मनाने से वंचित रहने की स्थिति बन रही है। इसे देखते हुए नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग से दीपावली अवकाश पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं में मातर तिहार का अपना विशिष्ट स्थान है। यह पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक मेल-मिलाप, पारिवारिक आत्मीयता और लोकपरंपराओं को सहेजने का अवसर भी है। प्रदेश के अनेक गांवों और शहरों में लोग इस पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं। ऐसे में विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को इस महत्वपूर्ण पर्व में सहभागी बनने का अवसर मिलना चाहिए।
राजपूत ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग को 11 नवंबर को मातर तिहार के अवसर पर अवकाश घोषित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना चाहिए, ताकि प्रदेश के लाखों विद्यार्थी और शिक्षक अपने परिवार एवं समाज के साथ इस पारंपरिक पर्व को हर्षोल्लास से मना सकें।
प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, दुष्यन्त कुम्भकार, गंगा शरण पासी, बलविंदर कौर, नंदिनी देशमुख, रूपेंद्र सिन्हा, अजय कड़व, राजेश शुक्ला, नरेश गुप्ता, संजय साहू, चंद्रशेखर रात्रे, मनोज चंद्रा, शंकरलाल भार्गव, ब्रिज नारायण मिश्रा, रूपा साहू, गीता चंद्राकर, ज्योति सक्सेना ने राज्य शासन से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, जनभावनाओं और पारंपरिक त्योहारों के महत्व को ध्यान में रखते हुए दीपावली अवकाश की व्यवस्था पर संवेदनशीलता के साथ पुनर्विचार किया जाए। इससे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा और प्रदेश की समृद्ध परंपराओं के संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
सतीस टंडन,संजीव मानिकपुरी, वेदप्रकाश साहू, छन्नुलाल साहू,प्रकाशचंद कांगे,वेदराम साहू, रोशन मंसूरे, देवकांत सिन्हा, चंद्रिका पाण्डेय, रमन शर्मा, अमित मैसी, नित्यानंद द्वेविदी, मनीष साहू, भूपेंद्र साहू, रवि नारायण देशमुख ने स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा जारी दीपावली अवकाश पर हैरानी जताते हुए कहा की मातर (भाईदूज ) जैसे महत्वपूर्ण पर्व जो भाई बहन के लिया बहुत ही खास दिन रहता है ऐसे महत्वपूर्ण पर्व मे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को अवकाश नही देना समझ से परे है मातर (भाईदूज )पर्व पर अवकाश की मांग को लेकर जल्दी ही नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का प्रतिनिधिमंडल माननीय मुख्यमंत्री जी, शिक्षा मंत्री जी व विभागीय अधिकारियो को ज्ञापन सौपेंगे।





