Naveen samachar chhattisgarh
Wednesday, June 10, 2026
Tuesday, June 9, 2026
टीईटी-बी.एड. राहत की मांग को लेकर संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग से मिले नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधि
दुर्ग, 09 जून 2026। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग से मुलाकात कर वर्ष 2017 के एनसीटीई/आरटीई संशोधन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी एवं बी.एड. अनिवार्यता से राहत प्रदान करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
संघ ने ज्ञापन में बताया कि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत वर्ष 2017 में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यताओं में संशोधन किया गया, जिसके बाद प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी तथा पदोन्नति हेतु बी.एड. योग्यता को अनिवार्य माना जाने लगा। संघ का तर्क है कि इस संशोधन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति तत्कालीन प्रचलित नियमों एवं योग्यताओं के आधार पर हुई थी, इसलिए उन पर बाद में लागू किए गए प्रावधानों का प्रतिकूल प्रभाव नहीं डाला जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2017 से अप्रैल 2026 तक स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अनेक शिक्षकों की बिना टीईटी एवं बिना बी.एड. के पदोन्नति की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभागीय स्तर पर इन प्रावधानों का एक समान पालन नहीं हुआ। ऐसी स्थिति में शेष बचे शिक्षकों को पदोन्नति एवं सेवा लाभों से वंचित करना प्राकृतिक न्याय एवं समानता के सिद्धांतों के विपरीत होगा।
संघ ने मांग की कि वर्ष 2017 के पूर्व नियुक्त समस्त शिक्षकों को टीईटी एवं बी.एड. अनिवार्यता से पूर्ण छूट प्रदान की जाए, साथ ही 2017 से 2026 के बीच पदोन्नत शिक्षकों के समान शेष पात्र शिक्षकों को भी राहत दी जाए। इसके अतिरिक्त सेवारत शिक्षकों के लिए एकमुश्त विशेष शिथिलीकरण (One Time Relaxation) प्रदान करने तथा टीईटी अथवा बी.एड. के अभाव में किसी भी शिक्षक की पदोन्नति, वेतनवृद्धि, क्रमोन्नति अथवा अन्य सेवा लाभ प्रभावित नहीं करने के स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग भी की गई।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के हजारों शिक्षक वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। ऐसे शिक्षकों के अर्जित सेवा अधिकारों की रक्षा करना शासन की नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शासन शिक्षक हितों एवं व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेकर प्रभावित शिक्षकों को राहत प्रदान करेगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश, संभाग एवं जिला स्तर के पदाधिकारी एवं शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
वर्जन – विकास सिंह राजपूत, प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़:
"वर्ष 2017 के संशोधन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवाएं तत्कालीन नियमों के अनुसार हुई हैं। वर्षों तक सेवा देने वाले शिक्षकों के अर्जित अधिकारों की रक्षा करते हुए उन्हें टीईटी एवं बी.एड. अनिवार्यता से राहत प्रदान की जानी चाहिए, ताकि किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो।"
तथ्य: वर्ष 2017 में शिक्षक शिक्षा संबंधी नियमों में संशोधन के बाद न्यूनतम योग्यताओं के प्रावधानों को लेकर विभिन्न राज्यों में व्याख्या एवं न्यायिक परीक्षण की स्थिति बनी रही है।
प्रतिनिधिमंडल मे प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा जाटव प्रदेश सचिव गिरीश साहू, प्रदेश कोषाध्यक्ष अमितेश तिवारी, संगठन मंत्री दुष्यन्त कुंभकार, महिला प्रकोष्ठ सचिव नंदिनी देशमुख, जिला अध्यक्ष संजीव मानिकपुरी, ब्लॉक अध्यक्ष धमधा संजय शर्मा, दुर्ग दीपक साहू, गीता चंद्राकर, विनोद ठाकुर, राकेश धनकर, मनोज जोशी, छगन लाल गेंड्रे, अशोक देवांगन, अनिल मार्कण्डेय, तीरथ मार्कण्डेय आदि शामिल
Friday, June 5, 2026
शासकीय कर्मचारियों के कैशलेस इलाज के दिशा-निर्देश जारी करने की मांग, स्वास्थ्य संचालक से मिला नवीन शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल
विधानसभा बजट सत्र मे केसलेस इलाज की घोषणा के महीनो बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों को केसलेस इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है शासन स्तर पर जल्दी ही दिशा -निर्देश जारी होना चाहिए - विकास सिंह
रायपुर। प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिलाने की दिशा में नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने पहल करते हुए स्वास्थ्य विभाग के संचालक से मुलाकात कर शीघ्र दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि विधानसभा के बजट सत्र में प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज सुविधा की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इसके कारण कर्मचारियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
संघ ने स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया कि शासन स्तर पर जल्द से जल्द आवश्यक आदेश एवं दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारी और उनके परिवार बिना आर्थिक परेशानी के गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकें।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कैशलेस इलाज व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को गंभीर बीमारी या आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल उपचार उपलब्ध हो सकेगा तथा उन्हें इलाज के लिए आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर विषय पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है। नवीन शिक्षक संघ ने उम्मीद जताई है कि कर्मचारियों के हित में जल्द ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
मुख्य बिंदु
🔹 बजट सत्र में हुई थी कैशलेस इलाज की घोषणा
🔹 अब तक जारी नहीं हुए हैं संचालन संबंधी दिशा-निर्देश
🔹 नवीन शिक्षक संघ ने स्वास्थ्य संचालक को सौंपा ज्ञापन
🔹 कर्मचारियों को शीघ्र लाभ दिलाने की मांग
🔹 प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
Wednesday, June 3, 2026
शिक्षक पदोन्नति सूची में भारी गड़बड़ी: नवीन शिक्षक संघ ने सचिव को सौंपा ज्ञापन, सूची निरस्त करने की मांग
रायपुर | 04 जून 2026 छत्तीसगढ़ में शिक्षक संवर्ग की पदोन्नति को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज शिक्षा विभाग के सचिव से मुलाकात की। संघ ने पदोन्नति हेतु जारी वरिष्ठता सूची में व्याप्त गंभीर त्रुटियों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए एक मांग पत्र सौंपा है।
वरिष्ठता सूची पर उठे गंभीर सवाल
प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी सूची में विसंगतियों की भरमार है। प्रमुख आपत्तियां निम्नलिखित हैं:
उल्टा हुआ क्रम: कई वरिष्ठ शिक्षकों को कनिष्ठ (Junior) और कनिष्ठों को वरिष्ठ (Senior) दर्शाया गया है।
विषय की त्रुटि: कला संकाय के शिक्षकों को विज्ञान और गणित विषय का बता दिया गया है।
पुरानी सूची का दोहराव: पदाधिकारियों का आरोप है कि विभाग ने मेहनत करने के बजाय अप्रैल 2025 की पुरानी सूची को ही बिना संशोधन के दोबारा चस्पा कर दिया है।
मृत और सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम: सूची में उन शिक्षकों के नाम भी शामिल हैं जिनका निधन हो चुका है या जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं। यहाँ तक कि पदोन्नति का त्याग करने वाले शिक्षकों के नाम भी बिना किसी टिप्पणी के शामिल हैं।
संघ की प्रमुख मांगें
प्रतिनिधिमंडल में शामिल गिरीश साहू, उमा जाटव और अन्य पदाधिकारियों ने सचिव से स्पष्ट मांग की है कि:
वर्तमान त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता सूची को तत्काल निरस्त किया जाए।
संभाग और जिला स्तर से अद्यतन (Updated) जानकारी मंगाकर अपात्र, दिवंगत और सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम हटाए जाएं।
01 अप्रैल 2026 की स्थिति के आधार पर नई और त्रुटिरहित सूची प्रकाशित कर दावा-आपत्ति मंगाई जाए।
"विभाग द्वारा मृत और रिटायर्ड शिक्षकों के नाम सूची में रखना प्रशासनिक लापरवाही का प्रमाण है। जब तक सूची सुधारी नहीं जाती, पात्र शिक्षकों के साथ न्याय नहीं होगा।" - प्रतिनिधिमंडल, नवीन शिक्षक संघ
सचिव ने दिया सुधार का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान शिक्षा सचिव ने स्पष्ट किया कि वर्तमान प्रक्रिया 01 अप्रैल 2025 की स्थिति के अनुसार की जा रही है। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि सूची में तकनीकी या मानवीय त्रुटियां हैं, तो उनका गंभीरता से परीक्षण कर सुधार कराया जाएगा। सचिव ने यह भी कहा कि जल्द ही 01 अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार नई वरिष्ठता सूची जारी करने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल:
विकास सिंह राजपूत, गिरीश साहू, प्रकाश चंद कांगे, मनोज चंद्रा, बृजनारायण शर्मा, उमा जाटव, गंगाशरण पासी, बलविंदर कौर, तीरथ मार्कण्डेय, अशोक देवांगन सहित संघ के अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
Tuesday, June 2, 2026
शिक्षा सचिव से शिक्षक प्रतिनिधि मंडल की अहम चर्चा: 'राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त रखने की मांग
लाखो शिक्षकों के हित मे नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्षविकास सिंह राजपूत ने पुरे तथ्यों के साथ स्कूल शिक्षा सचिव छ. ग. शासन से किया चर्चा
रायपुर। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश के उन लाखों शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से मुक्त रखने की पुरजोर मांग की, जिनकी नियुक्ति एवं पदोन्नति संबंधित राजपत्र के प्रकाशन से पूर्व हो चुकी थी।
2017 से 2025 तक विभाग ने अंधेरे में रखा: विकास सिंह राजपूत
शिक्षा सचिव से चर्चा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि:
NCERT का संशोधन: वर्ष 2017 में NCERT द्वारा नियमों में संशोधन कर प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्ति और पदोन्नति हेतु TET को अनिवार्य किया गया था।
विभाग की लापरवाही: स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा साल 2017 से लेकर 2025 तक इस संबंध में न तो कोई दिशा-निर्देश जारी किए गए और न ही विद्यालयों में सेवारत शिक्षकों को इसकी कोई जानकारी दी गई।
लाखों शिक्षकों का नुकसान: विभाग द्वारा समय पर जानकारी न दिए जाने के कारण प्रदेश के लाखों शिक्षक इस परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। ऐसे में अब उन पर यह नियम थोपना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।
"TET लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों ने तत्कालीन निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के तहत सेवा में प्रवेश किया था। बाद में लागू किए गए प्रावधानों को पिछली तारीखों से प्रभावी करना किसी भी दृष्टिकोण से न्यायसंगत नहीं है।" > — विकास सिंह राजपूत, प्रदेश अध्यक्ष (नवीन शिक्षक संघ छ.ग.)
अन्य राज्यों की तर्ज पर पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग
प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा सचिव के सामने मांग रखी कि हजारों शिक्षकों के भविष्य और हितों को ध्यान में रखते हुए शासन को एक स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। संघ ने प्रमुखता से मांग की है कि देश के अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग भी शिक्षकों के हित में पुनर्विचार याचिका (Review Petition) दायर करे।
शिक्षा सचिव ने दिया आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन
शिक्षक संघ की दलीलों और तथ्यों को सुनने के बाद, शिक्षा सचिव ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि संघ द्वारा प्रस्तुत मांगों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग द्वारा ऐसी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी जिससे किसी भी सेवारत शिक्षक के साथ अन्याय न हो।
प्रतिनिधि मंडल में ये रहे शामिल: इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के साथ मुख्य रूप से तीरथ मार्कण्डेय, अशोक देवांगन, अनिल मार्कण्डेय और सतीस टंडन उपस्थित थे।
Thursday, May 28, 2026
विधानसभा बजट सत्र मे शासकीय कर्मचारियों को केसलेस इलाज के सुविधा की घोषणा महीनो बीतने के बाद भी जारी नही दिशा निर्देश स्वास्थ्य विभाग जल्दी जारी करे दिशा - निर्देश -- विकास सिंह
रायपुर - नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश सचिव गिरीश साहू ने बताया है की प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को शासन द्वारा इलाज हेतु मान्यता प्राप्त शासकीय एवं निजी चिकित्सालय मे केसलेस इलाज के लिए लगातार प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व मे मुख्यमंत्री जी, वित्त मंत्री जी, स्वास्थ्य मंत्री जी व विभागीय अधिकारियो को ज्ञापन सौंपकर केसलेस इलाज की मांग किया जा रहा था जिसके बाद बीते विधानसभा बजट सत्र मे वित्त मंत्री जी द्वारा बजट भाषण मे प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों की केसलेस इलाज के लिए ऐतिहासिक घोषणा किया गया जिससे प्रदेश के कर्मचारियों मे खुशी व उत्साह का संचार हुआ प्रदेश के समस्त कर्मचारियों ने वित्त मंत्री जी के घोषणा का स्वागत किया वही नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने आगे कहा की वित्त मंत्री जी द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों के लिए केसलेस इलाज हेतु घोषणा किये महीनो बीत जाने के बाद भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग छ. ग. शासन द्वारा कोई भी दिशा -निर्देश जारी नही किया गया है जिसके कारण प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को अपने व अपने आश्रित परिजनों के इलाज मे आर्थिक परेशानियों के कारण काफ़ी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों बीमार होने पर अपने व अपने आश्रित परिजनों के इलाज के बाद चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि के लिए विभागीय चक़्कर लगाकर परेशान हो रहे है जिसके कारण प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों व परिजनों को गंभीर आर्थिक, शारीरिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, गंगा शरण पासी, बलविंदर कौर, ज्योति सक्सेना,नंदनी देशमुख, गीता चंद्राकर, रूपा साहू,प्रकाश चंद कांगे, चंद्रशेखर रात्रे,रूपेंद्र सिन्हा, अजय कड़व, संजय साहू, अमितेश तिवारी, दुष्यंत कुम्भकार,सतीस टंडन, ब्रिज नारायण मिश्रा, मनोज चंद्रा, शंकर लाल भार्गव, राजेश शुक्ला ने माननीय मुख्यमंत्री जी, वित्त मंत्री जी, स्वास्थ्य मंत्री जी से निवेदन किया है की जल्दी ही प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के लिए केसलेस इलाज हेतु दिशा - निर्देश जारी करने हेतु स्वास्थ्य विभाग छ. ग. शासन के जिम्मेदार अधिकारियो को निर्देशित किया जाय जिससे प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को अपने व अपने आश्रित परिजनों के इलाज के लिए शासन द्वारा मान्यता प्राप्त शासकीय व निजी अस्पताल मे केसलेस इलाज कराने मे सुविधा का लाभ मिल सके।
Sunday, May 24, 2026
त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता सूची को निरस्त कर जल्दी ही 01/04/2026 के अनुसार त्रुटि रहित वरिष्ठता सूची प्रकाशित कर शिक्षक संवर्ग को पदोन्नति दिया जाय
रायपुर - नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने बयान जारी कर लोक शिक्षण संचालनालय इंद्रावती भवन अटल नगर नवा रायपुर के द्वारा शिक्षक संवर्ग के पदोन्नति हेतु वरिष्ठता प्रकाशित किया गया है जिसमे व्यापक रूप से त्रुटि नजर आ रहा है ऐसे त्रुटि पूर्ण वरिष्ठता सूची को तत्काल निरस्त कर 01/04 /2026 के अनुसार त्रुटि रहित वरिष्ठता सूची प्रकाशित कर शिक्षक संवर्ग को पदोन्नति दिया जाना चाहिए नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, प्रकाश चंद कांगे, मनोज चंद्रा, बृजनारायण मिश्रा , शंकरलाल भार्गव,अजय कड़व, रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू, अमितेश तिवारी, दुष्यन्त कुम्भकार, चंद्र शेखर रात्रे, सतीस टंडन, राजेश शुक्ला ने जानकारी दिया है की लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा शिक्षकों के पदोन्नति के लिए प्रकाशित वरिष्ठता सूची को देखने से ही पता चलता है की पुरानी सूची को बिना सुधारे हूबहू अप्रेल 2025 के अनुसार प्रकाशित कर दिया गया है जिसमे कई शिक्षकों का वरिष्ठता क्रम में भारी परिवर्तन हुआ है जो शिक्षक वरिष्ठ है उसे कनिष्ठ बना दिया गया है जिसके कारण कई वरिष्ठ शिक्षकों का नाम पदक्रम में काफ़ी नीचे आ गया है साथ ही विषय के स्थान में भी त्रुटि देखने को मिला है जिसमे जिसमे कला संकाय वाले शिक्षकों के विषय को विज्ञान, गणित दर्ज कर दिया गया है महिला प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, गंगा शरण पासी,बलविंदर कौर, नंदिनी देशमुख, रूपा साहू, गीता चंद्राकर, ज्योति सक्सेना ने आगे बताया की लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा प्रकाशित सूची में जिन शिक्षकों का निधन हो गया है,सेवानिवृत शिक्षकों व पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों का नाम भी प्रकाशित वरिष्ठता सूची से विलोपित नही किया गया है यहां तक की जिन शिक्षकों ने पदोन्नति लेने इंकार कर दिए है व पदोन्नति के बाद कार्यभार ग्रहण नही किये है ऐसे शिक्षकों का नाम भी वरिष्ठता सूची में बिना किसी टिप्पणी के दर्ज है प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने आगे कहा की अप्रेल 2025 के अनुसार त्रुटि पूर्ण वरिष्ठता सूची के कारण कई पात्र शिक्षकों को पदोन्नति से वंचित रहना पड़ सकता है इसलिए लोक शिक्षण संचालनालय को वर्तमान में जारी त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता सूची को निरस्त कर प्रदेश के समस्त सयुंक्त संचालक शिक्षा संभाग व जिला शिक्षा अधिकारियो को निर्देशित कर पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों, सेवानिवृत हुए शिक्षकों, निधन हुए शिक्षकों,पदोन्नति के बाद कार्यभार ग्रहण नही करने वाले शिक्षकों व पदोन्नति से इंकार करने वाले शिक्षकों के नाम विलोपित कर शिक्षकों के नाम को वरिष्ठता के अनुसार सही पद क्रम में रखकर अप्रेल 2026 के अनुसार वरिष्ठता सूची प्रकाशित कर शिक्षकों से दावा आपत्ति मंगाकर दावा आपत्ति के निराकरण पश्चात त्रुटि रहित वरिष्ठता सूची प्रकाशित किया जाय जिससे पात्र शिक्षकों का पदोन्नति किया जा सके इस संबंध में जल्दी ही नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का प्रतिनिधिमंडल सचिव व संचालक स्कूल शिक्षा विभाग छ. ग. शासन से मुलाक़ात कर ज्ञापन सौंपकर त्रुटि रहित वरिष्ठता सूची प्रकाशित करने की मांग को प्रमुखता से रखेंगे।
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