Tuesday, June 23, 2026

जनगणना कार्य का मानदेय और कर्तव्य प्रमाण पत्र देने की मांग, नवीन शिक्षक संघ ने अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन



बालोद। नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश के नेतृत्व में एसडीएम राजस्व बालोद, तहसीलदार बालोद एवं नगर पालिका परिषद बालोद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से मुलाकात कर जनगणना मकान सूचीकरण कार्य में लगे शिक्षकों को मानदेय भुगतान एवं कर्तव्य प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

संघ ने बताया कि जनगणना मकान सूचीकरण कार्य के अंतर्गत 1 मई से 30 मई तक ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में बालोद तहसील एवं नगर पालिका परिषद बालोद क्षेत्र के शिक्षकों की ड्यूटी प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के रूप में लगाई गई थी। शिक्षकों ने शासन के निर्देशानुसार अवकाश अवधि में भी पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया।

नवीन शिक्षक संघ ने अधिकारियों को अवगत कराया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान शासकीय कार्य संपादित करने वाले शिक्षकों को नियमानुसार अर्जित अवकाश (Earned Leave) की पात्रता प्राप्त होती है। इसके लिए संबंधित शिक्षकों को कर्तव्य प्रमाण पत्र जारी किया जाना आवश्यक है, ताकि वे अर्जित अवकाश का लाभ प्राप्त कर सकें। साथ ही जनगणना कार्य के लिए देय मानदेय राशि का शीघ्र भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों ने अपने अवकाश का त्याग कर शासन के महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया है, इसलिए उनके अधिकारों और सुविधाओं का समय पर लाभ मिलना चाहिए। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

ज्ञापन सौंपने वालों में हिलेश्वर देवांगन, किसन देवांगन, उमेश साहू, धर्मेंद्र देशलहरा, प्रवीण पांडे, प्रेमलाल पाटिल, विजय साहू, विकास शर्मा ,मोहन निषाद सहित नवीन शिक्षक संघ के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। 

तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, जनगणना कर्मियों के लिए कर्तव्य प्रमाण पत्र एवं अतिरिक्त अर्जित अवकाश की मांग



कोयलीबेड़ा/पखांजूर। नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बलविंदर कौर के नेतृत्व में तहसीलदार एवं जनगणना 2026-27 के चार्ज अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के लिए कर्तव्य प्रमाण पत्र जारी करने तथा कार्य अवधि को अतिरिक्त अर्जित अवकाश के रूप में स्वीकृत करने की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि भारत की जनगणना 2026-27 के प्रथम चरण के अंतर्गत विकासखंड कोयलीबेड़ा के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कार्यरत प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने 01 मई 2026 से 02 जून 2026 तक कुल 33 दिनों तक ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में निरंतर जनगणना कार्य संपादित किया। इस दौरान कर्मचारियों ने भारत की जनगणना अधिनियम 1948 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।

नवीन शिक्षक संघ ने मांग की है कि जनगणना कार्य में लगे सभी कर्मचारियों को उनके योगदान के सम्मान में कर्तव्य प्रमाण पत्र प्रदान किया जाए तथा 33 दिनों की कार्य अवधि को अतिरिक्त अर्जित अवकाश के रूप में मान्यता देकर आदेश जारी किया जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में कर्मचारियों ने अपने अवकाश का त्याग कर जिम्मेदारी निभाई है, इसलिए उन्हें नियमानुसार लाभ प्रदान किया जाना आवश्यक है। संघ ने प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान नवीन शिक्षक संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। 

Friday, June 19, 2026

शनिवार को हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों के संचालन समय पर पुनर्विचार करे सरकार : नवीन शिक्षक संघ

स्कूल शिक्षा विभाग को कक्षा 9 से 12 तक के सुबह स्कूल लगाने पर जल्दी निर्णय लेना चाहिए इस संबंध मे जल्दी ही नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का प्रतिनिधिमंडल संचालक महोदय से मुलाक़ात कर मांग पत्र सौंपकर शनिवार सुबह स्कूल लगाने की मांग को प्रमुखता से रखेंगे- विकास सिंह 

रायपुर - स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार शनिवार को प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं का संचालन प्रातः 7:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों का संचालन प्रातः 10:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस संबंध में नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने शासन से पुनर्विचार करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के कारण कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को शनिवार के आधे दिवस के अवकाश का लाभ नहीं मिल पाएगा। वर्षों से शनिवार को संचालित होने वाली शारीरिक, सांस्कृतिक, खेलकूद, स्काउट-गाइड, योग तथा अन्य सहशैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता के अवसर भी प्रभावित होंगे।

श्री राजपूत ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी कार्यक्रम भी अत्यंत आवश्यक हैं। शनिवार को पूर्णकालिक शाला संचालन से इन गतिविधियों के लिए समय नहीं मिल पाएगा, जिसका प्रतिकूल प्रभाव विद्यार्थियों पर पड़ सकता है।

नवीन शिक्षक संघ ने स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए भी शनिवार को शाला संचालन का समय पूर्व की भांति प्रातः 7:30 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आधे दिवस के अवकाश का लाभ मिल सके तथा विभिन्न सहशैक्षणिक गतिविधियों का संचालन सुचारू रूप से हो सके। 

Thursday, June 18, 2026

नवीन शिक्षक संघ की ऑनलाइन बैठक संपन्न, 28 जून को रायपुर में होगी पुनः बैठक बनेगी पूर्व सेवा अवधि गणना करने व टीईटी से राहत के लिए आंदोलन की रणनीति



रायपुर। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ की ऑनलाइन बैठक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व व प्रदेश पदाधिकारियों एवं विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा आगामी रणनीति तय की गई। संघ ने निर्णय लिया कि इन विषयों पर आगे की कार्ययोजना एवं आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए 28 जून को रायपुर में पुनः बैठक आयोजित की जाएगी।

बैठक में प्रमुख रूप से पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से देय समयमान वेतनमान के अनुसार वेतन एवं पेंशन निर्धारण के विषय पर चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों की पूर्व सेवा अवधि को मान्यता देते हुए उन्हें प्रथम नियुक्ति तिथि से समयमान वेतनमान एवं पेंशन का लाभ प्रदान किया जाना चाहिए।

दूसरे महत्वपूर्ण विषय के रूप में राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी (TET) से राहत देने की मांग पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाना न्यायसंगत होगा।

बैठक में VSK एप में लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। शिक्षकों ने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में सर्वर डाउन, लॉगिन संबंधी परेशानी एवं उपस्थिति रिकॉर्ड प्रदर्शित नहीं होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने मांग की कि विभाग इन तकनीकी खामियों को शीघ्र दूर करे ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों के हितों से जुड़े इन सभी मुद्दों को शासन एवं विभाग के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा तथा आवश्यक होने पर आगे व्यापक आंदोलन की रणनीति भी बनाई जाएगी। 28 जून को रायपुर में होने वाली बैठक में इन विषयों पर विस्तृत चर्चा कर आगामी निर्णय लिए जाएंगे। ऑनलाइन बैठक मे महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा जाटव, प्रदेश सचिव गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, अजय कड़व, ज्योति सक्सेना, दुष्यन्त कुम्भकार, नरेश गुप्ता, मनोज चंद्रा, नंदिनी देशमुख, सतीस टंडन, चंद्रिका पाण्डेय, वेदप्रकाश साहू, बसंत जोगी, रूपा साहू, भूपेंद्र कुमार, मनीष साहू, बलराम बंजारे, प्रेमलाल पाटिल, लोकेश साहू, चोवाराम देशलहरे, टूमन लाल भुआर्य सहित पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।

Tuesday, June 16, 2026

स्कूल खुलने के पहले दिन 39 डिग्री तापमान, विद्यार्थियों के हित में जल्द निर्णय ले सरकार : विकास सिंह राजपूत

भीषण गर्मी के बीच खुले स्कूल, लगातार मांग के बाद भी नहीं हुआ निर्णय में बदलाव

रायपुर -

प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी, उमस तथा कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट के बीच मंगलवार 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई। स्कूल खुलने के पहले ही दिन कई क्षेत्रों में तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में विद्यार्थियों, विशेषकर 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर चिंताएं एक बार फिर सामने आई हैं।

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों एवं पालकों द्वारा लगातार 1 जुलाई से स्कूल खोलने की मांग की गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने अपने पूर्व निर्धारित निर्णय में कोई बदलाव नहीं किया और प्रदेशभर के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में आज से कक्षाएं प्रारंभ हो गईं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक जिलों में तापमान अभी भी 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। ऐसी परिस्थितियों में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है। भीषण गर्मी को देखते हुए विभिन्न संगठनों द्वारा शिक्षा मंत्री एवं स्कूल शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर स्कूल खोलने की तिथि आगे बढ़ाने का अनुरोध भी किया गया था।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता, पर्याप्त पंखों की व्यवस्था तथा विद्यार्थियों को गर्मी से बचाने के आवश्यक उपायों को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। पालकों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी एवं उमस की स्थिति में बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन को पुनर्विचार करना चाहिए था।

वर्जन

"प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और उमस की स्थिति बनी हुई है। 6 से 14 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार को 1 जुलाई से स्कूल खोलने पर विचार करना चाहिए था। साथ ही सभी विद्यालयों में पेयजल एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।"

— विकास सिंह राजपूत

प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ 

Monday, June 15, 2026

VSK एप का सर्वर ठप, शिक्षकों की बढ़ी चिंता: ऑनलाइन उपस्थिति नहीं होने पर वेतन कटौती का जिम्मेदार कौन?

स्कूल खुलते ही प्रदेश भर के शिक्षक परेशान 

दुर्ग/रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के शिक्षकों को VSK एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, निर्धारित समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों के उस दिन का वेतन काटने संबंधी आदेश भी जारी किया गया है।

इसी बीच मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से VSK एप का सर्वर डाउन होने एवं तकनीकी खामियों के कारण शिक्षकों के ऑनलाइन चेक-इन नहीं हो पाने की शिकायतें सामने आई हैं। कई शिक्षकों ने स्क्रीनशॉट साझा कर बताया कि नेटवर्क एवं सर्वर संबंधी समस्याओं के कारण घंटों प्रयास करने के बावजूद उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी।

प्रदेश के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी पहले से ही एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में केवल ऑनलाइन माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था ने शिक्षकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। शिक्षकों का कहना है कि यदि तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है तो इसके लिए संबंधित शिक्षक को जिम्मेदार ठहराना न्यायसंगत नहीं होगा।

नवीन शिक्षक संघ ने इस पूरे मामले में विभाग से गंभीरतापूर्वक विचार करने की मांग करते हुए कहा है कि तकनीकी खामियों के चलते किसी भी शिक्षक का वेतन काटने जैसी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

वर्जन

"ग्रामीण क्षेत्रों में VSK एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में शिक्षकों को नेटवर्क संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। नेटवर्क या सर्वर की समस्या के कारण यदि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है और ऐसी स्थिति में शिक्षकों का वेतन काटा जाता है, तो आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? इस संबंध में विभाग को गंभीरता से विचार करना चाहिए। ऑनलाइन उपस्थिति के बजाय प्रदेश के सभी स्कूलों में बायोमेट्रिक डिवाइस लगाए जाने चाहिए, जिससे पारदर्शिता के साथ-साथ तकनीकी समस्याओं से भी बचा जा सके।"

— विकास सिंह राजपूत

प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़

Saturday, June 13, 2026

भीषण गर्मी व जल संकट को देखते हुए 16 जून से स्कूल खोलने के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग



रायपुर - नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी एवं उमस को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 16 जून 2026 से स्कूल खोलने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने माननीय शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन से इस विषय पर गंभीरता से संज्ञान लेने का आग्रह किया है।

वर्जन :

 वर्तमान में प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में भीषण गर्मी और अत्यधिक उमस का वातावरण बना हुआ है। ऐसे समय में छोटे-छोटे बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।


विकास सिंह राजपूत प्रदेश अध्यक्ष (नवीन शिक्षक संघ छ. ग.)

महिला प्रकोष्ठ प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, बलविंदर कौर, गंगा शरण पासी, नंदिनी देशमुख, ज्योति सक्सेना, गीता चंद्राकर, रूपा साहू ने सुझाव दिया है कि स्कूलों का संचालन 1 जुलाई 2026 से प्रारंभ करने पर विचार किया जाना चाहिए।

प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, दुष्यंत कुम्भकार, रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू, अजय कड़व, प्रकाश चंद कांगे, सतीस टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, राजेश शुक्ला, ब्रिज नारायण मिश्रा, शंकर लाल भार्गव, मनोज चंद्रा ने आगे कहा की प्रदेश के कई ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में भू-जल स्तर में गिरावट के कारण नलकूप एवं बोरिंग से पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। ऐसी परिस्थितियों में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

संजीव मानिकपुरी, वेद प्रकाश साहू, छन्नू लाल साहू, रमन शर्मा, हरिकांत अग्निहोत्री, अमित मैसी, वेदराम साहू, चंद्रिका पाण्डेय ने कहा कि विद्यालयों में पर्याप्त पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना स्कूल खोलना उचित नहीं होगा। इसलिए विद्यार्थियों के स्वास्थ्य हित को ध्यान में रखते हुए 16 जून से स्कूल खोलने के निर्णय पर एक बार पुनर्विचार कर आवश्यक निर्णय लिया जाना चाहिए।