Naveen samachar chhattisgarh
Monday, August 17, 2026
Wednesday, August 12, 2026
TET-बिना पदोन्नति नहीं तो व्यक्तिगत आवेदन से होगा विरोध तेज नवीन शिक्षक संघ के बैठक मे निर्णय
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ की जिला इकाइयां मैदान में उतरीं, सहायक शिक्षक एवं शिक्षक सौंपेंगे निर्धारित आवेदन के साथ ज्ञापन
दुर्ग-सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक प्राथमिक/शिक्षक तथा शिक्षक से व्याख्याता पदोन्नति में TET एवं B.Ed. की अनिवार्यता को लेकर नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने अपना विरोध तेज करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में प्रदेश अध्यक्ष विकास राजपूत, प्रदेश पदाधिकारी दुष्यन्त कुम्भकार, अमितेश तिवारी, नंदिनी देशमुख, जिला अध्यक्ष संजीव मानिकपुरी, के नेतृत्व मे नवीन शिक्षक संघ जिला दुर्ग की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेश के विभिन्न जिलों के सहायक शिक्षकों एवं शिक्षकों से व्यक्तिगत निर्धारित आवेदन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने का आह्वान किया गया है।
संघ के निर्णय के अनुसार जिला दुर्ग के साथ राजनांदगांव, बालोद, मुंगेली, कोरिया, धमतरी एवं कोरबा जिले की जिला इकाइयों के माध्यम से भी संबंधित शिक्षक अपने-अपने व्यक्तिगत निर्धारित आवेदन प्रस्तुत करेंगे। इन आवेदनों में पदोन्नति प्रक्रिया में TET एवं B.Ed. की अनिवार्यता से राहत देने तथा पूर्व प्रचलित नियमों के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की जाएगी।
नवीन शिक्षक संघ का कहना है कि वर्ष 2017 से 2025 के बीच विभाग द्वारा बड़ी संख्या में शिक्षकों को TET एवं B.Ed. की अनिवार्यता के बिना पदोन्नति दी गई। ऐसे में अब उन्हीं सेवा वर्ग के शिक्षकों पर अचानक नई पात्रता लागू कर पदोन्नति से वंचित करना न्यायसंगत नहीं होगा। संघ ने इस विषय में विभाग से स्पष्ट आदेश, अधिसूचना एवं नियमों की प्रमाणित प्रति सार्वजनिक करने की भी मांग की है।
संघ द्वारा तैयार विधिक नोटिस में भी संबंधित विभाग से मांग की गई है कि वर्ष 2017 से 2025 तक अपनाई गई पदोन्नति प्रक्रिया के अनुरूप वर्तमान पात्र शिक्षकों के प्रकरणों पर विचार किया जाए तथा केवल TET अथवा B.Ed. की अनिवार्यता के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जाए। यदि विभाग कोई भिन्न निर्णय लेना चाहता है तो उसका कारणयुक्त आदेश (Speaking Order) एवं संबंधित नियम/अधिसूचना उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
नवीन शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी एक शिक्षक का नहीं, बल्कि पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे प्रदेशभर के शिक्षकों के अधिकार और न्याय की लड़ाई है। संघ का कहना है कि पहले से कार्यरत शिक्षकों के साथ समानता एवं निष्पक्ष प्रशासन के सिद्धांतों के अनुरूप व्यवहार किया जाना चाहिए।
जिला दुर्ग की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार आने वाले दिनों में निर्धारित प्रारूप में व्यक्तिगत आवेदन एवं ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया को व्यापक रूप दिया जाएगा। संघ ने सभी संबंधित शिक्षक साथियों से एकजुट होकर इस अभियान में शामिल होने की अपील की है।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने कहा है कि यदि विभाग स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संगठन लोकतांत्रिक एवं वैधानिक माध्यमों से सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष करने के लिए तैयार रहेगा बैठक मे बालोद ब्लॉक अध्यक्ष लोकेश साहू, मनोज जोशी विनोद ठाकुर, राकेश धनकर, विजय श्रीवास्तव, रितेश जोशी, वीणा तुली, लूप सिंह सोनी, महेश ठाकरे, अमन गुप्ता,विनोद साहू, राकेश साहू आदि उपस्थित थे ।
Monday, August 10, 2026
पदोन्नति चाहिए, नई बाध्यता नहीं!”—TET और B.Ed. पर राहत व पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति देने की मांग तेज
नवीन शिक्षक संघ ने शासन को सौंपा मांग पत्र, कहा—नियुक्ति के समय प्रभावी नियमों से तय हो पदोन्नति
रायपुर- प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में वर्षों से सेवा दे रहे हजारों शिक्षकों की पदोन्नति का मामला एक बार फिर गरमा गया है। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने सहायक शिक्षक से शिक्षक तथा शिक्षक से व्याख्याता पदोन्नति में TET एवं B.Ed. की अनिवार्यता से राहत देने की मांग को लेकर
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव/संचालक को मांग पत्र सौंपा है।
नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा है कि वर्षों से शासकीय सेवा में कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति केवल TET अथवा B.Ed. की अनिवार्यता के कारण प्रभावित नहीं होनी चाहिए। संघ के प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, दुष्यन्त कुम्भकार, अमितेश तिवारी, राजेश शुक्ला, रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू, अजय कड़व, नरेश गुप्ता, मनोज चंद्रा, सतीस टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, ब्रिज नारायण मिश्रा, शंकरलाल भार्गव, प्रकाश चंद कांगे के अनुसार वर्ष 2017 में NCTE द्वारा किए गए संशोधन के संबंध में सेवारत शिक्षकों के लिए छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश एवं प्रभावी क्रियान्वयन आदेश उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में नियुक्ति के समय लागू नियमों के तहत सेवा में आए शिक्षकों के पदोन्नति अधिकारों का संरक्षण किया जाना आवश्यक है।
दो प्रमुख पदोन्नति पर सीधा असर
नवीन शिक्षक संघ महिला प्रकोष्ठ प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, गंगा शरण पासी, बलविंदर कौर, नंदिनी देशमुख,ज्योति सक्सेना,गीता चंद्राकर, रूपा साहू ने मांग की है कि सहायक शिक्षक से शिक्षक पदोन्नति में TET की अनिवार्यता से राहत देते हुए पूर्व प्रचलित नियमों के आधार पर पदोन्नति की जाए। वहीं शिक्षक से व्याख्याता पदोन्नति में TET एवं B.Ed. की अनिवार्यता से राहत देकर वरिष्ठता एवं पात्रता के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया पूरी की जाए।
संघ ने यह भी कहा है कि नियुक्ति के समय प्रभावी नियमों के आधार पर वर्षों की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों के अर्जित सेवा एवं पदोन्नति अधिकारों का संरक्षण होना चाहिए। लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया के कारण शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है।
“रिक्त पद हैं तो पदोन्नति में देरी क्यों?”
संघ का कहना है कि प्रदेश के अनेक विद्यालयों में विषय शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है। दूसरी ओर पदोन्नति योग्य शिक्षक लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में रिक्त पदों के विरुद्ध वरिष्ठता एवं पात्रता के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने से विद्यालयों में विषय शिक्षकों की कमी को भी दूर किया जा सकता है।
नवीन शिक्षक संघ ने शासन से मांग की है कि - सहायक शिक्षक→शिक्षक एवं
शिक्षक→व्याख्याता* के लंबित पदोन्नति प्रकरणों का तत्काल निराकरण करते हुए पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ एवं पूर्ण की जाए। संघ ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए शासन इस विषय पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय ले।
Sunday, August 9, 2026
तबादला आदेश में विभाग की बड़ी चूक उजागर, एक ही शिक्षक का दो अलग-अलग स्थानों पर पदस्थापन 700 शिक्षकों के तबादला पर लगा सवालिया निशान
एक शिक्षक, दो तबादले!
रायपुर- स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी प्रशासनिक तबादला आदेश में बड़ी लापरवाही सामने आई है। आदेश की सूची में एक ही शिक्षक का नाम दो अलग-अलग क्रमांक पर दर्ज करते हुए दो स्थानों पर तबादला कर दिया गया है। इससे विभागीय तबादला प्रक्रिया की पारदर्शिता और आदेश तैयार करने में बरती गई सावधानी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार क्रमांक 1 में श्री व्यास देव कश्यप, प्रधान पाठक का वर्तमान पदस्थापन शासकीय प्राथमिक शाला कोड़ीरिपाल, विकासखंड कटेकल्याण, जिला दंतेवाड़ा दर्शाया गया है। उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर के विकल्प पर नवीन पदस्थापना दी गई है।
वहीं इसी आदेश में क्रमांक 20 पर पुनः श्री व्यास देव कश्यप, प्रधान अध्यापक का नाम दर्ज है। यहां उनका वर्तमान पदस्थापन वही शासकीय प्राथमिक शाला कोड़ीरिपाल, विकासखंड कटेकल्याण, जिला दंतेवाड़ा बताया गया है, लेकिन नवीन पदस्थापना शासकीय प्राथमिक शाला बनिया, विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा, जिला कोरबा दर्शाई गई है।
सवाल—आखिर शिक्षक जाएं तो जाएं कहां?
एक ही शिक्षक का एक ही आदेश में दो बार नाम शामिल होना और दोनों जगह अलग-अलग नवीन पदस्थापना दिया जाना विभागीय रिकॉर्ड एवं आदेश तैयार करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। यदि दोनों प्रविष्टियां एक ही व्यक्ति की हैं, तो एक शिक्षक एक साथ दो अलग-अलग स्थानों पर कैसे कार्यभार ग्रहण करेगा?
नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, राजेश शुक्ला, नरेश गुप्ता ने मामले को विभाग की गंभीर प्रशासनिक चूक बताते हुए कहा है कि तबादला आदेश जारी करने से पहले नाम, पद, वर्तमान पदस्थापना एवं नवीन पदस्थापना का समुचित सत्यापन किया जाना चाहिए था। महिला प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, गंगा शरण पासी, बलविंदर कौर, नंदिनी देशमुख, गीता चंद्राकर, रूपा साहू व ज्योति सक्सेना ने मांग की है कि मामले की जांच कर सही तबादला आदेश को निरस्त कर खुली तबादला नीति जारी किया जाए जिससे युक्तियुक्तकरण से प्रभावित व वर्षो से अपने गृह जिला से दूर शिक्षकों को राहत मिल सके ताकि संबंधित शिक्षक
प्रदेश पदाधिकारी दुष्यन्त कुम्भकार, अमितेश तिवारी, अजय कड़व, रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू ने आगे कहा की शिक्षकों के बड़े पैमाने पर प्रशासनिक तबादलों के बीच एक ही शिक्षक का दो स्थानों पर तबादला होना विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। सतीस टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, देवकांत सिन्हा व प्रकाश चंद कांगे का कहना है कि तबादला आदेश जारी करने से पहले यदि रिक्त पदों और कर्मचारियों के विवरण का ठीक से मिलान किया जाता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
ब्रिज नारायण मिश्रा, मनोज चंद्रा, शंकरलाल भार्गव, सैय्यद रफीक का कहना है की अब सवाल यह है कि श्री व्यास देव कश्यप की वास्तविक नवीन पदस्थापना आखिर जांजगीर है या कोरबा? विभाग इस दोहरे तबादला आदेश को कब संशोधित करता है? या इस तबादला आदेश को निरस्त कर क्या खुला तबादला नीति लागू कर तबादला चाहने वाले सभी शिक्षकों को समान अवसर विभाग द्वारा दिया जायेगा।
Tuesday, August 4, 2026
नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने नवपदस्थ डीईओ से की सौजन्य मुलाकात, शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का जताया विश्वास
दुर्ग - नवीन शिक्षक संघ, जिला इकाई दुर्ग के प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात नवपदस्थ श्री जगजीत सिंह धीर से सौजन्य भेंट कर उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारियों ने जिले के शिक्षकों से जुड़े विभिन्न विषयों पर सकारात्मक चर्चा करते हुए आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में शिक्षकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण होगा।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री जगजीत सिंह धीर ने संगठन के प्रतिनिधियों से कहा कि सभी शिक्षक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति पूर्ण गंभीरता एवं समर्पण के साथ कार्य करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिक्षकों को कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या अन्य समस्या आने पर विभागीय अधिकारियों के माध्यम से उसका यथासंभव शीघ्र निराकरण कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
संघ के पदाधिकारियों ने नवपदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक-प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, जिससे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों दोनों को लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश सचिव गिरीश साहू, कोषाध्यक्ष अमितेश तिवारी, जिला अध्यक्ष दुर्ग संजीव मानिकपुरी, दुर्ग ब्लॉक अध्यक्ष दीपक साहू, रूपा साहू, पवन सिंह, सुनील स्वर्णकार, प्रताप भारती, चंद्रकांत साहू, नरोत्तम साहू एवं भूषण साहू उपस्थित रहे।
Saturday, August 1, 2026
VSK ऐप की ऑनलाइन उपस्थिति पर पुनर्विचार एवं पदोन्नति में टीईटी-बी.एड. की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग
नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अंतागढ़ विधायक विक्रम देव उसेंडी से की मुलाकात
कांकेर/पखांजूर- नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अंतागढ़ विधायक से उनके पखांजूर प्रवास के दौरान विश्राम गृह में सौजन्य भेंट कर कोयलीबेडा विकासखंड सहित शिक्षा विभाग से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण समस्याओं से अवगत कराया तथा उनके शीघ्र समाधान की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को बताया कि कोयलीबेडा विकासखंड एवं कांकेर जिले का बड़ा हिस्सा दुर्गम एवं वनांचल क्षेत्र में स्थित है, जहां आज भी शिक्षक नदी-नालों और कठिन मार्गों को पार कर विद्यालयों तक पहुंचते हैं। ऐसे क्षेत्रों में नेटवर्क की गंभीर समस्या के कारण VSK ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। इसलिए पूर्व की भांति विद्यालयों में उपस्थिति पंजी (मैनुअल उपस्थिति) को ही मान्य किया जाए, ताकि तकनीकी कारणों से शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
इस पर विधायक श्री उसेंडी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे स्वयं संयुक्त संचालक (जेडी) एवं लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के अधिकारियों से चर्चा कर इस समस्या के समाधान का प्रयास करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने बीईओ कार्यालय में पूर्व में पदस्थ दोनों अनुभवी बाबुओं की पुनः पदस्थापना की भी मांग रखी। संघ का कहना था कि उनके अनुभव से वेतन आहरण, सेवा संबंधी प्रकरणों एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों का समयबद्ध निराकरण संभव हो सकेगा।
बैठक में संघ ने यह भी मांग रखी कि प्राथमिक प्रधान पाठक, माध्यमिक प्रधान पाठक, उच्च श्रेणी शिक्षक एवं व्याख्याता पद पर पदोन्नति के लिए टीईटी एवं बी.एड. की अनिवार्यता लागू न की जाए। पूर्व वर्षों की तरह पुराने नियमों के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया संचालित करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित 15 अगस्त की समय-सीमा के भीतर सभी पदोन्नतियां पूर्ण की जाएं। संघ ने बिना टीईटी के पात्र शिक्षकों की प्रधान पाठक (प्राथमिक/माध्यमिक) एवं शिक्षक पदों पर पदोन्नति किए जाने की भी मांग प्रमुखता से उठाई।
नवीन शिक्षक संघ छ. ग. ब्लॉक इकाई कोयलीबेडा के अध्यक्ष श्रीमती बलविंदर कौर ने कहा की प्रदेश स्तर मे टीईटी लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से राहत देने व पदोन्नति मे टीईटी व बीएड अनिवार्यता नही रखने की मांग प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व मे लगातार किया जा रहा है और हमें विश्वास है की शासन द्वारा शिक्षकों के साथ न्याय जरूर किया जायेगा।
इस अवसर पर नवीन शिक्षक संघ की अध्यक्ष श्रीमती बलविंदर कौर, उपाध्यक्ष श्री गौतम मंडल, सचिव श्री होरी लाल साहू, मीडिया प्रभारी श्री तुमेश्वर विश्वकर्मा, सह सचिव श्री गोपाल सरकार, श्री जैन सिंह चंद्रवंशी, श्री फगुआ राम भुआर्य, सुश्री किरण कश्यप, सुश्री रूपा मरकाम, सुश्री सुनीता कोटपारिया, सुश्री रितिका कावड़े, श्री गुरुदास बनर्जी सहित नवीन शिक्षक संघ के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
संयुक्त वरिष्ठता सूची से व्याख्याता एलबी के पदोन्नति अधिकारों पर संकट, अलग वरिष्ठता सूची बहाल करे शासन – गंगा शरण पासी
रायपुर- नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ की महिला प्रकोष्ठ संगठन मंत्री गंगा शरण पासी ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा व्याख्याता (नियमित) एवं व्याख्याता (एलबी) की संयुक्त वरिष्ठता सूची जारी किए जाने पर गहरी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा है कि इस निर्णय से वर्षों से कार्यरत वरिष्ठ व्याख्याता एलबी कृत्रिम रूप से वरिष्ठता सूची में काफी नीचे चले गए हैं, जिससे उनके प्राचार्य पद पर पदोन्नति सहित अन्य सेवा अधिकार प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो गई है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में व्याख्याता एलबी संवर्ग की पृथक वरिष्ठता सूची तैयार की जाती थी तथा प्राचार्य पद पर पदोन्नति में व्याख्याता एलबी संवर्ग के लिए 30 प्रतिशत पदों का प्रावधान किया गया था। उस व्यवस्था से व्याख्याता एलबी संवर्ग के हितों का संरक्षण होता था तथा पदोन्नति प्रक्रिया संतुलित और न्यायसंगत रहती थी। किंतु वर्तमान में संयुक्त वरिष्ठता सूची जारी किए जाने से व्याख्याता एलबी संवर्ग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी नियमित संवर्ग के नीचे पहुंच गए हैं, जिससे उनका पदोन्नति का अवसर प्रभावित हो सकता है।
गंगा शरण पासी ने कहा कि वरिष्ठता किसी भी कर्मचारी के सेवा जीवन का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। यदि वरिष्ठता निर्धारण में असमानता या विसंगति होगी तो पदोन्नति, प्रशासनिक दायित्व एवं भविष्य की समस्त सेवा संबंधी सुविधाएं प्रभावित होंगी। इसलिए शासन को इस विषय पर तत्काल पुनर्विचार करते हुए व्याख्याता एलबी संवर्ग के वैधानिक एवं अर्जित अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि पूर्व व्यवस्था के अनुरूप व्याख्याता एलबी की पृथक वरिष्ठता सूची पुनः जारी की जाए तथा प्राचार्य पद पर व्याख्याता एलबी के लिए निर्धारित 30 प्रतिशत पदोन्नति व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू रखा जाए, जिससे किसी भी वरिष्ठ व्याख्याता एलबी के साथ अन्याय न हो।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने चेतावनी दी है कि यदि व्याख्याता एलबी संवर्ग के पदोन्नति अधिकारों एवं वरिष्ठता की रक्षा के लिए शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के व्याख्याता एलबी के साथ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने के साथ -साथ कोर्ट के शरण लेने लिए बाध्य होगा।
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