Thursday, July 2, 2026

राजपत्र प्रकाशन पूर्व नियुक्त शिक्षकों की TET राहत मांग पर PMO ने लिया संज्ञान प्रधानमंत्री कार्यालय ने नवीन शिक्षक संघ के मांग पत्र को स्कूल शिक्षा विभाग को भेजा देश के लाखो शिक्षकों के साथ न्याय करे सरकार -विकास सिंह



देश भर के लाखो शिक्षकों का उठाया नवीन शिक्षक संघछ. ग. ने आवाज कहा सबका साथ -सबका विकास 

केंद्र सरकार करे टेट राहत के मांग पर विचार 





दिल्ली - राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षक संवर्ग को TET की अनिवार्यता से राहत दिलाने की मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गए मांग पत्र पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए प्रकरण को स्कूल शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्यवाही हेतु अग्रेषित कर दिया है। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण मांग पर अब विभागीय स्तर पर ठोस पहल और सकारात्मक निर्णय की दिशा में रास्ता खुल सकता है।

वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अधिकारों का मामला

नवीन शिक्षक संघ ने अपने मांग पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों एवं पदोन्नत शिक्षक संवर्ग पर TET की अनिवार्यता लागू करना न्यायोचित नहीं है। संघ का कहना है कि ये शिक्षक वर्षों से शासकीय सेवा में कार्यरत हैं और विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उनके सेवा अधिकार, वरिष्ठता, पदोन्नति, वेतन, पेंशन तथा अन्य लाभों को प्रभावित करने वाली बाध्यता को समाप्त करते हुए न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाना चाहिए।

शिक्षक हितों की मांग को मिली प्रशासनिक गति

संघ के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस प्रकरण को स्कूल शिक्षा विभाग को भेजा जाना शिक्षक हितों से जुड़े इस मुद्दे को मिली एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रगति है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिला है कि हजारों शिक्षकों की आवाज अब उच्च स्तर तक पहुंच चुकी है और इस विषय पर औपचारिक प्रक्रिया के तहत विचार आगे बढ़ रहा है। प्रदेशभर के शिक्षक इसे अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग के समाधान की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं।

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि संगठन लगातार राजपत्र प्रकाशन पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से राहत, पूर्व सेवा अवधि की गणना, तथा वेतन, पेंशन और पदोन्नति संबंधी अधिकारों की सुरक्षा की मांग को प्रमुखता से उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय से प्रकरण का स्कूल शिक्षा विभाग तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि शिक्षकों की मांग अब प्रभावी रूप से शासन-प्रशासन तक पहुंच रही है। अब आवश्यकता इस बात की है कि विभाग इस विषय पर गंभीरता, संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण के साथ शीघ्र निर्णय ले।

प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत का बयान

“राजपत्र प्रकाशन पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षक संवर्ग को TET की बाध्यता से राहत मिलना न्याय और सेवा अधिकारों से जुड़ा विषय है। वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के हितों की रक्षा करना सरकार और विभाग की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा प्रकरण को स्कूल शिक्षा विभाग को भेजा जाना हमारी मांग को मिली महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रगति है। हमें उम्मीद है कि  विभाग देश भर के lakhobशिक्षकों के हित में सकारात्मक निर्णय लेगा।”

Tuesday, June 30, 2026

बिना टीईटी के शिक्षकों की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त करने नवीन शिक्षक संघ का सार्थक प्रयास पूर्व सेवा की गणना कर वेतन-पेंशन एवं राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से राहत की मांग को लेकर बालोद से शुरू होगा हस्ताक्षर अभियान


मुंगेली -नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ जिला इकाई के अध्यक्ष रमन शर्मा ने बताया है की संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में शिक्षकों की लंबित मांगों के समाधान के लिए प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान प्रारंभ किया जाएगा। इस अभियान का शुभारंभ बालोद जिले से होगा। अभियान के माध्यम से पूर्व सेवा अवधि की गणना कर वेतन एवं पेंशन का लाभ देने तथा राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखने की मांग राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, प्रदेश के सभी सांसदों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय तक हजारों शिक्षकों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन के माध्यम से पहुंचाई जाएगी।

नवीन शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रमन शर्मा ने

आगे कहा कि वर्तमान पदोन्नति प्रक्रिया में पूर्व से लागू नियम ही प्रभावी हैं। शासन द्वारा जारी राजपत्र में टीईटी को पदोन्नति के लिए अनिवार्य करने संबंधी कोई नया प्रावधान प्रकाशित नहीं किया गया है। इसलिए पूर्व वर्षों की भांति बिना टीईटी की अनिवार्यता के पात्र शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जानी चाहिए। 

नवीन शिक्षक संघ की प्रांतीय बैठक में राजनांदगांव जिला कार्यकारिणी का गठन छन्नूलाल साहू जिलाध्यक्ष एवं अजय कड़व जिला सचिव निर्विरोध मनोनीत


संविलियन आंदोलन में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका, संगठन ने जताया विश्वास


राजनांदगांव- नवीन शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ की प्रांतीय बैठक में संगठन विस्तार एवं शिक्षक हितों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसी क्रम में राजनांदगांव जिला इकाई के लिए छन्नूलाल साहू को जिलाध्यक्ष तथा अजय कड़व को जिला सचिव पद पर निर्विरोध मनोनीत किया गया। दोनों पदाधिकारियों के मनोनयन पर प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि छन्नूलाल साहू एवं अजय कड़व लंबे समय से शिक्षक हितों के लिए सक्रिय रहे हैं। विशेष रूप से शिक्षक संविलियन आंदोलन के दौरान दोनों नेताओं ने राजनांदगांव जिले का प्रभावी नेतृत्व करते हुए शिक्षकों को संगठित किया और आंदोलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके संगठनात्मक अनुभव एवं सक्रिय कार्यशैली को देखते हुए संगठन ने पुनः महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे नवीन शिक्षक संघ की विचारधारा के अनुरूप पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे तथा शिक्षकों की लंबित मांगों—पूर्व सेवा अवधि की गणना कर वेतन एवं पेंशन का लाभ, राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से राहत, समयमान/क्रमोन्नति सहित अन्य शिक्षक हितों—को लेकर संगठन के संघर्ष को और अधिक मजबूत बनाएंगे।




प्रांतीय बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेशभर में शिक्षक हितों के मुद्दों पर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा तथा संगठन को जिला एवं विकासखंड स्तर तक और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

नवीन शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ ने विश्वास व्यक्त किया कि छन्नूलाल साहू एवं अजय कड़व के नेतृत्व में राजनांदगांव जिला इकाई शिक्षक हितों की लड़ाई को नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान करेगी। 

Monday, June 29, 2026

पूर्व सेवा अवधि की गणना एवं टीईटी से राहत की मांग को लेकर नवीन शिक्षक संघ का आंदोलन शुरू, प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान का ऐलान



रायपुर। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में आयोजित ऑनलाइन बैठक तथा 28 जून को कलेक्टर गार्डन रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से देय समयमान वेतनमान के आधार पर वेतन एवं पेंशन का निर्धारण किया जाए तथा राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से मुक्त रखा जाए।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व सेवा अवधि की गणना नहीं होने से हजारों शिक्षकों को वेतन, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति एवं भविष्य की पेंशन संबंधी लाभों में नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं देशभर में लाखों शिक्षक टीईटी संबंधी विभिन्न न्यायिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण असमंजस और असुरक्षा की स्थिति में हैं। ऐसे में राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत प्रदान करना न्यायसंगत होगा।

संघ ने इन दोनों प्रमुख मांगों को लेकर व्यापक जनआंदोलन चलाने का निर्णय लिया है। आंदोलन के प्रथम चरण में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं विकासखंडों में कार्यरत हजारों शिक्षकों के हस्ताक्षर एकत्रित कर प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत बालोद जिले से की जाएगी। इसके पश्चात शिक्षकों के हस्ताक्षरों से युक्त मांग पत्र भारत के महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, प्रदेश के सभी सांसदों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय को प्रेषित कर शिक्षक हित में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की जाएगी।

प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि शिक्षक संवर्ग की जायज मांगों के निराकरण के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष किया जाएगा। यदि मांगों पर उचित पहल नहीं होती है तो संगठन आगामी चरणों में आंदोलन को और व्यापक रूप देगा।

बैठक में प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, दुष्यन्त कुम्भकार, अजय कड़व, गंगाशरण पासी, नरेश गुप्ता, सतीश टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, संजीव मानिकपुरी, छन्नूलाल साहू, हरिकांत अग्निहोत्री, राकेश धनकर, बलराम बंजारे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। 

Thursday, June 25, 2026

शिक्षकों की सात सूत्री मांगों को लेकर नवीन शिक्षक संघ सक्रिय, डीईओ-बीईओ को सौंपा ज्ञापन



पाठ्यपुस्तक, गणवेश, अर्जित अवकाश, टीईटी इंद्राज एवं मानदेय भुगतान सहित कई मुद्दे उठाए

बालोद। नवीन शिक्षक संघ के जिला प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश साहू के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बालोद से मुलाकात कर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।

संघ ने मांग की कि नए शिक्षा सत्र में अभी तक अनेक विद्यालयों में विषयवार पाठ्यपुस्तकें एवं गणवेश पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। ऐसे विद्यालयों तक शीघ्र पुस्तकें एवं गणवेश पहुंचाए जाएं, ताकि विद्यार्थियों के अध्ययन-अध्यापन कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश साहू ने बताया कि 1 मई से 30 मई 2026 तक जनगणना मकान सूचीकरण कार्य में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को अर्जित अवकाश प्रदान करते हुए उसका इंद्राज सेवा पुस्तिका में किया जाए। साथ ही विभागीय अनुमति लेकर अथवा बिना अनुमति के टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके शिक्षकों की योग्यता का उल्लेख सेवा पुस्तिका में दर्ज किया जाए तथा वर्ष 2026 में टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की वरिष्ठता सूची में भी इसका उल्लेख किया जाए।

संघ ने जिले के सभी शिक्षकों की सर्विस बुक का सत्यापन कराए जाने की मांग भी रखी। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025-26 में आयोजित पांचवीं एवं आठवीं बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों का लंबित मानदेय शीघ्र भुगतान करने की मांग की गई। संघ का कहना है कि मूल्यांकन कार्य संपन्न हुए काफी समय बीत जाने के बावजूद अनेक शिक्षकों को अभी तक मानदेय प्राप्त नहीं हुआ है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान लोकेश साहू, प्रवीण पांडेय, हिलेश्वर देवांगन, विजय साहू, पार्वती साहू, किसन देवांगन सहित नवीन शिक्षक संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

"शिक्षकों और विद्यार्थियों के हितों से जुड़ी मांगों का शीघ्र निराकरण करें"

नवीन शिक्षक संघ ने प्रशासन से मांग की है कि शिक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान हेतु सात सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की जाए।

Wednesday, June 24, 2026

क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान पर स्पष्ट गणना चार्ट जारी करे शासन जिससे कर्मचारियों व शिक्षकों को वेतनमान चयन करने मे हो आसानी



क्रमोन्नति वेतनमान व समयमान वेतनमान के लाभ-हानि का तुलनात्मक चार्ट जारी करने की मांग को लेकर जल्दी ही वित्त विभाग के अधिकारियो से करेंगे मुलाक़ात नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल 

रायपुर - छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय कर्मचारियों एवं शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान अथवा समयमान वेतनमान में से किसी एक विकल्प का चयन करने हेतु निर्धारित समय-सीमा प्रदान की गई है। ऐसे में कर्मचारियों के समक्ष यह महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा हो गया है कि उनके लिए कौन-सा विकल्प अधिक लाभकारी रहेगा।

इस संबंध में कर्मचारी एवं शिक्षक हितों से जुड़े नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने राज्य शासन के वित्त विभाग से मांग की है कि प्रत्येक वेतन स्तर एवं संवर्ग के अनुसार क्रमोन्नति वेतनमान और समयमान वेतनमान का तुलनात्मक वेतन गणना चार्ट तत्काल जारी किया जाए, ताकि कर्मचारी वास्तविक आर्थिक लाभ का आकलन कर सकें और सही विकल्प का चयन कर सकें।

विकास सिंह राजपूत ने कहा कि वर्तमान में अधिकांश कर्मचारी भ्रम की स्थिति में हैं। शासन द्वारा विकल्प चयन की समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है, लेकिन अब तक ऐसा कोई आधिकारिक गणना पत्रक या मार्गदर्शिका जारी नहीं की गई है, जिससे कर्मचारी दोनों व्यवस्थाओं के तहत मिलने वाले वेतन, वार्षिक वेतनवृद्धि, भविष्य के लाभ तथा पेंशन संबंधी प्रभावों की तुलना कर सकें।

उन्होंने कहा कि यदि वित्त विभाग द्वारा संवर्गवार और वेतन स्तरवार तुलनात्मक चार्ट जारी किया जाता है तो कर्मचारियों को निर्णय लेने में सुविधा होगी तथा भविष्य में किसी प्रकार की शिकायत या विवाद की संभावना भी कम होगी।

कर्मचारी संगठनों ने भी शासन से मांग की है कि विकल्प चयन की अंतिम तिथि से पूर्व विस्तृत दिशा-निर्देश एवं गणना चार्ट जारी कर कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जाए।

प्रमुख मांगें

क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान का तुलनात्मक गणना चार्ट जारी किया जाए।

प्रत्येक वेतन स्तर के लिए संभावित लाभ-हानि स्पष्ट की जाए।

कर्मचारियों को विकल्प चयन हेतु विस्तृत मार्गदर्शिका उपलब्ध कराई जाए।

आवश्यकता पड़ने पर विकल्प चयन की समय-सीमा बढ़ाई जाए।

विकास सिंह राजपूत ने कहा कि स्पष्ट एवं पारदर्शी जानकारी के अभाव में कर्मचारी असमंजस की स्थिति में हैं, इसलिए शासन को शीघ्र ही अधिकृत गणना पत्रक जारी कर कर्मचारियों को राहत प्रदान करनी चाहिए इस संबंध मे जल्दी ही वित्त विभाग के अधिकारियो से नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का प्रतिनिधि मंडल मुलाक़ात कर तुलनात्मक गणना चार्ट जारी करने की मांग को प्रमुखता से रखेंगे। 

Tuesday, June 23, 2026

जनगणना कार्य का मानदेय और कर्तव्य प्रमाण पत्र देने की मांग, नवीन शिक्षक संघ ने अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन



बालोद। नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश के नेतृत्व में एसडीएम राजस्व बालोद, तहसीलदार बालोद एवं नगर पालिका परिषद बालोद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से मुलाकात कर जनगणना मकान सूचीकरण कार्य में लगे शिक्षकों को मानदेय भुगतान एवं कर्तव्य प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

संघ ने बताया कि जनगणना मकान सूचीकरण कार्य के अंतर्गत 1 मई से 30 मई तक ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में बालोद तहसील एवं नगर पालिका परिषद बालोद क्षेत्र के शिक्षकों की ड्यूटी प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के रूप में लगाई गई थी। शिक्षकों ने शासन के निर्देशानुसार अवकाश अवधि में भी पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया।

नवीन शिक्षक संघ ने अधिकारियों को अवगत कराया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान शासकीय कार्य संपादित करने वाले शिक्षकों को नियमानुसार अर्जित अवकाश (Earned Leave) की पात्रता प्राप्त होती है। इसके लिए संबंधित शिक्षकों को कर्तव्य प्रमाण पत्र जारी किया जाना आवश्यक है, ताकि वे अर्जित अवकाश का लाभ प्राप्त कर सकें। साथ ही जनगणना कार्य के लिए देय मानदेय राशि का शीघ्र भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों ने अपने अवकाश का त्याग कर शासन के महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया है, इसलिए उनके अधिकारों और सुविधाओं का समय पर लाभ मिलना चाहिए। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

ज्ञापन सौंपने वालों में हिलेश्वर देवांगन, किसन देवांगन, उमेश साहू, धर्मेंद्र देशलहरा, प्रवीण पांडे, प्रेमलाल पाटिल, विजय साहू, विकास शर्मा ,मोहन निषाद सहित नवीन शिक्षक संघ के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।