नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अंतागढ़ विधायक विक्रम देव उसेंडी से की मुलाकात
कांकेर/पखांजूर- नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अंतागढ़ विधायक से उनके पखांजूर प्रवास के दौरान विश्राम गृह में सौजन्य भेंट कर कोयलीबेडा विकासखंड सहित शिक्षा विभाग से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण समस्याओं से अवगत कराया तथा उनके शीघ्र समाधान की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को बताया कि कोयलीबेडा विकासखंड एवं कांकेर जिले का बड़ा हिस्सा दुर्गम एवं वनांचल क्षेत्र में स्थित है, जहां आज भी शिक्षक नदी-नालों और कठिन मार्गों को पार कर विद्यालयों तक पहुंचते हैं। ऐसे क्षेत्रों में नेटवर्क की गंभीर समस्या के कारण VSK ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। इसलिए पूर्व की भांति विद्यालयों में उपस्थिति पंजी (मैनुअल उपस्थिति) को ही मान्य किया जाए, ताकि तकनीकी कारणों से शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
इस पर विधायक श्री उसेंडी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे स्वयं संयुक्त संचालक (जेडी) एवं लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के अधिकारियों से चर्चा कर इस समस्या के समाधान का प्रयास करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने बीईओ कार्यालय में पूर्व में पदस्थ दोनों अनुभवी बाबुओं की पुनः पदस्थापना की भी मांग रखी। संघ का कहना था कि उनके अनुभव से वेतन आहरण, सेवा संबंधी प्रकरणों एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों का समयबद्ध निराकरण संभव हो सकेगा।
बैठक में संघ ने यह भी मांग रखी कि प्राथमिक प्रधान पाठक, माध्यमिक प्रधान पाठक, उच्च श्रेणी शिक्षक एवं व्याख्याता पद पर पदोन्नति के लिए टीईटी एवं बी.एड. की अनिवार्यता लागू न की जाए। पूर्व वर्षों की तरह पुराने नियमों के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया संचालित करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित 15 अगस्त की समय-सीमा के भीतर सभी पदोन्नतियां पूर्ण की जाएं। संघ ने बिना टीईटी के पात्र शिक्षकों की प्रधान पाठक (प्राथमिक/माध्यमिक) एवं शिक्षक पदों पर पदोन्नति किए जाने की भी मांग प्रमुखता से उठाई।
नवीन शिक्षक संघ छ. ग. ब्लॉक इकाई कोयलीबेडा के अध्यक्ष श्रीमती बलविंदर कौर ने कहा की प्रदेश स्तर मे टीईटी लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से राहत देने व पदोन्नति मे टीईटी व बीएड अनिवार्यता नही रखने की मांग प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व मे लगातार किया जा रहा है और हमें विश्वास है की शासन द्वारा शिक्षकों के साथ न्याय जरूर किया जायेगा।






