Saturday, October 24, 2026

ग्रीष्मकालीन अवकाश में चुनाव, बीएलओ और सर्वे कार्य करने वाले शिक्षकों को मिले अर्जित अवकाश का लाभ



नवीन शिक्षक संघ की पहल पर जिला शिक्षा अधिकारी ने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को जारी किए निर्देश, सेवा पुस्तिका में लाभ दर्ज करने की मांग तेज

दुर्ग - ग्रीष्मकालीन अवकाश एवं अन्य अवकाश के दिनों में लोकसभा चुनाव, बीएलओ ड्यूटी, विभिन्न प्रकार के सर्वेक्षण तथा अन्य शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कार्यों में सेवाएं देने वाले शिक्षकों को नियमानुसार अर्जित अवकाश का लाभ दिलाने की मांग को नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने प्रमुखता से उठाया है। संघ की पहल पर जिला शिक्षा अधिकारी, दुर्ग द्वारा इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

नवीन शिक्षक संघ द्वारा शिक्षकों की इस समस्या को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही थी। संघ का कहना है कि शासन एवं विभागीय आदेशों के अनुसार अवकाश अवधि में अतिरिक्त कार्य करने वाले पात्र शिक्षकों को मिलने वाले लाभ उनकी सेवा पुस्तिका में समय पर दर्ज किए जाने चाहिए, ताकि उन्हें नियमानुसार मिलने वाले लाभ से वंचित न होना पड़े।

जिला शिक्षा अधिकारी, दुर्ग द्वारा 16 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में शिक्षकों के विभिन्न सेवा संबंधी मामलों के निराकरण के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं संबंधित प्राचार्यों को नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान अतिरिक्त कार्य करने वाले शिक्षकों के अर्जित अवकाश को सेवा पुस्तिका में दर्ज नहीं किए जाने के मामले में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने हेतु भी पत्राचार किया गया है।

प्रदेश सचिव एवं जिला अध्यक्ष ने उठाया मुद्दा

नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश सचिव गिरीश साहू एवं जिला अध्यक्ष संजीव मानिकपुरी ने शिक्षकों की इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि अवकाश अवधि में विभागीय दायित्वों का निर्वहन करने वाले शिक्षकों को उनके नियमानुसार देय लाभ मिलना चाहिए। इस संबंध में जारी आदेशों का जमीनी स्तर पर पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

“शिक्षकों के अतिरिक्त कार्य का मिले नियमानुसार लाभ” — विकास सिंह राजपूत

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि अवकाश के दिनों एवं ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान लोकसभा चुनाव, बीएलओ ड्यूटी, विभिन्न प्रकार के सर्वेक्षण सहित अन्य शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कार्य करने वाले पात्र शिक्षकों को नियमानुसार अर्जित अवकाश प्रदान किया जाना चाहिए। साथ ही, संबंधित विकासखंड शिक्षा कार्यालयों द्वारा शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में इसकी प्रविष्टि समय पर सुनिश्चित की जानी चाहिए।

ब्लॉक अध्यक्ष धमधा संजय शर्मा, दुर्ग दीपक साहू व पाटन जागेश्वर चंद्राकर ने कहा क़ी शिक्षक अपनी नियमित शैक्षणिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ शासन के विभिन्न कार्यों का भी जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करते हैं। ऐसे में उनके अतिरिक्त कार्य का नियमानुसार लाभ मिलना और विभागीय अभिलेखों में उसका सही संधारण होना आवश्यक है।

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने मांग की है कि प्रदेश के सभी विकासखंड शिक्षा कार्यालयों में इस संबंध में जारी निर्देशों का प्रभावी पालन कराया जाए तथा पात्र शिक्षकों को अर्जित अवकाश का लाभ दिलाकर उनकी सेवा पुस्तिका में नियमानुसार प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए। 

Saturday, October 17, 2026

घोषणा के महीनों बाद भी केसलेस इलाज पर अमल नहीं, लाखों कर्मचारी परेशान



गंभीर बीमारी में कर्मचारियों को बेचनी पड़ रही चल-अचल संपत्ति, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य विभाग से जल्द दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की

रायपुर - छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के लिए केसलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा किए जाने के कई महीने बीत जाने के बाद भी अब तक इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी नहीं किए जाने पर नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने नाराजगी जताई है। 

संघ के दुर्ग संभाग के प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, दुष्यंत कुम्भकार, राजेश शुक्ला,रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू, अजय कड़व ने राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग से शीघ्र आवश्यक निर्देश जारी कर प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों और उनके आश्रित परिजनों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।

बस्तर संभाग से प्रकाशचंद कांगे, खिल गजेंद्र सार्वा,होरिलाल साहू, गौतम मंडल, रोशन मंसूरे, रवि नारायण देशमुख का कहना है कि बजट सत्र में केसलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा से प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों में बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा की उम्मीद जगी थी। कर्मचारियों ने इस घोषणा का स्वागत भी किया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी योजना को धरातल पर लागू करने की दिशा में आवश्यक निर्देश जारी नहीं होने से कर्मचारियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इलाज के लिए कर्ज लेने और संपत्ति बेचने की नौबत

रायपुर संभाग पदाधिकारियों सतीस टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, नरेश गुप्ता, देवकांत सिन्हा के अनुसार, गंभीर बीमारी या आकस्मिक चिकित्सा की स्थिति में कर्मचारियों को अस्पताल में इलाज कराने के लिए बड़ी रकम की व्यवस्था स्वयं करनी पड़ती है। आर्थिक रूप से कमजोर तथा सीमित आय वाले कर्मचारियों के सामने इलाज के खर्च की पूर्ति के लिए कर्ज लेने, बचत खर्च करने और यहां तक कि अपनी चल-अचल संपत्ति बेचने जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। इससे कर्मचारी और उनके परिवार आर्थिक संकट के साथ मानसिक तनाव भी झेल रहे हैं।

चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर कर्मचारी

सरगुजा संभाग के पदाधिकारी ब्रिज नारायण मिश्रा, हरिकांत अग्निहोत्री, नित्यानंद द्विवेदी, राजेश पाण्डेय, वीरेंद्र जायसवाल व बिलासपुर संभाग से मनोज चंद्रा, शंकरलाल भार्गव, सैय्यद रफीक, चन्द्रिका पाण्डेय, रमन शर्मा, अमित मैसी ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में इलाज कराने के बाद चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि प्राप्त करने के लिए कर्मचारियों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ विभागीय कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई कर्मचारी महीनों तक प्रतिपूर्ति राशि का इंतजार करते रहते हैं। इलाज के दौरान खर्च की गई राशि समय पर खाते में नहीं आने से उनकी आर्थिक परेशानियां और बढ़ जाती हैं।

विकास सिंह राजपूत ने जल्द निर्देश जारी करने की मांग की

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि विधानसभा के बजट सत्र में शासकीय कर्मचारियों के लिए केसलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा का पूरे प्रदेश के कर्मचारियों ने स्वागत किया था। इस सुविधा से कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को गंभीर बीमारी के समय आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी नहीं किया जाना चिंताजनक है।

प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने आगे कहा कि गंभीर बीमारी के समय कर्मचारियों को इलाज के लिए आर्थिक संकट से जूझना पड़ता है। इलाज के बाद चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि पाने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाना भी उनकी परेशानी को बढ़ाता है। ऐसे में केसलेस चिकित्सा सुविधा केवल घोषणा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे शीघ्र लागू किया जाना चाहिए।

नवीन शिक्षक संघ महिला प्रकोष्ठ ने उठाई कर्मचारियों क़ी मांग 

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ महिला प्रकोष्ठ के उमा जाटव, गंगा शरण पासी, बलविंदर कौर, नंदिनी देशमुख, ज्योति सक्सेना, गीता चंद्राकर, रूपा साहू ने राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि केसलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के लिए तत्काल स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, पात्र शासकीय कर्मचारियों एवं उनके आश्रित परिजनों को योजना के दायरे में लाया जाए तथा गंभीर बीमारियों के उपचार में आर्थिक परेशानी से राहत देने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

नवीन शिक्षक संघ छ. ग.ने उम्मीद जताई है कि सरकार कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर शीघ्र निर्णय लेकर घोषणा को वास्तविकता में बदलेगी, ताकि प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को इलाज के लिए अपनी जमा-पूंजी और संपत्ति दांव पर लगाने की मजबूरी से राहत मिल सके। 

Tuesday, October 13, 2026

छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग दीपावली अवकाश पर करे पुनर्विचार




भाईदूज (मातर) पर्व मनाने से वंचित रहेंगे लाखों विद्यार्थी एवं शिक्षक 

मुख्यमंत्री मंत्री, शिक्षा मंत्री व विभागीय अधिकारियो को जल्दी ही मातर पर्व पर अवकाश के लिया ज्ञापन सौपने का निर्णय 

रायपुर -छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और पारंपरिक तीज-त्योहारों में मातर (भाईदूज) तिहार का विशेष महत्व है। प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में यह पर्व वर्षों से पूरे उत्साह, उमंग और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता रहा है। लेकिन इस वर्ष दीपावली अवकाश की निर्धारित अवधि के कारण प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के मातर तिहार मनाने से वंचित रहने की स्थिति बन रही है। इसे देखते हुए नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग से दीपावली अवकाश पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं में मातर तिहार का अपना विशिष्ट स्थान है। यह पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक मेल-मिलाप, पारिवारिक आत्मीयता और लोकपरंपराओं को सहेजने का अवसर भी है। प्रदेश के अनेक गांवों और शहरों में लोग इस पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं। ऐसे में विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को इस महत्वपूर्ण पर्व में सहभागी बनने का अवसर मिलना चाहिए।

राजपूत ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग को 11 नवंबर को मातर तिहार के अवसर पर अवकाश घोषित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना चाहिए, ताकि प्रदेश के लाखों विद्यार्थी और शिक्षक अपने परिवार एवं समाज के साथ इस पारंपरिक पर्व को हर्षोल्लास से मना सकें।

प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, दुष्यन्त कुम्भकार, गंगा शरण पासी, बलविंदर कौर, नंदिनी देशमुख, रूपेंद्र सिन्हा, अजय कड़व, राजेश शुक्ला, नरेश गुप्ता, संजय साहू,  चंद्रशेखर रात्रे, मनोज चंद्रा, शंकरलाल भार्गव, ब्रिज नारायण मिश्रा, रूपा साहू, गीता चंद्राकर, ज्योति सक्सेना ने राज्य शासन से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, जनभावनाओं और पारंपरिक त्योहारों के महत्व को ध्यान में रखते हुए दीपावली अवकाश की व्यवस्था पर संवेदनशीलता के साथ पुनर्विचार किया जाए। इससे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा और प्रदेश की समृद्ध परंपराओं के संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

सतीस टंडन,संजीव मानिकपुरी, वेदप्रकाश साहू, छन्नुलाल साहू,प्रकाशचंद कांगे,वेदराम साहू, रोशन मंसूरे, देवकांत सिन्हा, चंद्रिका पाण्डेय, रमन शर्मा, अमित मैसी, नित्यानंद द्वेविदी, मनीष साहू, भूपेंद्र साहू, रवि नारायण देशमुख ने स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा जारी दीपावली अवकाश पर हैरानी जताते हुए कहा की मातर (भाईदूज ) जैसे महत्वपूर्ण पर्व जो भाई बहन के लिया बहुत ही खास दिन रहता है ऐसे महत्वपूर्ण पर्व मे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को अवकाश नही देना समझ से परे है मातर (भाईदूज )पर्व पर अवकाश की मांग को लेकर जल्दी ही नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का प्रतिनिधिमंडल माननीय मुख्यमंत्री जी, शिक्षा मंत्री जी व विभागीय अधिकारियो को ज्ञापन सौपेंगे।


 

Friday, September 25, 2026

भारी बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रदेश के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित करने की मांग



जर्जर स्कूल भवनों और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर नवीन शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री से अवकाश घोषित करने की किया अपील 

रायपुर- छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच नदी-नालों में बाढ़ की गंभीर संभावना तथा जर्जर स्कूल भवनों से विद्यार्थियों की सुरक्षा को उत्पन्न खतरे को देखते हुए नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ महिला प्रकोष्ठ की संगठन मंत्री डॉ. गंगा शरण पासी व प्रदेश सचिव गिरीश साहू ने प्रदेश के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में तत्काल अवकाश घोषित करने की मांग की है।

डॉ. गंगा शरण पासी ने प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री एवं स्कूल शिक्षा मंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रदेश के अनेक ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर आने की स्थिति में हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को स्कूल तक पहुंचने और वापस घर लौटने के दौरान दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

गिरीश साहू ने कहा कि प्रदेश के कई स्थानों पर स्कूल भवन पुराने एवं जर्जर अवस्था में हैं। लगातार बारिश के कारण ऐसे भवनों में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो सकती है। इसके अलावा बारिश के मौसम में जलभराव, दूषित पानी, मौसमी बीमारियों एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

“बच्चों की सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं”महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा जाटव, बलविंदर कौर, ज्योति सक्सेना, नंदिनी देशमुख, गीता चंद्राकर, रूपा साहू ने कहा कि प्रशासन को किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय एहतियाती कदम उठाते हुए समय रहते निर्णय लेना चाहिए। यदि मौसम की स्थिति प्रतिकूल बनी रहती है तो प्रदेश के सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों में अवकाश घोषित करना विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के हित में होगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री से मांग की कि प्रदेश की वर्तमान मौसम परिस्थितियों का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित करने पर शीघ्र निर्णय लिया जाए।

नवीन शिक्षक संघ ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस मांग पर संवेदनशीलता के साथ शीघ्र निर्णय लेंगे।

Wednesday, September 23, 2026

बैंक हड़ताल के कारण कर्मचारियों व शिक्षकों का वेतन नहीं रुकना चाहिए, सरकार शीघ्र दिशा-निर्देश जारी करे


नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ सरकार से की अपील

रायपुर - आगामी बैंक हड़ताल के कारण प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों एवं शिक्षकों के वेतन भुगतान में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संबंधित विभागों एवं कोषालयों को शीघ्र स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने राज्य सरकार से अपील करते हुए कहा कि बैंक हड़ताल के कारण कर्मचारियों एवं शिक्षकों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी कर्मचारी या शिक्षक को समय पर मिलने वाले वेतन से वंचित न होना पड़े।

प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, दुष्यन्त कुम्भकार, राजेश शुक्ला, रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू, अजय कड़व, नरेश गुप्ता, प्रकाश चंद कांगे, सतीस टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, ब्रिज नारायण मिश्रा, मनोज चंद्रा, शंकरलाल भार्गव ने कहा है कि कर्मचारियों और शिक्षकों का वेतन उनके परिवार की आवश्यकताओं से जुड़ा हुआ है। बैंकिंग सेवाओं में अस्थायी व्यवधान के कारण वेतन भुगतान रुकना उचित नहीं होगा। इसलिए सरकार को समय रहते आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी व्यवस्था करते हुए संबंधित विभागों को निर्देशित करना चाहिए 

महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा जाटव, बलविंदर कौर, गंगा शरण पासी, ज्योति सक्सेना, नंदिनी देशमुख, गीता चंद्राकर, रूपा साहू ने सरकार से मांग की है कि बैंक हड़ताल को ध्यान में रखते हुए वेतन भुगतान के संबंध में तत्काल दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश के किसी भी कर्मचारी या शिक्षकों की वेतन प्रभावित न हो।


Tuesday, September 22, 2026

विभागीय TET व B.Ed. के लिए जल्द दिशा-निर्देश जारी करे सरकार



शिक्षक साझा मंच ने मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री से की मांग, दिशा-निर्देश जारी नहीं होने से शिक्षकों में बढ़ रही निराशा

रायपुर- छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के लिए विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) एवं विभागीय B.Ed. को लेकर जल्द दिशा-निर्देश जारी करने की मांग शिक्षक साझा मंच ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री से की है। मंच के प्रदेश संचालक रविंद्र राठौर, विकास सिंह राजपूत, प्रदीप पाण्डेय एवं लैलून भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री के साथ हुई चर्चा के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों में विभागीय TET एवं B.Ed. को लेकर उम्मीद और उत्साह का माहौल बना था, लेकिन विभाग की ओर से अब तक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं होने से शिक्षकों में निराशा बढ़ रही है।

प्रदेश संचालक विकास सिंह राजपूत ने कहा कि विभागीय TET के संबंध में मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री द्वारा जल्द पहल किए जाने की बात कही गई थी। वहीं विभागीय B.Ed. के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की अपेक्षा है, ताकि प्रदेश के ऐसे शिक्षकों को इसका लाभ मिल सके जो वर्तमान में TET अथवा B.Ed. की निर्धारित योग्यता से वंचित हैं।

उन्होंने कहा कि विभागीय TET को वर्ष में तीन बार आयोजित कराने की बात भी चर्चा के दौरान सामने आई थी। ऐसे में मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री की मंशा के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग को बिना विलंब किए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करना चाहिए, जिससे शिक्षकों को आगे की तैयारी के लिए स्पष्टता मिल सके।

SCERT की बैठक में रखा गया विभागीय B.Ed. का प्रस्ताव

प्रदेश संचालक रविंद्र राठौर, प्रदीप पाण्डेय एवं लैलून भारद्वाज ने बताया कि SCERT की बैठक में शिक्षक साझा मंच की ओर से विभागीय B.Ed. को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव रखा गया था। मंच ने मांग की थी कि जो सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं व्याख्याता B.Ed. प्रशिक्षित नहीं हैं, उनके लिए विभागीय स्तर पर B.Ed. प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।

मंच के अनुसार इसके लिए NCERT से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के साथ-साथ प्रदेश के शासकीय एवं मान्यता प्राप्त निजी विश्वविद्यालयों में सीटों का आबंटन किया जा सकता है तथा शिक्षकों को ओपन एवं लचीली अध्ययन व्यवस्था के माध्यम से B.Ed. कराने की व्यवस्था बनाई जा सकती है।

शिक्षक साझा मंच ने कहा कि इससे कार्यरत शिक्षकों को अपनी सेवा प्रभावित किए बिना आवश्यक शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और बड़ी संख्या में शिक्षकों को इसका लाभ मिल सकेगा।

सरकार की घोषणा पर अब विभागीय आदेश का इंतजार है 

बसंत कौशिक, गिरीश साहू,मो. यासिर इरफ़ान ने कहा कि शिक्षकों में सरकार की पहल को लेकर सकारात्मक उम्मीद बनी है। अब आवश्यकता इस बात की है कि स्कूल शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री की मंशा के अनुरूप विभागीय TET और B.Ed. के संबंध में स्पष्ट, व्यावहारिक एवं शीघ्र दिशा-निर्देश जारी करे।

देवेंद्र हरमुख, अमितेश तिवारी, सिराज बख्श, दुष्यंत कुम्भकार, अश्वनी कुर्रे, अजय कड़व सहित शिक्षक साझा मंच के अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री से मांग की है कि इस विषय में विभाग को तत्काल निर्देशित कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए, ताकि प्रदेश के हजारों शिक्षकों को राहत मिल सके और विभागीय TET एवं B.Ed. की व्यवस्था को लेकर बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो। 

Tuesday, September 15, 2026

टीईटी की बाध्यता शिथिल करने सहित शिक्षकों की छह सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन



पूर्व प्रचलित नियमों के तहत पदोन्नति, पूर्व सेवा अवधि की गणना एवं पेंशनरों के लिए कैशलेस इलाज की मांग

राजनांदगांव - शिक्षकों एवं कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों के निराकरण को लेकर नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़, जिला इकाई राजनांदगांव के अध्यक्ष छन्नूलाल साहू के नेतृत्व मे मुख्यमंत्री के नाम छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कण्डेय के हाथों सौंपकर शिक्षकों के हित में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई।

शिक्षा साझा मंच के प्रदेश संचालक रविंद्र राठौर, विकास सिंह राजपूत, प्रदीप पाण्डेय एवं लैलून भारद्वाज के मार्गदर्शन में आयोजित इस पहल में नवीन शिक्षक संघ के जिला पदाधिकारियों ने शिक्षकों की समस्याओं को शासन के समक्ष प्रमुखता से रखा।

ज्ञापन में प्रमुख रूप से आरटीई लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की बाध्यता से मुक्त करने, पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति का अवसर प्रदान करने तथा आरटीई से संबंधित राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त सहायक शिक्षकों की पदोन्नति के लिए टीईटी एवं शिक्षकों की पदोन्नति के लिए बीएड प्रशिक्षण की बाध्यता में आवश्यक छूट देने की मांग की गई।

संघ ने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की पूर्व सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से करते हुए वेतन निर्धारण, वेतन विसंगति एवं पेंशन संबंधी लाभ प्रदान किया जाना चाहिए। इससे वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को उनके वास्तविक सेवाकाल के अनुरूप लाभ मिल सकेगा।

ज्ञापन में विधानसभा चुनाव के पूर्व मोदी गारंटी के अंतर्गत शिक्षकों एवं कर्मचारियों से किए गए वादों को शीघ्र पूरा करने तथा प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के संबंध में स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग भी रखी गई।

इसके साथ ही शिक्षक संवर्ग के लिए जल्द से जल्द स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की गई, ताकि लंबे समय से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को राहत मिल सके।

नवीन शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक एवं शीघ्र निर्णय लेते हुए प्रदेश के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं पेंशनरों के हित में आवश्यक आदेश जारी करने का आग्रह किया।

ज्ञापन सौंपने के अवसर पर नवीन शिक्षक संघ जिला राजनांदगांव के जिलाध्यक्ष छन्नूलाल साहू एवं जिला सचिव अजय कुमार कड़व, शशिकांत पंचभावे,प्रफुल्ल झा, राजमोहन श्रीवास्तव व रूपेंद्र कुमार साहू  सहित संघ के पदाधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।

मुख्य मांगें

टीईटी की बाध्यता में आवश्यक शिथिलीकरण।

पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति।

पूर्व सेवा अवधि की गणना कर वेतन एवं पेंशन लाभ।

चुनाव पूर्व किए गए वादों/घोषणाओं का शीघ्र क्रियान्वयन।

कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा।

शिक्षक संवर्ग के लिए शीघ्र स्थानांतरण नीति लागू करना।