Friday, June 19, 2026

शनिवार को हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों के संचालन समय पर पुनर्विचार करे सरकार : नवीन शिक्षक संघ

स्कूल शिक्षा विभाग को कक्षा 9 से 12 तक के सुबह स्कूल लगाने पर जल्दी निर्णय लेना चाहिए इस संबंध मे जल्दी ही नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का प्रतिनिधिमंडल संचालक महोदय से मुलाक़ात कर मांग पत्र सौंपकर शनिवार सुबह स्कूल लगाने की मांग को प्रमुखता से रखेंगे- विकास सिंह 

रायपुर - स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार शनिवार को प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं का संचालन प्रातः 7:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों का संचालन प्रातः 10:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस संबंध में नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने शासन से पुनर्विचार करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के कारण कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को शनिवार के आधे दिवस के अवकाश का लाभ नहीं मिल पाएगा। वर्षों से शनिवार को संचालित होने वाली शारीरिक, सांस्कृतिक, खेलकूद, स्काउट-गाइड, योग तथा अन्य सहशैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता के अवसर भी प्रभावित होंगे।

श्री राजपूत ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी कार्यक्रम भी अत्यंत आवश्यक हैं। शनिवार को पूर्णकालिक शाला संचालन से इन गतिविधियों के लिए समय नहीं मिल पाएगा, जिसका प्रतिकूल प्रभाव विद्यार्थियों पर पड़ सकता है।

नवीन शिक्षक संघ ने स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए भी शनिवार को शाला संचालन का समय पूर्व की भांति प्रातः 7:30 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आधे दिवस के अवकाश का लाभ मिल सके तथा विभिन्न सहशैक्षणिक गतिविधियों का संचालन सुचारू रूप से हो सके। 

Thursday, June 18, 2026

नवीन शिक्षक संघ की ऑनलाइन बैठक संपन्न, 28 जून को रायपुर में होगी पुनः बैठक बनेगी पूर्व सेवा अवधि गणना करने व टीईटी से राहत के लिए आंदोलन की रणनीति



रायपुर। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ की ऑनलाइन बैठक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व व प्रदेश पदाधिकारियों एवं विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा आगामी रणनीति तय की गई। संघ ने निर्णय लिया कि इन विषयों पर आगे की कार्ययोजना एवं आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए 28 जून को रायपुर में पुनः बैठक आयोजित की जाएगी।

बैठक में प्रमुख रूप से पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से देय समयमान वेतनमान के अनुसार वेतन एवं पेंशन निर्धारण के विषय पर चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों की पूर्व सेवा अवधि को मान्यता देते हुए उन्हें प्रथम नियुक्ति तिथि से समयमान वेतनमान एवं पेंशन का लाभ प्रदान किया जाना चाहिए।

दूसरे महत्वपूर्ण विषय के रूप में राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी (TET) से राहत देने की मांग पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाना न्यायसंगत होगा।

बैठक में VSK एप में लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। शिक्षकों ने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में सर्वर डाउन, लॉगिन संबंधी परेशानी एवं उपस्थिति रिकॉर्ड प्रदर्शित नहीं होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने मांग की कि विभाग इन तकनीकी खामियों को शीघ्र दूर करे ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों के हितों से जुड़े इन सभी मुद्दों को शासन एवं विभाग के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा तथा आवश्यक होने पर आगे व्यापक आंदोलन की रणनीति भी बनाई जाएगी। 28 जून को रायपुर में होने वाली बैठक में इन विषयों पर विस्तृत चर्चा कर आगामी निर्णय लिए जाएंगे। ऑनलाइन बैठक मे महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा जाटव, प्रदेश सचिव गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, अजय कड़व, ज्योति सक्सेना, दुष्यन्त कुम्भकार, नरेश गुप्ता, मनोज चंद्रा, नंदिनी देशमुख, सतीस टंडन, चंद्रिका पाण्डेय, वेदप्रकाश साहू, बसंत जोगी, रूपा साहू, भूपेंद्र कुमार, मनीष साहू, बलराम बंजारे, प्रेमलाल पाटिल, लोकेश साहू, चोवाराम देशलहरे, टूमन लाल भुआर्य सहित पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।

Tuesday, June 16, 2026

स्कूल खुलने के पहले दिन 39 डिग्री तापमान, विद्यार्थियों के हित में जल्द निर्णय ले सरकार : विकास सिंह राजपूत

भीषण गर्मी के बीच खुले स्कूल, लगातार मांग के बाद भी नहीं हुआ निर्णय में बदलाव

रायपुर -

प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी, उमस तथा कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट के बीच मंगलवार 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई। स्कूल खुलने के पहले ही दिन कई क्षेत्रों में तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में विद्यार्थियों, विशेषकर 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर चिंताएं एक बार फिर सामने आई हैं।

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों एवं पालकों द्वारा लगातार 1 जुलाई से स्कूल खोलने की मांग की गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने अपने पूर्व निर्धारित निर्णय में कोई बदलाव नहीं किया और प्रदेशभर के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में आज से कक्षाएं प्रारंभ हो गईं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक जिलों में तापमान अभी भी 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। ऐसी परिस्थितियों में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है। भीषण गर्मी को देखते हुए विभिन्न संगठनों द्वारा शिक्षा मंत्री एवं स्कूल शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर स्कूल खोलने की तिथि आगे बढ़ाने का अनुरोध भी किया गया था।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता, पर्याप्त पंखों की व्यवस्था तथा विद्यार्थियों को गर्मी से बचाने के आवश्यक उपायों को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। पालकों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी एवं उमस की स्थिति में बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन को पुनर्विचार करना चाहिए था।

वर्जन

"प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और उमस की स्थिति बनी हुई है। 6 से 14 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार को 1 जुलाई से स्कूल खोलने पर विचार करना चाहिए था। साथ ही सभी विद्यालयों में पेयजल एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।"

— विकास सिंह राजपूत

प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ 

Monday, June 15, 2026

VSK एप का सर्वर ठप, शिक्षकों की बढ़ी चिंता: ऑनलाइन उपस्थिति नहीं होने पर वेतन कटौती का जिम्मेदार कौन?

स्कूल खुलते ही प्रदेश भर के शिक्षक परेशान 

दुर्ग/रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के शिक्षकों को VSK एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, निर्धारित समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों के उस दिन का वेतन काटने संबंधी आदेश भी जारी किया गया है।

इसी बीच मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से VSK एप का सर्वर डाउन होने एवं तकनीकी खामियों के कारण शिक्षकों के ऑनलाइन चेक-इन नहीं हो पाने की शिकायतें सामने आई हैं। कई शिक्षकों ने स्क्रीनशॉट साझा कर बताया कि नेटवर्क एवं सर्वर संबंधी समस्याओं के कारण घंटों प्रयास करने के बावजूद उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी।

प्रदेश के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी पहले से ही एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में केवल ऑनलाइन माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था ने शिक्षकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। शिक्षकों का कहना है कि यदि तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है तो इसके लिए संबंधित शिक्षक को जिम्मेदार ठहराना न्यायसंगत नहीं होगा।

नवीन शिक्षक संघ ने इस पूरे मामले में विभाग से गंभीरतापूर्वक विचार करने की मांग करते हुए कहा है कि तकनीकी खामियों के चलते किसी भी शिक्षक का वेतन काटने जैसी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

वर्जन

"ग्रामीण क्षेत्रों में VSK एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में शिक्षकों को नेटवर्क संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। नेटवर्क या सर्वर की समस्या के कारण यदि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है और ऐसी स्थिति में शिक्षकों का वेतन काटा जाता है, तो आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? इस संबंध में विभाग को गंभीरता से विचार करना चाहिए। ऑनलाइन उपस्थिति के बजाय प्रदेश के सभी स्कूलों में बायोमेट्रिक डिवाइस लगाए जाने चाहिए, जिससे पारदर्शिता के साथ-साथ तकनीकी समस्याओं से भी बचा जा सके।"

— विकास सिंह राजपूत

प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़

Saturday, June 13, 2026

भीषण गर्मी व जल संकट को देखते हुए 16 जून से स्कूल खोलने के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग



रायपुर - नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी एवं उमस को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 16 जून 2026 से स्कूल खोलने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने माननीय शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन से इस विषय पर गंभीरता से संज्ञान लेने का आग्रह किया है।

वर्जन :

 वर्तमान में प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में भीषण गर्मी और अत्यधिक उमस का वातावरण बना हुआ है। ऐसे समय में छोटे-छोटे बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।


विकास सिंह राजपूत प्रदेश अध्यक्ष (नवीन शिक्षक संघ छ. ग.)

महिला प्रकोष्ठ प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, बलविंदर कौर, गंगा शरण पासी, नंदिनी देशमुख, ज्योति सक्सेना, गीता चंद्राकर, रूपा साहू ने सुझाव दिया है कि स्कूलों का संचालन 1 जुलाई 2026 से प्रारंभ करने पर विचार किया जाना चाहिए।

प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, दुष्यंत कुम्भकार, रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू, अजय कड़व, प्रकाश चंद कांगे, सतीस टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, राजेश शुक्ला, ब्रिज नारायण मिश्रा, शंकर लाल भार्गव, मनोज चंद्रा ने आगे कहा की प्रदेश के कई ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में भू-जल स्तर में गिरावट के कारण नलकूप एवं बोरिंग से पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। ऐसी परिस्थितियों में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

संजीव मानिकपुरी, वेद प्रकाश साहू, छन्नू लाल साहू, रमन शर्मा, हरिकांत अग्निहोत्री, अमित मैसी, वेदराम साहू, चंद्रिका पाण्डेय ने कहा कि विद्यालयों में पर्याप्त पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना स्कूल खोलना उचित नहीं होगा। इसलिए विद्यार्थियों के स्वास्थ्य हित को ध्यान में रखते हुए 16 जून से स्कूल खोलने के निर्णय पर एक बार पुनर्विचार कर आवश्यक निर्णय लिया जाना चाहिए। 

Wednesday, June 10, 2026

राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से राहत एवं सेवा सुरक्षा की मांग, प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेजा गया मांग पत्र



रायपुर, 10 जून। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ द्वारा राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षकों को TET अनिवार्यता से मुक्त रखते हुए उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री, भारत सरकार, केंद्रीय शिक्षामंत्री एवं सचिव, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार को ईमेल तथा स्पीड पोस्ट के माध्यम से मांग पत्र प्रेषित किया गया।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने बताया कि वर्ष 2017 में एनसीटीई द्वारा टीईटी संबंधी संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए गए, जिसके कारण राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत हजारों शिक्षक अनावश्यक प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। जबकि कई राज्यों में ऐसे शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए राहत प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के अर्जित अधिकारों एवं सेवा सुरक्षा को बनाए रखना आवश्यक है।

मांग पत्र में केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि राजपत्र प्रकाशन अथवा संशोधित नियम लागू होने से पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षकों को TET अनिवार्यता से मुक्त किया जाए तथा केवल TET की अनुपलब्धता के आधार पर किसी भी शिक्षक की सेवा, पदोन्नति एवं वेतन संबंधी लाभ प्रभावित नहीं किए जाएं। साथ ही सभी राज्यों के लिए एक समान दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।

संघ ने यह भी उल्लेख किया है कि वर्ष 2017 से 2026 तक बिना TET उत्तीर्ण किए अनेक शिक्षकों को पदोन्नति प्रदान की गई है, ऐसे में शेष बचे शिक्षकों के लिए TET को सेवा सुरक्षा का आधार बनाना न्यायोचित नहीं है। इसलिए मानवीय एवं न्यायसंगत दृष्टिकोण अपनाते हुए पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत प्रदान की जानी चाहिए।

स्पीड पोस्ट के माध्यम से मांग पत्र प्रेषित किए जाने के दौरान विकास सिंह राजपूत, उमा जाटव, गिरीश साहू, दुष्यंत कुंभकार, अमितेश तिवारी, संजीव मानिकपुरी, नंदिनी देशमुख, गीता चंद्राकर, संजय शर्मा, दीपक साहू, विनोद ठाकुर, राकेश धनकर एवं मनोज जोशी उपस्थित रहे।

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने केंद्र सरकार से शिक्षकों के व्यापक हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।

Tuesday, June 9, 2026

टीईटी-बी.एड. राहत की मांग को लेकर संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग से मिले नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधि



दुर्ग, 09 जून 2026। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग से मुलाकात कर वर्ष 2017 के एनसीटीई/आरटीई संशोधन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी एवं बी.एड. अनिवार्यता से राहत प्रदान करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

संघ ने ज्ञापन में बताया कि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत वर्ष 2017 में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यताओं में संशोधन किया गया, जिसके बाद प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी तथा पदोन्नति हेतु बी.एड. योग्यता को अनिवार्य माना जाने लगा। संघ का तर्क है कि इस संशोधन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति तत्कालीन प्रचलित नियमों एवं योग्यताओं के आधार पर हुई थी, इसलिए उन पर बाद में लागू किए गए प्रावधानों का प्रतिकूल प्रभाव नहीं डाला जाना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2017 से अप्रैल 2026 तक स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अनेक शिक्षकों की बिना टीईटी एवं बिना बी.एड. के पदोन्नति की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभागीय स्तर पर इन प्रावधानों का एक समान पालन नहीं हुआ। ऐसी स्थिति में शेष बचे शिक्षकों को पदोन्नति एवं सेवा लाभों से वंचित करना प्राकृतिक न्याय एवं समानता के सिद्धांतों के विपरीत होगा।

संघ ने मांग की कि वर्ष 2017 के पूर्व नियुक्त समस्त शिक्षकों को टीईटी एवं बी.एड. अनिवार्यता से पूर्ण छूट प्रदान की जाए, साथ ही 2017 से 2026 के बीच पदोन्नत शिक्षकों के समान शेष पात्र शिक्षकों को भी राहत दी जाए। इसके अतिरिक्त सेवारत शिक्षकों के लिए एकमुश्त विशेष शिथिलीकरण (One Time Relaxation) प्रदान करने तथा टीईटी अथवा बी.एड. के अभाव में किसी भी शिक्षक की पदोन्नति, वेतनवृद्धि, क्रमोन्नति अथवा अन्य सेवा लाभ प्रभावित नहीं करने के स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग भी की गई।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के हजारों शिक्षक वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। ऐसे शिक्षकों के अर्जित सेवा अधिकारों की रक्षा करना शासन की नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शासन शिक्षक हितों एवं व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेकर प्रभावित शिक्षकों को राहत प्रदान करेगा।

ज्ञापन सौंपने वालों में नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश, संभाग एवं जिला स्तर के पदाधिकारी एवं शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

वर्जन – विकास सिंह राजपूत, प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़:

"वर्ष 2017 के संशोधन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवाएं तत्कालीन नियमों के अनुसार हुई हैं। वर्षों तक सेवा देने वाले शिक्षकों के अर्जित अधिकारों की रक्षा करते हुए उन्हें टीईटी एवं बी.एड. अनिवार्यता से राहत प्रदान की जानी चाहिए, ताकि किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो।"

तथ्य: वर्ष 2017 में शिक्षक शिक्षा संबंधी नियमों में संशोधन के बाद न्यूनतम योग्यताओं के प्रावधानों को लेकर विभिन्न राज्यों में व्याख्या एवं न्यायिक परीक्षण की स्थिति बनी रही है।

प्रतिनिधिमंडल मे प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा जाटव प्रदेश सचिव गिरीश साहू, प्रदेश कोषाध्यक्ष अमितेश तिवारी, संगठन मंत्री दुष्यन्त कुंभकार, महिला प्रकोष्ठ सचिव नंदिनी देशमुख, जिला अध्यक्ष संजीव मानिकपुरी, ब्लॉक अध्यक्ष धमधा संजय शर्मा, दुर्ग दीपक साहू, गीता चंद्राकर, विनोद ठाकुर, राकेश धनकर, मनोज जोशी, छगन लाल गेंड्रे, अशोक देवांगन, अनिल मार्कण्डेय, तीरथ मार्कण्डेय आदि शामिल

Friday, June 5, 2026

शासकीय कर्मचारियों के कैशलेस इलाज के दिशा-निर्देश जारी करने की मांग, स्वास्थ्य संचालक से मिला नवीन शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल

 विधानसभा बजट सत्र मे केसलेस इलाज की घोषणा के महीनो बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों को केसलेस इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है शासन स्तर पर जल्दी ही दिशा -निर्देश जारी होना चाहिए - विकास सिंह 

रायपुर। प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिलाने की दिशा में नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने पहल करते हुए स्वास्थ्य विभाग के संचालक से मुलाकात कर शीघ्र दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि विधानसभा के बजट सत्र में प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज सुविधा की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इसके कारण कर्मचारियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

संघ ने स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया कि शासन स्तर पर जल्द से जल्द आवश्यक आदेश एवं दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारी और उनके परिवार बिना आर्थिक परेशानी के गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकें।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कैशलेस इलाज व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को गंभीर बीमारी या आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल उपचार उपलब्ध हो सकेगा तथा उन्हें इलाज के लिए आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर विषय पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है। नवीन शिक्षक संघ ने उम्मीद जताई है कि कर्मचारियों के हित में जल्द ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

मुख्य बिंदु

🔹 बजट सत्र में हुई थी कैशलेस इलाज की घोषणा

🔹 अब तक जारी नहीं हुए हैं संचालन संबंधी दिशा-निर्देश

🔹 नवीन शिक्षक संघ ने स्वास्थ्य संचालक को सौंपा ज्ञापन

🔹 कर्मचारियों को शीघ्र लाभ दिलाने की मांग

🔹 प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

प्रतिनिधिमंडल मे प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत सहित गिरीश साहू, गंगा शरण पासी, सतीस टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, तीरथ मार्कण्डेय, अशोक देवांगन शामिल थे।

Wednesday, June 3, 2026

शिक्षक पदोन्नति सूची में भारी गड़बड़ी: नवीन शिक्षक संघ ने सचिव को सौंपा ज्ञापन, सूची निरस्त करने की मांग



रायपुर | 04 जून 2026 छत्तीसगढ़ में शिक्षक संवर्ग की पदोन्नति को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज शिक्षा विभाग के सचिव से मुलाकात की। संघ ने पदोन्नति हेतु जारी वरिष्ठता सूची में व्याप्त गंभीर त्रुटियों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए एक मांग पत्र सौंपा है।


वरिष्ठता सूची पर उठे गंभीर सवाल

प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी सूची में विसंगतियों की भरमार है। प्रमुख आपत्तियां निम्नलिखित हैं:


उल्टा हुआ क्रम: कई वरिष्ठ शिक्षकों को कनिष्ठ (Junior) और कनिष्ठों को वरिष्ठ (Senior) दर्शाया गया है।


विषय की त्रुटि: कला संकाय के शिक्षकों को विज्ञान और गणित विषय का बता दिया गया है।


पुरानी सूची का दोहराव: पदाधिकारियों का आरोप है कि विभाग ने मेहनत करने के बजाय अप्रैल 2025 की पुरानी सूची को ही बिना संशोधन के दोबारा चस्पा कर दिया है।


मृत और सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम: सूची में उन शिक्षकों के नाम भी शामिल हैं जिनका निधन हो चुका है या जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं। यहाँ तक कि पदोन्नति का त्याग करने वाले शिक्षकों के नाम भी बिना किसी टिप्पणी के शामिल हैं।


संघ की प्रमुख मांगें

प्रतिनिधिमंडल में शामिल गिरीश साहू, उमा जाटव और अन्य पदाधिकारियों ने सचिव से स्पष्ट मांग की है कि:


वर्तमान त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता सूची को तत्काल निरस्त किया जाए।


संभाग और जिला स्तर से अद्यतन (Updated) जानकारी मंगाकर अपात्र, दिवंगत और सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम हटाए जाएं।


01 अप्रैल 2026 की स्थिति के आधार पर नई और त्रुटिरहित सूची प्रकाशित कर दावा-आपत्ति मंगाई जाए।


"विभाग द्वारा मृत और रिटायर्ड शिक्षकों के नाम सूची में रखना प्रशासनिक लापरवाही का प्रमाण है। जब तक सूची सुधारी नहीं जाती, पात्र शिक्षकों के साथ न्याय नहीं होगा।" - प्रतिनिधिमंडल, नवीन शिक्षक संघ


सचिव ने दिया सुधार का आश्वासन

प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान शिक्षा सचिव ने स्पष्ट किया कि वर्तमान प्रक्रिया 01 अप्रैल 2025 की स्थिति के अनुसार की जा रही है। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि सूची में तकनीकी या मानवीय त्रुटियां हैं, तो उनका गंभीरता से परीक्षण कर सुधार कराया जाएगा। सचिव ने यह भी कहा कि जल्द ही 01 अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार नई वरिष्ठता सूची जारी करने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।


प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल:

विकास सिंह राजपूत, गिरीश साहू, प्रकाश चंद कांगे, मनोज चंद्रा, बृजनारायण शर्मा, उमा जाटव, गंगाशरण पासी, बलविंदर कौर, तीरथ मार्कण्डेय, अशोक देवांगन सहित संघ के अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Tuesday, June 2, 2026

शिक्षा सचिव से शिक्षक प्रतिनिधि मंडल की अहम चर्चा: 'राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त रखने की मांग

लाखो शिक्षकों के हित मे नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्षविकास सिंह राजपूत ने पुरे तथ्यों के साथ स्कूल शिक्षा सचिव छ. ग. शासन से किया चर्चा 



रायपुर। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश के उन लाखों शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से मुक्त रखने की पुरजोर मांग की, जिनकी नियुक्ति एवं पदोन्नति संबंधित राजपत्र के प्रकाशन से पूर्व हो चुकी थी।


2017 से 2025 तक विभाग ने अंधेरे में रखा: विकास सिंह राजपूत

शिक्षा सचिव से चर्चा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि:


NCERT का संशोधन: वर्ष 2017 में NCERT द्वारा नियमों में संशोधन कर प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्ति और पदोन्नति हेतु TET को अनिवार्य किया गया था।


विभाग की लापरवाही: स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा साल 2017 से लेकर 2025 तक इस संबंध में न तो कोई दिशा-निर्देश जारी किए गए और न ही विद्यालयों में सेवारत शिक्षकों को इसकी कोई जानकारी दी गई।


लाखों शिक्षकों का नुकसान: विभाग द्वारा समय पर जानकारी न दिए जाने के कारण प्रदेश के लाखों शिक्षक इस परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। ऐसे में अब उन पर यह नियम थोपना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।


"TET लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों ने तत्कालीन निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के तहत सेवा में प्रवेश किया था। बाद में लागू किए गए प्रावधानों को पिछली तारीखों से प्रभावी करना किसी भी दृष्टिकोण से न्यायसंगत नहीं है।" > — विकास सिंह राजपूत, प्रदेश अध्यक्ष (नवीन शिक्षक संघ छ.ग.)


अन्य राज्यों की तर्ज पर पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग

प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा सचिव के सामने मांग रखी कि हजारों शिक्षकों के भविष्य और हितों को ध्यान में रखते हुए शासन को एक स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। संघ ने प्रमुखता से मांग की है कि देश के अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग भी शिक्षकों के हित में पुनर्विचार याचिका (Review Petition) दायर करे।


शिक्षा सचिव ने दिया आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन

शिक्षक संघ की दलीलों और तथ्यों को सुनने के बाद, शिक्षा सचिव ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि संघ द्वारा प्रस्तुत मांगों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग द्वारा ऐसी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी जिससे किसी भी सेवारत शिक्षक के साथ अन्याय न हो।


प्रतिनिधि मंडल में ये रहे शामिल: इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के साथ मुख्य रूप से तीरथ मार्कण्डेय, अशोक देवांगन, अनिल मार्कण्डेय और सतीस टंडन उपस्थित थे।

Thursday, May 28, 2026

विधानसभा बजट सत्र मे शासकीय कर्मचारियों को केसलेस इलाज के सुविधा की घोषणा महीनो बीतने के बाद भी जारी नही दिशा निर्देश स्वास्थ्य विभाग जल्दी जारी करे दिशा - निर्देश -- विकास सिंह



रायपुर - नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश सचिव गिरीश साहू ने बताया है की प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को शासन द्वारा इलाज हेतु मान्यता प्राप्त शासकीय एवं निजी चिकित्सालय मे केसलेस इलाज के लिए लगातार प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व मे मुख्यमंत्री जी, वित्त मंत्री जी, स्वास्थ्य मंत्री जी व विभागीय अधिकारियो को ज्ञापन सौंपकर केसलेस इलाज की मांग किया जा रहा था जिसके बाद बीते विधानसभा बजट सत्र मे वित्त मंत्री जी द्वारा बजट भाषण मे प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों की केसलेस इलाज के लिए ऐतिहासिक घोषणा किया गया जिससे प्रदेश के कर्मचारियों मे खुशी व उत्साह का संचार हुआ प्रदेश के समस्त कर्मचारियों ने वित्त मंत्री जी के घोषणा का स्वागत किया वही नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने आगे कहा की वित्त मंत्री जी द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों के लिए केसलेस इलाज हेतु घोषणा किये महीनो बीत जाने के बाद भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग छ. ग. शासन द्वारा कोई भी दिशा -निर्देश जारी नही किया गया है जिसके कारण प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को अपने व अपने आश्रित परिजनों के इलाज मे आर्थिक परेशानियों के कारण काफ़ी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों बीमार होने पर अपने व अपने आश्रित परिजनों के इलाज के बाद चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि के लिए विभागीय चक़्कर लगाकर परेशान हो रहे है जिसके कारण प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों व परिजनों को गंभीर आर्थिक, शारीरिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, गंगा शरण पासी, बलविंदर कौर, ज्योति सक्सेना,नंदनी देशमुख, गीता चंद्राकर, रूपा साहू,प्रकाश चंद कांगे, चंद्रशेखर रात्रे,रूपेंद्र सिन्हा, अजय कड़व, संजय साहू, अमितेश तिवारी, दुष्यंत कुम्भकार,सतीस टंडन, ब्रिज नारायण मिश्रा, मनोज चंद्रा, शंकर लाल भार्गव, राजेश शुक्ला ने माननीय मुख्यमंत्री जी, वित्त मंत्री जी, स्वास्थ्य मंत्री जी से निवेदन किया है की जल्दी ही प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के लिए केसलेस इलाज हेतु दिशा - निर्देश जारी करने हेतु स्वास्थ्य विभाग छ. ग. शासन के जिम्मेदार अधिकारियो को निर्देशित किया जाय जिससे प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को अपने व अपने आश्रित परिजनों के इलाज के लिए शासन द्वारा मान्यता प्राप्त शासकीय व निजी अस्पताल मे केसलेस इलाज कराने मे सुविधा का लाभ मिल सके।

Sunday, May 24, 2026

त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता सूची को निरस्त कर जल्दी ही 01/04/2026 के अनुसार त्रुटि रहित वरिष्ठता सूची प्रकाशित कर शिक्षक संवर्ग को पदोन्नति दिया जाय



रायपुर - नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने बयान जारी कर लोक शिक्षण संचालनालय इंद्रावती भवन अटल नगर नवा रायपुर के द्वारा शिक्षक संवर्ग के पदोन्नति हेतु वरिष्ठता प्रकाशित किया गया है जिसमे व्यापक रूप से त्रुटि नजर आ रहा है ऐसे त्रुटि पूर्ण वरिष्ठता सूची को तत्काल निरस्त कर 01/04 /2026 के अनुसार त्रुटि रहित वरिष्ठता सूची प्रकाशित कर शिक्षक संवर्ग को पदोन्नति दिया जाना चाहिए नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, प्रकाश चंद कांगे, मनोज चंद्रा, बृजनारायण मिश्रा , शंकरलाल भार्गव,अजय कड़व, रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू, अमितेश तिवारी, दुष्यन्त कुम्भकार, चंद्र शेखर रात्रे, सतीस टंडन, राजेश शुक्ला ने जानकारी दिया है की लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा शिक्षकों के पदोन्नति के लिए प्रकाशित वरिष्ठता सूची को देखने से ही पता चलता है की पुरानी सूची को बिना सुधारे हूबहू अप्रेल 2025 के अनुसार प्रकाशित कर दिया गया है जिसमे कई शिक्षकों का वरिष्ठता क्रम में भारी परिवर्तन हुआ है जो शिक्षक वरिष्ठ है उसे कनिष्ठ बना दिया गया है जिसके कारण कई वरिष्ठ शिक्षकों का नाम पदक्रम में काफ़ी नीचे आ गया है साथ ही विषय के स्थान में भी त्रुटि देखने को मिला है जिसमे जिसमे कला संकाय वाले शिक्षकों के विषय को विज्ञान, गणित दर्ज कर दिया गया है महिला प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, गंगा शरण पासी,बलविंदर कौर, नंदिनी देशमुख, रूपा साहू, गीता चंद्राकर, ज्योति सक्सेना ने आगे बताया की लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा प्रकाशित सूची में जिन शिक्षकों का निधन हो गया है,सेवानिवृत शिक्षकों व पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों का नाम भी प्रकाशित वरिष्ठता सूची से विलोपित नही किया गया है यहां तक की जिन शिक्षकों ने पदोन्नति लेने इंकार कर दिए है व पदोन्नति के बाद कार्यभार ग्रहण नही किये है ऐसे शिक्षकों का नाम भी वरिष्ठता सूची में बिना किसी टिप्पणी के दर्ज है प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने आगे कहा की अप्रेल 2025 के अनुसार त्रुटि पूर्ण वरिष्ठता सूची के कारण कई पात्र शिक्षकों को पदोन्नति से वंचित रहना पड़ सकता है इसलिए लोक शिक्षण संचालनालय को वर्तमान में जारी त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता सूची को निरस्त कर प्रदेश के समस्त सयुंक्त संचालक शिक्षा संभाग व जिला शिक्षा अधिकारियो को निर्देशित कर पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों, सेवानिवृत हुए शिक्षकों, निधन हुए शिक्षकों,पदोन्नति के बाद कार्यभार ग्रहण नही करने वाले शिक्षकों व पदोन्नति से इंकार करने वाले शिक्षकों के नाम विलोपित कर  शिक्षकों के नाम को वरिष्ठता के अनुसार सही पद क्रम में रखकर अप्रेल 2026 के अनुसार वरिष्ठता सूची प्रकाशित कर शिक्षकों से दावा आपत्ति मंगाकर दावा आपत्ति के निराकरण पश्चात त्रुटि रहित वरिष्ठता सूची प्रकाशित किया जाय जिससे पात्र शिक्षकों का पदोन्नति किया जा सके इस संबंध में जल्दी ही नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का प्रतिनिधिमंडल सचिव व संचालक स्कूल शिक्षा विभाग छ. ग. शासन से मुलाक़ात कर ज्ञापन सौंपकर त्रुटि रहित वरिष्ठता सूची प्रकाशित करने की मांग को प्रमुखता से रखेंगे।

Saturday, April 11, 2026

जनगणना कार्य करने रिजर्व व एसआरआई मे संलग्न शिक्षकों कर्मचारियों को मानदेय भुगतान की मांग को सौंपा ज्ञापन

कार्य क्षेत्र से अन्य जगह जनगणना कार्य मे ड्यूटी नही लगाने की मांग नवीन शिक्षक संघ द्वारा 

दुर्ग - नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश सचिव गिरीश साहू के नेतृत्व मे संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधीश दुर्ग को ज्ञापन सौंपकर रिजर्व जनगणना कर्मी व एसआरआई मे संलग्न शिक्षकों व कर्मचारियों को मानदेय भुगतान करने, शिक्षकों की जनगणना कार्य हेतु स्थानीय स्तर पर लगाने व कार्य स्थल के बजाय दूसरे जगह एसआरआई कार्य मे संलग्न शिक्षकों को टीए /डीए देने की मांग को प्रमुखता से रखा नवीन शिक्षक संघ प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा है की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य जनगणना हेतु शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों का ड्यूटी रिजर्व कर्मी के रूप संलग्न किया गया है लेकिन रिजर्व कर्मियों के मानदेय के संबंध मे कोई स्पष्ट दिशा -निर्देश नही है जिसके कारण रिजर्व मे संलग्न कर्मी के मन मे मानदेय को लेकर भ्रम की स्थिति है वही एसआईआर मे संलग्न कई शिक्षकों का अपने कार्य स्थल से दूर अन्य गांव/शहर मे ड्यूटी लगा दिया गया था जिसे टीए /डीए सहित मानदेय का भुगतान नही किया गया है इस संबंध मे प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर को पहल कर जिम्मेदारी पूर्वक अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों को मानदेय भुगतान हो सके रिजर्व जनगणना कर्मियों व एसआईआर मे संलग्न शिक्षकों को मानदेय भुगतान हेतु राज्य शासन स्तर पर मानदेय भुगतान हेतु दिशा -निर्देश जारी करना चाहिए।गिरीश साहू,संजीव मानिकपुरी,दुष्यन्त कुंभकार, बी प्रकाश,मनोज जोशी,दीपक साहू,आनंद पांडे,प्रकाश हिरवानी,रितेश जोशी, कमलेश्वर गंगवाल, टोमन लाल साहू, छबिलाल साहू, भूपेंद्र कुमार, सुधा बल्हारिया आदि प्रतिनिधिमंडल मे शामिल थे

Tuesday, April 7, 2026

जिला शिक्षाधिकारी दुर्ग ने तीनो बीईओ को दिए निर्देश नवीन शिक्षक संघ के मांग पर कार्यवाही करने




त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता सूची को अप्रेल 2026 की स्थिति मे सुधार कर जल्दी ही सहायक शिक्षकों व शिक्षकों को रिक्त पदो पर पदोन्नति देने की मांग 

दुर्ग -नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, दुष्यन्त कुम्भकार व जिलाध्यक्ष संजीव मानिकपुरी के नेतृत्व मे प्रतिनिधि मंडल ने सयुंक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग व जिला शिक्षाधिकारी दुर्ग से मुलाक़ात कर 01/04 /2026 की स्थिति मे जारी वरिष्ठता सूची मे व्यापक त्रुटि होने की जानकारी देते हुए त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता सूची को सुधारकर जल्दी ही संचालक लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशानुसार 01/04/2026 की स्थिति मे पदोन्नत, पदोन्नति से इंकार, पदोन्नति लेने से असहमत मृत्यु, व सेवानिवृत शिक्षकों का नाम विलोपित कर पूरी पारदर्शिता के साथ सूची जारी कर दावा आपत्ति करने हेतु पात्र शिक्षकों को पर्याप्त अवसर देने, सहायक शिक्षकों का रिक्त प्रधान पाठक प्राथमिक शाला  व विषयवार शिक्षक, शिक्षकों का रिक्त प्रधान पाठक माध्यमिक शाला मे जल्दी पदोन्नति देने व अवकाश के दिनों मे कार्य करने वाले शिक्षकों से आवेदन मांगकर ब्लॉक स्तर पर सर्विस बुक मे अर्जित अवकाश संधारण किये जाने हेतु सभी बीईओ को निर्देशित करने की मांग को प्रमुखता से रखा जिस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए जिला शिक्षाधिकारी दुर्ग ने नवीन शिक्षक संघ के मांग पत्र जल्दी ही नियमानुसार कार्यवाही करने हेतु पाटन, दुर्ग व धमधा के विकास खंड शिक्षाधिकारीयो को पत्र जारी कर निर्देशित किये है प्रतिनिधिमंडल मे गिरीश साहू,दुष्यन्त कुंभकार,संजीव मानिकपुरी,बी. प्रकाश,मनोज जोशी,दीपक साहू,आनंद पांडे,प्रकाश हिरवानी,रितेश जोशी, कमलेश्वर गंगवाल, टोमन लाल साहू, छबिलाल साहू, भूपेंद्र कुमार, सुधा बल्हारिया आदि शामिल थे।

Monday, April 6, 2026

त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता सूची को अप्रेल 2026 की स्थिति मे सुधार कर जल्दी ही सहायक शिक्षकों व शिक्षकों को रिक्त पदो पर पदोन्नति देने की मांग

अवकाश अवधि मे किये कार्य को सेवा पुस्तिका मे अर्जित अवकाश के रूप मे दर्ज करने की मांग 

दुर्ग -नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, दुष्यन्त कुम्भकार व जिलाध्यक्ष संजीव मानिकपुरी के नेतृत्व मे प्रतिनिधि मंडल ने सयुंक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग व जिला शिक्षाधिकारी दुर्ग से मुलाक़ात कर 01/04 /2026 की स्थिति मे जारी वरिष्ठता सूची मे व्यापक त्रुटि होने की जानकारी देते हुए त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता सूची को सुधारकर जल्दी ही संचालक लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशानुसार 01/04/2026 की स्थिति मे पदोन्नत, पदोन्नति से इंकार, पदोन्नति लेने से असहमत मृत्यु, व सेवानिवृत शिक्षकों का नाम विलोपित कर पूरी पारदर्शिता के साथ सूची जारी कर दावा आपत्ति करने हेतु पात्र शिक्षकों को पर्याप्त अवसर देने, सहायक शिक्षकों का रिक्त प्रधान पाठक प्राथमिक shala  व विषयवार शिक्षक, शिक्षकों का रिक्त प्रधान पाठक माध्यमिक शाला मे जल्दी पदोन्नति देने व अवकाश के दिनों मे कार्य करने वाले शिक्षकों से आवेदन मांगकर ब्लॉक स्तर पर सर्विस बुक मे अर्जित अवकाश संधारण किये जाने हेतु सभी बीईओ को निर्देशित करने की मांग को प्रमुखता से रखा जिस पर चर्चा करते हुए सयुंक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग व जिला शिक्षाधिकारी दुर्ग ने नवीन शिक्षक संघ के मांग पत्र जल्दी ही नियमानुसार कार्यवाही करने की बात कही है प्रतिनिधिमंडल मे गिरीश साहू,दुष्यन्त कुंभकार,संजीव मानिकपुरी,बी. प्रकाश,मनोज जोशी,दीपक साहू,आनंद पांडे,प्रकाश हिरवानी,रितेश जोशी, कमलेश्वर गंगवाल, टोमन लाल साहू, छबिलाल साहू, भूपेंद्र कुमार, सुधा बल्हारिया आदि शामिल थे।

Saturday, April 4, 2026

- टीईटी के अनिवार्यता के खिलाफ देश की राजधानी दिल्ली में हुए आंदोलन में छत्तीसगढ़ के हजारों शिक्षक हुए शामिल



भाजपा के वरिष्ठ सांसद जगदंबिका पाल ने मंच में पहुंचकर आंदोलन का किया समर्थन... कहा किसी भी शिक्षकों के साथ नहीं होगा कोई अन्याय... इस मुद्दे पर वे स्वयं प्रधानमंत्री एवं शिक्षामंत्री से मिलकर करेंगे हस्तक्षेप की मांग 

  रायपुर - नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने बताया है की देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में चार अप्रेल को टेट (टीईटी) की अनिवार्यता के विरोध में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले देशभर के शिक्षकों का राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन हुआ। 

       राष्ट्रीय स्तर के इस आंदोलन मे


छत्तीसगढ़ प्रदेश से टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश चंद कांगे व महिला प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष बलविंदर कौर के नेतृत्व में नवीन शिक्षक संघ सहित अन्य संगठनों की शिक्षक हजारों की संख्या मे शामिल हुए।

        राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदार जैन ने बताया कि यह आंदोलन टीईटी के अनिवार्यता को रद्द करने, काला कानून वापस लेने तथा शिक्षकों की नौकरी पर मंडरा रहे खतरे को खत्म करने के लिए हो रहा है। 

       नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश चंद कांगे व महिला प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष बलविंदर कौर ने कहा की टीईटी की अनिवार्यता संबंधी काला कानून आने के बाद पूरे देश भर के शिक्षकों की नौकरी खतरे में है। जिसके कारण देशभर के शिक्षकों में सरकार के केंद्र एवं राज्य सरकारों के प्रति काफी ज्यादा आक्रोश निर्मित हो गया है।

      भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सांसद जगदंबिका पाल आज स्वयं आंदोलन के दौरान रामलीला मैदान में मंच पर पहुंचकर शिक्षकों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि देश में किसी भी शिक्षकों के साथ कोई सहित नहीं होने दिया जाएगा। इस मुद्दे पर वे स्वयं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान से बात करेंगे।

         वही टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनीष मिश्रा ने आगे कहा कि यदि सरकार इसके बाद भी हरकत में नहीं आती है और उक्त काला कानून को वापस नहीं लेती है तो आने वाले दिनों में देशभर के विभिन्न राज्यों के साथ साथ छत्तीसगढ़ में भी व्यापक आंदोलन होगा।

      छत्तीसगढ़ से आज के उक्त आंदोलन में टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदार जैन, मनीष मिश्रा, प्रांताध्यक्षगण रविन्द्र राठौर, कमलेश बिसेन, प्रदीप पांडे, रामचंद सोनवंशी,प्रकाश चंद कांगे, बालविन्दर कौर, फागुआ राम भुआर्य,ममता खालसा, संतोष टांडे, अजय गुप्ता,रितिका कावड़े, रूपा मरकाम, चंदुलाल साहू, नारायण चन्द्रवंशी, बृजेश राणा, सेवकराम कोमरे, जैन सिंह चन्द्रवंशी, तुमेश्वर विश्वकर्मा आदि के नेतृत्व में विभिन्न शिक्षक संगठनों के जिला ब्लाक अध्यक्ष, पदाधिकारियों सहित हजारों की संख्या में शिक्षक सम्मिलित हुए।

Tuesday, March 24, 2026

सहायक शिक्षक से शिक्षक व रिक्त प्रधान पाठक प्राथमिक /माध्यमिक की जल्दी ही पदोन्नति सूची जारी करने की रखी मांग



दुर्ग - नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश सचिव गिरीश कुमार साहू व जिलाध्यक्ष संजीव मानिकपुरी के नेतृत्व मे सयुंक्त संचालक शिक्षा संभाग के नाम से ज्ञापन सौंपकर स्कूल शिक्षा विभाग छ. ग. शासन द्वारा विषयवार नई भर्ती व पदोन्नति हेतु राजपत्र प्रकाशित करने के बाद अब सहायक शिक्षकों की विषयवार व रिक्त प्राथमिक प्रधान पाठक के पदोन्नति सूची जारी करने के साथ ही पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक पदोन्नति मे असहमति व्यक्त व पदोन्नति पश्चात कार्यभार ग्रहण नही करने वाले शिक्षकों के स्थान पर जारी वरिष्ठता सूची से रिक्त पदो पर सहायक शिक्षकों व शिक्षकों का पदोन्नति प्रक्रिया जल्दी ही शुरू करने की मांग को प्रमुखता से रखा है दुर्ग ब्लॉक अध्यक्ष दीपक साहू व धमधा ब्लॉक अध्यक्ष संजय शर्मा, नरेंद्र साहू, प्रेम प्रताप ठाकुर, रुपेश बंजारे ने जल्दी प्राथमिक /माध्यमिक के रिक्त प्रधान पाठक के पद व सहायक शिक्षकों के विषयवार पदोन्नति सूची करने की मांग करते हुए सयुंक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग से शिक्षक संवर्ग के हित मे जल्दी निर्णय लेने की बात कही।

Friday, March 13, 2026

विद्यार्थियों को भीषण गर्मी से राहत मिले सुबह पाली मे शाला संचालन के लिए निर्देश जारी करने की मांग

 पड़ोसी जिला राजनांदगाँव व धमतरी मे शाला संचालन सुबह पाली मे करने हेतु निर्देश जारी -संजीव मानिकपुरी 

 

दुर्ग - नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के जिलाध्यक्ष दुर्ग संजीव मानिकपुरी ब्लॉक अध्यक्ष धमधा संजय शर्मा, पाटन जागेश्वर चंद्राकर, दुर्ग दीपक साहू ने जिला शिक्षा अधिकारी जिला दुर्ग से मांग किया है की मार्च माह मे भीषण गर्मी से विद्यार्थियों की सेहत को ध्यान मे रखते हुए शाला का संचालन सुबह पाली मे करने का निर्देश जारी किया जाय जिससे सरकारी व निजी स्कूल मे पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को भीषण गर्मी से राहत मिल सके जिलाध्यक्ष संजीव मानिकपुरी ने बताया है की 16 मार्च 2026 से  जिला मे पाँचवी व आठवीं केंद्रीयकृत परीक्षा का आगाज हो रहा है परीक्षा का समय 9 बजे निर्धारित किया गया है वही पहली, दूसरी, तीसरी, चौथी, छठवीं, व सातवीं कक्षा के विद्यार्थियों सहित पाँचवी व आठवीं के विद्यार्थियों को परीक्षा नही होने की तारीख मे शाला मे पढ़ाई हेतु कितने बजे बुलाना है इस संबंध मे जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा कोई दिशा निर्देश जारी नही किया गया है वही पड़ोसी जिला राजनांदगाँव, धमतरी मे जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा शाला संचालन सुबह के पाली मे करने हेतु निर्देश जारी किया जा चूका है दुर्ग जिला मे भी विद्यार्थियों को गर्मी से राहत देने के लिए सुबह शाला संचालन के लिए दिशा निर्देश जारी किया जाना चाहिए।

Thursday, March 12, 2026

भीषण गर्मी को देखते हुए शाला संचालन सुबह 7.30 से किया जाय एवं 9 वीं व 11 वीं की स्थानीय परीक्षा सुबह के सत्र मे सम्पन्न किया जाय



रायपुर - नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के महिला प्रकोष्ठ पदाधिकारी उमा जाटव, गंगा शरण पासी, बलविंदर कौर, नंदिनी देशमुख, ज्योति सक्सेना, गीता चंद्राकर, रूपा साहू ने स्कूल शिक्षा विभाग छ. ग. शासन से मांग किया है की भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यार्थियों के सेहत को नुकसान  न हो इसलिए पुरे प्रदेश मे शाला संचालन हेतु सुबह 7.30 से किये जाने हेतु निर्देशित करने साथ ही नवमी व ग्यारहवीं की स्थानीय परीक्षा भीषण गर्मी से विद्यार्थियों को राहत देने के लिए स्थानीय परीक्षा सुबह के सत्र मे किये जाने हेतु निर्देशित करने की मांग किया है जिससे प्रदेश के स्कूलो मे पढ़ने वाले लाखो विद्यार्थियों को राहत मिल सके।

Friday, March 6, 2026

मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा पूर्व सेवा अवधि की गणना कर पेंशन व वेतन विसंगति को दूर करने व टीईटी पात्रता से मुक्त रखने की रखने सहित पांच सूत्रीय मांग पत्र



बालोद - नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व मे पूर्व सेवा अवधि की गणना कर पेंशन व वेतन विसंगति को दूर करने, नियम लागू होने के पहले नियुक्त व पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों को टीईटी पात्रता परीक्षा से मुक्त रखने सहित पांच सूत्रीय मांग को लेकर लगातार अभियान चला रहे है प्रथम चरण मे जिला शिक्षा अधिकारी व कलेक्टर के माध्यम से मांग पत्र मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जा रहा है जल्दी ही द्वितीय चरण की शुरुवात किया जायेगा प्रथम चरण अभियान के अंतर्गत नवीन शिक्षक संघ का जिला प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश साहू के नेतृत्व में अपर कलेक्टर अजय किशोर लकड़ा के माध्यम से सौंपा मांग पत्र।

जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश साहू ने बताया कि प्रांताध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के निर्देशानुसार 5 सूत्री मांग का ज्ञापन मुख्यमंत्री एवं  स्कूल शिक्षामंत्री के नाम सौंपा गया है।जिससे की लंबित मांगो पर शीघ्र कोई निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा लिया जाकर शिक्षक संवर्ग को राहत पहुँचाया जावे।

संघ की पांच सूत्री मांग

जिला संयोजक हिलेश्वर देवांगन एवं सचिव प्रवीण पांडेय ने बताया कि  संघ की 5 सूत्री मांग है:-

1) पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से देय समयमान वेतनमान के अनुसार पेंशन व वेतन निर्धारण कर वेतन में व्याप्त विसंगति दूर किया जाय।

2)नियम लागू होने से पहले भर्ती व पदोन्नति प्राप्त शिक्षक संवर्ग हेतु टी ई टी  की बाध्यता समाप्त किया जाय व व्याख्याता पदोन्नति हेतु पूर्व की भांति डीएड व बी एड प्रशिक्षित शिक्षकों को पदोन्नति प्रदान किया जाय।

3) शिक्षक संवर्ग हेतु शासन द्वारा मान्यता प्राप्त निजी व शासकीय हॉस्पिटल से कैशलेस इलाज प्रारम्भ किया जाय।

4) माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार पेंशन की गणना व सोना साहू की तर्ज पर क्रमोन्नती वेतनमान हेतु समस्त शिक्षक एल बी संवर्ग के लिए जनरल आदेश जारी किया जाय।

5)राज पत्र प्रकाशन पश्चात शीघ्रसहायक शिक्षक व शिक्षक संवर्ग की पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण किया जावे।

ज्ञापन सौंपने जिला प्रतिनिधि मंडल में जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश साहू,संयोजक हिलेश्वर देवांगन सचिव प्रवीण पांडेय जिला संगठन सचिव तोमन साहू,बालोद ब्लॉक अध्यक्ष लोकेश साहू सचिव उमेश साहू व गुंडरदेही ब्लॉक अध्यक्ष बलराम बंजारे उपस्थित थे 


           

Friday, February 27, 2026

टीईटी मे छूट व पूर्व सेवा अवधि की गणना कर वेतन व पेंशन मे व्याप्त विसंगति दूर करने की मांग मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा



दुर्ग - नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के दिशा -निर्देश मे रायपुर जिला व कोरबा जिला के बाद दुर्ग जिला मे प्रदेश सचिव गिरीश साहू व प्रदेश कोषाध्यक्ष अमितेश तिवारी के नेतृत्व मे माननीय गजेंद्र यादव जी शिक्षामंत्री छ. ग. शासन के शासकीय कार्यालय मे पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से देय समयमान वेतनमान के अनुसार वेतन  व पेंशन का निर्धारण कर वेतन व पेंशन मे व्याप्त विसंगति को दूर करने,नियम लागू होने के पहले भर्ती व पदोन्नत शिक्षक संवर्ग को टीईटी पात्रता परीक्षा से मुक्त रखने,शिक्षक संवर्ग को शासकीय व मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल मे केसलेस इलाज की सुविधा प्रदान करने,माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार पुरानी पेंशन की गणना व श्रीमती सोना साहू जी की तरह क्रमोन्नत वेतनमान हेतु जनरल आदेश जारी करने एवं राजपत्र प्रकाशन पश्चात् जल्दी ही शिक्षक संवर्ग को पदोन्नति देने की मांग को प्रमुखता से रखते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी व माननीय शिक्षामंत्री जी के नाम ज्ञापन सौंपा गया ज्ञापन सौपने के बाद प्रदेश सचिव गिरीश साहू ने कहा की पूर्व सेवा अवधि की गणना नही करने से अभी वर्तमान मे सेवानिवृत होने वाले शिक्षक एलबी संवर्ग को पेंशन नही मिलने के कारण अपने व अपने परिवार के भरण -पोषण करने मे अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है उम्र के अंतिम पड़ाव मे रोजी मजदूरी कर जीवन निर्वहन करना पड़ रहा है इसलिए सरकार नियम क़ानून मे संशोधन कर शिक्षक एलबी संवर्ग को पूर्व सेवा अवधि की गणना कर पुरानी पेंशन का लाभ व देय समयमान वेतनमान के अनुसार वेतन का निर्धारण कर वेतन मे व्याप्त विसंगति को दूर करने की मांग किया है जिससे मोदी गारंटी की पूर्ति किया जा सके प्रदेश कोषाध्यक्ष अमितेश तिवारी ने कहा है की माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद श्रीमती सोना साहू जी को स्कूल शिक्षा विभाग व पंचायत विभाग से क्रमोन्नत वेतनमान दिया गया है श्रीमती सोना साहू जी की तरह प्रदेश के समस्त शिक्षक संवर्ग जो पंचायत व शिक्षा विभाग मे सफलता पूर्वक दस वर्ष पूर्ण कर चुके है ऐसे शिक्षक एलबी संवर्ग के लिए राज्य शासन द्वारा क्रमोन्नत वेतनमान देने हेतु जनरल आदेश जारी किया जाना चाहिए जिलाध्यक्ष दुर्ग संजीव मानिकपुरी, पवन सिंह, सुनील स्वर्णकार, राकेश धनकर, संजय मानिकपुरी, व डोमनलाल देवांगन ने कहा की नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के महत्वपूर्ण मांग केसलेस इलाज के लिए बजट भाषण मे माननीय वित्त मंत्री जी के घोषणा का स्वागत करते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी, स्वास्थ मंत्री जी, व वित्त मंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत को सफल प्रयास के लिए बधाई देते हुए पुरानी पेंशन व वेतन विसंगति को दूर करवाने हेतु नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का संघर्ष मांग पूर्ति तक जारी रखने का संकल्प दोहराया है साथ दुर्ग जिला के समस्त शिक्षकों से अपील किया है आने वाले निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार रहे।

Thursday, February 26, 2026

वेतन व पेंशन मे व्याप्त विसंगति को दूर कर मोदी गारंटी को पूरा करने की मांग मुख्यमंत्री जी व शिक्षामंत्री जी के नाम सौंपा ज्ञापन

 कोरबा - नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के जिला अध्यक्ष चंद्रिका पाण्डेय के नेतृत्व मे जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से देय समयमान वेतनमान के अनुसार वेतन  व पेंशन का निर्धारण कर वेतन व पेंशन मे व्याप्त विसंगति को दूर करने,नियम लागू होने के पहले भर्ती व पदोन्नत शिक्षक संवर्ग को टीईटी पात्रता परीक्षा से मुक्त रखने,शिक्षक संवर्ग को शासकीय व मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल मे केसलेस इलाज की सुविधा प्रदान करने,माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार पुरानी पेंशन की गणना व श्रीमती सोना साहू जी की तरह क्रमोन्नत वेतनमान हेतु जनरल आदेश जारी करने एवं राजपत्र प्रकाशन पश्चात् जल्दी ही शिक्षक संवर्ग को पदोन्नति देने की मांग को प्रमुखता से रखते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी व माननीय शिक्षामंत्री जी के नाम ज्ञापन सौंपा गया ज्ञापन सौपने के बाद जिलाध्यक्ष चंद्रिका पाण्डेय व कोषाध्यक्ष जयप्रकाश झा ने कहा की पूर्व सेवा अवधि की गणना नही करने से अभी वर्तमान मे सेवानिवृत होने वाले शिक्षक एलबी संवर्ग को पेंशन नही मिलने के कारण अपने व अपने परिवार के भरण -पोषण करने मे अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है उम्र के अंतिम पड़ाव मे रोजी मजदूरी कर जीवन निर्वहन करना पड़ रहा है इसलिए सरकार नियम क़ानून मे संशोधन कर शिक्षक एलबी संवर्ग को पूर्व सेवा अवधि की गणना कर पुरानी पेंशन का लाभ व देय समयमान वेतनमान के अनुसार वेतन का निर्धारण कर वेतन मे व्याप्त विसंगति को दूर करने की मांग किया है जिससे मोदी गारंटी की पूर्ति किया जा सके ब्लॉक अध्यक्ष पोड़ी -उपरोड़ा रुपेश कुमार चौहान, शिवकुमार चंदा, रामनारायण चौहान, उमेश कुमार, जानू वैष्णव ने नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के महत्वपूर्ण मांग केसलेस इलाज के लिए बजट भाषण मे माननीय वित्त मंत्री जी के घोषणा का स्वागत करते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी, स्वास्थ मंत्री जी, व वित्त मंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत को सफल प्रयास के लिए बधाई देते हुए पुरानी पेंशन व वेतन विसंगति को दूर करवाने हेतु नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का संघर्ष मांग पूर्ति तक जारी रखने का संकल्प दोहराया है साथ कोरबा जिला के समस्त शिक्षकों से अपील किया है आने वाले निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार रहे।

Tuesday, February 24, 2026

प्रथम नियुक्ति तिथि से गणना करने, टीईटी उत्तीर्ण बाध्यता समाप्त करने एवं केसलेस इलाज के लिए मुख्यमंत्री जी व शिक्षा मंत्री जी के नाम मांग पत्र सौंपा गया



रायपुर - नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के महिला प्रकोष्ठ प्रदेश पदाधिकारी व रायपुर जिला प्रभारी ड़ॉ. गंगा शरण पासी के नेतृत्व मे जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से देय समयमान वेतनमान के अनुसार वेतन  व पेंशन का निर्धारण कर वेतन व पेंशन मे व्याप्त विसंगति को दूर करने,नियम लागू होने के पहले भर्ती व पदोन्नत शिक्षक संवर्ग को टीईटी पात्रता परीक्षा से मुक्त रखने,शिक्षक संवर्ग को शासकीय व मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल मे केसलेस इलाज की सुविधा प्रदान करने,माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार पुरानी पेंशन की गणना व श्रीमती सोना साहू जी की तरह क्रमोन्नत वेतनमान हेतु जनरल आदेश जारी करने एवं राजपत्र प्रकाशन पश्चात् जल्दी ही शिक्षक संवर्ग को पदोन्नति देने की मांग को प्रमुखता से रखते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी व माननीय शिक्षामंत्री जी के नाम ज्ञापन सौंपा गया ज्ञापन सौपने के बाद ड़ॉ गंगा शरण पासी ने कहा की पूर्व सेवा अवधि की गणना नही करने से अभी वर्तमान मे सेवानिवृत होने वाले शिक्षक एलबी संवर्ग को पेंशन नही मिलने के कारण अपने व अपने परिवार के भरण -पोषण करने मे अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है उम्र के अंतिम पड़ाव मे रोजी मजदूरी कर जीवन निर्वहन करना पड़ रहा है इसलिए सरकार नियम क़ानून मे संशोधन कर शिक्षक एलबी संवर्ग को पूर्व सेवा अवधि की गणना कर पुरानी पेंशन का लाभ व वेतन का निर्धारण कर वेतन विसंगति को दूर करने की मांग किया है ड़ॉ गंगा शरण पासी ने नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के महत्वपूर्ण मांग केसलेस इलाज के लिए बजट भाषण मे माननीय वित्त मंत्री जी के घोषणा का स्वागत करते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी, स्वास्थ मंत्री जी, व वित्त मंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत को सफल प्रयास के लिए बधाई देते हुए पुरानी पेंशन व वेतन विसंगति को दूर करवाने हेतु नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का संघर्ष मांग पूर्ति तक जारी रखने का संकल्प दोहराया है।

Wednesday, January 28, 2026

खोपली शिक्षा रत्न से सम्मानित हुए शासकीय प्राथमिक शाला खोपली के शिक्षक गिरीश साहू




 उतई-शासकीय प्राथमिक शाला खोपली के शिक्षक श्री गिरीश साहू को गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में सरपंच श्रीमती मंजू वर्मा ,उपसरपंच देवेंद्र भारती ने शिक्षा ,समाज,और बच्चो के विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए खोपली शिक्षा रत्न सम्मान से साल श्रीफल प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। गिरीश साहू ने अपने शाला ,शिक्षा,और बच्चो के लिए निरंतर  विकास के लिए बेहतर कार्य किए।उनके प्रयास से बच्चो में बेहतर कलात्मकता का विकास हुआ,उनके प्रयास से शाला भवन को प्रिंट रिच वातावरण और सुसज्जित करने का प्रयास किया और सफल हुए।बच्चो के साथ बेहतर मेल जोल ,शिक्षक साथियों के साथ बढ़िया तालमेल से शाला विकास के कार्य किए शिक्षा रत्न खोपली से सम्मानित शिक्षक गिरीश साहू ने बच्चो व स्कूल के विकास व गुणवत्तापूर्वक शिक्षा के लिए अनेक प्रयास किये जिसमे 1/मुख्यमंत्री जतन योजना से एक बड़ा अम्बेडकर हाल का निर्माण

2/प्रोजेक्टर ,कंप्यूटर की उपलब्धता

3/दुर्ग जिले के लगभग एक लाख बच्चो को विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से स्वेटर,कॉपी,बैग,

4/नशामुक्ति ,पर्यावरण संरक्षण,स्वच्छता अभियान 

5/समाज हित,छात्र हित एवं जन जागरुकता करना प्रमुख है ।शासकीय प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक कुमार साहू पूर्व प्रधान पाठक छबिलाल रघुवंशी,,दीपक साहु, रामेश्वरी चंदेल,रोशनी चंद्राकर ,संतोषी कश्यप एवम् ग्राम पंचायत खोपली के सरपंच मंजू वर्मा उपसरपंच देवेंद्र भारती,रमेश वर्मा,पूर्व सरपंच फत्ते लाल वर्मा,प्राचार्य वीणा दुबे,संकुल समन्वयक इंद्रेश बंजार, पूर्व प्रधान पाठक हरिश्चंद्र देवांगन ,बी आर सपहा,जनपद सदस्य बिंदु दिनेश देशलहरे, समस्त शालेय एवं ग्रामवासियों ने गिरीश साहू  को उत्कृष्ट कार्य में खोपली शिक्षा रत्न सम्मान मिलने पर बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है।

Wednesday, January 14, 2026

बेमेतरा व बालोद मे VSK एप मोबाईल मे डाऊनलोड करने का विरोध जिला कलेक्टर व जिला शिक्षाधिकारी को सचिव /संचालक शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौपकर ऑनलाइन उपस्थिति हेतु प्रदेश के समस्त स्कूलो मे बायोमेट्रिक प्रणाली लगाने की मांग



रायपुर - प्रदेश के सरकारी स्कूलो मे कार्यरत शिक्षकों व विद्यार्थियों की VSK एप को मोबाईल मे डाऊनलोड कर ऑनलाइन बायोमैट्रिक उपस्थिति के लिए शिक्षा विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है जिसका प्रदेश के समस्त शिक्षकों द्वारा विरोध किया जा रहा है इस संबंध मे नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ उमा जाटव व जिला बालोद के अध्यक्ष वेदप्रकाश साहू के नेतृत्व मे जिला कलेक्टर व जिला शिक्षाधिकारी बेमेतरा व बालोद को सचिव /संचालक स्कूल शिक्षा विभाग छ. ग. शासन के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों के स्वयं के मोबाईल मे VSK एप डाऊनलोड कर शिक्षकों व विद्यार्थियों की ऑनलाइन बायोमैट्रिक उपस्थित दर्ज करने हेतु विभाग द्वारा निर्देश का विरोध किया है और ऑनलाइन उपस्थिति हेतु राज्य के समस्त सरकारी स्कूलो मे बायोमैट्रिक प्रणाली लगाने या फिर पूर्व मे दिए गए बायोमैट्रिक टेबलेट को सुधार व अपडेट कर शिक्षकों व विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की मांग को प्रमुखता से रखा है प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ उमा जाटव व जिला अध्यक्ष बालोद वेदप्रकाश साहू ने बताया है की प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के मार्गदर्शन मे आधार बेस VSK एप स्वयं के मोबाईल मे डाऊनलोड कर ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध पुरे प्रदेश मे किया जा रहा है और सचिव /संचालक शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा जा रहा है दोनों पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा की एक शिक्षक का मोबाईल वर्तमान मे मध्यान भोजन, दीक्षा, छात्रवृत्ति, निष्ठा, FLN, माँ के नाम एक पेड़, वीरगाथा, विनोबा, CGTBC,जाति प्रमाण पत्र, सांसद खेल,नवभारत साक्षरता, स्केनर, पिक्सल, एक्सेल शीट सहित विभिन्न प्रकार के एप विभागीय कार्य के लिए शिक्षकों द्वारा डाऊनलोड करने के कारण शिक्षकों के मोबाईल पूर्णतः विभागीय मोबाईल बन चूका है यहाँ तक की 64 GB स्पेस वाले मोबाईल विभागीय एप डाऊनलोड करने के कारण ठीक से कार्य भी नही कर पा रहे है इसके साथ ही कई प्रकार के ऑनलाइन विभागीय कार्य भी शिक्षकों को अपने मोबाइल से करना पड़ता जिसके लिए विभाग द्वारा न तो मोबाईल भत्ता दिया जाता है और न ही चश्मा भत्ता दिया जाता है आगे उमा जाटव व वेदप्रकाश साहू ने कहा की प्रदेश के कोई भी शिक्षक ऑनलाइन बायोमैट्रिक उपस्थिति का विरोध नही कर रहा है सभी शिक्षक ज़ब समय पर स्कूल जाते है और स्कूल से समय पर वापस आते है तो ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध का सवाल ही नही उठता है, विरोध सिर्फ शिक्षकों के स्वयं के मोबाइल से Vsk एप डाऊनलोड कर अपना व विद्यार्थियों के उपस्थिति दर्ज करने को लेकर है, इसलिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा समस्त सरकारी स्कूलो मे अन्य विभाग की तरह ऑनलाइन उपस्थिति हेतु बायोमैट्रिक प्रणाली लगाना चाहिए या फिर पूर्व मे दिए गए बायोमैट्रिक टेबलेट को सुधार  व अपडेट कर पुनः ऑनलाइन उपस्थिति के लिए निर्देश जारी किया जाना चाहिए नवीन शिक्षक संघ छ. ग. ने शिक्षकों से अपील किया है की कोई भी शिक्षक अपने स्वयं के मोबाईल मे VSK एप डाऊनलोड नही करे हम सब एकजुट होकर विभाग के इस निर्णय का विरोध करेंगे।

Saturday, January 10, 2026

ऑनलाइन उपस्थिति के लिए शासन लगाए बायोमैट्रिक सिस्टम स्वयं के मोबाईल से VSK एप डाऊनलोड करने से शिक्षकों ने किया इंकार




कोरबा -नवीन शिक्षक संघ जिला कोरबा के अध्यक्ष चन्द्रिका पाण्डेय ने बयान जारी कर कहा है की प्रदेश के सरकारी स्कूलो मे कार्यरत शिक्षकों व विद्यार्थियों की VSK एप को मोबाईल मे डाऊनलोड कर ऑनलाइन बायोमैट्रिक उपस्थिति के लिए शिक्षा विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है और लगातार शिक्षकों को मोबाईल मे VSK एप डाऊनलोड करने दबाव बनाया जा रहा है जिसका प्रदेश के समस्त शिक्षकों द्वारा विरोध किया जा रहा है जिला पदाधिकारी जय प्रकाश झा ने बताया है की नवीन शिक्षक संघ  जिला अध्यक्ष चंद्रिका पाण्डेय के नेतृत्व मे जिला शिक्षाधिकारी कोरबा को सचिव /संचालक स्कूल शिक्षा विभाग छ. ग. शासन के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों के स्वयं के मोबाईल मे VSK एप डाऊनलोड कर शिक्षकों व विद्यार्थियों की ऑनलाइन बायोमैट्रिक उपस्थित दर्ज करने हेतु विभाग द्वारा निर्देश का विरोध किया है और ऑनलाइन उपस्थिति हेतु राज्य के समस्त सरकारी स्कूलो मे बायोमैट्रिक प्रणाली लगाने या फिर पूर्व मे दिए गए बायोमैट्रिक टेबलेट को सुधार व अपडेट कर शिक्षकों व विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की मांग को प्रमुखता से रखा है प्रदेश पदाधिकारी मनोज चंद्रा,शंकरलाल भार्गव ने बताया है की प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के मार्गदर्शन मे आधार बेस VSK एप स्वयं के मोबाईल मे डाऊनलोड कर ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध पुरे प्रदेश मे किया जा रहा है और सचिव /संचालक शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा जा रहा है प्रदेश पदाधिकारी मनोज चंद्रा,शंकरलाल भार्गव, जिला अध्यक्ष चंद्रिका पाण्डेय व जिला कोषाध्यक्ष जय प्रकाश झा ने स्पष्ट कहा की एक शिक्षक का मोबाईल वर्तमान मे मध्यान भोजन, दीक्षा, छात्रवृत्ति, निष्ठा, FLN, माँ के नाम एक पेड़, वीरगाथा, विनोबा, CGTBC,जाति प्रमाण पत्र, सांसद खेल,नवभारत साक्षरता, स्केनर, पिक्सल, एक्सेल शीट सहित विभिन्न प्रकार के एप विभागीय कार्य के लिए शिक्षकों द्वारा डाऊनलोड करने के कारण शिक्षकों के मोबाईल पूर्णतः विभागीय मोबाईल बन चूका है यहाँ तक की 64 GB स्पेस वाले मोबाईल विभागीय एप डाऊनलोड करने के कारण ठीक से कार्य भी नही कर पा रहे है इसके साथ ही कई प्रकार के ऑनलाइन विभागीय कार्य भी शिक्षकों को अपने मोबाइल से करना पड़ता जिसके लिए विभाग द्वारा न तो मोबाईल भत्ता दिया जाता है और न ही चश्मा भत्ता दिया जाता है प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, उमा जाटव, गंगा शरण पासी, बलविंदर कौर, ब्रिज नारायण मिश्रा ने कहा की प्रदेश के कोई भी शिक्षक ऑनलाइन बायोमैट्रिक उपस्थिति का विरोध नही कर रहा है सभी शिक्षक ज़ब समय पर स्कूल जाते है और स्कूल से समय पर वापस आते है तो ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध का सवाल ही नही उठता है, विरोध सिर्फ शिक्षकों के स्वयं के मोबाइल से Vsk एप डाऊनलोड कर अपना व विद्यार्थियों के उपस्थिति दर्ज करने को लेकर है, इसलिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा समस्त सरकारी स्कूलो मे अन्य विभाग की तरह ऑनलाइन उपस्थिति हेतु बायोमैट्रिक प्रणाली लगाना चाहिए या फिर पूर्व मे दिए गए बायोमैट्रिक टेबलेट को सुधार  व अपडेट कर पुनः ऑनलाइन उपस्थिति के लिए निर्देश जारी किया जाना चाहिए नवीन शिक्षक संघ छ. ग. ने शिक्षकों से अपील किया है की कोई भी शिक्षक अपने स्वयं के मोबाईल मे VSK एप डाऊनलोड नही करे हम सब एकजुट होकर विभाग के इस निर्णय का विरोध करेंगे।प्रतिनिधिमंडल मे रामनारायण चौहान, राजू झा,हरिशंकर दिवाकर,उमेश श्रीवास, जयकुमार शर्मा, नंदकिशोर, शिवकुमार चंद्रा शामिल थे।

Monday, January 5, 2026

VSK एप मोबाईल मे डाऊनलोड करने का विरोध जिला कलेक्टर व जिला शिक्षाधिकारी को सचिव /संचालक शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौपकर ऑनलाइन उपस्थिति हेतु प्रदेश के समस्त स्कूलो मे बायोमेट्रिक प्रणाली लगाने की मांग



रायपुर - प्रदेश के सरकारी स्कूलो मे कार्यरत शिक्षकों व विद्यार्थियों की VSK एप को मोबाईल मे डाऊनलोड कर ऑनलाइन बायोमैट्रिक उपस्थिति के लिए शिक्षा विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है जिसका प्रदेश के समस्त शिक्षकों द्वारा विरोध किया जा रहा है इस संबंध मे नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश पदाधिकारी व जिला बलौदाबाजार भाठापारा प्रभारी सतीस टंडन के नेतृत्व जिला कलेक्टर व जिला शिक्षाधिकारी को सचिव /संचालक स्कूल शिक्षा विभाग छ. ग. शासन के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों के स्वयं के मोबाईल मे VSK एप डाऊनलोड कर शिक्षकों व विद्यार्थियों की ऑनलाइन बायोमैट्रिक उपस्थित दर्ज करने हेतु विभाग द्वारा निर्देश का विरोध किया है और ऑनलाइन उपस्थिति हेतु राज्य के समस्त सरकारी स्कूलो मे बायोमैट्रिक प्रणाली लगाने या फिर पूर्व मे दिए गए बायोमैट्रिक टेबलेट को सुधार व अपडेट कर शिक्षकों व विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की मांग को प्रमुखता से रखा है प्रदेश पदाधिकारी सतीस टंडन ने बताया है की प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के मार्गदर्शन मे आधार बेस VSK एप स्वयं के मोबाईल मे डाऊनलोड कर ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध पुरे प्रदेश मे किया जा रहा है और सचिव /संचालक शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा जा रहा है प्रदेश पदाधिकारी सतीस टंडन ने स्पष्ट कहा की एक शिक्षक का मोबाईल वर्तमान मे मध्यान भोजन, दीक्षा, छात्रवृत्ति, निष्ठा, FLN, माँ के नाम एक पेड़, वीरगाथा, विनोबा, CGTBC,जाति प्रमाण पत्र, सांसद खेल,नवभारत साक्षरता, स्केनर, पिक्सल, एक्सेल शीट सहित विभिन्न प्रकार के एप विभागीय कार्य के लिए शिक्षकों द्वारा डाऊनलोड करने के कारण शिक्षकों के मोबाईल पूर्णतः विभागीय मोबाईल बन चूका है यहाँ तक की 64 GB स्पेस वाले मोबाईल विभागीय एप डाऊनलोड करने के कारण ठीक से कार्य भी नही कर पा रहे है इसके साथ ही कई प्रकार के ऑनलाइन विभागीय कार्य भी शिक्षकों को अपने मोबाइल से करना पड़ता जिसके लिए विभाग द्वारा न तो मोबाईल भत्ता दिया जाता है और न ही चश्मा भत्ता दिया जाता है आगे प्रदेश पदाधिकारी सतीस टंडन ने कहा की प्रदेश के कोई भी शिक्षक ऑनलाइन बायोमैट्रिक उपस्थिति का विरोध नही कर रहा है सभी शिक्षक ज़ब समय पर स्कूल जाते है और स्कूल से समय पर वापस आते है तो ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध का सवाल ही नही उठता है, विरोध सिर्फ शिक्षकों के स्वयं के मोबाइल से Vsk एप डाऊनलोड कर अपना व विद्यार्थियों के उपस्थिति दर्ज करने को लेकर है, इसलिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा समस्त सरकारी स्कूलो मे अन्य विभाग की तरह ऑनलाइन उपस्थिति हेतु बायोमैट्रिक प्रणाली लगाना चाहिए या फिर पूर्व मे दिए गए बायोमैट्रिक टेबलेट को सुधार  व अपडेट कर पुनः ऑनलाइन उपस्थिति के लिए निर्देश जारी किया जाना चाहिए नवीन शिक्षक संघ छ. ग. ने शिक्षकों से अपील किया है की कोई भी शिक्षक अपने स्वयं के मोबाईल मे VSK एप डाऊनलोड नही करे हम सब एकजुट होकर विभाग के इस निर्णय का विरोध करेंगे।

Thursday, January 1, 2026

घंटी बजाकर स्कूल मे आने वाले व घंटी बजाकर स्कूल से जाने वाले शिक्षकों को बायोमेट्रिक्स ऑनलाइन उपस्थिति से कोई विरोध नही विभाग लगाए बायोमेट्रिक्स ऑनलाइन उपस्थिति सिस्टम -विकास सिंह राजपूत



रायपुर - नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने बयान जारी कर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बायोमेट्रिक्स ऑनलाइन उपस्थिति शिक्षकों के लिये अनिवार्य किये जाने पर शिक्षकों द्वारा कोई विरोध नही किया जा रहा है क्योंकि शिक्षक ही एक ऐसा शासकीय कर्मचारी है जो स्कूल मे उपस्थिति के समय घंटी बजाकर सामान्य जनता को संदेश देते है की स्कूल खुल चूका है वही स्कूल बंद करने के पहले घंटी बजाकर सामान्य जन मानस को सूचित करते है की स्कूल बंद हो चूका है स्कूल खोलने व बंद करने के समय घंटी बजाकर पुरे गांव को सूचना देने वाले शिक्षकों को बायोमेट्रिक्स ऑनलाइन उपस्थिति से कोई विरोध हो ही नही सकता विरोध सिर्फ एक ही बात से है और वो है शिक्षकों के अपने निजी मोबाईल से VSK ऐप को डाऊनलोड कर अपने निजी खर्च से डेटा चलाकर अपनी व विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने को लेकर है अगर विभाग को शिक्षकों व विद्यार्थीयी की बायोमेट्रिक्स ऑनलाइन उपस्थिति जरूरी लगता है तो प्रत्येक सरकारी स्कूलो मे ऑनलाइन उपस्थिति हेतु बायोमेट्रिक्स उपस्थिति सिस्टम लगा देना चाहिए साथ ही ऑनलाइन उपस्थिति सहित विभिन्न प्रकार के सरकारी कार्य को ऑनलाइन करने हेतु विभागीय आदेश समय -समय पर प्रसारित होते रहते है जो शिक्षकों द्वारा अपने स्वयं के खर्च से अपने स्वयं के निजी मोबाईल से कार्य किया जाता है ऐसे विभन्न प्रकार के ऑनलाइन कार्यों हेतु शिक्षकों को प्रतिमाह 500 रूपये  डेटा भत्ता व प्रत्येक स्कूलो मे एक मोबाईल अनिवार्य रूप से दिया जाना चाहिए जिससे विभाग द्वारा निर्देशित किये जाने वाले हर ऑनलाइन कार्य को शिक्षकों को करने मे परेशानी न हो अभी वर्तमान मे देखा जा रहा है की विभाग द्वारा प्रत्येक कार्य को ऑनलाइन स्वयं के मोबाईल मे करने हेतु जबरदस्ती दबाव बनाया जाता है  जिस पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगना चाहिए शिक्षकों का निजी मोबाईल शिक्षकों का ही रहे बजाय सरकारी मोबाईल न बने प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने पुनः कहा है की समय पर अपनी उपस्थिति देने वाले समस्त शिक्षकों को बायोमेट्रिक्स ऑनलाइन उपस्थिति से कोई विरोध नही है विभाग द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति हेतु प्रतिमाह डाटा खर्च एवं बायोमेट्रिक्स उपस्थिति सिस्टम प्रत्येक सरकारी स्कूलो मे लगवाया जाय उसके बाद ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य किया जाय।