Tuesday, September 15, 2026
Friday, September 11, 2026
विभागीय टेट पूर्व प्रचलित नियमानुसार पदोन्नति तथा बीएड ब्रिज कोर्स हेतु विधायक ने की पहल विधायक से मिले संघ प्रतिनिधिमंडल
कोयलीबेडा - आज नवीन शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक श्री विक्रम देव उसेंडी जी के साथ मिला। संघ के पदाधिकारी ने 27 अगस्त को शिक्षा साझा मंच द्वारा आयोजित रक्षा सूत्र, न्याय यात्रा के दौरान शिक्षा मंत्री तथा मुख्यमंत्री को राखी बांधने के समय प्रदेश की शिक्षिका बहनों को दिए गए उपहार स्वरूप आश्वासन को विधायक महोदय जी को विस्तार से बताया तथा उनसे पहल करने की अपील की।यह भी निवेदन किया गया कि,वरिष्ठ शिक्षकों की वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए पुरानी प्रचलित पदोन्नति नियम के अनुसार पदोन्नति एवं सेवा सुरक्षा दिया जाए, क्योंकि, टीईटी . की डेडलाइन 2028 तक है। तथा नान बी.एड. शिक्षकों को बी.एड.ब्रिज कोर्स विभाग के माध्यम से करवाया जाए।
इस पर विधायक महोदय जी ने माननीय शिक्षामंत्री से बात करने का आश्वासन दिया और अपने निज सचिव श्री वाजपेई जी से कहा कि 11:00 बजे माननीय शिक्षा मंत्री से बात कराने कहा गया।
साथ ही शिक्षक समुदाय की अन्य ज्वलंत मुद्दा, मर्ज हुए शालाओं के साथ हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों को प्रत्येक शनिवार को सुबह शाला लगाने हेतु आदेशित किया जाए ताकि सप्ताह में 1 दिन बच्चों को योग एवं व्यायाम करवाया जा सके। इसके अलावा खंड शिक्षा कार्यालय कोयलीबेड़ा में पूर्व में पदस्थ दोनों अनुभवी बाबुओं, श्री कौशल नेताम एवं श्री अनुपम मिस्त्री को पुनः खंड शिक्षा कार्यालय में पदस्थापना दिया जाए, ताकि जिले के सबसे बड़े ब्लॉक का कार्य समय पर सुचारू रूप से हो सकें।
इस अवसर पर संघ की ओर से अध्यक्ष श्री मती बलविंदर कौर, उपाध्यक्ष श्री गौतम मंडल, सचिव श्री होरीलाल साहू, कोषाध्यक्ष श्री गुरुदास बनर्जी, गोपाल सरकार, मीडिया प्रभारी श्री तुमेश्वर विश्वकर्मा, सदस्य श्री फगुवा राम भूआर्य,जैन सिंह चंद्रवंशी,किरण कश्यप, ईश्वरी साहू, रूपा मरकाम, सुनीता कोटपारिया, रितिका कावड़े,केशव यदु,लिलेश कुरेटी, नारायण चंद्रवंशी, कार्यकारणी अध्यक्ष श्री लुकेश्वर साहू, शिवनारायण बघेल, संतदास टंडन, सतीश उइके, आदि शामिल रहे।
Wednesday, September 9, 2026
11 सितंबर को होगा इंद्रवती भवन मंत्रालय का घेराव महंगाई भत्ता व पेंशनरो को केसलेस चिकित्सा योजना मे शामिल करने की मांग नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का समर्थन शिक्षक सहित अन्य कर्मचारी बड़ी संख्या मे होंगे प्रदर्शन मे शामिल
86 महीने की लंबित महंगाई भत्ता सरकार को जल्दी ही भुगतान हेतु निर्णय लेना चाहिए साथ ही केसलेस चिकित्सा हेतु पेंशनरो को भी भी इस महत्वपूर्ण योजना मे शामिल करना चाहिए - विकास सिंह राजपूत
रायपुर - नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा है की 86 महीने से लंबित महंगाई भत्ते पर कर्मचारी संगठनों के लगातार मांग व शासन से बातचीत के बाद भी कोई निर्णय नही लेने पर एक मांग एक मंच के बैनर तले 11 सितंबर को रायपुर मंत्रालय इंद्रावती भवन के गेट नंबर 3 के पास शिक्षक सहित अन्य शासकीय कर्मचारी बड़ी संख्या मे एकत्रित होकर धरना प्रदर्शन करने के पश्चात इंद्रावती भवन के घेराव कर 86 महीने के लंबित महंगाई भत्ते, पेंशनरो को भी केसलेस चिकित्सा योजना मे शामिल करने सहित अन्य मांगो पर शासन का ध्यानाकर्षण कराया जायेगा कर्मचारी हित मे नवीन शिक्षक संघ छ. ग. द्वारा एक मांग एक मंच के बैनर मे होने वाले इस प्रदर्शन का पूर्ण रूप से समर्थन करता है और शिक्षक सहित अन्य कर्मचारियों से आह्वान करता है की 11 सितंबर को धरना प्रदर्शन मे शामिल होकर अपने आर्थिक अधिकार के लिए शासन प्रशासन तक जोरदार विरोध दर्ज कराये।
प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, दुष्यन्त कुम्भकार, राजेश शुक्ला, नरेश गुप्ता, रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू, अजय कड़व, प्रकाशचंद कांगे, चंद्रशेखर रात्रे, सतीस टंडन, मनोज चंद्रा, शंकरलाल भार्गव, ब्रिज नारायण मिश्रा, सैय्यद रफीक ने आगे कहा की कांग्रेस सरकार मे महंगाई भत्ता रोकने की परिपाटी कोरोना काल मे विपरीत परिस्थिति को देखते हुए बनाया गया था परिस्थिति ठीक होने के बाद भी महंगाई भत्ता पर कोई निर्णय नही लेने के कारण कर्मचारी जगत का गुस्सा विधानसभा चुनाव मे दिखा और उसके बाद प्रदेश मे भाजपा की सरकार आई और मोदी की गारंटी मे लंबित महंगाई भत्ता देने का वादा भाजपा द्वारा चुनावी घोषणा पत्र मे किया गया था लेकिन आज दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी लंबित महंगाई भत्ता पर निर्णय नही होने से प्रदेश के शिक्षक व कर्मचारियों के मन मे निराशा के साथ - साथ आक्रोश भी है और यही आक्रोश को दिखाने के लिए प्रदेश के कर्मचारी अपने महंगाई भत्ता की मांग को लेकर 11 सितंबर 2026 को रायपुर पहुंचेंगे।
महिला प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, गंगा शरण पासी, बलविंदर कौर, नंदिनी देशमुख, ज्योति सक्सेना, रूपा साहू, गीता चंद्राकर ने महिला शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों से अपील किया है की 11 सितंबर 2026 को एक बजे तक मंत्रालय स्थिति इंद्रावती भवन के गेट नंबर 03 मे अपने लंबित महंगाई भत्ते की मांग को लेकर एक मांग एक मंच के बैनर जरूर प्रदर्शन मे शामिल हो सभी पदाधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा की 86 महीने की लंबित महंगाई भत्ता कर्मचारियों की मांग नही है बल्कि मोदी की गारंटी मे सत्ता मे बैठे पार्टी द्वारा चुनावी घोषणा पत्र मे स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था साथ ही वर्तमान वित्तमंत्री छ. ग. शासन द्वारा चुनाव के समय वीडियो संदेश जारी कर प्रदेश के समस्त कर्मचारियों को लंबित महंगाई भत्ता व केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने का वादा किया गया था लेकिन वर्तमान मे दोनों वादों पर कोई निर्णय नही लेने के कारण प्रदेश के कर्मचारियों को धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है सभी कर्मचारियों से अपील है की अपने आर्थिक अधिकार के लिए बड़ी सांख्य मे 11 सितंबर 2026 को मंत्रालय रायपुर जरूर आये आपका योगदान आने वाले समय मे इतिहास बनेगा।
Tuesday, September 8, 2026
कैशलेस चिकित्सा और लंबित महंगाई भत्ते पर कैबिनेट बैठक में फैसला करे सरकार
विधानसभा में घोषणा के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की लेटलतीफी, हजारों कर्मचारी कैशलेस इलाज से वंचित—बीमारी के साथ आर्थिक बोझ भी झेलने को मजबूर
रायपुर- छत्तीसगढ़ के हजारों सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के हित से जुड़े कैशलेस चिकित्सा सुविधा एवं लंबित महंगाई भत्ते के मुद्दे पर अब राज्य सरकार की आज होने वाली कैबिनेट बैठक में ठोस निर्णय लेने की मांग जोर पकड़ने लगी है। नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत का कहना है कि विधानसभा में कैशलेस चिकित्सा सुविधा को लेकर घोषणा किए जाने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की धीमी कार्यप्रणाली के कारण आज भी बड़ी संख्या में कर्मचारी और उनके परिजन इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत का कहना है कि गंभीर बीमारी अथवा आकस्मिक चिकित्सा की स्थिति में सरकारी कर्मचारी को अस्पताल में इलाज के लिए तत्काल बड़ी राशि की व्यवस्था करनी पड़ती है। यदि सरकार द्वारा घोषित कैशलेस व्यवस्था समय पर लागू हो जाती तो कर्मचारियों को अपनी जमा-पूंजी, कर्ज या अन्य आर्थिक साधनों पर निर्भर नहीं होना पड़ता। सरकारी घोषणा और धरातल पर सुविधा के बीच का यह अंतर अब कर्मचारियों के लिए गंभीर आर्थिक परेशानी का कारण बन रहा है।
बीमारी के साथ आर्थिक संकट क्यों झेले कर्मचारी?
प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, दुष्यंत कुम्भकार, राजेश शुक्ला का कहना है कि सरकारी सेवा में अपना पूरा जीवन लगाने वाले कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलना उनका जायज अधिकार है। जब सरकार स्वयं कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था लागू करने की घोषणा कर चुकी है, तो फिर विभागीय प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब क्यों किया जा रहा है?
रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू, अजय कड़व, नरेश गुप्ता, प्रकाश चंद कांगे, सतीस टंडन, चंद्र शेखर रात्रे ने सवाल उठाया है कि जब विधानसभा में घोषणा हो चुकी है तो स्वास्थ्य विभाग को कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन में और कितना समय लगेगा? कर्मचारियों की मांग है कि कैबिनेट इस मामले को प्राथमिकता से लेते हुए आवश्यक निर्णय करे और घोषणा को तत्काल धरातल पर उतारे।
लंबित महंगाई भत्ते पर भी सरकार ले निर्णय
मनोज चंद्रा, शंकरलाल भार्गव, ब्रिज नारायण मिश्रा, वीरेंद्र जायसवाल, राजेश पाण्डेय ने कहा है की केसलेस चिकित्सा के साथ ही कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते को लेकर भी सरकार से कैबिनेट बैठक में स्पष्ट एवं सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की जा रही है। बढ़ती महंगाई के दौर में कर्मचारियों को उनके लंबित डीए का लाभ नहीं मिलने से परिवारों के घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ रहा है।
महिला प्रकोष्ठ के उमा जाटव, गंगा शरण पासी, बलविंदर कौर, ज्योति सक्सेना, नंदनी देशमुख, गीता चंद्राकर, रूपा साहू,का कहना है कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों के वेतन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसे लंबे समय तक लंबित रखना कर्मचारियों के आर्थिक हितों के साथ न्याय नहीं है। सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए लंबित डीए के भुगतान की दिशा में स्पष्ट निर्णय करना चाहिए।
कैबिनेट से दो बड़ी उम्मीदें
कर्मचारियों की मांग है कि आगामी कैबिनेट बैठक में—
1. विधानसभा में घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा को तत्काल लागू करने का निर्णय लिया जाए।
2. लंबित महंगाई भत्ते के भुगतान पर स्पष्ट निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत दी जाए।
संजीव मानिकपुरी , वेदप्रकाश साहू , छन्नू लाल साहू , वेदराम साहू , मनीष साहू ,रमन शर्मा , चंद्रिका पाण्डेय , हरिकांत अग्निहोत्री , बसंत जोगी, अमित मैसी ने कहा है कि सरकार यदि इन दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लेती है तो प्रदेश के लाखों कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को सीधी राहत मिलेगी। अब कर्मचारियों की निगाहें आज होने वाले राज्य सरकार के कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं।
Sunday, September 6, 2026
सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फैसले का पालन करे सरकार: TET लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को मिले वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति
RTE लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के साथ न्याय की मांग, TET के लिए प्रतिवर्ष तीन अवसर देने की अपील
रायपुर- शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ के प्रदेश संचालक रविन्द्र राठौर विकास सिंह राजपूत, प्रदीप पाण्डेय, लैलून भारद्वाज ने राज्य सरकार से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्ष 2018 में दिए गए निर्णय की भावना और निर्देशों का पालन करते हुए TET लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के साथ न्याय किया जाए।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 20 सितंबर 2018 के आदेश में स्पष्ट किया गया था कि जिस समय संबंधित शिक्षकों की नियुक्ति/सेवा हुई, उस समय Teacher Eligibility Test (TET) की अनिवार्यता नहीं थी, इसलिए केवल TET योग्यता नहीं होने के आधार पर उनके साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता। आदेश में संबंधित शिक्षकों को TET पर जोर दिए बिना अवशोषण का लाभ देने की बात कही गई थी।
विकास सिंह राजपूत ने कहा कि RTE लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षक वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बाद में लागू किए गए पात्रता मानदंड के कारण इन शिक्षकों की पदोन्नति और सेवा-सुरक्षा प्रभावित होना न्यायसंगत नहीं है। सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट और न्यायपूर्ण नीति बनानी चाहिए।
*वरिष्ठता के आधार पर हो पदोन्नति*
शिक्षक साझा मंच के प्रदेश संचालक रविंद्र राठौर व प्रदीप पाण्डेय लैलून भारद्वाज ने मांग की है कि TET लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को उनकी वरिष्ठता और पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति का अवसर दिया जाए। पदोन्नति को बाद में लागू हुई TET अनिवार्यता के कारण रोका नहीं जाना चाहिए।
साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में शिक्षकों को TET की पात्रता हासिल करने का पर्याप्त अवसर दिया जाए। इसके लिए प्रतिवर्ष कम से कम तीन अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि जो शिक्षक TET उत्तीर्ण करना चाहते हैं, वे निर्धारित अवधि में अपनी पात्रता पूरी कर सकें।
*“नियमों में बदलाव का खामियाजा पुराने शिक्षकों को न भुगतना पड़े”*
बसंत कौशिक, गिरीश साहू व सैय्यद इरफ़ान, सिराज बक्स, अमितेश तिवारी, दुष्यन्त कुम्भकार, देवेंद्र हरमुख ने कहा कि शिक्षकों ने अपनी नियुक्ति के समय जो नियम और योग्यता शर्तें लागू थीं, उनके आधार पर सेवा में प्रवेश किया था। बाद में नियमों में हुए बदलाव का पूरा भार पुराने शिक्षकों पर डालना उचित नहीं होगा।
*सरकार से अपील करते हुए कहा*—
“सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की भावना का सम्मान करते हुए RTE लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति दी जाए तथा TET की पात्रता पूरी करने के लिए प्रतिवर्ष तीन अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इससे वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के साथ न्याय होगा और उनकी सेवा-सुरक्षा एवं पदोन्नति सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।”
— विकास सिंह राजपूत
प्रदेश संचालक, शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़
Sunday, August 30, 2026
राखी की लाज रखना होगा सरकार को, शिक्षिका बहनों ने मांगा ‘टेट मुक्त पदोन्नति’ का तोहफा
मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र, सेवा-पदोन्नति सुरक्षा और वेतन विसंगति दूर करने की मांग
दुर्ग/बगिया- रक्षाबंधन के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की सैकड़ों शिक्षिका बहनों ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री की कलाई पर राखी बांधकर शिक्षक हित में बड़ा निर्णय लेने की मांग की। 27 अगस्त को रविंद्र राठौर, विकास सिंह राजपूत एवं प्रदीप पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित विशाल रक्षा सूत्र न्याय यात्रा के दौरान शिक्षिका बहनें मुख्यमंत्री निवास बगिया एवं शिक्षामंत्री निवास दुर्ग पहुंचीं और शिक्षक साझा मंच की प्रमुख मांगों को सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखा।
बलविंदर कौर, नंदिनी देशमुख, रूपा साहू, तेश्वरी साहू, सहित सभी शिक्षिका बहनों ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री को भाई मानकर उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा है। बदले में उन्हें कोई व्यक्तिगत उपहार नहीं चाहिए, बल्कि प्रदेश के हजारों शिक्षक भाइयों के भविष्य, सेवा और पदोन्नति की सुरक्षा चाहिए। उन्होंने मांग की कि RTE लागू होने के पूर्व से सेवारत शिक्षकों की पदोन्नति पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार बिना TET की अनिवार्यता के की जाए।
“राखी बांधी है, अब वचन निभाने की बारी”
रक्षा सूत्र न्याय यात्रा के माध्यम से शिक्षकों ने सरकार से TET से सेवा सुरक्षा एवं पदोन्नति सुरक्षा देने की मांग भी दोहराई। इसके साथ ही सहायक शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगति को दूर करने तथा मोदी की गारंटी में किए गए शिक्षक हितैषी वादों को शीघ्र पूरा करने की मांग रखी गई।
शिक्षिका बहनों ने सरकार से भावुक अपील करते हुए कहा कि जिस तरह भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है, उसी तरह सरकार भी शिक्षकों के हितों की रक्षा का वचन निभाए। उनका कहना था कि “हमने सरकार की कलाई पर राखी बांधी है, अब सरकार इस राखी की लाज रखते हुए शिक्षकों को टेट मुक्त पदोन्नति का तोहफा दे।”
सरकार के अगले कदम पर टिकी शिक्षकों की नजर
नवीन शिक्षक संघ प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत का कहना है कि यदि सरकार शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति के स्पष्ट दिशा-निर्देश शीघ्र जारी करती है, तो प्रदेश के हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी और लंबे समय से चल रहे संघर्ष का समाधान संभव होगा।
अब शिक्षकों की नजर मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन पर है। आने वाले दिनों में सरकार पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति को लेकर दिशा-निर्देश कब तक जारी करती है, यह महत्वपूर्ण होगा।
सहायक शिक्षक समग्र फेडरेशन के अध्यक्ष रविंद्र राठौर व सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने उम्मीद जताई है कि सरकार शिक्षिका बहनों द्वारा बांधे गए रक्षा सूत्र की लाज रखते हुए शिक्षक हित में शीघ्र निर्णय लेगी। यदि मांगों पर समय रहते सकारात्मक पहल होती है तो शिक्षक आंदोलन की बजाय सरकार के साथ मिलकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
शिक्षक साझा मंच की प्रमुख मांगें
▪️ RTE लागू होने के पूर्व से सेवारत शिक्षकों की बिना TET पदोन्नति
▪️ TET से सेवा सुरक्षा एवं पदोन्नति सुरक्षा
▪️ सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति का निराकरण
▪️ मोदी की गारंटी के शिक्षक हितैषी वादों को शीघ्र पूरा करना
▪️ पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करना
*नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत का कहना है की अब सवाल सिर्फ पदोन्नति का नहीं है,सवाल उस राखी की लाज का है जो शिक्षिका बहनों ने सरकार की कलाई पर बांधी है*।
Wednesday, August 26, 2026
शिक्षक साझा मंच की रणनीति से TET, पदोन्नति और वेतन पर पहली बार सरकार का रुख स्पष्ट
सेवा सुरक्षा, पदोन्नति सुरक्षा और वेतन सुधार को लेकर मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री ने शिक्षक साझा मंच के प्रतिनिधिमंडल को दिया भरोसा
रायपुर - छत्तीसगढ़ के शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़, छ. ग. सहायक शिक्षक समग्र फेडरेशन, सर्व शिक्षक संघ छ. ग. व सयुंक्त महासंघ की रणनीति और लगातार किए जा रहे प्रयासों के बीच पहली बार सरकार की ओर से TET, पदोन्नति और वेतन सुधार को लेकर स्पष्ट रुख सामने आया है। शिक्षक साझा मंच के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से अलग-अलग मुलाकात कर शिक्षकों की प्रमुख समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा।
प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान सरकार की ओर से वर्ष में तीन बार स्थानीय एजेंसी के माध्यम से विभागीय TET आयोजित करने के संबंध में सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया गया। इससे लंबे समय से TET के कारण सेवा सुरक्षा को लेकर चिंतित शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
वहीं पदोन्नति के मुद्दे पर पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार प्रक्रिया शुरू करने को लेकर विधि एवं विधायी विभाग से चर्चा करने की बात कही गई। शिक्षकों ने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि जिन शिक्षकों को पूर्व में निर्धारित नियमों के तहत पदोन्नति का अवसर मिलता रहा है, उन्हें वर्तमान में नए प्रावधानों के कारण पदोन्नति से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
वेतन विसंगति पर भी जल्द होगी निर्णायक चर्चा
शिक्षकों की एक अन्य महत्वपूर्ण मांग वेतन सुधार एवं वेतन विसंगति दूर करने को लेकर भी सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया कि शिक्षक साझा मंच के साथ शीघ्र ही चर्चा कर पूरी गणना और तथ्यों के साथ वित्त मंत्री के समक्ष वेतन सुधार का विषय रखा जाएगा।
शिक्षक प्रतिनिधियों ने कहा कि वेतन विसंगति के कारण लंबे समय से शिक्षकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए केवल आश्वासन नहीं, बल्कि गणना के आधार पर ठोस समाधान की आवश्यकता है।
दो प्रतिनिधिमंडलों ने की अलग-अलग मुलाकात
शिक्षक साझा मंच का प्रतिनिधिमंडल दो भागों में विभक्त होकर मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से अलग-अलग मिला। एक प्रतिनिधिमंडल में रविंद्र राठौर, विकास सिंह राजपूत, प्रदीप पाण्डेय, बसंत कौशिक, गिरीश साहू, अजय कड़वा, देवेंद्र हरमुख, छन्नू लाल साहू, रामलाल साहू, कृष्णा वर्मा एवं अशोक ध्रुवे शामिल रहे।
वहीं दूसरे प्रतिनिधिमंडल में मनीष मिश्रा, अश्वनी कुर्रे, अजय गुप्ता सहित अन्य शिक्षक प्रतिनिधि शामिल रहे।
शिक्षकों में जगी उम्मीद
रविंद्र राठौर, विकास सिंह राजपूत व प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि सेवा सुरक्षा, पदोन्नति सुरक्षा और वेतन सुधार तीनों विषय शिक्षकों के भविष्य से सीधे जुड़े हुए हैं। सरकार द्वारा इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल और विभागीय स्तर पर चर्चा का भरोसा मिलना आंदोलन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने आगे
कहा कि शिक्षकों के अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। लैलून भारद्वाज,कृष्ण कुमार नवरंग,भूपेंद्र बनाफर, चेतन बघेल सहित सयुंक्त महासंघ के अन्य शिक्षक नेताओं ने उम्मीद जताई कि सरकार अपने आश्वासन को शीघ्र ही ठोस निर्णय में परिवर्तित करेगी, जिससे प्रदेश के हजारों शिक्षकों को राहत मिल सके।
Tuesday, August 18, 2026
सेवा व पदोन्नति सुरक्षा हेतु 22 अगस्त को सभी विकासखंडों में धरना-प्रदर्शन एवं रैली
पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार टीईटी एवं बीएड की बाध्यता के बिना पदोन्नति देने की मांग को लेकर शिक्षक होंगे लामबंद
रायपुर - प्रदेश में शिक्षकों की सेवा एवं पदोन्नति सुरक्षा को लेकर शिक्षक संगठनों द्वारा आंदोलन को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में 22 अगस्त 2026 को प्रदेश के सभी विकासखंडों में धरना-प्रदर्शन एवं रैली आयोजित कर शासन-प्रशासन के समक्ष शिक्षकों की प्रमुख मांगों को रखा जाएगा।
सहायक शिक्षक समग्र फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत एवं सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने संयुक्त रूप से शिक्षकों से 22 अगस्त के आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है।
बसंत कौसिक, सिराज बक्स, उमा जाटव, गिरीश साहू, व मो. यासिर इरफ़ान का कहना है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति एवं पदोन्नति पूर्व प्रचलित सेवा नियमों के तहत हुई है, उनकी सेवा एवं पदोन्नति के बीच में नए नियमों की बाध्यता लागू कर उन्हें प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। संगठनों ने मांग की है कि पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार टीईटी एवं बीएड की बाध्यता के बगैर पात्र शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ दिया जाए तथा उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
शिक्षक संगठनों ने कहा कि लंबे समय से शिक्षक अपनी सेवा एवं पदोन्नति सुरक्षा को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। शिक्षकों की समस्याओं का न्यायसंगत समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
रविंद्र राठौर, विकास सिंह राजपूत एवं प्रदीप पाण्डेय ने प्रदेश के सभी शिक्षकों से अपील की है कि 22 अगस्त को अपने-अपने विकासखंड मुख्यालय में आयोजित धरना-प्रदर्शन एवं रैली में एकजुट होकर शामिल हों और “सेवा सुरक्षा एवं पदोन्नति सुरक्षा” की आवाज को मजबूती प्रदान करें।
आंदोलन के माध्यम से शिक्षक संगठनों ने शासन से मांग की है कि शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पूर्व प्रचलित नियमों के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया पूरी की जाए और टीईटी एवं बीएड की बाध्यता से प्रभावित शिक्षकों को न्याय प्रदान किया जाए।
Monday, August 17, 2026
बेमेतरा में पदोन्नत शिक्षकों से TET प्रमाण पत्र मांगने पर शिक्षक संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, DEO कार्यालय का घेराव
बेमेतरा - पदोन्नत शिक्षकों से TET प्रमाण पत्र की जानकारी मांगे जाने के विरोध में सोमवार को बेमेतरा में शिक्षक संगठनों ने एकदिवसीय धरना प्रदर्शन एवं रैली निकालकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया। सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ एवं सर्व शिक्षक संघ के संयुक्त आह्वान पर बड़ी संख्या में शिक्षक आंदोलन में शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने पदोन्नति प्रक्रिया में TET की अनिवार्यता को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। शिक्षकों का कहना था कि जिन शिक्षकों की पदोन्नति पूर्व प्रचलित नियमों के आधार पर की गई है, उनसे पदोन्नति के बाद TET प्रमाण पत्र की जानकारी मांगना उचित नहीं है। इससे पदोन्नत शिक्षकों के बीच असमंजस एवं असुरक्षा की स्थिति निर्मित हो रही है।
“बीच खेल में नियम नहीं बदला जा सकता” — विकास सिंह राजपूत
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि “बीच खेल में नियम नहीं बदला जा सकता।” उन्होंने कहा कि शिक्षक जिस नियम और प्रक्रिया के तहत सेवा में आए तथा जिन प्रचलित नियमों के आधार पर पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ी, उसमें बीच में नई शर्त जोड़कर शिक्षकों को प्रभावित करना न्यायसंगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठनों की मांग स्पष्ट है कि पूर्व से सेवारत एवं पदोन्नत शिक्षकों के मामले में पूर्व प्रचलित सेवा नियमों का सम्मान किया जाए तथा पदोन्नति को TET की नई शर्त से प्रभावित न किया जाए। उन्होंने शासन एवं शिक्षा विभाग से मामले में तत्काल सकारात्मक निर्णय लेकर शिक्षकों की सेवा एवं पदोन्नति सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
रविंद्र राठौर ने किया प्राथमिक-माध्यमिक शिक्षकों से एकजुट होने का आह्वान
सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों से एकजुट होकर “सेवा सुरक्षा, न्याय आंदोलन” में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि TET के विरोध में सभी शिक्षक अपना सहयोग प्रदान करें, ताकि किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो और सभी शिक्षकों को न्याय मिल सके।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक शिक्षक या एक वर्ग की समस्या नहीं है, बल्कि शिक्षकों की सेवा एवं पदोन्नति सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करें।
रैली निकालकर DEO कार्यालय का घेराव
धरना प्रदर्शन के पश्चात शिक्षकों ने रैली निकालकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर घेराव किया तथा अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने पदोन्नति में TET की अनिवार्यता का विरोध करते हुए पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि यदि शासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों की मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो आंदोलन को आगामी चरणों में और व्यापक रूप दिया जाएगा। सेवा सुरक्षा, पदोन्नति सुरक्षा एवं न्याय की मांग को लेकर शिक्षक संगठनों ने एकजुट संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया धरना प्रदर्शन मे सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर, नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत, मनीष मिश्रा, बसंत कौशिक, कौशल अवस्थी, अश्वनी कुर्रे, देवेंद्र हरमुख, अशोक ध्रुवे, पोखन साहू, इरफ़ान जी, उमा जाटव,विजय डेहरे,सैबान बेग,टिकेंद्र राजपूत,सत्यनारायण वर्मा,दीपक राजपूत, दीपक साहू, सहित हजारों की संख्या मे शिक्षक धरना प्रदर्शन रैली मे शामिल होकर जिला शिक्षा कार्यालय का घेराव किये।
Wednesday, August 12, 2026
TET-बिना पदोन्नति नहीं तो व्यक्तिगत आवेदन से होगा विरोध तेज नवीन शिक्षक संघ के बैठक मे निर्णय
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ की जिला इकाइयां मैदान में उतरीं, सहायक शिक्षक एवं शिक्षक सौंपेंगे निर्धारित आवेदन के साथ ज्ञापन
दुर्ग-सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक प्राथमिक/शिक्षक तथा शिक्षक से व्याख्याता पदोन्नति में TET एवं B.Ed. की अनिवार्यता को लेकर नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने अपना विरोध तेज करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में प्रदेश अध्यक्ष विकास राजपूत, प्रदेश पदाधिकारी दुष्यन्त कुम्भकार, अमितेश तिवारी, नंदिनी देशमुख, जिला अध्यक्ष संजीव मानिकपुरी, के नेतृत्व मे नवीन शिक्षक संघ जिला दुर्ग की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेश के विभिन्न जिलों के सहायक शिक्षकों एवं शिक्षकों से व्यक्तिगत निर्धारित आवेदन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने का आह्वान किया गया है।
संघ के निर्णय के अनुसार जिला दुर्ग के साथ राजनांदगांव, बालोद, मुंगेली, कोरिया, धमतरी एवं कोरबा जिले की जिला इकाइयों के माध्यम से भी संबंधित शिक्षक अपने-अपने व्यक्तिगत निर्धारित आवेदन प्रस्तुत करेंगे। इन आवेदनों में पदोन्नति प्रक्रिया में TET एवं B.Ed. की अनिवार्यता से राहत देने तथा पूर्व प्रचलित नियमों के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की जाएगी।
नवीन शिक्षक संघ का कहना है कि वर्ष 2017 से 2025 के बीच विभाग द्वारा बड़ी संख्या में शिक्षकों को TET एवं B.Ed. की अनिवार्यता के बिना पदोन्नति दी गई। ऐसे में अब उन्हीं सेवा वर्ग के शिक्षकों पर अचानक नई पात्रता लागू कर पदोन्नति से वंचित करना न्यायसंगत नहीं होगा। संघ ने इस विषय में विभाग से स्पष्ट आदेश, अधिसूचना एवं नियमों की प्रमाणित प्रति सार्वजनिक करने की भी मांग की है।
संघ द्वारा तैयार विधिक नोटिस में भी संबंधित विभाग से मांग की गई है कि वर्ष 2017 से 2025 तक अपनाई गई पदोन्नति प्रक्रिया के अनुरूप वर्तमान पात्र शिक्षकों के प्रकरणों पर विचार किया जाए तथा केवल TET अथवा B.Ed. की अनिवार्यता के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जाए। यदि विभाग कोई भिन्न निर्णय लेना चाहता है तो उसका कारणयुक्त आदेश (Speaking Order) एवं संबंधित नियम/अधिसूचना उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
नवीन शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी एक शिक्षक का नहीं, बल्कि पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे प्रदेशभर के शिक्षकों के अधिकार और न्याय की लड़ाई है। संघ का कहना है कि पहले से कार्यरत शिक्षकों के साथ समानता एवं निष्पक्ष प्रशासन के सिद्धांतों के अनुरूप व्यवहार किया जाना चाहिए।
जिला दुर्ग की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार आने वाले दिनों में निर्धारित प्रारूप में व्यक्तिगत आवेदन एवं ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया को व्यापक रूप दिया जाएगा। संघ ने सभी संबंधित शिक्षक साथियों से एकजुट होकर इस अभियान में शामिल होने की अपील की है।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने कहा है कि यदि विभाग स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संगठन लोकतांत्रिक एवं वैधानिक माध्यमों से सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष करने के लिए तैयार रहेगा बैठक मे बालोद ब्लॉक अध्यक्ष लोकेश साहू, मनोज जोशी विनोद ठाकुर, राकेश धनकर, विजय श्रीवास्तव, रितेश जोशी, वीणा तुली, लूप सिंह सोनी, महेश ठाकरे, अमन गुप्ता,विनोद साहू, राकेश साहू आदि उपस्थित थे ।
Monday, August 10, 2026
पदोन्नति चाहिए, नई बाध्यता नहीं!”—TET और B.Ed. पर राहत व पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति देने की मांग तेज
नवीन शिक्षक संघ ने शासन को सौंपा मांग पत्र, कहा—नियुक्ति के समय प्रभावी नियमों से तय हो पदोन्नति
रायपुर- प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में वर्षों से सेवा दे रहे हजारों शिक्षकों की पदोन्नति का मामला एक बार फिर गरमा गया है। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने सहायक शिक्षक से शिक्षक तथा शिक्षक से व्याख्याता पदोन्नति में TET एवं B.Ed. की अनिवार्यता से राहत देने की मांग को लेकर
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव/संचालक को मांग पत्र सौंपा है।
नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा है कि वर्षों से शासकीय सेवा में कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति केवल TET अथवा B.Ed. की अनिवार्यता के कारण प्रभावित नहीं होनी चाहिए। संघ के प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, दुष्यन्त कुम्भकार, अमितेश तिवारी, राजेश शुक्ला, रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू, अजय कड़व, नरेश गुप्ता, मनोज चंद्रा, सतीस टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, ब्रिज नारायण मिश्रा, शंकरलाल भार्गव, प्रकाश चंद कांगे के अनुसार वर्ष 2017 में NCTE द्वारा किए गए संशोधन के संबंध में सेवारत शिक्षकों के लिए छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश एवं प्रभावी क्रियान्वयन आदेश उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में नियुक्ति के समय लागू नियमों के तहत सेवा में आए शिक्षकों के पदोन्नति अधिकारों का संरक्षण किया जाना आवश्यक है।
दो प्रमुख पदोन्नति पर सीधा असर
नवीन शिक्षक संघ महिला प्रकोष्ठ प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, गंगा शरण पासी, बलविंदर कौर, नंदिनी देशमुख,ज्योति सक्सेना,गीता चंद्राकर, रूपा साहू ने मांग की है कि सहायक शिक्षक से शिक्षक पदोन्नति में TET की अनिवार्यता से राहत देते हुए पूर्व प्रचलित नियमों के आधार पर पदोन्नति की जाए। वहीं शिक्षक से व्याख्याता पदोन्नति में TET एवं B.Ed. की अनिवार्यता से राहत देकर वरिष्ठता एवं पात्रता के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया पूरी की जाए।
संघ ने यह भी कहा है कि नियुक्ति के समय प्रभावी नियमों के आधार पर वर्षों की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों के अर्जित सेवा एवं पदोन्नति अधिकारों का संरक्षण होना चाहिए। लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया के कारण शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है।
“रिक्त पद हैं तो पदोन्नति में देरी क्यों?”
संघ का कहना है कि प्रदेश के अनेक विद्यालयों में विषय शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है। दूसरी ओर पदोन्नति योग्य शिक्षक लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में रिक्त पदों के विरुद्ध वरिष्ठता एवं पात्रता के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने से विद्यालयों में विषय शिक्षकों की कमी को भी दूर किया जा सकता है।
नवीन शिक्षक संघ ने शासन से मांग की है कि - सहायक शिक्षक→शिक्षक एवं
शिक्षक→व्याख्याता* के लंबित पदोन्नति प्रकरणों का तत्काल निराकरण करते हुए पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ एवं पूर्ण की जाए। संघ ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए शासन इस विषय पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय ले।
Sunday, August 9, 2026
तबादला आदेश में विभाग की बड़ी चूक उजागर, एक ही शिक्षक का दो अलग-अलग स्थानों पर पदस्थापन 700 शिक्षकों के तबादला पर लगा सवालिया निशान
एक शिक्षक, दो तबादले!
रायपुर- स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी प्रशासनिक तबादला आदेश में बड़ी लापरवाही सामने आई है। आदेश की सूची में एक ही शिक्षक का नाम दो अलग-अलग क्रमांक पर दर्ज करते हुए दो स्थानों पर तबादला कर दिया गया है। इससे विभागीय तबादला प्रक्रिया की पारदर्शिता और आदेश तैयार करने में बरती गई सावधानी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार क्रमांक 1 में श्री व्यास देव कश्यप, प्रधान पाठक का वर्तमान पदस्थापन शासकीय प्राथमिक शाला कोड़ीरिपाल, विकासखंड कटेकल्याण, जिला दंतेवाड़ा दर्शाया गया है। उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर के विकल्प पर नवीन पदस्थापना दी गई है।
वहीं इसी आदेश में क्रमांक 20 पर पुनः श्री व्यास देव कश्यप, प्रधान अध्यापक का नाम दर्ज है। यहां उनका वर्तमान पदस्थापन वही शासकीय प्राथमिक शाला कोड़ीरिपाल, विकासखंड कटेकल्याण, जिला दंतेवाड़ा बताया गया है, लेकिन नवीन पदस्थापना शासकीय प्राथमिक शाला बनिया, विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा, जिला कोरबा दर्शाई गई है।
सवाल—आखिर शिक्षक जाएं तो जाएं कहां?
एक ही शिक्षक का एक ही आदेश में दो बार नाम शामिल होना और दोनों जगह अलग-अलग नवीन पदस्थापना दिया जाना विभागीय रिकॉर्ड एवं आदेश तैयार करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। यदि दोनों प्रविष्टियां एक ही व्यक्ति की हैं, तो एक शिक्षक एक साथ दो अलग-अलग स्थानों पर कैसे कार्यभार ग्रहण करेगा?
नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, राजेश शुक्ला, नरेश गुप्ता ने मामले को विभाग की गंभीर प्रशासनिक चूक बताते हुए कहा है कि तबादला आदेश जारी करने से पहले नाम, पद, वर्तमान पदस्थापना एवं नवीन पदस्थापना का समुचित सत्यापन किया जाना चाहिए था। महिला प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, गंगा शरण पासी, बलविंदर कौर, नंदिनी देशमुख, गीता चंद्राकर, रूपा साहू व ज्योति सक्सेना ने मांग की है कि मामले की जांच कर सही तबादला आदेश को निरस्त कर खुली तबादला नीति जारी किया जाए जिससे युक्तियुक्तकरण से प्रभावित व वर्षो से अपने गृह जिला से दूर शिक्षकों को राहत मिल सके ताकि संबंधित शिक्षक
प्रदेश पदाधिकारी दुष्यन्त कुम्भकार, अमितेश तिवारी, अजय कड़व, रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू ने आगे कहा की शिक्षकों के बड़े पैमाने पर प्रशासनिक तबादलों के बीच एक ही शिक्षक का दो स्थानों पर तबादला होना विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। सतीस टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, देवकांत सिन्हा व प्रकाश चंद कांगे का कहना है कि तबादला आदेश जारी करने से पहले यदि रिक्त पदों और कर्मचारियों के विवरण का ठीक से मिलान किया जाता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
ब्रिज नारायण मिश्रा, मनोज चंद्रा, शंकरलाल भार्गव, सैय्यद रफीक का कहना है की अब सवाल यह है कि श्री व्यास देव कश्यप की वास्तविक नवीन पदस्थापना आखिर जांजगीर है या कोरबा? विभाग इस दोहरे तबादला आदेश को कब संशोधित करता है? या इस तबादला आदेश को निरस्त कर क्या खुला तबादला नीति लागू कर तबादला चाहने वाले सभी शिक्षकों को समान अवसर विभाग द्वारा दिया जायेगा।
Tuesday, August 4, 2026
नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने नवपदस्थ डीईओ से की सौजन्य मुलाकात, शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का जताया विश्वास
दुर्ग - नवीन शिक्षक संघ, जिला इकाई दुर्ग के प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात नवपदस्थ श्री जगजीत सिंह धीर से सौजन्य भेंट कर उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारियों ने जिले के शिक्षकों से जुड़े विभिन्न विषयों पर सकारात्मक चर्चा करते हुए आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में शिक्षकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण होगा।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री जगजीत सिंह धीर ने संगठन के प्रतिनिधियों से कहा कि सभी शिक्षक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति पूर्ण गंभीरता एवं समर्पण के साथ कार्य करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिक्षकों को कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या अन्य समस्या आने पर विभागीय अधिकारियों के माध्यम से उसका यथासंभव शीघ्र निराकरण कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
संघ के पदाधिकारियों ने नवपदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक-प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, जिससे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों दोनों को लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश सचिव गिरीश साहू, कोषाध्यक्ष अमितेश तिवारी, जिला अध्यक्ष दुर्ग संजीव मानिकपुरी, दुर्ग ब्लॉक अध्यक्ष दीपक साहू, रूपा साहू, पवन सिंह, सुनील स्वर्णकार, प्रताप भारती, चंद्रकांत साहू, नरोत्तम साहू एवं भूषण साहू उपस्थित रहे।
Saturday, August 1, 2026
VSK ऐप की ऑनलाइन उपस्थिति पर पुनर्विचार एवं पदोन्नति में टीईटी-बी.एड. की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग
नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अंतागढ़ विधायक विक्रम देव उसेंडी से की मुलाकात
कांकेर/पखांजूर- नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अंतागढ़ विधायक से उनके पखांजूर प्रवास के दौरान विश्राम गृह में सौजन्य भेंट कर कोयलीबेडा विकासखंड सहित शिक्षा विभाग से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण समस्याओं से अवगत कराया तथा उनके शीघ्र समाधान की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को बताया कि कोयलीबेडा विकासखंड एवं कांकेर जिले का बड़ा हिस्सा दुर्गम एवं वनांचल क्षेत्र में स्थित है, जहां आज भी शिक्षक नदी-नालों और कठिन मार्गों को पार कर विद्यालयों तक पहुंचते हैं। ऐसे क्षेत्रों में नेटवर्क की गंभीर समस्या के कारण VSK ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। इसलिए पूर्व की भांति विद्यालयों में उपस्थिति पंजी (मैनुअल उपस्थिति) को ही मान्य किया जाए, ताकि तकनीकी कारणों से शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
इस पर विधायक श्री उसेंडी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे स्वयं संयुक्त संचालक (जेडी) एवं लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के अधिकारियों से चर्चा कर इस समस्या के समाधान का प्रयास करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने बीईओ कार्यालय में पूर्व में पदस्थ दोनों अनुभवी बाबुओं की पुनः पदस्थापना की भी मांग रखी। संघ का कहना था कि उनके अनुभव से वेतन आहरण, सेवा संबंधी प्रकरणों एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों का समयबद्ध निराकरण संभव हो सकेगा।
बैठक में संघ ने यह भी मांग रखी कि प्राथमिक प्रधान पाठक, माध्यमिक प्रधान पाठक, उच्च श्रेणी शिक्षक एवं व्याख्याता पद पर पदोन्नति के लिए टीईटी एवं बी.एड. की अनिवार्यता लागू न की जाए। पूर्व वर्षों की तरह पुराने नियमों के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया संचालित करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित 15 अगस्त की समय-सीमा के भीतर सभी पदोन्नतियां पूर्ण की जाएं। संघ ने बिना टीईटी के पात्र शिक्षकों की प्रधान पाठक (प्राथमिक/माध्यमिक) एवं शिक्षक पदों पर पदोन्नति किए जाने की भी मांग प्रमुखता से उठाई।
नवीन शिक्षक संघ छ. ग. ब्लॉक इकाई कोयलीबेडा के अध्यक्ष श्रीमती बलविंदर कौर ने कहा की प्रदेश स्तर मे टीईटी लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से राहत देने व पदोन्नति मे टीईटी व बीएड अनिवार्यता नही रखने की मांग प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व मे लगातार किया जा रहा है और हमें विश्वास है की शासन द्वारा शिक्षकों के साथ न्याय जरूर किया जायेगा।
इस अवसर पर नवीन शिक्षक संघ की अध्यक्ष श्रीमती बलविंदर कौर, उपाध्यक्ष श्री गौतम मंडल, सचिव श्री होरी लाल साहू, मीडिया प्रभारी श्री तुमेश्वर विश्वकर्मा, सह सचिव श्री गोपाल सरकार, श्री जैन सिंह चंद्रवंशी, श्री फगुआ राम भुआर्य, सुश्री किरण कश्यप, सुश्री रूपा मरकाम, सुश्री सुनीता कोटपारिया, सुश्री रितिका कावड़े, श्री गुरुदास बनर्जी सहित नवीन शिक्षक संघ के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
संयुक्त वरिष्ठता सूची से व्याख्याता एलबी के पदोन्नति अधिकारों पर संकट, अलग वरिष्ठता सूची बहाल करे शासन – गंगा शरण पासी
रायपुर- नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ की महिला प्रकोष्ठ संगठन मंत्री गंगा शरण पासी ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा व्याख्याता (नियमित) एवं व्याख्याता (एलबी) की संयुक्त वरिष्ठता सूची जारी किए जाने पर गहरी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा है कि इस निर्णय से वर्षों से कार्यरत वरिष्ठ व्याख्याता एलबी कृत्रिम रूप से वरिष्ठता सूची में काफी नीचे चले गए हैं, जिससे उनके प्राचार्य पद पर पदोन्नति सहित अन्य सेवा अधिकार प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो गई है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में व्याख्याता एलबी संवर्ग की पृथक वरिष्ठता सूची तैयार की जाती थी तथा प्राचार्य पद पर पदोन्नति में व्याख्याता एलबी संवर्ग के लिए 30 प्रतिशत पदों का प्रावधान किया गया था। उस व्यवस्था से व्याख्याता एलबी संवर्ग के हितों का संरक्षण होता था तथा पदोन्नति प्रक्रिया संतुलित और न्यायसंगत रहती थी। किंतु वर्तमान में संयुक्त वरिष्ठता सूची जारी किए जाने से व्याख्याता एलबी संवर्ग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी नियमित संवर्ग के नीचे पहुंच गए हैं, जिससे उनका पदोन्नति का अवसर प्रभावित हो सकता है।
गंगा शरण पासी ने कहा कि वरिष्ठता किसी भी कर्मचारी के सेवा जीवन का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। यदि वरिष्ठता निर्धारण में असमानता या विसंगति होगी तो पदोन्नति, प्रशासनिक दायित्व एवं भविष्य की समस्त सेवा संबंधी सुविधाएं प्रभावित होंगी। इसलिए शासन को इस विषय पर तत्काल पुनर्विचार करते हुए व्याख्याता एलबी संवर्ग के वैधानिक एवं अर्जित अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि पूर्व व्यवस्था के अनुरूप व्याख्याता एलबी की पृथक वरिष्ठता सूची पुनः जारी की जाए तथा प्राचार्य पद पर व्याख्याता एलबी के लिए निर्धारित 30 प्रतिशत पदोन्नति व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू रखा जाए, जिससे किसी भी वरिष्ठ व्याख्याता एलबी के साथ अन्याय न हो।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने चेतावनी दी है कि यदि व्याख्याता एलबी संवर्ग के पदोन्नति अधिकारों एवं वरिष्ठता की रक्षा के लिए शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के व्याख्याता एलबी के साथ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने के साथ -साथ कोर्ट के शरण लेने लिए बाध्य होगा।
Saturday, July 18, 2026
एक ही विषय पर दो अलग-अलग आदेशों से शिक्षक असमंजस में, बिना पुस्तक वितरण पढ़ाई कैसे होगी? — नवीन शिक्षक संघ ने उठाए सवाल
रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों को पुस्तकों के वितरण से पूर्व उनकी अनिवार्य स्कैनिंग किए जाने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं दूसरी ओर बेमेतरा जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अध्यापन कार्य के दौरान पुस्तक स्कैनिंग नहीं की जाएगी तथा यह कार्य शिक्षण कार्य पूर्ण होने के बाद ही किया जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इन दोनों निर्देशों के कारण प्रदेशभर के शिक्षकों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि एक ओर विभाग बिना स्कैनिंग पुस्तकों के वितरण नहीं करने का निर्देश दे रहा है, जबकि दूसरी ओर डीईओ द्वारा शिक्षण कार्य के बाद स्कैनिंग करने की बात कही जा रही है। ऐसे में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब तक पुस्तकें स्कैन नहीं होंगी तब तक विद्यार्थियों को पुस्तकें कैसे मिलेंगी और बिना पुस्तकों के गुणवत्तापूर्ण अध्ययन कैसे संभव होगा?
संघ ने बताया कि वर्तमान में पुस्तक स्कैनिंग कार्य सर्वर की धीमी गति, नेटवर्क की समस्या तथा तकनीकी बाधाओं के कारण अत्यंत धीमी गति से हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या के चलते एक-एक पुस्तक की स्कैनिंग में काफी समय लग रहा है। ऐसी स्थिति में यदि स्कैनिंग पूर्ण होने तक पुस्तक वितरण रोक दिया जाता है तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ेगा।
प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि शिक्षा विभाग को इस विषय पर एक स्पष्ट एवं व्यवहारिक निर्देश जारी करना चाहिए, ताकि शिक्षक भ्रम की स्थिति से बाहर निकल सकें। संघ ने मांग की है कि विद्यार्थियों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पहले पुस्तकों का वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा स्कैनिंग कार्य बाद में अथवा वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से कराया जाए।
नवीन शिक्षक संघ ने शासन से आग्रह किया है कि विरोधाभासी आदेशों को समाप्त कर प्रदेशभर में एक समान नीति लागू की जाए, जिससे न तो शिक्षण कार्य प्रभावित हो और न ही विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें मिलने में कोई बाधा उत्पन्न हो।
Friday, July 17, 2026
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के सतत प्रयासों का असर, दुर्ग सहित अन्य शिक्षा संभागों में 01 अप्रैल 2026 की स्थिति से वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश
दुर्ग - नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश सचिव गिरीश साहू, जिलाध्यक्ष दुर्ग संजीव मानिकपुरी ने बताया है की
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों और विभागीय स्तर पर उठाई गई मांगों का सकारात्मक परिणाम सामने आने लगा है। दुर्ग शिक्षा संभाग सहित अन्य शिक्षा संभाग कार्यालयों द्वारा भी 01 अप्रैल 2026 की स्थिति में विभागीय/संभागीय वरिष्ठता सूची तैयार करने तथा प्राप्त दावा-आपत्तियों के निराकरण के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग द्वारा जारी स्मरण पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 01.04.2026 की स्थिति में प्रकाशित सहायक शिक्षक (एलबी), स्नातक एवं प्रशिक्षित (ई/टी संवर्ग) की प्रावधिक वरिष्ठता सूची पर प्राप्त दावा-आपत्तियों का नियमानुसार निराकरण कर निर्धारित प्रारूप में शीघ्र कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए, ताकि अंतिम वरिष्ठता सूची का प्रकाशन समयबद्ध रूप से किया जा सके।
ब्लॉक अध्यक्ष संजय शर्मा धमधा, दीपक साहू दुर्ग व जागेश्वर चंद्राकर पाटन ने आगे कहा है कि नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने प्रारंभ से ही यह मांग उठाई थी कि राजपत्र प्रकाशन की स्थिति के अनुरूप 01 अप्रैल 2026 की स्थिति में त्रुटिरहित वरिष्ठता सूची का प्रकाशन किया जाए तथा सभी पात्र शिक्षकों को न्याय मिले। संघ के लगातार ज्ञापन, विभागीय अधिकारियों से चर्चा एवं विभिन्न स्तरों पर किए गए प्रयासों के बाद अब इस दिशा में कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा,
"यह केवल एक पत्र जारी होने की बात नहीं है, बल्कि सैंकड़ो शिक्षकों की वरिष्ठता संबंधी लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। नवीन शिक्षक संघ लगातार यह मांग करता रहा है कि 01 अप्रैल 2026 की स्थिति में त्रुटिरहित वरिष्ठता सूची प्रकाशित कर सभी पात्र शिक्षकों को उनका वैधानिक अधिकार दिया जाए साथ ही पदोन्नत, निधन व सेवानिवृत शिक्षकों के नाम को विलोपित किया जाना चाहिए जिससे पदोन्नति सूची बनाते समय किसी भी शिक्षकों का नाम तकनीकी त्रुटि के कारण छूट न जाये।दुर्ग, रायपुर के साथ -साथ अन्य शिक्षा संभाग कार्यालय द्वारा इस दिशा में कार्रवाई प्रारंभ किया जाना चाहिए ।"
प्रदेश पदाधिकारी दुष्यंत कुम्भकार,अमितेश तिवारी,राजेश शुक्ला,नंदिनी देशमुख, गीता चंद्राकर, रूपा साहू ने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा हैं कि यदि वरिष्ठता सूची में उनके नाम, नियुक्ति तिथि, संविलियन तिथि, पद अथवा अन्य किसी प्रकार की त्रुटि हो तो निर्धारित समय सीमा में दावा-आपत्ति अवश्य प्रस्तुत करें। नवीन शिक्षक संघ प्रत्येक शिक्षक के न्यायोचित अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा तथा अंतिम त्रुटिरहित वरिष्ठता सूची के प्रकाशन तक अपना प्रयास जारी रखेगा।"
Tuesday, July 7, 2026
समयमान व क्रमोन्नति के स्पष्टता के आभाव मे विकल्प भरने हेतु जल्दबाजी न करे
शासन पहले जारी करे तुलनात्मक चार्ट, तभी शिक्षक-कर्मचारी लें निर्णय — विकास सिंह राजपूत
रायपुर। समयमान वेतनमान और क्रमोन्नति के विकल्प चयन को लेकर प्रदेशभर के शिक्षकों एवं कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शासन द्वारा इस संबंध में 9 जुलाई तक विकल्प प्रस्तुत करने की समय-सीमा निर्धारित किए जाने के बाद नवीन शिक्षक संघ ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए शिक्षकों और कर्मचारियों से बिना स्पष्ट दिशा-निर्देश कोई भी विकल्प न भरने की अपील की है।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि शासन ने समयमान वेतनमान अथवा क्रमोन्नति से संबंधित विकल्प भरने की प्रक्रिया तो शुरू कर दी है, लेकिन अब तक ऐसा कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश, तुलनात्मक विवरण या आधिकारिक चार्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे यह समझा जा सके कि दोनों विकल्पों में से किससे शिक्षक एवं कर्मचारियों को अधिक आर्थिक लाभ, वेतनवृद्धि, पदोन्नति लाभ अथवा सेवा संबंधी सुविधा प्राप्त होगी।
उन्होंने कहा कि यह विषय केवल औपचारिक विकल्प चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर कर्मचारियों के वर्तमान वेतन, भविष्य की आय, पेंशन संबंधी लाभ, वरिष्ठता तथा सेवा-शर्तों पर पड़ सकता है। यदि शिक्षक एवं कर्मचारी बिना समुचित जानकारी, गणना और शासन के आधिकारिक मार्गदर्शन के किसी एक विकल्प का चयन कर लेते हैं, तो भविष्य में उन्हें आर्थिक और सेवा संबंधी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विकास सिंह राजपूत ने शासन से मांग की है कि समयमान वेतनमान और क्रमोन्नति के संबंध में विस्तृत तुलनात्मक चार्ट तत्काल जारी किया जाए। इस चार्ट में यह स्पष्ट रूप से बताया जाए कि किस श्रेणी के शिक्षक एवं कर्मचारियों के लिए कौन-सा विकल्प अधिक लाभकारी होगा, उसकी पात्रता क्या होगी, वेतन पर उसका क्या प्रभाव पड़ेगा, सेवा लाभों में क्या अंतर आएगा तथा भविष्य में उसका आर्थिक लाभ या हानि किस प्रकार होगी।
नवीन शिक्षक संघ ने प्रदेश के समस्त शिक्षक साथियों एवं कर्मचारियों से अपील की है कि जब तक शासन इस विषय में स्पष्ट दिशा-निर्देश, गणनात्मक विवरण और तुलनात्मक चार्ट जारी नहीं करता, तब तक किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में विकल्प न भरें। संघ का कहना है कि अधूरी जानकारी के आधार पर लिया गया निर्णय भविष्य में कर्मचारियों के हितों के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि शासन शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितों के प्रति गंभीर है, तो उसे समयसीमा निर्धारित करने के साथ-साथ निर्णय लेने हेतु आवश्यक सभी तथ्य और विकल्पों का पारदर्शी विश्लेषण भी उपलब्ध कराना चाहिए। तभी कर्मचारी अपने हित में सही, सुरक्षित और न्यायसंगत निर्णय ले सकेंगे।
नवीन शिक्षक संघ ने शासन से मांग की है कि समयमान एवं क्रमोन्नति से संबंधित सभी बिंदुओं पर तत्काल स्पष्टता दी जाए, ताकि प्रदेश के हजारों शिक्षक एवं कर्मचारी भ्रम की स्थिति से बाहर निकल सकें और अपने भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण निर्णय को पूरी जानकारी के साथ ले सकें।
Thursday, July 2, 2026
राजपत्र प्रकाशन पूर्व नियुक्त शिक्षकों की TET राहत मांग पर PMO ने लिया संज्ञान प्रधानमंत्री कार्यालय ने नवीन शिक्षक संघ के मांग पत्र को स्कूल शिक्षा विभाग को भेजा देश के लाखो शिक्षकों के साथ न्याय करे सरकार -विकास सिंह
देश भर के लाखो शिक्षकों का उठाया नवीन शिक्षक संघछ. ग. ने आवाज कहा सबका साथ -सबका विकास
केंद्र सरकार करे टेट राहत के मांग पर विचार
दिल्ली - राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षक संवर्ग को TET की अनिवार्यता से राहत दिलाने की मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गए मांग पत्र पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए प्रकरण को स्कूल शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्यवाही हेतु अग्रेषित कर दिया है। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण मांग पर अब विभागीय स्तर पर ठोस पहल और सकारात्मक निर्णय की दिशा में रास्ता खुल सकता है।
वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अधिकारों का मामला
नवीन शिक्षक संघ ने अपने मांग पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों एवं पदोन्नत शिक्षक संवर्ग पर TET की अनिवार्यता लागू करना न्यायोचित नहीं है। संघ का कहना है कि ये शिक्षक वर्षों से शासकीय सेवा में कार्यरत हैं और विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उनके सेवा अधिकार, वरिष्ठता, पदोन्नति, वेतन, पेंशन तथा अन्य लाभों को प्रभावित करने वाली बाध्यता को समाप्त करते हुए न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाना चाहिए।
शिक्षक हितों की मांग को मिली प्रशासनिक गति
संघ के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस प्रकरण को स्कूल शिक्षा विभाग को भेजा जाना शिक्षक हितों से जुड़े इस मुद्दे को मिली एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रगति है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिला है कि हजारों शिक्षकों की आवाज अब उच्च स्तर तक पहुंच चुकी है और इस विषय पर औपचारिक प्रक्रिया के तहत विचार आगे बढ़ रहा है। प्रदेशभर के शिक्षक इसे अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग के समाधान की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि संगठन लगातार राजपत्र प्रकाशन पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से राहत, पूर्व सेवा अवधि की गणना, तथा वेतन, पेंशन और पदोन्नति संबंधी अधिकारों की सुरक्षा की मांग को प्रमुखता से उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय से प्रकरण का स्कूल शिक्षा विभाग तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि शिक्षकों की मांग अब प्रभावी रूप से शासन-प्रशासन तक पहुंच रही है। अब आवश्यकता इस बात की है कि विभाग इस विषय पर गंभीरता, संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण के साथ शीघ्र निर्णय ले।
प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत का बयान
“राजपत्र प्रकाशन पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षक संवर्ग को TET की बाध्यता से राहत मिलना न्याय और सेवा अधिकारों से जुड़ा विषय है। वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के हितों की रक्षा करना सरकार और विभाग की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा प्रकरण को स्कूल शिक्षा विभाग को भेजा जाना हमारी मांग को मिली महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रगति है। हमें उम्मीद है कि विभाग देश भर के lakhobशिक्षकों के हित में सकारात्मक निर्णय लेगा।”
Tuesday, June 30, 2026
बिना टीईटी के शिक्षकों की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त करने नवीन शिक्षक संघ का सार्थक प्रयास पूर्व सेवा की गणना कर वेतन-पेंशन एवं राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से राहत की मांग को लेकर बालोद से शुरू होगा हस्ताक्षर अभियान
मुंगेली -नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ जिला इकाई के अध्यक्ष रमन शर्मा ने बताया है की संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में शिक्षकों की लंबित मांगों के समाधान के लिए प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान प्रारंभ किया जाएगा। इस अभियान का शुभारंभ बालोद जिले से होगा। अभियान के माध्यम से पूर्व सेवा अवधि की गणना कर वेतन एवं पेंशन का लाभ देने तथा राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखने की मांग राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, प्रदेश के सभी सांसदों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय तक हजारों शिक्षकों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन के माध्यम से पहुंचाई जाएगी।
नवीन शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रमन शर्मा ने
आगे कहा कि वर्तमान पदोन्नति प्रक्रिया में पूर्व से लागू नियम ही प्रभावी हैं। शासन द्वारा जारी राजपत्र में टीईटी को पदोन्नति के लिए अनिवार्य करने संबंधी कोई नया प्रावधान प्रकाशित नहीं किया गया है। इसलिए पूर्व वर्षों की भांति बिना टीईटी की अनिवार्यता के पात्र शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जानी चाहिए।
नवीन शिक्षक संघ की प्रांतीय बैठक में राजनांदगांव जिला कार्यकारिणी का गठन छन्नूलाल साहू जिलाध्यक्ष एवं अजय कड़व जिला सचिव निर्विरोध मनोनीत
संविलियन आंदोलन में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका, संगठन ने जताया विश्वास
राजनांदगांव- नवीन शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ की प्रांतीय बैठक में संगठन विस्तार एवं शिक्षक हितों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसी क्रम में राजनांदगांव जिला इकाई के लिए छन्नूलाल साहू को जिलाध्यक्ष तथा अजय कड़व को जिला सचिव पद पर निर्विरोध मनोनीत किया गया। दोनों पदाधिकारियों के मनोनयन पर प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि छन्नूलाल साहू एवं अजय कड़व लंबे समय से शिक्षक हितों के लिए सक्रिय रहे हैं। विशेष रूप से शिक्षक संविलियन आंदोलन के दौरान दोनों नेताओं ने राजनांदगांव जिले का प्रभावी नेतृत्व करते हुए शिक्षकों को संगठित किया और आंदोलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके संगठनात्मक अनुभव एवं सक्रिय कार्यशैली को देखते हुए संगठन ने पुनः महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे नवीन शिक्षक संघ की विचारधारा के अनुरूप पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे तथा शिक्षकों की लंबित मांगों—पूर्व सेवा अवधि की गणना कर वेतन एवं पेंशन का लाभ, राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से राहत, समयमान/क्रमोन्नति सहित अन्य शिक्षक हितों—को लेकर संगठन के संघर्ष को और अधिक मजबूत बनाएंगे।
प्रांतीय बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेशभर में शिक्षक हितों के मुद्दों पर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा तथा संगठन को जिला एवं विकासखंड स्तर तक और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
नवीन शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ ने विश्वास व्यक्त किया कि छन्नूलाल साहू एवं अजय कड़व के नेतृत्व में राजनांदगांव जिला इकाई शिक्षक हितों की लड़ाई को नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान करेगी।
Monday, June 29, 2026
पूर्व सेवा अवधि की गणना एवं टीईटी से राहत की मांग को लेकर नवीन शिक्षक संघ का आंदोलन शुरू, प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान का ऐलान
रायपुर। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में आयोजित ऑनलाइन बैठक तथा 28 जून को कलेक्टर गार्डन रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से देय समयमान वेतनमान के आधार पर वेतन एवं पेंशन का निर्धारण किया जाए तथा राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से मुक्त रखा जाए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व सेवा अवधि की गणना नहीं होने से हजारों शिक्षकों को वेतन, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति एवं भविष्य की पेंशन संबंधी लाभों में नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं देशभर में लाखों शिक्षक टीईटी संबंधी विभिन्न न्यायिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण असमंजस और असुरक्षा की स्थिति में हैं। ऐसे में राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत प्रदान करना न्यायसंगत होगा।
संघ ने इन दोनों प्रमुख मांगों को लेकर व्यापक जनआंदोलन चलाने का निर्णय लिया है। आंदोलन के प्रथम चरण में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं विकासखंडों में कार्यरत हजारों शिक्षकों के हस्ताक्षर एकत्रित कर प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत बालोद जिले से की जाएगी। इसके पश्चात शिक्षकों के हस्ताक्षरों से युक्त मांग पत्र भारत के महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, प्रदेश के सभी सांसदों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय को प्रेषित कर शिक्षक हित में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि शिक्षक संवर्ग की जायज मांगों के निराकरण के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष किया जाएगा। यदि मांगों पर उचित पहल नहीं होती है तो संगठन आगामी चरणों में आंदोलन को और व्यापक रूप देगा।
बैठक में प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, दुष्यन्त कुम्भकार, अजय कड़व, गंगाशरण पासी, नरेश गुप्ता, सतीश टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, संजीव मानिकपुरी, छन्नूलाल साहू, हरिकांत अग्निहोत्री, राकेश धनकर, बलराम बंजारे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
Thursday, June 25, 2026
शिक्षकों की सात सूत्री मांगों को लेकर नवीन शिक्षक संघ सक्रिय, डीईओ-बीईओ को सौंपा ज्ञापन
पाठ्यपुस्तक, गणवेश, अर्जित अवकाश, टीईटी इंद्राज एवं मानदेय भुगतान सहित कई मुद्दे उठाए
बालोद। नवीन शिक्षक संघ के जिला प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश साहू के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बालोद से मुलाकात कर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
संघ ने मांग की कि नए शिक्षा सत्र में अभी तक अनेक विद्यालयों में विषयवार पाठ्यपुस्तकें एवं गणवेश पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। ऐसे विद्यालयों तक शीघ्र पुस्तकें एवं गणवेश पहुंचाए जाएं, ताकि विद्यार्थियों के अध्ययन-अध्यापन कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश साहू ने बताया कि 1 मई से 30 मई 2026 तक जनगणना मकान सूचीकरण कार्य में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को अर्जित अवकाश प्रदान करते हुए उसका इंद्राज सेवा पुस्तिका में किया जाए। साथ ही विभागीय अनुमति लेकर अथवा बिना अनुमति के टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके शिक्षकों की योग्यता का उल्लेख सेवा पुस्तिका में दर्ज किया जाए तथा वर्ष 2026 में टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की वरिष्ठता सूची में भी इसका उल्लेख किया जाए।
संघ ने जिले के सभी शिक्षकों की सर्विस बुक का सत्यापन कराए जाने की मांग भी रखी। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025-26 में आयोजित पांचवीं एवं आठवीं बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों का लंबित मानदेय शीघ्र भुगतान करने की मांग की गई। संघ का कहना है कि मूल्यांकन कार्य संपन्न हुए काफी समय बीत जाने के बावजूद अनेक शिक्षकों को अभी तक मानदेय प्राप्त नहीं हुआ है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान लोकेश साहू, प्रवीण पांडेय, हिलेश्वर देवांगन, विजय साहू, पार्वती साहू, किसन देवांगन सहित नवीन शिक्षक संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
"शिक्षकों और विद्यार्थियों के हितों से जुड़ी मांगों का शीघ्र निराकरण करें"
नवीन शिक्षक संघ ने प्रशासन से मांग की है कि शिक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान हेतु सात सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की जाए।
Wednesday, June 24, 2026
क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान पर स्पष्ट गणना चार्ट जारी करे शासन जिससे कर्मचारियों व शिक्षकों को वेतनमान चयन करने मे हो आसानी
क्रमोन्नति वेतनमान व समयमान वेतनमान के लाभ-हानि का तुलनात्मक चार्ट जारी करने की मांग को लेकर जल्दी ही वित्त विभाग के अधिकारियो से करेंगे मुलाक़ात नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल
रायपुर - छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय कर्मचारियों एवं शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान अथवा समयमान वेतनमान में से किसी एक विकल्प का चयन करने हेतु निर्धारित समय-सीमा प्रदान की गई है। ऐसे में कर्मचारियों के समक्ष यह महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा हो गया है कि उनके लिए कौन-सा विकल्प अधिक लाभकारी रहेगा।
इस संबंध में कर्मचारी एवं शिक्षक हितों से जुड़े नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने राज्य शासन के वित्त विभाग से मांग की है कि प्रत्येक वेतन स्तर एवं संवर्ग के अनुसार क्रमोन्नति वेतनमान और समयमान वेतनमान का तुलनात्मक वेतन गणना चार्ट तत्काल जारी किया जाए, ताकि कर्मचारी वास्तविक आर्थिक लाभ का आकलन कर सकें और सही विकल्प का चयन कर सकें।
विकास सिंह राजपूत ने कहा कि वर्तमान में अधिकांश कर्मचारी भ्रम की स्थिति में हैं। शासन द्वारा विकल्प चयन की समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है, लेकिन अब तक ऐसा कोई आधिकारिक गणना पत्रक या मार्गदर्शिका जारी नहीं की गई है, जिससे कर्मचारी दोनों व्यवस्थाओं के तहत मिलने वाले वेतन, वार्षिक वेतनवृद्धि, भविष्य के लाभ तथा पेंशन संबंधी प्रभावों की तुलना कर सकें।
उन्होंने कहा कि यदि वित्त विभाग द्वारा संवर्गवार और वेतन स्तरवार तुलनात्मक चार्ट जारी किया जाता है तो कर्मचारियों को निर्णय लेने में सुविधा होगी तथा भविष्य में किसी प्रकार की शिकायत या विवाद की संभावना भी कम होगी।
कर्मचारी संगठनों ने भी शासन से मांग की है कि विकल्प चयन की अंतिम तिथि से पूर्व विस्तृत दिशा-निर्देश एवं गणना चार्ट जारी कर कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जाए।
प्रमुख मांगें
क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान का तुलनात्मक गणना चार्ट जारी किया जाए।
प्रत्येक वेतन स्तर के लिए संभावित लाभ-हानि स्पष्ट की जाए।
कर्मचारियों को विकल्प चयन हेतु विस्तृत मार्गदर्शिका उपलब्ध कराई जाए।
आवश्यकता पड़ने पर विकल्प चयन की समय-सीमा बढ़ाई जाए।
विकास सिंह राजपूत ने कहा कि स्पष्ट एवं पारदर्शी जानकारी के अभाव में कर्मचारी असमंजस की स्थिति में हैं, इसलिए शासन को शीघ्र ही अधिकृत गणना पत्रक जारी कर कर्मचारियों को राहत प्रदान करनी चाहिए इस संबंध मे जल्दी ही वित्त विभाग के अधिकारियो से नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का प्रतिनिधि मंडल मुलाक़ात कर तुलनात्मक गणना चार्ट जारी करने की मांग को प्रमुखता से रखेंगे।
Tuesday, June 23, 2026
जनगणना कार्य का मानदेय और कर्तव्य प्रमाण पत्र देने की मांग, नवीन शिक्षक संघ ने अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
बालोद। नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश के नेतृत्व में एसडीएम राजस्व बालोद, तहसीलदार बालोद एवं नगर पालिका परिषद बालोद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से मुलाकात कर जनगणना मकान सूचीकरण कार्य में लगे शिक्षकों को मानदेय भुगतान एवं कर्तव्य प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
संघ ने बताया कि जनगणना मकान सूचीकरण कार्य के अंतर्गत 1 मई से 30 मई तक ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में बालोद तहसील एवं नगर पालिका परिषद बालोद क्षेत्र के शिक्षकों की ड्यूटी प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के रूप में लगाई गई थी। शिक्षकों ने शासन के निर्देशानुसार अवकाश अवधि में भी पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया।
नवीन शिक्षक संघ ने अधिकारियों को अवगत कराया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान शासकीय कार्य संपादित करने वाले शिक्षकों को नियमानुसार अर्जित अवकाश (Earned Leave) की पात्रता प्राप्त होती है। इसके लिए संबंधित शिक्षकों को कर्तव्य प्रमाण पत्र जारी किया जाना आवश्यक है, ताकि वे अर्जित अवकाश का लाभ प्राप्त कर सकें। साथ ही जनगणना कार्य के लिए देय मानदेय राशि का शीघ्र भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों ने अपने अवकाश का त्याग कर शासन के महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया है, इसलिए उनके अधिकारों और सुविधाओं का समय पर लाभ मिलना चाहिए। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ज्ञापन सौंपने वालों में हिलेश्वर देवांगन, किसन देवांगन, उमेश साहू, धर्मेंद्र देशलहरा, प्रवीण पांडे, प्रेमलाल पाटिल, विजय साहू, विकास शर्मा ,मोहन निषाद सहित नवीन शिक्षक संघ के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, जनगणना कर्मियों के लिए कर्तव्य प्रमाण पत्र एवं अतिरिक्त अर्जित अवकाश की मांग
कोयलीबेड़ा/पखांजूर। नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बलविंदर कौर के नेतृत्व में तहसीलदार एवं जनगणना 2026-27 के चार्ज अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के लिए कर्तव्य प्रमाण पत्र जारी करने तथा कार्य अवधि को अतिरिक्त अर्जित अवकाश के रूप में स्वीकृत करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि भारत की जनगणना 2026-27 के प्रथम चरण के अंतर्गत विकासखंड कोयलीबेड़ा के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कार्यरत प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने 01 मई 2026 से 02 जून 2026 तक कुल 33 दिनों तक ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में निरंतर जनगणना कार्य संपादित किया। इस दौरान कर्मचारियों ने भारत की जनगणना अधिनियम 1948 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।
नवीन शिक्षक संघ ने मांग की है कि जनगणना कार्य में लगे सभी कर्मचारियों को उनके योगदान के सम्मान में कर्तव्य प्रमाण पत्र प्रदान किया जाए तथा 33 दिनों की कार्य अवधि को अतिरिक्त अर्जित अवकाश के रूप में मान्यता देकर आदेश जारी किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में कर्मचारियों ने अपने अवकाश का त्याग कर जिम्मेदारी निभाई है, इसलिए उन्हें नियमानुसार लाभ प्रदान किया जाना आवश्यक है। संघ ने प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नवीन शिक्षक संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
Friday, June 19, 2026
शनिवार को हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों के संचालन समय पर पुनर्विचार करे सरकार : नवीन शिक्षक संघ
स्कूल शिक्षा विभाग को कक्षा 9 से 12 तक के सुबह स्कूल लगाने पर जल्दी निर्णय लेना चाहिए इस संबंध मे जल्दी ही नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का प्रतिनिधिमंडल संचालक महोदय से मुलाक़ात कर मांग पत्र सौंपकर शनिवार सुबह स्कूल लगाने की मांग को प्रमुखता से रखेंगे- विकास सिंह
रायपुर - स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार शनिवार को प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं का संचालन प्रातः 7:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों का संचालन प्रातः 10:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस संबंध में नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने शासन से पुनर्विचार करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के कारण कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को शनिवार के आधे दिवस के अवकाश का लाभ नहीं मिल पाएगा। वर्षों से शनिवार को संचालित होने वाली शारीरिक, सांस्कृतिक, खेलकूद, स्काउट-गाइड, योग तथा अन्य सहशैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता के अवसर भी प्रभावित होंगे।
श्री राजपूत ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी कार्यक्रम भी अत्यंत आवश्यक हैं। शनिवार को पूर्णकालिक शाला संचालन से इन गतिविधियों के लिए समय नहीं मिल पाएगा, जिसका प्रतिकूल प्रभाव विद्यार्थियों पर पड़ सकता है।
नवीन शिक्षक संघ ने स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए भी शनिवार को शाला संचालन का समय पूर्व की भांति प्रातः 7:30 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आधे दिवस के अवकाश का लाभ मिल सके तथा विभिन्न सहशैक्षणिक गतिविधियों का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
Thursday, June 18, 2026
नवीन शिक्षक संघ की ऑनलाइन बैठक संपन्न, 28 जून को रायपुर में होगी पुनः बैठक बनेगी पूर्व सेवा अवधि गणना करने व टीईटी से राहत के लिए आंदोलन की रणनीति
रायपुर। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ की ऑनलाइन बैठक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व व प्रदेश पदाधिकारियों एवं विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा आगामी रणनीति तय की गई। संघ ने निर्णय लिया कि इन विषयों पर आगे की कार्ययोजना एवं आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए 28 जून को रायपुर में पुनः बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में प्रमुख रूप से पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से देय समयमान वेतनमान के अनुसार वेतन एवं पेंशन निर्धारण के विषय पर चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों की पूर्व सेवा अवधि को मान्यता देते हुए उन्हें प्रथम नियुक्ति तिथि से समयमान वेतनमान एवं पेंशन का लाभ प्रदान किया जाना चाहिए।
दूसरे महत्वपूर्ण विषय के रूप में राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी (TET) से राहत देने की मांग पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाना न्यायसंगत होगा।
बैठक में VSK एप में लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। शिक्षकों ने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में सर्वर डाउन, लॉगिन संबंधी परेशानी एवं उपस्थिति रिकॉर्ड प्रदर्शित नहीं होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने मांग की कि विभाग इन तकनीकी खामियों को शीघ्र दूर करे ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों के हितों से जुड़े इन सभी मुद्दों को शासन एवं विभाग के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा तथा आवश्यक होने पर आगे व्यापक आंदोलन की रणनीति भी बनाई जाएगी। 28 जून को रायपुर में होने वाली बैठक में इन विषयों पर विस्तृत चर्चा कर आगामी निर्णय लिए जाएंगे। ऑनलाइन बैठक मे महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा जाटव, प्रदेश सचिव गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, अजय कड़व, ज्योति सक्सेना, दुष्यन्त कुम्भकार, नरेश गुप्ता, मनोज चंद्रा, नंदिनी देशमुख, सतीस टंडन, चंद्रिका पाण्डेय, वेदप्रकाश साहू, बसंत जोगी, रूपा साहू, भूपेंद्र कुमार, मनीष साहू, बलराम बंजारे, प्रेमलाल पाटिल, लोकेश साहू, चोवाराम देशलहरे, टूमन लाल भुआर्य सहित पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।
Tuesday, June 16, 2026
स्कूल खुलने के पहले दिन 39 डिग्री तापमान, विद्यार्थियों के हित में जल्द निर्णय ले सरकार : विकास सिंह राजपूत
भीषण गर्मी के बीच खुले स्कूल, लगातार मांग के बाद भी नहीं हुआ निर्णय में बदलाव
रायपुर -
प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी, उमस तथा कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट के बीच मंगलवार 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई। स्कूल खुलने के पहले ही दिन कई क्षेत्रों में तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में विद्यार्थियों, विशेषकर 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर चिंताएं एक बार फिर सामने आई हैं।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों एवं पालकों द्वारा लगातार 1 जुलाई से स्कूल खोलने की मांग की गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने अपने पूर्व निर्धारित निर्णय में कोई बदलाव नहीं किया और प्रदेशभर के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में आज से कक्षाएं प्रारंभ हो गईं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक जिलों में तापमान अभी भी 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। ऐसी परिस्थितियों में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है। भीषण गर्मी को देखते हुए विभिन्न संगठनों द्वारा शिक्षा मंत्री एवं स्कूल शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर स्कूल खोलने की तिथि आगे बढ़ाने का अनुरोध भी किया गया था।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता, पर्याप्त पंखों की व्यवस्था तथा विद्यार्थियों को गर्मी से बचाने के आवश्यक उपायों को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। पालकों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी एवं उमस की स्थिति में बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन को पुनर्विचार करना चाहिए था।
वर्जन
"प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और उमस की स्थिति बनी हुई है। 6 से 14 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार को 1 जुलाई से स्कूल खोलने पर विचार करना चाहिए था। साथ ही सभी विद्यालयों में पेयजल एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।"
— विकास सिंह राजपूत
प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़
Monday, June 15, 2026
VSK एप का सर्वर ठप, शिक्षकों की बढ़ी चिंता: ऑनलाइन उपस्थिति नहीं होने पर वेतन कटौती का जिम्मेदार कौन?
स्कूल खुलते ही प्रदेश भर के शिक्षक परेशान
दुर्ग/रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के शिक्षकों को VSK एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, निर्धारित समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों के उस दिन का वेतन काटने संबंधी आदेश भी जारी किया गया है।
इसी बीच मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से VSK एप का सर्वर डाउन होने एवं तकनीकी खामियों के कारण शिक्षकों के ऑनलाइन चेक-इन नहीं हो पाने की शिकायतें सामने आई हैं। कई शिक्षकों ने स्क्रीनशॉट साझा कर बताया कि नेटवर्क एवं सर्वर संबंधी समस्याओं के कारण घंटों प्रयास करने के बावजूद उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी।
प्रदेश के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी पहले से ही एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में केवल ऑनलाइन माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था ने शिक्षकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। शिक्षकों का कहना है कि यदि तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है तो इसके लिए संबंधित शिक्षक को जिम्मेदार ठहराना न्यायसंगत नहीं होगा।
नवीन शिक्षक संघ ने इस पूरे मामले में विभाग से गंभीरतापूर्वक विचार करने की मांग करते हुए कहा है कि तकनीकी खामियों के चलते किसी भी शिक्षक का वेतन काटने जैसी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
वर्जन
"ग्रामीण क्षेत्रों में VSK एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में शिक्षकों को नेटवर्क संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। नेटवर्क या सर्वर की समस्या के कारण यदि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है और ऐसी स्थिति में शिक्षकों का वेतन काटा जाता है, तो आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? इस संबंध में विभाग को गंभीरता से विचार करना चाहिए। ऑनलाइन उपस्थिति के बजाय प्रदेश के सभी स्कूलों में बायोमेट्रिक डिवाइस लगाए जाने चाहिए, जिससे पारदर्शिता के साथ-साथ तकनीकी समस्याओं से भी बचा जा सके।"
— विकास सिंह राजपूत
प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़
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