Tuesday, June 30, 2026
नवीन शिक्षक संघ की प्रांतीय बैठक में राजनांदगांव जिला कार्यकारिणी का गठन छन्नूलाल साहू जिलाध्यक्ष एवं अजय कड़व जिला सचिव निर्विरोध मनोनीत
संविलियन आंदोलन में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका, संगठन ने जताया विश्वास
राजनांदगांव- नवीन शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ की प्रांतीय बैठक में संगठन विस्तार एवं शिक्षक हितों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसी क्रम में राजनांदगांव जिला इकाई के लिए छन्नूलाल साहू को जिलाध्यक्ष तथा अजय कड़व को जिला सचिव पद पर निर्विरोध मनोनीत किया गया। दोनों पदाधिकारियों के मनोनयन पर प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि छन्नूलाल साहू एवं अजय कड़व लंबे समय से शिक्षक हितों के लिए सक्रिय रहे हैं। विशेष रूप से शिक्षक संविलियन आंदोलन के दौरान दोनों नेताओं ने राजनांदगांव जिले का प्रभावी नेतृत्व करते हुए शिक्षकों को संगठित किया और आंदोलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके संगठनात्मक अनुभव एवं सक्रिय कार्यशैली को देखते हुए संगठन ने पुनः महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे नवीन शिक्षक संघ की विचारधारा के अनुरूप पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे तथा शिक्षकों की लंबित मांगों—पूर्व सेवा अवधि की गणना कर वेतन एवं पेंशन का लाभ, राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से राहत, समयमान/क्रमोन्नति सहित अन्य शिक्षक हितों—को लेकर संगठन के संघर्ष को और अधिक मजबूत बनाएंगे।
प्रांतीय बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेशभर में शिक्षक हितों के मुद्दों पर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा तथा संगठन को जिला एवं विकासखंड स्तर तक और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
नवीन शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ ने विश्वास व्यक्त किया कि छन्नूलाल साहू एवं अजय कड़व के नेतृत्व में राजनांदगांव जिला इकाई शिक्षक हितों की लड़ाई को नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान करेगी।
Monday, June 29, 2026
पूर्व सेवा अवधि की गणना एवं टीईटी से राहत की मांग को लेकर नवीन शिक्षक संघ का आंदोलन शुरू, प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान का ऐलान
रायपुर। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में आयोजित ऑनलाइन बैठक तथा 28 जून को कलेक्टर गार्डन रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से देय समयमान वेतनमान के आधार पर वेतन एवं पेंशन का निर्धारण किया जाए तथा राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से मुक्त रखा जाए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व सेवा अवधि की गणना नहीं होने से हजारों शिक्षकों को वेतन, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति एवं भविष्य की पेंशन संबंधी लाभों में नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं देशभर में लाखों शिक्षक टीईटी संबंधी विभिन्न न्यायिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण असमंजस और असुरक्षा की स्थिति में हैं। ऐसे में राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत प्रदान करना न्यायसंगत होगा।
संघ ने इन दोनों प्रमुख मांगों को लेकर व्यापक जनआंदोलन चलाने का निर्णय लिया है। आंदोलन के प्रथम चरण में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं विकासखंडों में कार्यरत हजारों शिक्षकों के हस्ताक्षर एकत्रित कर प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत बालोद जिले से की जाएगी। इसके पश्चात शिक्षकों के हस्ताक्षरों से युक्त मांग पत्र भारत के महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, प्रदेश के सभी सांसदों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय को प्रेषित कर शिक्षक हित में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि शिक्षक संवर्ग की जायज मांगों के निराकरण के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष किया जाएगा। यदि मांगों पर उचित पहल नहीं होती है तो संगठन आगामी चरणों में आंदोलन को और व्यापक रूप देगा।
बैठक में प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, दुष्यन्त कुम्भकार, अजय कड़व, गंगाशरण पासी, नरेश गुप्ता, सतीश टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, संजीव मानिकपुरी, छन्नूलाल साहू, हरिकांत अग्निहोत्री, राकेश धनकर, बलराम बंजारे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
Thursday, June 25, 2026
शिक्षकों की सात सूत्री मांगों को लेकर नवीन शिक्षक संघ सक्रिय, डीईओ-बीईओ को सौंपा ज्ञापन
पाठ्यपुस्तक, गणवेश, अर्जित अवकाश, टीईटी इंद्राज एवं मानदेय भुगतान सहित कई मुद्दे उठाए
बालोद। नवीन शिक्षक संघ के जिला प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश साहू के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बालोद से मुलाकात कर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
संघ ने मांग की कि नए शिक्षा सत्र में अभी तक अनेक विद्यालयों में विषयवार पाठ्यपुस्तकें एवं गणवेश पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। ऐसे विद्यालयों तक शीघ्र पुस्तकें एवं गणवेश पहुंचाए जाएं, ताकि विद्यार्थियों के अध्ययन-अध्यापन कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश साहू ने बताया कि 1 मई से 30 मई 2026 तक जनगणना मकान सूचीकरण कार्य में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को अर्जित अवकाश प्रदान करते हुए उसका इंद्राज सेवा पुस्तिका में किया जाए। साथ ही विभागीय अनुमति लेकर अथवा बिना अनुमति के टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके शिक्षकों की योग्यता का उल्लेख सेवा पुस्तिका में दर्ज किया जाए तथा वर्ष 2026 में टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की वरिष्ठता सूची में भी इसका उल्लेख किया जाए।
संघ ने जिले के सभी शिक्षकों की सर्विस बुक का सत्यापन कराए जाने की मांग भी रखी। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025-26 में आयोजित पांचवीं एवं आठवीं बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों का लंबित मानदेय शीघ्र भुगतान करने की मांग की गई। संघ का कहना है कि मूल्यांकन कार्य संपन्न हुए काफी समय बीत जाने के बावजूद अनेक शिक्षकों को अभी तक मानदेय प्राप्त नहीं हुआ है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान लोकेश साहू, प्रवीण पांडेय, हिलेश्वर देवांगन, विजय साहू, पार्वती साहू, किसन देवांगन सहित नवीन शिक्षक संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
"शिक्षकों और विद्यार्थियों के हितों से जुड़ी मांगों का शीघ्र निराकरण करें"
नवीन शिक्षक संघ ने प्रशासन से मांग की है कि शिक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान हेतु सात सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की जाए।
Wednesday, June 24, 2026
क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान पर स्पष्ट गणना चार्ट जारी करे शासन जिससे कर्मचारियों व शिक्षकों को वेतनमान चयन करने मे हो आसानी
क्रमोन्नति वेतनमान व समयमान वेतनमान के लाभ-हानि का तुलनात्मक चार्ट जारी करने की मांग को लेकर जल्दी ही वित्त विभाग के अधिकारियो से करेंगे मुलाक़ात नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल
रायपुर - छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय कर्मचारियों एवं शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान अथवा समयमान वेतनमान में से किसी एक विकल्प का चयन करने हेतु निर्धारित समय-सीमा प्रदान की गई है। ऐसे में कर्मचारियों के समक्ष यह महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा हो गया है कि उनके लिए कौन-सा विकल्प अधिक लाभकारी रहेगा।
इस संबंध में कर्मचारी एवं शिक्षक हितों से जुड़े नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने राज्य शासन के वित्त विभाग से मांग की है कि प्रत्येक वेतन स्तर एवं संवर्ग के अनुसार क्रमोन्नति वेतनमान और समयमान वेतनमान का तुलनात्मक वेतन गणना चार्ट तत्काल जारी किया जाए, ताकि कर्मचारी वास्तविक आर्थिक लाभ का आकलन कर सकें और सही विकल्प का चयन कर सकें।
विकास सिंह राजपूत ने कहा कि वर्तमान में अधिकांश कर्मचारी भ्रम की स्थिति में हैं। शासन द्वारा विकल्प चयन की समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है, लेकिन अब तक ऐसा कोई आधिकारिक गणना पत्रक या मार्गदर्शिका जारी नहीं की गई है, जिससे कर्मचारी दोनों व्यवस्थाओं के तहत मिलने वाले वेतन, वार्षिक वेतनवृद्धि, भविष्य के लाभ तथा पेंशन संबंधी प्रभावों की तुलना कर सकें।
उन्होंने कहा कि यदि वित्त विभाग द्वारा संवर्गवार और वेतन स्तरवार तुलनात्मक चार्ट जारी किया जाता है तो कर्मचारियों को निर्णय लेने में सुविधा होगी तथा भविष्य में किसी प्रकार की शिकायत या विवाद की संभावना भी कम होगी।
कर्मचारी संगठनों ने भी शासन से मांग की है कि विकल्प चयन की अंतिम तिथि से पूर्व विस्तृत दिशा-निर्देश एवं गणना चार्ट जारी कर कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जाए।
प्रमुख मांगें
क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान का तुलनात्मक गणना चार्ट जारी किया जाए।
प्रत्येक वेतन स्तर के लिए संभावित लाभ-हानि स्पष्ट की जाए।
कर्मचारियों को विकल्प चयन हेतु विस्तृत मार्गदर्शिका उपलब्ध कराई जाए।
आवश्यकता पड़ने पर विकल्प चयन की समय-सीमा बढ़ाई जाए।
विकास सिंह राजपूत ने कहा कि स्पष्ट एवं पारदर्शी जानकारी के अभाव में कर्मचारी असमंजस की स्थिति में हैं, इसलिए शासन को शीघ्र ही अधिकृत गणना पत्रक जारी कर कर्मचारियों को राहत प्रदान करनी चाहिए इस संबंध मे जल्दी ही वित्त विभाग के अधिकारियो से नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का प्रतिनिधि मंडल मुलाक़ात कर तुलनात्मक गणना चार्ट जारी करने की मांग को प्रमुखता से रखेंगे।
Tuesday, June 23, 2026
जनगणना कार्य का मानदेय और कर्तव्य प्रमाण पत्र देने की मांग, नवीन शिक्षक संघ ने अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
बालोद। नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश के नेतृत्व में एसडीएम राजस्व बालोद, तहसीलदार बालोद एवं नगर पालिका परिषद बालोद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से मुलाकात कर जनगणना मकान सूचीकरण कार्य में लगे शिक्षकों को मानदेय भुगतान एवं कर्तव्य प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
संघ ने बताया कि जनगणना मकान सूचीकरण कार्य के अंतर्गत 1 मई से 30 मई तक ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में बालोद तहसील एवं नगर पालिका परिषद बालोद क्षेत्र के शिक्षकों की ड्यूटी प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के रूप में लगाई गई थी। शिक्षकों ने शासन के निर्देशानुसार अवकाश अवधि में भी पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया।
नवीन शिक्षक संघ ने अधिकारियों को अवगत कराया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान शासकीय कार्य संपादित करने वाले शिक्षकों को नियमानुसार अर्जित अवकाश (Earned Leave) की पात्रता प्राप्त होती है। इसके लिए संबंधित शिक्षकों को कर्तव्य प्रमाण पत्र जारी किया जाना आवश्यक है, ताकि वे अर्जित अवकाश का लाभ प्राप्त कर सकें। साथ ही जनगणना कार्य के लिए देय मानदेय राशि का शीघ्र भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों ने अपने अवकाश का त्याग कर शासन के महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया है, इसलिए उनके अधिकारों और सुविधाओं का समय पर लाभ मिलना चाहिए। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ज्ञापन सौंपने वालों में हिलेश्वर देवांगन, किसन देवांगन, उमेश साहू, धर्मेंद्र देशलहरा, प्रवीण पांडे, प्रेमलाल पाटिल, विजय साहू, विकास शर्मा ,मोहन निषाद सहित नवीन शिक्षक संघ के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, जनगणना कर्मियों के लिए कर्तव्य प्रमाण पत्र एवं अतिरिक्त अर्जित अवकाश की मांग
कोयलीबेड़ा/पखांजूर। नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बलविंदर कौर के नेतृत्व में तहसीलदार एवं जनगणना 2026-27 के चार्ज अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के लिए कर्तव्य प्रमाण पत्र जारी करने तथा कार्य अवधि को अतिरिक्त अर्जित अवकाश के रूप में स्वीकृत करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि भारत की जनगणना 2026-27 के प्रथम चरण के अंतर्गत विकासखंड कोयलीबेड़ा के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कार्यरत प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने 01 मई 2026 से 02 जून 2026 तक कुल 33 दिनों तक ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि में निरंतर जनगणना कार्य संपादित किया। इस दौरान कर्मचारियों ने भारत की जनगणना अधिनियम 1948 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।
नवीन शिक्षक संघ ने मांग की है कि जनगणना कार्य में लगे सभी कर्मचारियों को उनके योगदान के सम्मान में कर्तव्य प्रमाण पत्र प्रदान किया जाए तथा 33 दिनों की कार्य अवधि को अतिरिक्त अर्जित अवकाश के रूप में मान्यता देकर आदेश जारी किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में कर्मचारियों ने अपने अवकाश का त्याग कर जिम्मेदारी निभाई है, इसलिए उन्हें नियमानुसार लाभ प्रदान किया जाना आवश्यक है। संघ ने प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नवीन शिक्षक संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
Friday, June 19, 2026
शनिवार को हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों के संचालन समय पर पुनर्विचार करे सरकार : नवीन शिक्षक संघ
स्कूल शिक्षा विभाग को कक्षा 9 से 12 तक के सुबह स्कूल लगाने पर जल्दी निर्णय लेना चाहिए इस संबंध मे जल्दी ही नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का प्रतिनिधिमंडल संचालक महोदय से मुलाक़ात कर मांग पत्र सौंपकर शनिवार सुबह स्कूल लगाने की मांग को प्रमुखता से रखेंगे- विकास सिंह
रायपुर - स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार शनिवार को प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं का संचालन प्रातः 7:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों का संचालन प्रातः 10:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस संबंध में नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने शासन से पुनर्विचार करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के कारण कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को शनिवार के आधे दिवस के अवकाश का लाभ नहीं मिल पाएगा। वर्षों से शनिवार को संचालित होने वाली शारीरिक, सांस्कृतिक, खेलकूद, स्काउट-गाइड, योग तथा अन्य सहशैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता के अवसर भी प्रभावित होंगे।
श्री राजपूत ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी कार्यक्रम भी अत्यंत आवश्यक हैं। शनिवार को पूर्णकालिक शाला संचालन से इन गतिविधियों के लिए समय नहीं मिल पाएगा, जिसका प्रतिकूल प्रभाव विद्यार्थियों पर पड़ सकता है।
नवीन शिक्षक संघ ने स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए भी शनिवार को शाला संचालन का समय पूर्व की भांति प्रातः 7:30 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आधे दिवस के अवकाश का लाभ मिल सके तथा विभिन्न सहशैक्षणिक गतिविधियों का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
Thursday, June 18, 2026
नवीन शिक्षक संघ की ऑनलाइन बैठक संपन्न, 28 जून को रायपुर में होगी पुनः बैठक बनेगी पूर्व सेवा अवधि गणना करने व टीईटी से राहत के लिए आंदोलन की रणनीति
रायपुर। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ की ऑनलाइन बैठक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व व प्रदेश पदाधिकारियों एवं विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा आगामी रणनीति तय की गई। संघ ने निर्णय लिया कि इन विषयों पर आगे की कार्ययोजना एवं आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए 28 जून को रायपुर में पुनः बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में प्रमुख रूप से पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से देय समयमान वेतनमान के अनुसार वेतन एवं पेंशन निर्धारण के विषय पर चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों की पूर्व सेवा अवधि को मान्यता देते हुए उन्हें प्रथम नियुक्ति तिथि से समयमान वेतनमान एवं पेंशन का लाभ प्रदान किया जाना चाहिए।
दूसरे महत्वपूर्ण विषय के रूप में राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी (TET) से राहत देने की मांग पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाना न्यायसंगत होगा।
बैठक में VSK एप में लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। शिक्षकों ने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में सर्वर डाउन, लॉगिन संबंधी परेशानी एवं उपस्थिति रिकॉर्ड प्रदर्शित नहीं होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने मांग की कि विभाग इन तकनीकी खामियों को शीघ्र दूर करे ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों के हितों से जुड़े इन सभी मुद्दों को शासन एवं विभाग के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा तथा आवश्यक होने पर आगे व्यापक आंदोलन की रणनीति भी बनाई जाएगी। 28 जून को रायपुर में होने वाली बैठक में इन विषयों पर विस्तृत चर्चा कर आगामी निर्णय लिए जाएंगे। ऑनलाइन बैठक मे महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा जाटव, प्रदेश सचिव गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, अजय कड़व, ज्योति सक्सेना, दुष्यन्त कुम्भकार, नरेश गुप्ता, मनोज चंद्रा, नंदिनी देशमुख, सतीस टंडन, चंद्रिका पाण्डेय, वेदप्रकाश साहू, बसंत जोगी, रूपा साहू, भूपेंद्र कुमार, मनीष साहू, बलराम बंजारे, प्रेमलाल पाटिल, लोकेश साहू, चोवाराम देशलहरे, टूमन लाल भुआर्य सहित पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।
Tuesday, June 16, 2026
स्कूल खुलने के पहले दिन 39 डिग्री तापमान, विद्यार्थियों के हित में जल्द निर्णय ले सरकार : विकास सिंह राजपूत
भीषण गर्मी के बीच खुले स्कूल, लगातार मांग के बाद भी नहीं हुआ निर्णय में बदलाव
रायपुर -
प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी, उमस तथा कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट के बीच मंगलवार 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई। स्कूल खुलने के पहले ही दिन कई क्षेत्रों में तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में विद्यार्थियों, विशेषकर 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर चिंताएं एक बार फिर सामने आई हैं।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों एवं पालकों द्वारा लगातार 1 जुलाई से स्कूल खोलने की मांग की गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने अपने पूर्व निर्धारित निर्णय में कोई बदलाव नहीं किया और प्रदेशभर के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में आज से कक्षाएं प्रारंभ हो गईं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक जिलों में तापमान अभी भी 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। ऐसी परिस्थितियों में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है। भीषण गर्मी को देखते हुए विभिन्न संगठनों द्वारा शिक्षा मंत्री एवं स्कूल शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर स्कूल खोलने की तिथि आगे बढ़ाने का अनुरोध भी किया गया था।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता, पर्याप्त पंखों की व्यवस्था तथा विद्यार्थियों को गर्मी से बचाने के आवश्यक उपायों को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। पालकों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी एवं उमस की स्थिति में बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन को पुनर्विचार करना चाहिए था।
वर्जन
"प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और उमस की स्थिति बनी हुई है। 6 से 14 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार को 1 जुलाई से स्कूल खोलने पर विचार करना चाहिए था। साथ ही सभी विद्यालयों में पेयजल एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।"
— विकास सिंह राजपूत
प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़
Monday, June 15, 2026
VSK एप का सर्वर ठप, शिक्षकों की बढ़ी चिंता: ऑनलाइन उपस्थिति नहीं होने पर वेतन कटौती का जिम्मेदार कौन?
स्कूल खुलते ही प्रदेश भर के शिक्षक परेशान
दुर्ग/रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के शिक्षकों को VSK एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, निर्धारित समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों के उस दिन का वेतन काटने संबंधी आदेश भी जारी किया गया है।
इसी बीच मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से VSK एप का सर्वर डाउन होने एवं तकनीकी खामियों के कारण शिक्षकों के ऑनलाइन चेक-इन नहीं हो पाने की शिकायतें सामने आई हैं। कई शिक्षकों ने स्क्रीनशॉट साझा कर बताया कि नेटवर्क एवं सर्वर संबंधी समस्याओं के कारण घंटों प्रयास करने के बावजूद उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी।
प्रदेश के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी पहले से ही एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में केवल ऑनलाइन माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था ने शिक्षकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। शिक्षकों का कहना है कि यदि तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है तो इसके लिए संबंधित शिक्षक को जिम्मेदार ठहराना न्यायसंगत नहीं होगा।
नवीन शिक्षक संघ ने इस पूरे मामले में विभाग से गंभीरतापूर्वक विचार करने की मांग करते हुए कहा है कि तकनीकी खामियों के चलते किसी भी शिक्षक का वेतन काटने जैसी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
वर्जन
"ग्रामीण क्षेत्रों में VSK एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में शिक्षकों को नेटवर्क संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। नेटवर्क या सर्वर की समस्या के कारण यदि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है और ऐसी स्थिति में शिक्षकों का वेतन काटा जाता है, तो आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? इस संबंध में विभाग को गंभीरता से विचार करना चाहिए। ऑनलाइन उपस्थिति के बजाय प्रदेश के सभी स्कूलों में बायोमेट्रिक डिवाइस लगाए जाने चाहिए, जिससे पारदर्शिता के साथ-साथ तकनीकी समस्याओं से भी बचा जा सके।"
— विकास सिंह राजपूत
प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़
Saturday, June 13, 2026
भीषण गर्मी व जल संकट को देखते हुए 16 जून से स्कूल खोलने के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग
रायपुर - नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी एवं उमस को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 16 जून 2026 से स्कूल खोलने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने माननीय शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन से इस विषय पर गंभीरता से संज्ञान लेने का आग्रह किया है।
वर्जन :
वर्तमान में प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में भीषण गर्मी और अत्यधिक उमस का वातावरण बना हुआ है। ऐसे समय में छोटे-छोटे बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
विकास सिंह राजपूत प्रदेश अध्यक्ष (नवीन शिक्षक संघ छ. ग.)
महिला प्रकोष्ठ प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, बलविंदर कौर, गंगा शरण पासी, नंदिनी देशमुख, ज्योति सक्सेना, गीता चंद्राकर, रूपा साहू ने सुझाव दिया है कि स्कूलों का संचालन 1 जुलाई 2026 से प्रारंभ करने पर विचार किया जाना चाहिए।
प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, दुष्यंत कुम्भकार, रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू, अजय कड़व, प्रकाश चंद कांगे, सतीस टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, राजेश शुक्ला, ब्रिज नारायण मिश्रा, शंकर लाल भार्गव, मनोज चंद्रा ने आगे कहा की प्रदेश के कई ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में भू-जल स्तर में गिरावट के कारण नलकूप एवं बोरिंग से पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। ऐसी परिस्थितियों में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
संजीव मानिकपुरी, वेद प्रकाश साहू, छन्नू लाल साहू, रमन शर्मा, हरिकांत अग्निहोत्री, अमित मैसी, वेदराम साहू, चंद्रिका पाण्डेय ने कहा कि विद्यालयों में पर्याप्त पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना स्कूल खोलना उचित नहीं होगा। इसलिए विद्यार्थियों के स्वास्थ्य हित को ध्यान में रखते हुए 16 जून से स्कूल खोलने के निर्णय पर एक बार पुनर्विचार कर आवश्यक निर्णय लिया जाना चाहिए।
Wednesday, June 10, 2026
राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से राहत एवं सेवा सुरक्षा की मांग, प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेजा गया मांग पत्र
रायपुर, 10 जून। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ द्वारा राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षकों को TET अनिवार्यता से मुक्त रखते हुए उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री, भारत सरकार, केंद्रीय शिक्षामंत्री एवं सचिव, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार को ईमेल तथा स्पीड पोस्ट के माध्यम से मांग पत्र प्रेषित किया गया।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने बताया कि वर्ष 2017 में एनसीटीई द्वारा टीईटी संबंधी संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए गए, जिसके कारण राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत हजारों शिक्षक अनावश्यक प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। जबकि कई राज्यों में ऐसे शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए राहत प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के अर्जित अधिकारों एवं सेवा सुरक्षा को बनाए रखना आवश्यक है।
मांग पत्र में केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि राजपत्र प्रकाशन अथवा संशोधित नियम लागू होने से पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षकों को TET अनिवार्यता से मुक्त किया जाए तथा केवल TET की अनुपलब्धता के आधार पर किसी भी शिक्षक की सेवा, पदोन्नति एवं वेतन संबंधी लाभ प्रभावित नहीं किए जाएं। साथ ही सभी राज्यों के लिए एक समान दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।
संघ ने यह भी उल्लेख किया है कि वर्ष 2017 से 2026 तक बिना TET उत्तीर्ण किए अनेक शिक्षकों को पदोन्नति प्रदान की गई है, ऐसे में शेष बचे शिक्षकों के लिए TET को सेवा सुरक्षा का आधार बनाना न्यायोचित नहीं है। इसलिए मानवीय एवं न्यायसंगत दृष्टिकोण अपनाते हुए पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत प्रदान की जानी चाहिए।
स्पीड पोस्ट के माध्यम से मांग पत्र प्रेषित किए जाने के दौरान विकास सिंह राजपूत, उमा जाटव, गिरीश साहू, दुष्यंत कुंभकार, अमितेश तिवारी, संजीव मानिकपुरी, नंदिनी देशमुख, गीता चंद्राकर, संजय शर्मा, दीपक साहू, विनोद ठाकुर, राकेश धनकर एवं मनोज जोशी उपस्थित रहे।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने केंद्र सरकार से शिक्षकों के व्यापक हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
Tuesday, June 9, 2026
टीईटी-बी.एड. राहत की मांग को लेकर संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग से मिले नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधि
दुर्ग, 09 जून 2026। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग से मुलाकात कर वर्ष 2017 के एनसीटीई/आरटीई संशोधन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी एवं बी.एड. अनिवार्यता से राहत प्रदान करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
संघ ने ज्ञापन में बताया कि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत वर्ष 2017 में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यताओं में संशोधन किया गया, जिसके बाद प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी तथा पदोन्नति हेतु बी.एड. योग्यता को अनिवार्य माना जाने लगा। संघ का तर्क है कि इस संशोधन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति तत्कालीन प्रचलित नियमों एवं योग्यताओं के आधार पर हुई थी, इसलिए उन पर बाद में लागू किए गए प्रावधानों का प्रतिकूल प्रभाव नहीं डाला जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2017 से अप्रैल 2026 तक स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अनेक शिक्षकों की बिना टीईटी एवं बिना बी.एड. के पदोन्नति की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभागीय स्तर पर इन प्रावधानों का एक समान पालन नहीं हुआ। ऐसी स्थिति में शेष बचे शिक्षकों को पदोन्नति एवं सेवा लाभों से वंचित करना प्राकृतिक न्याय एवं समानता के सिद्धांतों के विपरीत होगा।
संघ ने मांग की कि वर्ष 2017 के पूर्व नियुक्त समस्त शिक्षकों को टीईटी एवं बी.एड. अनिवार्यता से पूर्ण छूट प्रदान की जाए, साथ ही 2017 से 2026 के बीच पदोन्नत शिक्षकों के समान शेष पात्र शिक्षकों को भी राहत दी जाए। इसके अतिरिक्त सेवारत शिक्षकों के लिए एकमुश्त विशेष शिथिलीकरण (One Time Relaxation) प्रदान करने तथा टीईटी अथवा बी.एड. के अभाव में किसी भी शिक्षक की पदोन्नति, वेतनवृद्धि, क्रमोन्नति अथवा अन्य सेवा लाभ प्रभावित नहीं करने के स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग भी की गई।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के हजारों शिक्षक वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। ऐसे शिक्षकों के अर्जित सेवा अधिकारों की रक्षा करना शासन की नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शासन शिक्षक हितों एवं व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेकर प्रभावित शिक्षकों को राहत प्रदान करेगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश, संभाग एवं जिला स्तर के पदाधिकारी एवं शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
वर्जन – विकास सिंह राजपूत, प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़:
"वर्ष 2017 के संशोधन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवाएं तत्कालीन नियमों के अनुसार हुई हैं। वर्षों तक सेवा देने वाले शिक्षकों के अर्जित अधिकारों की रक्षा करते हुए उन्हें टीईटी एवं बी.एड. अनिवार्यता से राहत प्रदान की जानी चाहिए, ताकि किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो।"
तथ्य: वर्ष 2017 में शिक्षक शिक्षा संबंधी नियमों में संशोधन के बाद न्यूनतम योग्यताओं के प्रावधानों को लेकर विभिन्न राज्यों में व्याख्या एवं न्यायिक परीक्षण की स्थिति बनी रही है।
प्रतिनिधिमंडल मे प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा जाटव प्रदेश सचिव गिरीश साहू, प्रदेश कोषाध्यक्ष अमितेश तिवारी, संगठन मंत्री दुष्यन्त कुंभकार, महिला प्रकोष्ठ सचिव नंदिनी देशमुख, जिला अध्यक्ष संजीव मानिकपुरी, ब्लॉक अध्यक्ष धमधा संजय शर्मा, दुर्ग दीपक साहू, गीता चंद्राकर, विनोद ठाकुर, राकेश धनकर, मनोज जोशी, छगन लाल गेंड्रे, अशोक देवांगन, अनिल मार्कण्डेय, तीरथ मार्कण्डेय आदि शामिल
Friday, June 5, 2026
शासकीय कर्मचारियों के कैशलेस इलाज के दिशा-निर्देश जारी करने की मांग, स्वास्थ्य संचालक से मिला नवीन शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल
विधानसभा बजट सत्र मे केसलेस इलाज की घोषणा के महीनो बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों को केसलेस इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है शासन स्तर पर जल्दी ही दिशा -निर्देश जारी होना चाहिए - विकास सिंह
रायपुर। प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिलाने की दिशा में नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने पहल करते हुए स्वास्थ्य विभाग के संचालक से मुलाकात कर शीघ्र दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि विधानसभा के बजट सत्र में प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज सुविधा की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इसके कारण कर्मचारियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
संघ ने स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया कि शासन स्तर पर जल्द से जल्द आवश्यक आदेश एवं दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारी और उनके परिवार बिना आर्थिक परेशानी के गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकें।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कैशलेस इलाज व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को गंभीर बीमारी या आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल उपचार उपलब्ध हो सकेगा तथा उन्हें इलाज के लिए आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर विषय पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है। नवीन शिक्षक संघ ने उम्मीद जताई है कि कर्मचारियों के हित में जल्द ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
मुख्य बिंदु
🔹 बजट सत्र में हुई थी कैशलेस इलाज की घोषणा
🔹 अब तक जारी नहीं हुए हैं संचालन संबंधी दिशा-निर्देश
🔹 नवीन शिक्षक संघ ने स्वास्थ्य संचालक को सौंपा ज्ञापन
🔹 कर्मचारियों को शीघ्र लाभ दिलाने की मांग
🔹 प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
Wednesday, June 3, 2026
शिक्षक पदोन्नति सूची में भारी गड़बड़ी: नवीन शिक्षक संघ ने सचिव को सौंपा ज्ञापन, सूची निरस्त करने की मांग
रायपुर | 04 जून 2026 छत्तीसगढ़ में शिक्षक संवर्ग की पदोन्नति को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज शिक्षा विभाग के सचिव से मुलाकात की। संघ ने पदोन्नति हेतु जारी वरिष्ठता सूची में व्याप्त गंभीर त्रुटियों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए एक मांग पत्र सौंपा है।
वरिष्ठता सूची पर उठे गंभीर सवाल
प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी सूची में विसंगतियों की भरमार है। प्रमुख आपत्तियां निम्नलिखित हैं:
उल्टा हुआ क्रम: कई वरिष्ठ शिक्षकों को कनिष्ठ (Junior) और कनिष्ठों को वरिष्ठ (Senior) दर्शाया गया है।
विषय की त्रुटि: कला संकाय के शिक्षकों को विज्ञान और गणित विषय का बता दिया गया है।
पुरानी सूची का दोहराव: पदाधिकारियों का आरोप है कि विभाग ने मेहनत करने के बजाय अप्रैल 2025 की पुरानी सूची को ही बिना संशोधन के दोबारा चस्पा कर दिया है।
मृत और सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम: सूची में उन शिक्षकों के नाम भी शामिल हैं जिनका निधन हो चुका है या जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं। यहाँ तक कि पदोन्नति का त्याग करने वाले शिक्षकों के नाम भी बिना किसी टिप्पणी के शामिल हैं।
संघ की प्रमुख मांगें
प्रतिनिधिमंडल में शामिल गिरीश साहू, उमा जाटव और अन्य पदाधिकारियों ने सचिव से स्पष्ट मांग की है कि:
वर्तमान त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता सूची को तत्काल निरस्त किया जाए।
संभाग और जिला स्तर से अद्यतन (Updated) जानकारी मंगाकर अपात्र, दिवंगत और सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम हटाए जाएं।
01 अप्रैल 2026 की स्थिति के आधार पर नई और त्रुटिरहित सूची प्रकाशित कर दावा-आपत्ति मंगाई जाए।
"विभाग द्वारा मृत और रिटायर्ड शिक्षकों के नाम सूची में रखना प्रशासनिक लापरवाही का प्रमाण है। जब तक सूची सुधारी नहीं जाती, पात्र शिक्षकों के साथ न्याय नहीं होगा।" - प्रतिनिधिमंडल, नवीन शिक्षक संघ
सचिव ने दिया सुधार का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान शिक्षा सचिव ने स्पष्ट किया कि वर्तमान प्रक्रिया 01 अप्रैल 2025 की स्थिति के अनुसार की जा रही है। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि सूची में तकनीकी या मानवीय त्रुटियां हैं, तो उनका गंभीरता से परीक्षण कर सुधार कराया जाएगा। सचिव ने यह भी कहा कि जल्द ही 01 अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार नई वरिष्ठता सूची जारी करने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल:
विकास सिंह राजपूत, गिरीश साहू, प्रकाश चंद कांगे, मनोज चंद्रा, बृजनारायण शर्मा, उमा जाटव, गंगाशरण पासी, बलविंदर कौर, तीरथ मार्कण्डेय, अशोक देवांगन सहित संघ के अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
Tuesday, June 2, 2026
शिक्षा सचिव से शिक्षक प्रतिनिधि मंडल की अहम चर्चा: 'राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त रखने की मांग
लाखो शिक्षकों के हित मे नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्षविकास सिंह राजपूत ने पुरे तथ्यों के साथ स्कूल शिक्षा सचिव छ. ग. शासन से किया चर्चा
रायपुर। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश के उन लाखों शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से मुक्त रखने की पुरजोर मांग की, जिनकी नियुक्ति एवं पदोन्नति संबंधित राजपत्र के प्रकाशन से पूर्व हो चुकी थी।
2017 से 2025 तक विभाग ने अंधेरे में रखा: विकास सिंह राजपूत
शिक्षा सचिव से चर्चा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि:
NCERT का संशोधन: वर्ष 2017 में NCERT द्वारा नियमों में संशोधन कर प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्ति और पदोन्नति हेतु TET को अनिवार्य किया गया था।
विभाग की लापरवाही: स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा साल 2017 से लेकर 2025 तक इस संबंध में न तो कोई दिशा-निर्देश जारी किए गए और न ही विद्यालयों में सेवारत शिक्षकों को इसकी कोई जानकारी दी गई।
लाखों शिक्षकों का नुकसान: विभाग द्वारा समय पर जानकारी न दिए जाने के कारण प्रदेश के लाखों शिक्षक इस परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। ऐसे में अब उन पर यह नियम थोपना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।
"TET लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों ने तत्कालीन निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के तहत सेवा में प्रवेश किया था। बाद में लागू किए गए प्रावधानों को पिछली तारीखों से प्रभावी करना किसी भी दृष्टिकोण से न्यायसंगत नहीं है।" > — विकास सिंह राजपूत, प्रदेश अध्यक्ष (नवीन शिक्षक संघ छ.ग.)
अन्य राज्यों की तर्ज पर पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग
प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा सचिव के सामने मांग रखी कि हजारों शिक्षकों के भविष्य और हितों को ध्यान में रखते हुए शासन को एक स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। संघ ने प्रमुखता से मांग की है कि देश के अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग भी शिक्षकों के हित में पुनर्विचार याचिका (Review Petition) दायर करे।
शिक्षा सचिव ने दिया आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन
शिक्षक संघ की दलीलों और तथ्यों को सुनने के बाद, शिक्षा सचिव ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि संघ द्वारा प्रस्तुत मांगों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग द्वारा ऐसी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी जिससे किसी भी सेवारत शिक्षक के साथ अन्याय न हो।
प्रतिनिधि मंडल में ये रहे शामिल: इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के साथ मुख्य रूप से तीरथ मार्कण्डेय, अशोक देवांगन, अनिल मार्कण्डेय और सतीस टंडन उपस्थित थे।
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