देश भर के लाखो शिक्षकों का उठाया नवीन शिक्षक संघछ. ग. ने आवाज कहा सबका साथ -सबका विकास
केंद्र सरकार करे टेट राहत के मांग पर विचार
दिल्ली - राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षक संवर्ग को TET की अनिवार्यता से राहत दिलाने की मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गए मांग पत्र पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए प्रकरण को स्कूल शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्यवाही हेतु अग्रेषित कर दिया है। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण मांग पर अब विभागीय स्तर पर ठोस पहल और सकारात्मक निर्णय की दिशा में रास्ता खुल सकता है।
वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अधिकारों का मामला
नवीन शिक्षक संघ ने अपने मांग पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों एवं पदोन्नत शिक्षक संवर्ग पर TET की अनिवार्यता लागू करना न्यायोचित नहीं है। संघ का कहना है कि ये शिक्षक वर्षों से शासकीय सेवा में कार्यरत हैं और विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उनके सेवा अधिकार, वरिष्ठता, पदोन्नति, वेतन, पेंशन तथा अन्य लाभों को प्रभावित करने वाली बाध्यता को समाप्त करते हुए न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाना चाहिए।
शिक्षक हितों की मांग को मिली प्रशासनिक गति
संघ के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस प्रकरण को स्कूल शिक्षा विभाग को भेजा जाना शिक्षक हितों से जुड़े इस मुद्दे को मिली एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रगति है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिला है कि हजारों शिक्षकों की आवाज अब उच्च स्तर तक पहुंच चुकी है और इस विषय पर औपचारिक प्रक्रिया के तहत विचार आगे बढ़ रहा है। प्रदेशभर के शिक्षक इसे अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग के समाधान की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि संगठन लगातार राजपत्र प्रकाशन पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से राहत, पूर्व सेवा अवधि की गणना, तथा वेतन, पेंशन और पदोन्नति संबंधी अधिकारों की सुरक्षा की मांग को प्रमुखता से उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय से प्रकरण का स्कूल शिक्षा विभाग तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि शिक्षकों की मांग अब प्रभावी रूप से शासन-प्रशासन तक पहुंच रही है। अब आवश्यकता इस बात की है कि विभाग इस विषय पर गंभीरता, संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण के साथ शीघ्र निर्णय ले।
प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत का बयान
“राजपत्र प्रकाशन पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षक संवर्ग को TET की बाध्यता से राहत मिलना न्याय और सेवा अधिकारों से जुड़ा विषय है। वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के हितों की रक्षा करना सरकार और विभाग की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा प्रकरण को स्कूल शिक्षा विभाग को भेजा जाना हमारी मांग को मिली महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रगति है। हमें उम्मीद है कि विभाग देश भर के lakhobशिक्षकों के हित में सकारात्मक निर्णय लेगा।”