Saturday, August 1, 2026

VSK ऐप की ऑनलाइन उपस्थिति पर पुनर्विचार एवं पदोन्नति में टीईटी-बी.एड. की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग


नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अंतागढ़ विधायक विक्रम देव उसेंडी से की मुलाकात

कांकेर/पखांजूर- नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अंतागढ़ विधायक से उनके पखांजूर प्रवास के दौरान विश्राम गृह में सौजन्य भेंट कर कोयलीबेडा विकासखंड सहित शिक्षा विभाग से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण समस्याओं से अवगत कराया तथा उनके शीघ्र समाधान की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को बताया कि कोयलीबेडा विकासखंड एवं कांकेर जिले का बड़ा हिस्सा दुर्गम एवं वनांचल क्षेत्र में स्थित है, जहां आज भी शिक्षक नदी-नालों और कठिन मार्गों को पार कर विद्यालयों तक पहुंचते हैं। ऐसे क्षेत्रों में नेटवर्क की गंभीर समस्या के कारण VSK ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। इसलिए पूर्व की भांति विद्यालयों में उपस्थिति पंजी (मैनुअल उपस्थिति) को ही मान्य किया जाए, ताकि तकनीकी कारणों से शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

इस पर विधायक श्री उसेंडी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे स्वयं संयुक्त संचालक (जेडी) एवं लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के अधिकारियों से चर्चा कर इस समस्या के समाधान का प्रयास करेंगे।

प्रतिनिधिमंडल ने बीईओ कार्यालय में पूर्व में पदस्थ दोनों अनुभवी बाबुओं की पुनः पदस्थापना की भी मांग रखी। संघ का कहना था कि उनके अनुभव से वेतन आहरण, सेवा संबंधी प्रकरणों एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों का समयबद्ध निराकरण संभव हो सकेगा।

बैठक में संघ ने यह भी मांग रखी कि प्राथमिक प्रधान पाठक, माध्यमिक प्रधान पाठक, उच्च श्रेणी शिक्षक एवं व्याख्याता पद पर पदोन्नति के लिए टीईटी एवं बी.एड. की अनिवार्यता लागू न की जाए। पूर्व वर्षों की तरह पुराने नियमों के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया संचालित करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित 15 अगस्त की समय-सीमा के भीतर सभी पदोन्नतियां पूर्ण की जाएं। संघ ने बिना टीईटी के पात्र शिक्षकों की प्रधान पाठक (प्राथमिक/माध्यमिक) एवं शिक्षक पदों पर पदोन्नति किए जाने की भी मांग प्रमुखता से उठाई।

नवीन शिक्षक संघ छ. ग. ब्लॉक इकाई कोयलीबेडा के अध्यक्ष श्रीमती बलविंदर कौर ने कहा की प्रदेश स्तर मे टीईटी लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से राहत देने व पदोन्नति मे टीईटी व बीएड अनिवार्यता नही रखने की मांग प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व मे लगातार किया जा रहा है और हमें विश्वास है की शासन द्वारा शिक्षकों के साथ न्याय जरूर किया जायेगा।

इस अवसर पर नवीन शिक्षक संघ की अध्यक्ष श्रीमती बलविंदर कौर, उपाध्यक्ष श्री गौतम मंडल, सचिव श्री होरी लाल साहू, मीडिया प्रभारी श्री तुमेश्वर विश्वकर्मा, सह सचिव श्री गोपाल सरकार, श्री जैन सिंह चंद्रवंशी, श्री फगुआ राम भुआर्य, सुश्री किरण कश्यप, सुश्री रूपा मरकाम, सुश्री सुनीता कोटपारिया, सुश्री रितिका कावड़े, श्री गुरुदास बनर्जी सहित नवीन शिक्षक संघ के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। 

संयुक्त वरिष्ठता सूची से व्याख्याता एलबी के पदोन्नति अधिकारों पर संकट, अलग वरिष्ठता सूची बहाल करे शासन – गंगा शरण पासी



रायपुर- नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ की महिला प्रकोष्ठ संगठन मंत्री गंगा शरण पासी ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा व्याख्याता (नियमित) एवं व्याख्याता (एलबी) की संयुक्त वरिष्ठता सूची जारी किए जाने पर गहरी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा है कि इस निर्णय से वर्षों से कार्यरत वरिष्ठ व्याख्याता एलबी कृत्रिम रूप से वरिष्ठता सूची में काफी नीचे चले गए हैं, जिससे उनके प्राचार्य पद पर पदोन्नति सहित अन्य सेवा अधिकार प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो गई है।

उन्होंने कहा कि पूर्व में व्याख्याता एलबी संवर्ग की पृथक वरिष्ठता सूची तैयार की जाती थी तथा प्राचार्य पद पर पदोन्नति में व्याख्याता एलबी संवर्ग के लिए 30 प्रतिशत पदों का प्रावधान किया गया था। उस व्यवस्था से व्याख्याता एलबी संवर्ग के हितों का संरक्षण होता था तथा पदोन्नति प्रक्रिया संतुलित और न्यायसंगत रहती थी। किंतु वर्तमान में संयुक्त वरिष्ठता सूची जारी किए जाने से व्याख्याता एलबी संवर्ग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी नियमित संवर्ग के नीचे पहुंच गए हैं, जिससे उनका पदोन्नति का अवसर प्रभावित हो सकता है।

गंगा शरण पासी ने कहा कि वरिष्ठता किसी भी कर्मचारी के सेवा जीवन का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। यदि वरिष्ठता निर्धारण में असमानता या विसंगति होगी तो पदोन्नति, प्रशासनिक दायित्व एवं भविष्य की समस्त सेवा संबंधी सुविधाएं प्रभावित होंगी। इसलिए शासन को इस विषय पर तत्काल पुनर्विचार करते हुए व्याख्याता एलबी संवर्ग के वैधानिक एवं अर्जित अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि पूर्व व्यवस्था के अनुरूप व्याख्याता एलबी की पृथक वरिष्ठता सूची पुनः जारी की जाए तथा प्राचार्य पद पर व्याख्याता एलबी के लिए निर्धारित 30 प्रतिशत पदोन्नति व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू रखा जाए, जिससे किसी भी वरिष्ठ व्याख्याता एलबी के साथ अन्याय न हो।

नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने चेतावनी दी है कि यदि व्याख्याता एलबी संवर्ग के पदोन्नति अधिकारों एवं वरिष्ठता की रक्षा के लिए शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के व्याख्याता एलबी के साथ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने के साथ -साथ कोर्ट के शरण लेने लिए बाध्य होगा।