समयमान व क्रमोन्नति के स्पष्टता के आभाव मे विकल्प भरने हेतु जल्दबाजी न करे
शासन पहले जारी करे तुलनात्मक चार्ट, तभी शिक्षक-कर्मचारी लें निर्णय — विकास सिंह राजपूत
रायपुर। समयमान वेतनमान और क्रमोन्नति के विकल्प चयन को लेकर प्रदेशभर के शिक्षकों एवं कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शासन द्वारा इस संबंध में 9 जुलाई तक विकल्प प्रस्तुत करने की समय-सीमा निर्धारित किए जाने के बाद नवीन शिक्षक संघ ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए शिक्षकों और कर्मचारियों से बिना स्पष्ट दिशा-निर्देश कोई भी विकल्प न भरने की अपील की है।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि शासन ने समयमान वेतनमान अथवा क्रमोन्नति से संबंधित विकल्प भरने की प्रक्रिया तो शुरू कर दी है, लेकिन अब तक ऐसा कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश, तुलनात्मक विवरण या आधिकारिक चार्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे यह समझा जा सके कि दोनों विकल्पों में से किससे शिक्षक एवं कर्मचारियों को अधिक आर्थिक लाभ, वेतनवृद्धि, पदोन्नति लाभ अथवा सेवा संबंधी सुविधा प्राप्त होगी।
उन्होंने कहा कि यह विषय केवल औपचारिक विकल्प चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर कर्मचारियों के वर्तमान वेतन, भविष्य की आय, पेंशन संबंधी लाभ, वरिष्ठता तथा सेवा-शर्तों पर पड़ सकता है। यदि शिक्षक एवं कर्मचारी बिना समुचित जानकारी, गणना और शासन के आधिकारिक मार्गदर्शन के किसी एक विकल्प का चयन कर लेते हैं, तो भविष्य में उन्हें आर्थिक और सेवा संबंधी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विकास सिंह राजपूत ने शासन से मांग की है कि समयमान वेतनमान और क्रमोन्नति के संबंध में विस्तृत तुलनात्मक चार्ट तत्काल जारी किया जाए। इस चार्ट में यह स्पष्ट रूप से बताया जाए कि किस श्रेणी के शिक्षक एवं कर्मचारियों के लिए कौन-सा विकल्प अधिक लाभकारी होगा, उसकी पात्रता क्या होगी, वेतन पर उसका क्या प्रभाव पड़ेगा, सेवा लाभों में क्या अंतर आएगा तथा भविष्य में उसका आर्थिक लाभ या हानि किस प्रकार होगी।
नवीन शिक्षक संघ ने प्रदेश के समस्त शिक्षक साथियों एवं कर्मचारियों से अपील की है कि जब तक शासन इस विषय में स्पष्ट दिशा-निर्देश, गणनात्मक विवरण और तुलनात्मक चार्ट जारी नहीं करता, तब तक किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में विकल्प न भरें। संघ का कहना है कि अधूरी जानकारी के आधार पर लिया गया निर्णय भविष्य में कर्मचारियों के हितों के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि शासन शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितों के प्रति गंभीर है, तो उसे समयसीमा निर्धारित करने के साथ-साथ निर्णय लेने हेतु आवश्यक सभी तथ्य और विकल्पों का पारदर्शी विश्लेषण भी उपलब्ध कराना चाहिए। तभी कर्मचारी अपने हित में सही, सुरक्षित और न्यायसंगत निर्णय ले सकेंगे।
नवीन शिक्षक संघ ने शासन से मांग की है कि समयमान एवं क्रमोन्नति से संबंधित सभी बिंदुओं पर तत्काल स्पष्टता दी जाए, ताकि प्रदेश के हजारों शिक्षक एवं कर्मचारी भ्रम की स्थिति से बाहर निकल सकें और अपने भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण निर्णय को पूरी जानकारी के साथ ले सकें।
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