Monday, June 15, 2026

VSK एप का सर्वर ठप, शिक्षकों की बढ़ी चिंता: ऑनलाइन उपस्थिति नहीं होने पर वेतन कटौती का जिम्मेदार कौन?

स्कूल खुलते ही प्रदेश भर के शिक्षक परेशान 

दुर्ग/रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के शिक्षकों को VSK एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, निर्धारित समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों के उस दिन का वेतन काटने संबंधी आदेश भी जारी किया गया है।

इसी बीच मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से VSK एप का सर्वर डाउन होने एवं तकनीकी खामियों के कारण शिक्षकों के ऑनलाइन चेक-इन नहीं हो पाने की शिकायतें सामने आई हैं। कई शिक्षकों ने स्क्रीनशॉट साझा कर बताया कि नेटवर्क एवं सर्वर संबंधी समस्याओं के कारण घंटों प्रयास करने के बावजूद उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी।

प्रदेश के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी पहले से ही एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में केवल ऑनलाइन माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था ने शिक्षकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। शिक्षकों का कहना है कि यदि तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है तो इसके लिए संबंधित शिक्षक को जिम्मेदार ठहराना न्यायसंगत नहीं होगा।

नवीन शिक्षक संघ ने इस पूरे मामले में विभाग से गंभीरतापूर्वक विचार करने की मांग करते हुए कहा है कि तकनीकी खामियों के चलते किसी भी शिक्षक का वेतन काटने जैसी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

वर्जन

"ग्रामीण क्षेत्रों में VSK एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में शिक्षकों को नेटवर्क संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। नेटवर्क या सर्वर की समस्या के कारण यदि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है और ऐसी स्थिति में शिक्षकों का वेतन काटा जाता है, तो आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? इस संबंध में विभाग को गंभीरता से विचार करना चाहिए। ऑनलाइन उपस्थिति के बजाय प्रदेश के सभी स्कूलों में बायोमेट्रिक डिवाइस लगाए जाने चाहिए, जिससे पारदर्शिता के साथ-साथ तकनीकी समस्याओं से भी बचा जा सके।"

— विकास सिंह राजपूत

प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़

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