स्कूल खुलने के पहले दिन 39 डिग्री तापमान, विद्यार्थियों के हित में जल्द निर्णय ले सरकार : विकास सिंह राजपूत
भीषण गर्मी के बीच खुले स्कूल, लगातार मांग के बाद भी नहीं हुआ निर्णय में बदलाव
रायपुर -
प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी, उमस तथा कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट के बीच मंगलवार 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई। स्कूल खुलने के पहले ही दिन कई क्षेत्रों में तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में विद्यार्थियों, विशेषकर 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर चिंताएं एक बार फिर सामने आई हैं।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों एवं पालकों द्वारा लगातार 1 जुलाई से स्कूल खोलने की मांग की गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने अपने पूर्व निर्धारित निर्णय में कोई बदलाव नहीं किया और प्रदेशभर के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में आज से कक्षाएं प्रारंभ हो गईं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक जिलों में तापमान अभी भी 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। ऐसी परिस्थितियों में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है। भीषण गर्मी को देखते हुए विभिन्न संगठनों द्वारा शिक्षा मंत्री एवं स्कूल शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर स्कूल खोलने की तिथि आगे बढ़ाने का अनुरोध भी किया गया था।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता, पर्याप्त पंखों की व्यवस्था तथा विद्यार्थियों को गर्मी से बचाने के आवश्यक उपायों को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। पालकों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी एवं उमस की स्थिति में बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन को पुनर्विचार करना चाहिए था।
वर्जन
"प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और उमस की स्थिति बनी हुई है। 6 से 14 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार को 1 जुलाई से स्कूल खोलने पर विचार करना चाहिए था। साथ ही सभी विद्यालयों में पेयजल एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।"
— विकास सिंह राजपूत
प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़
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