राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से राहत एवं सेवा सुरक्षा की मांग, प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेजा गया मांग पत्र
रायपुर, 10 जून। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ द्वारा राजपत्र प्रकाशन के पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षकों को TET अनिवार्यता से मुक्त रखते हुए उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री, भारत सरकार, केंद्रीय शिक्षामंत्री एवं सचिव, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार को ईमेल तथा स्पीड पोस्ट के माध्यम से मांग पत्र प्रेषित किया गया।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने बताया कि वर्ष 2017 में एनसीटीई द्वारा टीईटी संबंधी संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए गए, जिसके कारण राजपत्र प्रकाशन से पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत हजारों शिक्षक अनावश्यक प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। जबकि कई राज्यों में ऐसे शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए राहत प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के अर्जित अधिकारों एवं सेवा सुरक्षा को बनाए रखना आवश्यक है।
मांग पत्र में केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि राजपत्र प्रकाशन अथवा संशोधित नियम लागू होने से पूर्व नियुक्त एवं पदोन्नत शिक्षकों को TET अनिवार्यता से मुक्त किया जाए तथा केवल TET की अनुपलब्धता के आधार पर किसी भी शिक्षक की सेवा, पदोन्नति एवं वेतन संबंधी लाभ प्रभावित नहीं किए जाएं। साथ ही सभी राज्यों के लिए एक समान दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।
संघ ने यह भी उल्लेख किया है कि वर्ष 2017 से 2026 तक बिना TET उत्तीर्ण किए अनेक शिक्षकों को पदोन्नति प्रदान की गई है, ऐसे में शेष बचे शिक्षकों के लिए TET को सेवा सुरक्षा का आधार बनाना न्यायोचित नहीं है। इसलिए मानवीय एवं न्यायसंगत दृष्टिकोण अपनाते हुए पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत प्रदान की जानी चाहिए।
स्पीड पोस्ट के माध्यम से मांग पत्र प्रेषित किए जाने के दौरान विकास सिंह राजपूत, उमा जाटव, गिरीश साहू, दुष्यंत कुंभकार, अमितेश तिवारी, संजीव मानिकपुरी, नंदिनी देशमुख, गीता चंद्राकर, संजय शर्मा, दीपक साहू, विनोद ठाकुर, राकेश धनकर एवं मनोज जोशी उपस्थित रहे।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने केंद्र सरकार से शिक्षकों के व्यापक हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
No comments:
Post a Comment