कैशलेस इलाज की मंजूरी का नवीन शिक्षक संघ ने किया स्वागत, पेंशनरों और 25 वर्ष तक के आश्रित पुत्रों को भी मिले लाभ
नवीन शिक्षक संघ ने कहा स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ हर पात्र कर्मचारी परिवार तक पहुंचे पेंशनरों व आश्रित 25 वर्ष तक के पुत्र को भी योजना मे शामिल किया जाय
रायपुर - छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज सुविधा लागू करने की मंजूरी दिए जाने का नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने स्वागत किया है। संघ ने इसे प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। साथ ही, संघ ने पेंशनरों और 25 वर्ष तक की आयु वाले आश्रित पुत्रों को भी इस सुविधा के दायरे में शामिल करने की मांग की है।
नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा कि कैशलेस इलाज की सुविधा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। गंभीर बीमारी या आकस्मिक स्वास्थ्य संकट के समय उपचार के लिए बड़ी धनराशि की व्यवस्था करना कर्मचारियों के सामने बड़ी चुनौती बन जाता है। कई परिवारों को इलाज के खर्च के लिए अपनी जमा पूंजी खर्च करनी पड़ती है और कभी-कभी संपत्ति तक बेचने की नौबत आ जाती है। ऐसे में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने की पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ पात्र कर्मचारियों को सरल प्रक्रिया के माध्यम से मिलना चाहिए, ताकि जरूरत के समय आर्थिक परेशानी के कारण उपचार में देरी न हो।
संघ के प्रदेश सचिव गिरीश साहू, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा जाटव ने मांग किया है कि कैशलेस इलाज योजना में सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पेंशनरों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें बढ़ जाती हैं और नियमित आय के सीमित स्रोतों के बीच महंगे इलाज का खर्च उठाना कठिन हो जाता है। इसलिए पेंशनरों को भी कैशलेस उपचार की सुविधा देकर उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए।
संघ पदाधिकारी अमितेश तिवारी, दुष्यंत कुम्भकार, राजेश शुक्ला, नंदनी देशमुख, रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू, अजय कड़व, प्रकाशचंद कांगे, बलविंदर कौर, नरेश गुप्ता, गंगा शरण पासी, ज्योति सक्सेना, ब्रिज नारायण मिश्रा, मनोज चंद्रा, शंकरलाल भार्गव ने यह भी मांग रखी कि कर्मचारियों के 25 वर्ष तक की आयु वाले आश्रित पुत्रों को भी निर्धारित पात्रता एवं नियमों के तहत योजना में शामिल किया जाए। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी, जिनके आश्रित बच्चों को गंभीर बीमारी या अन्य चिकित्सा आवश्यकताओं के दौरान महंगे उपचार की जरूरत पड़ती है।
हरिकांत अग्निहोत्री,सतीस टंडन, चंद्रशेखर रात्रे,देवकांत सिन्हा,रोशन मंसूरे, रविनारायण देशमुख,खिल गजेंद्र,छन्नुलाल साहू, वेदप्रकाश साहू, संजीव मानिकपुरी, वेदराम साहू, मनीष साहू, चन्द्रिका पाण्डेय, अमित मैसी,नित्यानंद द्विवेदी, रमन शर्मा ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि योजना के क्रियान्वयन संबंधी दिशा-निर्देश जारी करते समय इन मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाए। नवीन शिक्षक संघ का कहना है कि कैशलेस इलाज की सुविधा केवल एक चिकित्सा योजना नहीं, बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक संकट से बचाने वाली महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा है। योजना का दायरा व्यापक होने से सेवारत कर्मचारियों के साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके पात्र आश्रितों को भी वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
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