Saturday, May 17, 2025
Friday, May 16, 2025
युक्तियुक्तकरण स्थगित, विषय आधारित भर्ती पदोन्नति के लिए राजपत्र प्रकाशन की मांग
बालोद -
नवीन शिक्षक संघ का जिला प्रतिनिधि मंडल वेदप्रकाश साहू के नेतृत्व में डी ई ओ पी सी मरकले के माध्यम से मुख्यमंत्री ,सचिव स्कूल शिक्षा विभाग ,संचालक लोक शिक्षण संचालनालय को युक्तियुक्तकरण से सम्बन्धित मांगो के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया।
युक्तियुक्तकरण के नियम का आदेश वापस ले ।
जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश साहू ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम 28 अप्रैल 2025 को जारी युक्ति युक्तकरण नियम का आदेश वापस लेकर शासन 2008 के सेटअप को यथावत रखते हुए युक्ति युक्तकरण की प्रक्रिया को अपनाए । जिससे कि छात्रों एवं शिक्षकों का किसी प्रकार का अहित न होने पाए।
काउंसलिंग ब्लॉक स्तर पर हो
संघ के लोकेश साहू एवं टोमन भुआर्य ने बताया कि युक्ति युक्तिकरण के लिए प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं उच्च्तर माध्यमिक शालाओं के शिक्षकों का काउंसलिंग पदस्थ ब्लॉक में हो जिससे ब्लॉक में रिक्त पद होने पर उनका पदस्थापना पदस्थ ब्लॉक के शालाओं में हो सके।
राजपत्र प्रकाशन की मांग
संघ के मांग से अवगत कराते हुए जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश साहू ने बताया कि वर्तमान समय में पूर्व माध्यमिक शालाओं में शिक्षकों की नियुक्ति,पदोन्नति एवं युक्ति युक्तकरण विषय अनुसार नहीं किया जा रहा है,अर्थात विषय विशेषज्ञ शिक्षक की शाला की पदस्थापना में कोई नियम नही है।किसी भी विषय का शिक्षक किसी भी विषय को पढ़ा सकता है।पूर्व में शिक्षकों की नियुक्त एवं पदोन्नति शिक्षक के द्वारा
स्नातक किये संकाय के विषय अनुसार होती थी गणित,विज्ञान,अंग्रेजी विषय के शिक्षक नियुक्ति उनके स्नातक विषय के अनुसार होती रही है जिससे विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के द्वारा बच्चों को अध्यापन कराया जाता था। लेकिन पूर्व के भूपेश बधेल की सरकार ने विषय बाध्यता खत्म करते हुए राजपत्र में विषय बाध्यता के नियम को विलोपित कर दिया।वर्तमान सरकार से संघ मांग करता है कि पुनः राजपत्र में पूर्व माध्यमिक शालाओ में शिक्षकों की नियुक्त,पदोन्नति,एवं युक्ति युक्तकरण में विषय बाध्यता लागू करने का नियम का राजपत्र में प्रकाशन किया जावे।
युक्तियुक्तकरण से पहले पदोन्नति दिया जाय
संघ के बलराम बंजारे,नरेंद्र साहू,युवराज सेवता ने बताया कि युक्तियुक्तकरण करने से पहले विभाग को प्राचार्य,व्याख्याता, शिक्षक,प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला के पदों पर पदोन्नति किया जाना चाहिए।
सर्विस बुक के अनुसार हो पदों की गणना
संघ के हलेश्वरी साहू एवं प्रकाश कुम्भकार ने बताया कि शालाओं में शिक्षकों की रिक्त पदों की गणना शिक्षक के सर्विस बुक में इंदराज विषयअनुसार हो।शिक्षक जिस विषय पर नियुक्त या पदोन्नत होकर शाला में पदस्थ हुआ है।उनको संज्ञान में लेकर रिक्त पदों की गणना किया जाना चाहिए।
विषय विकल्प लिए शिक्षकों का हो चिन्हाकन
पूर्व में हुए युक्ति युक्तकरण एवं पदांकन में शिक्षकों द्वारा विषय विकल्प लेकर रिक्त पदों के विषय मे पदांकन किया गया जो कि अनुचित था।अतः ऐसे शिक्षकों के पदों की गणना उनके नियुक्त विषय या सर्विस बुक में इंदराज विषय के अनुसार किया जावे।
ज्ञापन सौपने वालों में लोकेश साहू,टोमन भुआर्य, बलराम बंजारे,नरेंद्र साहू,दीपक सोनी,प्रकाश कुम्भकार,नरेन्द्र साहू,विष्णु सुधाकर,हुलेश्वरी साहू,युवराज सेवता ,धर्मेन्द्र देशलहरा आदि थे
Thursday, May 15, 2025
राज्य कर्मचारियो को केसलेस इलाज के सुविधा देने की मांग स्वास्थ्य मंत्री को सौपा मांग पत्र
रायपुर - शंकर नगर रायपुर स्थित स्वास्थ्य मंत्री के बंगले मे स्वास्थ्यमंत्री जी को प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के केसलेस इलाज की सुविधा प्रदान करने की मांग को लेकर नवीन शिक्षक संघ छ. ग. द्वारा ज्ञापन सौपा गया है नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने मांग पत्र सौपने के बाद कहा की प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को केसलेस इलाज की सुविधा बहुत जरूरी है केसलेस इलाज के आभाव मे पीड़ित कर्मचारी एवं उनके आश्रित परिजन को भारी आर्थिक समस्याओ का सामना करना पड़ता है प्रदेश पदाधिकारी गंगा शरण पासी व चंद्रशेखर रात्रे कहा की शासकीय कर्मचारी या आश्रित परिजन बीमार या दुर्घटना होने पर सुविधा सम्पन्न महंगे निजी अस्पतालो मे इलाज कराते है तो सबसे पहले अस्पताल मे राशि जमा करते है फिर इलाज पूर्ण हो जाने के बाद अस्पताल से छुट्टी होने इलाज मे खर्च हुए भारी भरकम राशि को अपने जमीन, घर, गहने बेचकर या गिरवी रखकर चुकाते है उसके बाद पीड़ित कर्मचारी चिकत्सा प्रतिपूर्ति राशि प्राप्त करने के लिए विभागीय चक़्कर लगातार काटते काटते परेशान हो जाते है तब कही जाकर सालभर बाद चिकित्सा प्रतिपूर्ति की लगभग 70% के आसपास की राशि पीड़ित कर्मचारियो को भुगतान होता है कई ऐसे कर्मचारी तो राशि के आभाव मे अपने व अपने आश्रित परिजन का इलाज सुविधा सम्पन्न अस्पताल मे नही करवा पाते जिससे उनको शारीरिक व आर्थिक दोनों नुकसान का सामना करना पड़ता है प्रदेश पढ़ाशिकारी उमा जाटव, गिरीश साहू, रूपेंद्र सिन्हा, अजय कड़व, प्रकाश चंद कांगे, बालविंदर कौर, शंकर लाल भार्गव, दुष्यन्त कुम्भकार, राजेश शुक्ला, ब्रिज नारायण मिश्रा आदि ने आगे कहा की आखिर राज्य शासन इलाज के बाद पीड़ित कर्मचारियो को चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि भुगतान करते ही है जिसको प्राप्त करने के लिए पीड़ित कर्मचारियो को अनेको बार विभागीय कार्यालय का चक़्कर काटना पड़ता है खर्च हुए राशि की मात्र 70% राशि ही भुगतान प्राप्त कर पाते है जिससे कर्मचारियों को मानसिक, आर्थिक व शारीरिक परेशानियों का सामना इलाज से उबरने के पश्चात करना पड़ता है इसलिए प्रदेश सरकार को चाहिए की प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों का सुविधा सम्पन्न अस्पतालो मे शासकीय कर्मचारियों व आश्रित परिजनों का केसलेस इलाज के लिए शासनादेश लागु किया जाना चाहिए जिससे प्रदेश के शासकीय कर्मचारी अपने व अपने आश्रित परिजनों का इलाज बिना किसी परेशानियों के सुविधा सम्पन्न अस्पतालो मे सहजता से करवा सके केसलेस इलाज के लिए नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का संघर्ष सफलता प्राप्त करने तक जारी रहेगा।
Tuesday, May 13, 2025
शासकीय स्कूल शिक्षक के साथ भेदभाव आत्मानंद स्कूल व अथिति शिक्षकों पर मेहरबान शासकीय स्कूलो मे 60 बच्चो पर मात्र 2शिक्षक वही आत्मानंद स्कूलो मे 60 बच्चो पर पांच शिक्षक दुर्ग बालोद के बाद राजनांदगांव से भी उठी आवाज शिक्षा व्यवस्था को बचाना है तो युक्तियुक्तकरण मे संशोधन हो
राजनांदगांव - नवीन शिक्षक संघ के जिला ईकाई राजनांदगांव के एक प्रतिनिधि मंडल ने जिला अध्यक्ष छन्नूलाल साहू के नेतृत्व में अपर कलेक्टर श्री शर्मा साहब के हाथों मुख्यमंत्री, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग और संचालक लोक शिक्षण संचालनालय के नाम ज्ञापन सौपा। संघ ने युक्तियुक्तकरण नियम में संशोधन , विषय आधारित पदोन्नति और नियुक्ति के लिए राजपत्र प्रकाशन की मांग की। जिलाध्यक्ष छन्नूलाल साहू ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से पहले विभाग को प्राचार्य, व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक, प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक और प्राथमिक शालाओं के पदों पर पदोन्नति करनी चाहिए। २००८ के सेटअप के अनुसार, प्राथमिक शालाओं में न्यूनतम दर्ज संख्या पर एक प्रधान पाठक और दो सहायक शिक्षक का पद स्वीकृत था परन्तु वर्तमान युक्तियुक्तकरण में प्राथमिक शालाओं में केवल दो शिक्षक जिसमें एक प्रधान पाठक और एक सहायक शिक्षक का पद रखा है इसी प्रकार २००८ के सेटअप के अनुसार माध्यमिक शालाओं न्यूनतम छात्र संख्या पर एक प्रधानपाठक और चार शिक्षक स्वीकृत था, परन्तु वर्तमान में विभाग ने पूर्व माध्यमिक शालाओं में एक प्रधानपाठक और तीन शिक्षक का पद रखा है। यह व्यवस्था अव्यवहारिक है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति २०२० का पूर्णता पालन नहीं करती है। आत्मानंद शालाओं में प्रतिनियुक्त शिक्षकों और शालाओं पर नियम की प्रभाव शीलता पर भी सवाल उठाया है। एक ही परिसर में संचालित उच्चतर शालाओं निचली शालाओं को मर्ज करने से शिक्षण स्तर और नियंत्रण पर बुरा असर पड़ेगा। संघ ने इस दोषपूर्ण और अव्यवहारिक युक्तियुक्तकरण नियम में संशोधन करने की मांग की है।
*प्राथमिक शालाओं में सिर्फ दो ही शिक्षक*
संघ के जिला सचिव अजय कड़व ने बताया कि, न्यूनतम दर्ज प्राथमिक शालाओं में सिर्फ दो शिक्षक जिसमें एक प्रधान पाठक और एक सहायक शिक्षक रखना छात्रों के भविष्य के लिए उचित नहीं है। प्राथमिक शाला के शिक्षकों पर लगातार डाक कार्य और गैर शैक्षणिक कार्यों की जिम्मेदारी डाली जाती है ऐसे में केवल दो शिक्षक पाँच कक्षाओं को कैसे पढ़ा पायेंगें। इससे प्राथमिक शालाओं के शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित होंगी और प्रायवेट/अशासकीय शालाओं को लाभ होगा। नवीन शिक्षक संघ ने २००८ के सेटअप को यथावत रखकर मौजूदा युक्तियुक्तकरण नियम को संशोधित करने की मांग की है।
छन्नूलाल साहू ने कहा है कि, पूर्व में युक्तियुक्तकरण के समय रिक्त पदों पर विकल्प विषय के शिक्षक पदस्थ किए गए थे। जैसे कला विषय का शिक्षक, गणित विषय / विज्ञाान विषय के रिक्त पद पर पदस्थ हो गए जिसके बाद में नियुक्त गणित शिक्षक अतिशेष हो गया। यह शिक्षक स्तर को गिराने वाला निर्णय है। ऐसे विकल्प शिक्षकों को अतिशेष मना जाए। संघ ने मांग की है कि, रिक्त पदों की गणना शिक्षकों की सर्विस बुक में दर्ज विषय और नियुक्ति और पदोन्नति के विषय के आधार पर होनी चाहिए। सिर्फ प्रधानपाठक या शिक्षक के जानकारी के आधार पर गणना नहीं होनी चाहिए।
Monday, May 12, 2025
सभी पात्र शिक्षक एलबी संवर्ग को क्रमोंनती प्रदान करने व युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया मे संशोधन के लिए शासन स्तर पर कोई पहल नही जिससे पुरे शिक्षक एलबी संवर्ग आक्रोशित
रायपुर - श्रीमती सोना साहू को सुप्रीम कोर्ट एवं हाई कोर्ट के माध्यम से पंचायत व शिक्षा विभाग से एरियर्स सहित क्रमोन्ति वेतनमान दिया गया हाई वही अन्य पात्र शिक्षक एलबी संवर्ग को श्रीमती सोना साहू से अलग मामला बताकर एरियर्स सहित क्रमोन्ति वेतनमान देने से इंकार किया जा रहा साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा एक बार फिर से युक्तियुक्तकरण की नीति लागू करने की कवायद शुरू कर दी गई है। यह वही नीति है, जिसे पिछले वर्ष प्रदेश भर के शिक्षक संगठनों के भारी विरोध के चलते वापस ले लिया गया था। उस समय राज्य सरकार ने नवीन शिक्षक सहित अन्य शैक्षिक संगठनों को स्पष्ट आश्वासन दिया था कि भविष्य में इस प्रकार के निर्णय सभी संबंधित संगठनों से परामर्श लेकर ही लिए जाएंगे।
लेकिन अब एक बार फिर से बिना किसी शैक्षिक संगठनों से परामर्श या सुझाव के शिक्षा सत्र के अंत में उसी रद्द हो चुके नियम को थोपा जा रहा है। इस निर्णय को लेकर नवीन शिक्षक संघ छ. ग. ने तीखी नाराजगी जतायी है। प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा है कि पिछले दिनों राज्य शासन को युक्तियुक्तकरण को लेकर ज्ञापन भी सौंपा गया था। बावजूद सरकार अपनी हठधर्मिता अपना रही है,2008 सेटअप से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने युक्तियुक्तकरण को शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने वाला और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। महिला प्रकोष्ठ के अध्यक्ष उमा जाटव, गंगा शरण पासी बलविंदर कौर ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश की शिक्षा प्रणाली चौपट हो जाएगी प्रदेश सचिव गिरीश साहू, ब्रिज नारायण मिश्रा, प्रकाश चंद कांगे, अजय कड़व राजेश शुक्ला ने कहा है कि 2008 के सेटअप में छेड़छाड़ शिक्षा व्यवस्था के लिए आत्मघाती कदम होगा। नवीन शिक्षक संघ के पदाधिकारीयो साफ कहा है कि पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण किये बगैर युक्तियुक्तकरण करना बेहद ही अव्यवाहरिक कदम है।
प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत का कहना है कि प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक एवं शिक्षक वर्गों की पदोन्नति कई वर्षों से लंबित है, जिसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यदि युक्तियुक्तकरण इससे पहले किया गया तो शिक्षकों को बड़ा नुकसान होगा और इससे आक्रोश फैलना स्वाभाविक है।
नवीन शिक्षक संघ ने यह भी मांग की है कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया 2008 स्वीकृत सेटअप और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुरूप ही की जाए। वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत पदों और उसी आधार पर हुई नियुक्तियों को नजरअंदाज कर अगर प्रक्रिया की जाती है, तो बड़ी संख्या में शिक्षक अतिशेष (Surplus) की श्रेणी में आ जाएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
नवीन शिक्षक संघ द्वारा इस मुद्दे को लेकर पिछले वर्ष मुख्यमंत्री एवं शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपा गया है। प्रदेश मीडिया प्रभारी मनोज चंद्र दुष्यन्त कुम्भकार सतीश टंडन शंकर लाल भार्गव ने जानकारी देते हुए बताया कि यदि युक्तियुक्तकरण के नाम पर शिक्षकों पर अन्याय किया गया, तो संघ सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगा। इस अन्यायपूर्ण कदम का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा इस संबंध मे जल्दी ही सभी शैक्षिक संगठनों से चर्चा कर पूरी एकजुटता के साथ श्रीमती सोना साहू की तरह ही एरियर्स सहित क्रमोन्ति वेतनमान प्रदान करने की मांग किया जायेगा व विसंगति पूर्ण युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया का विरोध किया जायेगा विभाग जानबूझकर दोनों मुद्दे पर शिक्षक एलबी संगठनों से चर्चा नही कर रही है ज़ब तक विभागीय उच्च अधिकारियो के साथ शिक्षक संगठनों का चर्चा नही होगा तब तक दोनों मुद्दे पर शिक्षक व विभाग के बीच गतिरोध बना रहेगा जिसका सीधा नुकसान शिक्षा व्यवस्था पर होगा।
Sunday, May 11, 2025
युक्तियुक्तकरण मे संशोधन देय समयमान वेतनमान के अनुसार वेतन की गणना एवं 20 वर्ष मे पूर्ण पेंशन की मांग सहयोग के लिए मिले अहिवारा विधायक से नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल
दुर्ग -अहिवारा क्षेत्र के विधायक माननीय डोमनलाल कोर्सेवाड़ा(गुरु जी )से मुलाक़ात कर नवीन शिक्षक संघ छ. ग. ने 2008 सेटअप को यथावत रखने, पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से वेतनमान की गणना कर कर्मोंनती /समयमान वेतनमान प्रदान करने एवं 20 वर्ष सेवा अवधि पूर्ण करने वाले समस्त कर्मचारियों को पूर्ण पेंशन लाभ देने की शासन स्तर पर पहल करने की मांग किया गया। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा है की स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण दिशा निर्देश मे संशोधन हेतु नवीन शिक्षक संघ छ. ग. द्वारा कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओ पर सुझाव दिया गया है शिक्षा व्यवस्था के बेहतरी व विद्यार्थियों के हित के लिए विभाग द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण दिशा निर्देश मे नवीन शिक्षक संघ द्वारा दिए गए सुझाव को शामिल कर संशोधन के साथ युक्तियुक्तकरण के लिए विभाग नवीन दिशा निर्देश जारी किया जाना चाहिए जिससे प्रदेश मे गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा व्यवस्था संचालित हो सके साथ ही वर्तमान मे श्रीमती सोना साहू को माननीय न्यायालय के माध्यम से एरियर्स राशि सहित कर्मोंनती वेतनमान भुगतान किया गया है ठीक उसी तरह समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग को पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से एरियर्स सहित देय समयमान वेतनमान के आधार पर वेतन भुगतान करना चाहिए साथ ही केंद्र सरकार के समान छ. ग. राज्य कर्मचारियों को 20वर्ष सेवा पूर्ण करने के पश्चात पूर्ण पेंशन का लाभ देना चाहिए अहिवारा विधायक से मुलाक़ात के समय जिलाध्यक्ष दुर्ग संजीव मानिकपुरी, खिलेन्द्र बघेल, विनोद ठाकुर, अशोक देवांगन, राकेश धनकर आदि शामिल थे
Friday, May 9, 2025
एक राज्य एक क़ानून श्रीमती सोना साहू कर्मोंनती केस अन्य शिक्षक एलबी से अलग नही शासन जनरल आदेश का किया जायेगा प्रयास नही तो कोर्ट मे अधिकारियो की वजह से फिर होगा सरकार की किरकिरी
एक राज्य एक क़ानून श्रीमती सोना साहू कर्मोंनती केस अन्य शिक्षक एलबी से अलग नही शासन जनरल आदेश का किया जायेगा प्रयास नही तो कोर्ट मे अधिकारियो की वजह से फिर होगा सरकार की किरकिरी
रायपुर - श्रीमती सोना साहू को हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट से जीत मिलने के बाद शासन द्वारा दिए तर्क कोर्ट मे धराशायी हो गए और अंततः शासन को श्रीमती सोना साहू को पंचायत व शिक्षा विभाग से कर्मोंनती का एरियर्स राशि भुगतान करना पड़ा अब कुछ साथियो ने श्रीमती सोना साहू की ही तरह कर्मोंनती वेतनमान एरियर्स सहित प्रदान करने की मांग कोर्ट के माध्यम से किया है कोर्ट मे सुनवाई के दौरान शासन पक्ष के वकील द्वारा तर्क रखा गया है की श्रीमती सोना साहू का प्रकरण अन्य शिक्षक एलबी संवर्ग से अलग है इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा की शासन द्वारा कोर्ट मे जो तर्क दिया है वह बिलकुल ही हास्यास्पद है मात्र शिक्षक एलबी संवर्ग को कर्मोंनती की राशि एरियर्स सहित भुगतान नही करने का प्रयास मात्र है नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने आगे कहा की एक राज्य एक क़ानून होगा श्रीमती सोना साहू का प्रकरण अन्य शिक्षक एलबी संवर्ग से बिलकुल अलग नही है समस्त पात्र शिक्षक एलबी संवर्ग को पंचायत व शिक्षा विभाग को मिलाकर क्रमोन्ति वेतनमान की एरियर्स राशि सहित भुगतान करना होगा आने वाले समय मे कोर्ट के सामने शासन के तर्क धराशायी होंगे श्रीमती सोना साहू की तरह ही पंचायत व शिक्षा विभाग से कर्मोंनती वेतनमान सभी पात्र शिक्षक एलबी संवर्ग को भुगतान शासन द्वारा हो इसलिए सरकार से समस्त पात्र शिक्षक एलबी संवर्ग के लिए कर्मोंनती वेतनमान के लिए जनरल आदेश जारी हो का प्रयास किया जायेगा नही तो शासन को पुनः कोर्ट मे हार का सामना करना पड़ेगा।
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