Tuesday, August 18, 2026

सेवा व पदोन्नति सुरक्षा हेतु 22 अगस्त को सभी विकासखंडों में धरना-प्रदर्शन एवं रैली


पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार टीईटी एवं बीएड की बाध्यता के बिना पदोन्नति देने की मांग को लेकर शिक्षक होंगे लामबंद

रायपुर - प्रदेश में शिक्षकों की सेवा एवं पदोन्नति सुरक्षा को लेकर शिक्षक संगठनों द्वारा आंदोलन को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में 22 अगस्त 2026 को प्रदेश के सभी विकासखंडों में धरना-प्रदर्शन एवं रैली आयोजित कर शासन-प्रशासन के समक्ष शिक्षकों की प्रमुख मांगों को रखा जाएगा।

सहायक शिक्षक समग्र फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर, नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत एवं सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने संयुक्त रूप से शिक्षकों से 22 अगस्त के आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है।

बसंत कौसिक, सिराज बक्स, उमा जाटव, गिरीश साहू, व मो. यासिर इरफ़ान का कहना है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति एवं पदोन्नति पूर्व प्रचलित सेवा नियमों के तहत हुई है, उनकी सेवा एवं पदोन्नति के बीच में नए नियमों की बाध्यता लागू कर उन्हें प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। संगठनों ने मांग की है कि पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार टीईटी एवं बीएड की बाध्यता के बगैर पात्र शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ दिया जाए तथा उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।



शिक्षक संगठनों ने कहा कि लंबे समय से शिक्षक अपनी सेवा एवं पदोन्नति सुरक्षा को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। शिक्षकों की समस्याओं का न्यायसंगत समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

रविंद्र राठौर, विकास सिंह राजपूत एवं प्रदीप पाण्डेय ने प्रदेश के सभी शिक्षकों से अपील की है कि 22 अगस्त को अपने-अपने विकासखंड मुख्यालय में आयोजित धरना-प्रदर्शन एवं रैली में एकजुट होकर शामिल हों और “सेवा सुरक्षा एवं पदोन्नति सुरक्षा” की आवाज को मजबूती प्रदान करें।

आंदोलन के माध्यम से शिक्षक संगठनों ने शासन से मांग की है कि शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पूर्व प्रचलित नियमों के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया पूरी की जाए और टीईटी एवं बीएड की बाध्यता से प्रभावित शिक्षकों को न्याय प्रदान किया जाए। 

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