Monday, August 10, 2026

पदोन्नति चाहिए, नई बाध्यता नहीं!”—TET और B.Ed. पर राहत व पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति देने की मांग तेज


नवीन शिक्षक संघ ने शासन को सौंपा मांग पत्र, कहा—नियुक्ति के समय प्रभावी नियमों से तय हो पदोन्नति

रायपुर- प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में वर्षों से सेवा दे रहे हजारों शिक्षकों की पदोन्नति का मामला एक बार फिर गरमा गया है। नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने सहायक शिक्षक से शिक्षक तथा शिक्षक से व्याख्याता पदोन्नति में TET एवं B.Ed. की अनिवार्यता से राहत देने की मांग को लेकर 

स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव/संचालक को मांग पत्र सौंपा है।

नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा है कि वर्षों से शासकीय सेवा में कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति केवल TET अथवा B.Ed. की अनिवार्यता के कारण प्रभावित नहीं होनी चाहिए। संघ के प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, दुष्यन्त कुम्भकार, अमितेश तिवारी, राजेश शुक्ला, रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू, अजय कड़व, नरेश गुप्ता, मनोज चंद्रा, सतीस टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, ब्रिज नारायण मिश्रा, शंकरलाल भार्गव, प्रकाश चंद कांगे के अनुसार वर्ष 2017 में NCTE द्वारा किए गए संशोधन के संबंध में सेवारत शिक्षकों के लिए छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश एवं प्रभावी क्रियान्वयन आदेश उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में नियुक्ति के समय लागू नियमों के तहत सेवा में आए शिक्षकों के पदोन्नति अधिकारों का संरक्षण किया जाना आवश्यक है।

दो प्रमुख पदोन्नति पर सीधा असर

नवीन शिक्षक संघ महिला प्रकोष्ठ प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, गंगा शरण पासी, बलविंदर कौर, नंदिनी देशमुख,ज्योति सक्सेना,गीता चंद्राकर, रूपा साहू ने मांग की है कि सहायक शिक्षक से शिक्षक पदोन्नति में TET की अनिवार्यता से राहत देते हुए पूर्व प्रचलित नियमों के आधार पर पदोन्नति की जाए। वहीं शिक्षक से व्याख्याता पदोन्नति में TET एवं B.Ed. की अनिवार्यता से राहत देकर वरिष्ठता एवं पात्रता के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया पूरी की जाए।

संघ ने यह भी कहा है कि नियुक्ति के समय प्रभावी नियमों के आधार पर वर्षों की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों के अर्जित सेवा एवं पदोन्नति अधिकारों का संरक्षण होना चाहिए। लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया के कारण शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है।

“रिक्त पद हैं तो पदोन्नति में देरी क्यों?”

संघ का कहना है कि प्रदेश के अनेक विद्यालयों में विषय शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है। दूसरी ओर पदोन्नति योग्य शिक्षक लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में रिक्त पदों के विरुद्ध वरिष्ठता एवं पात्रता के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने से विद्यालयों में विषय शिक्षकों की कमी को भी दूर किया जा सकता है।

नवीन शिक्षक संघ ने शासन से मांग की है कि - सहायक शिक्षक→शिक्षक एवं

शिक्षक→व्याख्याता* के लंबित पदोन्नति प्रकरणों का तत्काल निराकरण करते हुए पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ एवं पूर्ण की जाए। संघ ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए शासन इस विषय पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय ले। 

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