राखी की लाज रखना होगा सरकार को, शिक्षिका बहनों ने मांगा ‘टेट मुक्त पदोन्नति’ का तोहफा
मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र, सेवा-पदोन्नति सुरक्षा और वेतन विसंगति दूर करने की मांग
दुर्ग/बगिया- रक्षाबंधन के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की सैकड़ों शिक्षिका बहनों ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री की कलाई पर राखी बांधकर शिक्षक हित में बड़ा निर्णय लेने की मांग की। 27 अगस्त को रविंद्र राठौर, विकास सिंह राजपूत एवं प्रदीप पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित विशाल रक्षा सूत्र न्याय यात्रा के दौरान शिक्षिका बहनें मुख्यमंत्री निवास बगिया एवं शिक्षामंत्री निवास दुर्ग पहुंचीं और शिक्षक साझा मंच की प्रमुख मांगों को सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखा।
बलविंदर कौर, नंदिनी देशमुख, रूपा साहू, तेश्वरी साहू, सहित सभी शिक्षिका बहनों ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री को भाई मानकर उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा है। बदले में उन्हें कोई व्यक्तिगत उपहार नहीं चाहिए, बल्कि प्रदेश के हजारों शिक्षक भाइयों के भविष्य, सेवा और पदोन्नति की सुरक्षा चाहिए। उन्होंने मांग की कि RTE लागू होने के पूर्व से सेवारत शिक्षकों की पदोन्नति पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार बिना TET की अनिवार्यता के की जाए।
“राखी बांधी है, अब वचन निभाने की बारी”
रक्षा सूत्र न्याय यात्रा के माध्यम से शिक्षकों ने सरकार से TET से सेवा सुरक्षा एवं पदोन्नति सुरक्षा देने की मांग भी दोहराई। इसके साथ ही सहायक शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगति को दूर करने तथा मोदी की गारंटी में किए गए शिक्षक हितैषी वादों को शीघ्र पूरा करने की मांग रखी गई।
शिक्षिका बहनों ने सरकार से भावुक अपील करते हुए कहा कि जिस तरह भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है, उसी तरह सरकार भी शिक्षकों के हितों की रक्षा का वचन निभाए। उनका कहना था कि “हमने सरकार की कलाई पर राखी बांधी है, अब सरकार इस राखी की लाज रखते हुए शिक्षकों को टेट मुक्त पदोन्नति का तोहफा दे।”
सरकार के अगले कदम पर टिकी शिक्षकों की नजर
नवीन शिक्षक संघ प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत का कहना है कि यदि सरकार शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति के स्पष्ट दिशा-निर्देश शीघ्र जारी करती है, तो प्रदेश के हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी और लंबे समय से चल रहे संघर्ष का समाधान संभव होगा।
अब शिक्षकों की नजर मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन पर है। आने वाले दिनों में सरकार पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति को लेकर दिशा-निर्देश कब तक जारी करती है, यह महत्वपूर्ण होगा।
सहायक शिक्षक समग्र फेडरेशन के अध्यक्ष रविंद्र राठौर व सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने उम्मीद जताई है कि सरकार शिक्षिका बहनों द्वारा बांधे गए रक्षा सूत्र की लाज रखते हुए शिक्षक हित में शीघ्र निर्णय लेगी। यदि मांगों पर समय रहते सकारात्मक पहल होती है तो शिक्षक आंदोलन की बजाय सरकार के साथ मिलकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
शिक्षक साझा मंच की प्रमुख मांगें
▪️ RTE लागू होने के पूर्व से सेवारत शिक्षकों की बिना TET पदोन्नति
▪️ TET से सेवा सुरक्षा एवं पदोन्नति सुरक्षा
▪️ सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति का निराकरण
▪️ मोदी की गारंटी के शिक्षक हितैषी वादों को शीघ्र पूरा करना
▪️ पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करना
*नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत का कहना है की अब सवाल सिर्फ पदोन्नति का नहीं है,सवाल उस राखी की लाज का है जो शिक्षिका बहनों ने सरकार की कलाई पर बांधी है*।
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