Sunday, August 9, 2026

तबादला आदेश में विभाग की बड़ी चूक उजागर, एक ही शिक्षक का दो अलग-अलग स्थानों पर पदस्थापन 700 शिक्षकों के तबादला पर लगा सवालिया निशान


                                                                             एक शिक्षक, दो तबादले!


रायपुर-  स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी प्रशासनिक तबादला आदेश में बड़ी लापरवाही सामने आई है। आदेश की सूची में एक ही शिक्षक का नाम दो अलग-अलग क्रमांक पर दर्ज करते हुए दो स्थानों पर तबादला कर दिया गया है। इससे विभागीय तबादला प्रक्रिया की पारदर्शिता और आदेश तैयार करने में बरती गई सावधानी पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार क्रमांक 1 में श्री व्यास देव कश्यप, प्रधान पाठक का वर्तमान पदस्थापन शासकीय प्राथमिक शाला कोड़ीरिपाल, विकासखंड कटेकल्याण, जिला दंतेवाड़ा दर्शाया गया है। उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर के विकल्प पर नवीन पदस्थापना दी गई है।

वहीं इसी आदेश में क्रमांक 20 पर पुनः श्री व्यास देव कश्यप, प्रधान अध्यापक का नाम दर्ज है। यहां उनका वर्तमान पदस्थापन वही शासकीय प्राथमिक शाला कोड़ीरिपाल, विकासखंड कटेकल्याण, जिला दंतेवाड़ा बताया गया है, लेकिन नवीन पदस्थापना शासकीय प्राथमिक शाला बनिया, विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा, जिला कोरबा दर्शाई गई है।

सवाल—आखिर शिक्षक जाएं तो जाएं कहां?

एक ही शिक्षक का एक ही आदेश में दो बार नाम शामिल होना और दोनों जगह अलग-अलग नवीन पदस्थापना दिया जाना विभागीय रिकॉर्ड एवं आदेश तैयार करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। यदि दोनों प्रविष्टियां एक ही व्यक्ति की हैं, तो एक शिक्षक एक साथ दो अलग-अलग स्थानों पर कैसे कार्यभार ग्रहण करेगा?

नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू, राजेश शुक्ला, नरेश गुप्ता ने मामले को विभाग की गंभीर प्रशासनिक चूक बताते हुए कहा है कि तबादला आदेश जारी करने से पहले नाम, पद, वर्तमान पदस्थापना एवं नवीन पदस्थापना का समुचित सत्यापन किया जाना चाहिए था। महिला प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव, गंगा शरण पासी, बलविंदर कौर, नंदिनी देशमुख, गीता चंद्राकर, रूपा साहू व ज्योति सक्सेना ने मांग की है कि मामले की जांच कर सही तबादला आदेश को निरस्त कर खुली तबादला नीति जारी किया जाए जिससे युक्तियुक्तकरण से प्रभावित व वर्षो से अपने गृह जिला से दूर शिक्षकों को राहत मिल सके ताकि संबंधित शिक्षक 

प्रदेश पदाधिकारी दुष्यन्त कुम्भकार, अमितेश तिवारी, अजय कड़व, रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू ने आगे कहा की शिक्षकों के बड़े पैमाने पर प्रशासनिक तबादलों के बीच एक ही शिक्षक का दो स्थानों पर तबादला होना विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। सतीस टंडन, चंद्रशेखर रात्रे, देवकांत सिन्हा व प्रकाश चंद कांगे का कहना है कि तबादला आदेश जारी करने से पहले यदि रिक्त पदों और कर्मचारियों के विवरण का ठीक से मिलान किया जाता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

ब्रिज नारायण मिश्रा, मनोज चंद्रा, शंकरलाल भार्गव, सैय्यद रफीक का कहना है की अब सवाल यह है कि श्री व्यास देव कश्यप की वास्तविक नवीन पदस्थापना आखिर जांजगीर है या कोरबा? विभाग इस दोहरे तबादला आदेश को कब संशोधित करता है? या इस तबादला आदेश को निरस्त कर क्या खुला तबादला नीति लागू कर तबादला चाहने वाले सभी शिक्षकों को समान अवसर विभाग द्वारा दिया जायेगा।

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