Monday, June 29, 2020

कोरोना काल का पहला आंदोलन,जलेंगी आदेश की प्रतियां

रायपुर-नवीन शिक्षक संघ छ. ग.के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा है कि राज्य शासन के वित्त विभाग एक आदेश शासकीय कर्मचारियों के वार्षिक वेतन वृद्धि को रोकने के निर्णय से प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों में गहरा आक्रोश पनप गया है और इसी आक्रोश का नतीजा यह रहा कि कोरोना काल का पहला कर्मचारी आंदोलन का आगाज हो गया जो 9 जून से लगातार काली पट्टी लगाकर प्रदेश के समस्त कर्मचारी विरोध कर रहे है अब एक जुलाई को  अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के बैर तले संयोजक अनिल शुक्ला जी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश के तहसील व जिला मुख्यालय में कर्मचारी विरोधी शासन के आदेश की प्रतियां जलाया जाएगा,अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के संयोजक अनिल शुक्ला जी ने प्रदेश सरकार से अपील करते हुए कहा है वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने के निर्णय को निरस्त कर लम्बित 9% महंगाई भत्ता प्रदान करने व कोरोना वाइरस संक्रमण से संघर्ष कर रहे कर्मचारियों को 50 लाख का बीमा और स्वास्थ्य कर्मचारियों को जोखिम भत्ता प्रदान करने का शीघ्र ही निर्णय ले अन्यथा प्रदेश के कर्मचारी एक जुलाई को कर्मचारी विरोधी आदेश की प्रतियां जलाने के बाद आने वाले समय मे कर्मचारी हित मे आंदोलन को और तेज किया जाएगा,अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन से जुड़े सभी प्रतिनिधि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश के सभी कर्मचारियों को पूरी एकजुटता के साथ एक जुलाई के प्रदर्शन में सहभागिता निभाने की अपील किया है

Sunday, June 28, 2020

केबिनेट मंत्री ने नही दिया ठोस आस्वासन,अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन 1 जुलाई को जलाएंगे कर्मचारी विरोधी आदेश की प्रतियां

रायपुर-नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा है कि अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले संयोजक अनिल शुक्ल जी के नेतृत्व में 1 जुलाई को शासन के 27 मई के शासन आदेश की प्रतियां जलाई जाना है ,संयोजक अनिल शुक्ला,करन सिंह अटेरिया, रोहित तिवारी,कीर्तिवर्धन उपाध्याय,जितेंद्र सिंह ठाकुर,कमलेश सिंह राजपूत,जी.पी.बुधौलिया ने कहा है कि 27 मई के वित्त विभाग के आदेश से ही समस्त शासकीय कर्मचारियों के वार्षिक वेतन वृध्दि को ,,,रोका गया है जबकि 11---12महीनो से मंहगाई भत्ता पर रोका छेका पहले से ही लगाया गया है।शिवकुमार पांडेय,,एल.के.नामदेव,पी.आर.साहू,संजय दुबे,संजय तिवारी,केदार जैन ने जानकारी दिया कि कोरोना महामारी से लड़ रहे डॉक्टर, नर्स, शिक्षक , पुलिस,राजस्व सहित अन्य विभाग के कर्मियों का आज तक किसी तरह न तो बीमा कराया गया न ही प्रोत्साहन या जोखिम भत्ता दिया गया ।जबकि सभी संघ व फेडरेशन 50 लाख के बीमा की मांग करते रहे है पर शासन द्वारा अभी तक कोई निर्णय नही लिया गया है। विकास सिंह राजपूत,राजेश नायर,सन्ध्यरानी मावरे,नरेंद्र वर्मा व डॉ. परस शर्मा ने कहा है कि शासन ने क्रमोन्नति, पदोन्नति व एरियर्स पर भी रोका छेका डाल रखा गया है, इस बाबत कल फेडरेशन के पदाधिकारियों ने मंत्री श्री टी.एस.सिहदेव जी से मुलाकात की गई लेकिन कोई ठोस भरोसा नही मिला ।देश मे कोई ऐसी अन्य राज्य सरकार नही जिसने कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृध्दि रोकी हो ।सिवाय छ.ग. सरकार के । कर्मचारी हितों का कोरोना काल मे जिस तरह रोका छेका किया गया उसी के कारण 1 जुलाई को दोपहर 1बजे राजधानी रायपुर सहित हर जिला हर तहसील हर ब्लाक हर गली गांव मे शासन के कर्मचारी विरोधी आदेश की प्रतिया जलाई जायेगी ।सभी शिक्षक /डॉक्टर,नर्स,पटवारी,लिपिक साथी,सहित अन्य विभाग के साथी कर्मचारी भाई बहन अनिवार्यतः 1 जुलाई को कर्मचारी सम्मान व स्वाभिमान के लिये साथ आये व सरकार को बता दे कि इस तरह का वार्षिक वेतन वृध्दि / मंहगाई भत्ते/क्रमोन्नति/ पदोन्नति/एरियर्स पर रोका---छेका बर्दाश्त नही किया जायेगा । अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन ने समस्त कर्मचारियों से अपील किया है कि इस संकट के घड़ी में संघर्ष करने वालो के साथ कदम से कदम मिलाकर चले व एकजुटता दिखाते हुए 01 जुलाई 2020 को शासन के कर्मचारी विरोधी आदेश का प्रतियां जलाकर,कर्मचारी विरोधी आदेश को वापस लेने की मांग को प्रमुखता से सरकार तक पहुंचाने में संघर्षरत अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के सहयोग करे।

एक जुलाई को वार्षिक वृद्धि रोकने की आदेश की प्रतियां जलाएंगे प्रदेश के शासकीय कर्मचारी

रायपुर । छ.ग. अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन की घटक संगठनो की विशेष बैठक 26 जुन को रायपुर में सम्पन्न हुई, बैठक मे करण सिंह अटेरिया, रोहित तिवारी, कीर्तिवर्धन उपाध्याय, जितेन्द्र सिंह ठाकुर, कमलेश सिंह राजपुत, जी.पी. बुधौलिया, शिवकुमार पाण्डेय, एल.के. नामदेव, पी.आर. साहू, संजय दुबे, संजय तिवारी, केदार जैन, विकास सिंह राजपुत, राजेश नायर, संध्यारानी मावरे, राजेश नायर, नरेन्द्र वर्मा, डाॅ. परस शर्मा आदि पदाधिकारी शामिल थे। वही फेडरेशन की कोर कमेटी की बैठक 27 जुन को स्वास्थ्य कर्मचारी भवन रायपुर में 1 जुलाई के कार्यक्रमो को अंतिम रूप दिया गया। 26 व 27 जुन की बैठक मे सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 27 मई को राज्य शासन के कर्मचारी विरोधी फैसलो को सार्वजनिक तौर पर राजधानी रायपुर से लेकर जिला, तहसील व ब्लाॅक मुख्यालयो तक जलाकर अपने आक्रोश की अभिव्यक्ति करेंगे। फेडेरेशन के संयोजक श्री अनिल शुक्ला ने बताया कि कालीपट्टी लगाने का कार्यक्रम 1 जुलाई तक निरंतर जारी रखा जाएगा, तथा 29 व 30 जुन को फेडेरेशन के सभी घटक संगठनो के प्रतिनिधि सभी संभागीय, जिला एवं तहसील कार्यालय मे जाकर काली पट्टी लगाने का जोरदार अभियान चलायेंगे। इस समूचे कार्यक्रम की मानिटरिंग श्री राकेश साहु प्रान्ताध्यक्ष तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ द्वारा की जायेगी। वही 1 जुलाई को भोजनावकाश 1ः30 बजे शहर के प्रमुख चैराहो पर ‘‘फिजिकल डिस्टेंसिंग’’ का पालन करते हुए फेडरेशन के बैनर तले, नारेबाजी के साथ वित्त विभाग के द्वारा 27 मई को वेतन वृद्धि रोकने, पदोन्नति क्रमोनति व एरियर्स राशि बाधित रखने, 9 प्रतिशत महंगाई भत्ते को लम्बित रखने सम्बन्धित आदेश की प्रतियां इलेक्ट्रानिक व प्रिंट-मिडिया के सामने जलायी जायेगी। फेडरेशन के प्रवक्ता व छ.ग. विद्यालयीन शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री संजय तिवारी ने बताया कि आदेश की प्रतिया सार्वजनिक तौर पर जलाने के बाद कलेक्टर/एस.डी.एम./तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा जाएगा।

Saturday, June 27, 2020

संघ की मांग का हुआ असर,शासन ने विद्यार्थियों को पुस्तक प्रदान करने के लिए जारी किया आदेश

नवीन शिक्षक संघ ने जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश साहू के नेतृत्व में कलेक्टर बालोद के माध्यम से मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षामंत्री, एवं स्कूल शिक्षा सचिव को 10 जून 2020 को ज्ञापन सौंपकर मांग किया गया था कि कोरोना संक्रमण काल मे 16 जून से स्कूल नहीं खुल पाएंगी।जिससे बच्चों को अध्ययन - अध्यापन का लाभ नही मिल पायेगा। ऑनलाइन पढ़ाई का शासन द्वारा प्रयास किया गया लेकिन गांवों में मोबाइल नेटवर्क सुविधा की कमी एवं छात्रों के पास एंड्राइड मोबाइल नहीं होने के कारण ऑनलाइन पढ़ाई सफल नहीं हो पा रहा है।ऐसे में इस सत्र की पाठ्यपुस्तकों का वितरण बच्चों को किये जाने की मांग किया गया था ताकि वे घर में स्व अध्ययन का लाभ ले सकें। संघ ने पिछले सत्र के पुस्तक वितरण की कमियों के बारे में भी शासन को अवगत कराया था।जिसे सत्र प्रारम्भ होने के एक माह बाद पुस्तक वितरण होने,उस पर आधा अधूरा पुस्तकों की उपलब्धता एवं कुछ बच्चों को सत्र पर्यन्त पुस्तक उपलब्ध नहीं हो पाने की समस्या को प्रमुखता से रखा गया था। शासन ने लिया संज्ञान संघ के मांग एवं समस्याओं के अनुरूप ही पुस्तक वितरण हेतु जारी आदेश में वितरण प्रक्रिया में सभी बच्चों को पुस्तक उपलब्ध कराने सुनिश्चित किया है।जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी /जिला मिशन समन्वयक को पाक्षिक रिपोर्ट लोक शिक्षण संचानालय एवं राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा को भेजने का निर्देश किया गया है। शाला के प्रधानपाठक एवं प्राचार्य ,संकुल समन्वयक, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी ,जिला शिक्षा अधिकारी/ जिला मिशन समन्वयक की जिम्मेदारी तय किया गया है।ताकि सभी बच्चों को आवश्यकता अनुसार,विषयवार पुस्तकें उपलब्ध हो सके।कोई भी बच्चा पुस्तकों से वंचित नहीं हो पाए। संघ ने शासन के निर्णय का स्वागत किया है एवं मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री एवं स्कूल शिक्षा सचिव को अनेक अनेक धन्यवाद प्रेषित किया है।

Friday, June 26, 2020

संविलियन के लिए जल्दी हो राजपत्र का प्रकाशन,प्रतिवर्ष एक इंक्रीमेंट की वेटेज लाभ देने की मांग

रायपुर-नवीन शिक्षक संघ छ. ग.के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा है कि राज्य सरकार के मुखिया माननीय भूपेश बघेल मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ द्वारा विधानसभा में दो वर्ष पूर्ण कर चुके शिक्षक पंचायत संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलियन करने का एलान किया गया था ।मुख्यमंत्री जी के घोषणा के बाद शिक्षा विभाग व पंचायत विभाग के समन्वय से लगातार संविलियन प्रक्रिया करने हेतु कार्यवाही जारी है,कोरोना संक्रमण के कारण थोड़ा लेट-लतीफी संभव है लेकिन संविलियन शिक्षक पंचायत संवर्ग का होगा ऐसा प्रदेश के समस्त शिक्षक पंचायत संवर्ग को है,उमा जाटव,गिरीश साहू,अभिनय शर्मा,दुष्यंत कुम्भकार,अमितेश तिवारी,अजय कडव,प्रकाशचन्द कांगे,राजेश शुक्ला नेकहा है कि प्रदेश के सरकार माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में लगातार किसानों को 2500 रुपये समर्थन मूल्य धान खरीदी में देकर,घरेलू उपभोक्ता को आधा कीमत पर बिजली बिल भुगतान करने का लाभ,किसानों का कर्जा माफ,बीपीएल राशन कार्ड धारी को निर्धारित मात्रा में न्यूनतम दर में चावल,दाल,नमक व एपीएल राशन कार्डधारी को 10 रुपये किलो में चावल,यूनिवर्सल स्वास्थ्य का लाभ राशनकार्ड व आधार कार्ड के माध्यम से सभी जनता को लाभ देने जैसे जनहितकारी निर्णय लेकर आम जनता व किसानों से किये गए वादों को धीरे-धीरे अपने पहले वर्ष के कार्यकाल में पूर्ण करने के बाद अब शिक्षक पंचायत संवर्ग का जन घोषणा पत्र में किये वादों के अनुसार दो वर्ष पूर्ण कर चुके शिक्षक पंचायत संवर्ग का संविलियन करने का साहसिक निर्णय लिया है जो जरूर जल्दी ही सम्पूर्ण होगा,रूपेंद्र सिन्हा, संजय साहू,ब्रिजनारायन मिश्रा,मनोज चन्द्रा,अमित नामदेव,चन्द्रशेखर रात्रे,सतीश टण्डन,गंगा पासी,बलविंदर कौर,नंदिनी देशमुख,विद्या जुर्री,गीता चन्द्राकर,निर्मला पांडे,तुलेश ठाकुर,संगीत बैस ने कहा है कि लेट-लतीफी होने से शिक्षक पंचायत संवर्ग को चिंता करने की आवश्यकता नही है,कोरोना जैसे वैश्विक महामारी के कारण देश-प्रदेश में शासकीय कार्य कुछ माह से लगभग बन्द जैसे हालात निर्मित हो गए थे लेकिन धीरे-धीरे शासन-प्रशासन के दिशा-निर्देश के अनुसार चलते हुए छत्तीसगढ़ राज्य में अब शासकीय कार्य सुचारू रूप से संचालित होने प्रारम्भ हो गया है,संविलियन प्रक्रिया भी जल्दी ही सम्पूर्ण होगा ऐसा सभी को विश्वास है,सभी पदाधिकारियो ने कहा है की आठ वर्ष के बंधन के संविलियन के पश्चात सबसे पहले आवाज उठाकर मुखर विरोध करने वाले संगठन नवीन शिक्षक संघ ही है जो लगातार आठ वर्ष के बंधन को समाप्त करने के लिए आवाज उठा रहे थे,प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने आगे कहा कि नवीन शिक्षक संघ ने 24 जून 2020 को सयुंक्त संचालक शिक्षा दुर्ग सम्भाग को संचालक लोक शिक्षण संचालनालय के नाम से ज्ञापन सौंपकर आठ वर्ष के स्थान पर दो वर्ष पूर्ण कर चुके शिक्षक पंचायत संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलियन करने हेतु जल्दी ही राजपत्र प्रकाशन करने व प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना करते हुए संविलियन प्राप्त शिक्षक एलबी संवर्ग को प्रतिवर्ष एक इंक्रीमेंट वेटेज के रूप में लाभ देने की मांग को प्रमुखता से रखा है,नवीन शिक्षक संघ ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा है कि शिक्षा विभाग द्वारा जल्दी ही नवीन शिक्षक संघ के मांग पर राजपत्र का प्रकाशन कर दिशा-निर्देश सम्बन्धित अधिकारी-कर्मचारियों को जारी करेंगे।

Thursday, June 25, 2020

इंक्रीमेंट रोकने के निर्णय का सुदूर अंचल से भी उठा विरोध का स्वर,एक दिन के वेतन कटौती का भी किया जा रहा है विरोध

कांकेर-नवीन शिक्षक संघ छ. ग.के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रकाशचन्द कांगे ने जिला कलेक्टर,जिला शिक्षाधिकारी कांकेर व बीईओ भानुप्रतापपुर को ज्ञापन सौंपकर जुलाई व जनवरी में मिलने वाले इंक्रीमेंट को रोकने के निर्णय का विरोध करते हुए इंक्रीमेंट बहाली की मांग को रखते हुए वित्त विभाग द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष के नाम से एक दिन के वेतन कटौती का विरोध करते हुए ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट कहा कि जब तक छ. ग.शासन वित्त विभाग द्वारा इंक्रीमेंट रोकने के निर्णय को निरस्त नही करते है तब तक प्रदेश के शासकीय कर्मचारी एक दिन के वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा के संबन्ध में कोई विचार नही करेंगे,इस संबन्ध में बलविंदर कौर,विद्या जुर्री,लालमन पटेल,राजेश शुक्ला,नरेश चौहान ने कहा कि शासन वर्ष में शासकीय कर्मचारियों को एक बार वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान करती है साथ ही महंगाई भत्ता को प्रत्येक छमाही समीक्षा कर महंगाई भत्ता भी प्रदान करती है लेकिन कोरोना का आड़ लेकर शासन द्वारा कर्मचारी हित के विरुद्ध लगातार निर्णय लेते हुए पहले दो साल से महंगाई भत्ता रोक के रखे हुए है राज्य सरकार व केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ता में आज भी 9 प्रतिशत कमी है वही राज्य सरकार द्वारा इंक्रीमेंट रोकने का निर्णय भी लिया जा चुका है ऊपर से मुख्यमंत्री सहायता कोष में एक दिन की वेतन कटौती के लिए प्रतिमाह एक आदेश पत्र घूमता रहता है जिसका प्रदेश के कर्मचारियों द्वारा विरोध किया जा रहा,प्रांतीय पदाधिकारी रूपेंद्र सिन्हा,चन्द्रशेखर रात्रे,ब्रिजनारायन मिश्रा,अमित नामदेव,मनोज चन्द्रा,संजय साहू,अजय कडव ने कहा है कि राज्य सरकार लम्बित महंगाई भत्ता,इंक्रीमेंट रोकने के निर्णय को निरस्त कर फिर राज्य के शासकीय कर्मचारी मुख्यमंत्री सहायता कोष में एक दिन के वेतन जमा करने पर विचार करेंगे,

जून माह का पेमेंट काटने का विरोध हुआ मुखर,इंक्रीमेंट रोकने के निर्णय को निरस्त करने की मांग

जून माह का पेमेंट काटने का विरोध हुआ मुखर नवीन शिक्षक संघ का जिला प्रतिनिधि मंडल जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश साहू के नेतृत्व में अपर कलेक्टर बालोद ए के वाजपेयी एवं जिला कोषालय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिला मीडिया प्रभारी लीमेश रात्रे ने बताया कि शासन द्वारा जून माह में एक दिवस का वेतन काटने का आदेश 23 जून को जारी किया गया है। जबकि पूर्व में भी एक दिवस का वेतन कटौती किया गया है। जिसका शिक्षक संवर्ग विरोध करता है।क्योंकि अधिकारियों द्वारा बिना लिखित सहमति के वेतन की कटौती कर दी जा रही है। वेतन वृद्धि भी विलंबित करने का आदेश। जिला सचिव प्रवीण पांडेय ने कहा कि शासन द्वारा जहाँ एक ओर एक दिवस का वेतन कटौती करने का आदेश जारी किया गया है वहीं दूसरी ओर प्रत्येक वर्ष मिलने वाली वार्षिक वेतन वृद्धि विलंबित किये जाने का भी आदेश जारी किया गया है जो कि अनुचित है। यह प्रत्येक कर्मचारी का अधिकार है।कर्मचारी कोई अलग से लाभ नहीं मांग रहे पर जो हमारा अधिकार है उससे वंचित किया जाना न्यायसंगत नहीं है।इसका संघ पुरजोर विरोध करता है।और शासन से मांग करता है कि वे अपना आदेश निरस्त करें और पुनः वेतन वृद्धि प्रदान करने का आदेश जारी करें। लीमेश रात्रे ने बताया कि संघ ने जिला कलेक्टर बालोद को अपर कलेक्टर ए के वाजपेयी जी के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए आग्रह किया है कि बिना लिखित सहमति के किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं काटा जावे।साथ ही जिला कोषालय अधिकारी ए के पाठक जी से ज्ञापन के माध्यम से वेतन नहीं काटने का आग्रह संघ द्वारा किया गया है।नवीन शिक्षक संघ के प्रांतीय पदाधिकारी रूपेंद्र सिन्हा व संजय साहू ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने का निर्णय लिया गया है जो किसी भी परिस्थिति में न्याय संगत नही है,वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने का निर्णय कर्मचारियों के लिए दण्डात्मक कार्यवाही होता है कोरोना वाइरस संक्रमण के समय प्रदेश के शासकीय कर्मचारी पूरी निष्ठा के साथ शासन के साथ मिलकर कार्य कर रहे है ऐसे समय मे इंक्रीमेंट रोकना के निर्णय को निरस्त किया जाना चाहिए,इंक्रीमेंट रोकने के निर्णय के निरस्त होने के बाद ही प्रदेश के शासकीय कर्मचारी अपना एक दिन के वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने पर विचार करेंगे।