Thursday, May 22, 2025
Wednesday, May 21, 2025
युक्तियुक्तकरण स्थगित कर पहले पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण किया जाय
28 मई होगा मंत्रालय का घेराव सर्व शिक्षक मंच
रायपुर - महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष नवीन शिक्षक संघ छ. ग., उमा जाटव व बलविंदर कौर ने बताया है की स्कूल शिक्षा विभाग राज्य शासन छ. ग. द्वारा स्कूलो एवं शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया किया जा रहा है जिसने जारी दिशा निर्देश मे विभिन्न प्रकार की विसंगति है गंगा शरण पासी व नंदनी देशमुख ने कहा की स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण दिशा निर्देश मे व्याप्त विसंगति को दूर करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियो को प्रदेश के शैक्षिक संगठनों के साथ चर्चा कर सुसंगत समाधान निकालना चाहिए जिससे शासन व शिक्षक संगठनों के बीच टकराव की नौबत नही आये ज्योति सक्सेना,गीता चंद्राकर, रूपा साहू, खिलेशवरी साहू, तेश्वरी साहू, तुलेश ठाकुर, कल्पना राजपूत सहित अन्य महिला शिक्षकों ने राज्य शासन स्कूल शिक्षा विभाग से कहा है की युक्तियुक्तकरण से कई स्कूलो बंद हो रहे है साथ प्रधान पाठक प्राथमिक, माध्यमिक व हजारों शिक्षकों के पद समाप्त हो रहे है जिससे आने वाले समय प्रदेश के लाखो विद्यार्थियों को शिक्षकों के कमी के कारण गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा नही मिल पायेगा छोटे छोटे बच्चो को पैदल दूर तक चलकर स्कूल जाना पड़ेगा जिससे बच्चे बीच मे ही पढ़ाई छोड़ सकते है साथ ही शिक्षकों के पद कम होने से शिक्षकों को पदोन्नति व डीएड बीएड किये युवा बेरोजगार को शिक्षक बनने का अवसर कम प्राप्त होगा इसलिए नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व मे लगातार युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को स्थगित करने की मांग को लेकर प्रयास किया जा रहा है लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार से सरकार के तरफ चर्चा के लिए कोई पहल नही किया गया जिससे आंदोलन की शिक्षकों को जाना पड़ रहा है इस संबंध मे प्रदेश के 23 शिक्षक संगठन एकजुट होकर सर्व शिक्षक मंच बनाकर सरकार को वार्ता के माध्यम से 27 मई तक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया पर समाधान करने की चेतावनी दिया है समाधान नही होने की स्थिति मे 28 मई को सभी 23 शिक्षक संगठन एकजुट होकर अपने शिक्षक साथियो के साथ मंत्रालय घेराव किया जायेगा नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने विभाग व सरकार से युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया स्थगित कर समस्त पात्र सहायक शिक्षक, शिक्षक व व्याख्याता को पहले पदोन्नति प्रदान कर पदोन्नति प्राप्त स्कूलो मे पदास्थापना आदेश जारी करे व रिक्त सहायक शिक्षकों के पदों नवीन भर्ती जल्दी करे जिससे शिक्षक विहीन, एकल शिक्षकीय स्कूलो मे शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सकता है।
Monday, May 19, 2025
विषयवार पदोन्नति के लिए नवीन शिक्षक संघ की मांग पर सयुंक्त संचालक शिक्षा संभाग बस्तर ने संचालक लोक शिक्षण से माँगा मार्गदर्शन
कांकेर - नवीन शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष प्रकाश चंद कांगे व बलवीन्दर कौर ने बताया की बस्तर संभाग के सहायक शिक्षकों का पदोन्नति के लिए सयुंक्त संचालक शिक्षा संभाग बस्तर ने बिना किसी विषय के वरिष्ठता सूची जारी कर दिया था जिसका नवीन शिक्षक संघ ने पुरजोर विरोध करते हुए विद्यार्थियों के हित व शिक्षा के स्तर गुणवत्ता पूर्ण बनाये रखने के लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की पदोन्नति करने के लिए शिक्षकों की वरिष्ठता सूची विषयवार जारी करने की मांग को प्रमुखता से रखा था ब्लॉक अध्यक्ष अंतागढ़ लीलेश्वर महावे ने बताया की विषयवार पदोन्नति के लिए लगातार नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत द्वारा उच्च अधिकारियो व जनप्रतिनिधियो तक मुद्दा उठाया गया ततपश्चात् 31/01/2025 को माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा लिए गए स्कूल शिक्षा विभाग के समीक्षा बैठक के बाद जारी दिशा -निर्देश मे बिंदु क्रमांक 17 मे स्पष्ट उल्लेख किया गया की 2023 मे जारी भर्ती पदोन्नति नियम मे विषय बाध्यता समाप्त करने के निर्देश को विद्यार्थी हित व गुणवत्ता पूर्वक
शिक्षा के लिए संशोधन कर विषयवार भर्ती व पदोन्नति करने की बात कही है लगातार मांग करने के बाद भी विषयवार पदोन्नति के लिए वरिष्ठता सूची जारी नही होने पर प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के मार्गदर्शन मे ब्लॉक अध्यक्ष अंतागढ़ लीलेश्वर महावे ने पुनः सयुंक्त संचालक शिक्षा संभाग बस्तर को उच्च अधिकारियो से मार्गदर्शन के बाद ही पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण करने की मांग को प्रमुखता से रखा जिस पर विद्यार्थी हित व गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए सयुंक्त संचालक शिक्षा संभाग बस्तर ने नवीन शिक्षक संघ के मांग पर विषयवार पदोन्नति के लिए संचालक लोक शिक्षण छ. ग. शासन को पत्र प्रेषित कर उचित कार्यवाही के लिए मार्गदर्शन माँगा है प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत,उमा जाटव, गिरीश साहू, गंगा शरण पासी, चंद्रशेखर रात्रे प्रकाश चंद कांगे, बलविंदर कौर, लीलेश्वर महावे ने उम्मीद जताई है की आने वाले समय मे प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से प्राप्त होगा जिसका सीधा लाभ प्रदेश के स्कूली छात्रों को मिलेगा।
Sunday, May 18, 2025
सभी पात्र शिक्षक एलबी संवर्ग को कर्मोंनती प्रदान करने व युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया मे संशोधन के लिए शासन स्तर पर कोई पहल नही जिससे पुरे शिक्षक एलबी संवर्ग आक्रोशित 20 मई को मिलेंगे एकसाथ एकजुट होकर प्रदेश के 21 शिक्षक एलबी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष
रायपुर - श्रीमती सोना साहू को सुप्रीम कोर्ट एवं हाई कोर्ट के माध्यम से पंचायत व शिक्षा विभाग से एरियर्स सहित क्रमोन्ति वेतनमान दिया गया हाई वही अन्य पात्र शिक्षक एलबी संवर्ग को श्रीमती सोना साहू से अलग मामला बताकर एरियर्स सहित क्रमोन्ति वेतनमान देने से इंकार किया जा रहा साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा एक बार फिर से युक्तियुक्तकरण की नीति लागू करने की कवायद शुरू कर दी गई है। यह वही नीति है, जिसे पिछले वर्ष प्रदेश भर के शिक्षक संगठनों के भारी विरोध के चलते वापस ले लिया गया था। उस समय राज्य सरकार ने नवीन शिक्षक संघ सहित अन्य शैक्षिक संगठनों को स्पष्ट आश्वासन दिया था कि भविष्य में इस प्रकार के निर्णय सभी संबंधित संगठनों से परामर्श लेकर ही लिए जाएंगे।
लेकिन अब एक बार फिर से बिना किसी शैक्षिक संगठनों से परामर्श या सुझाव के शिक्षा सत्र के अंत में उसी रद्द हो चुके नियम को थोपा जा रहा है। इस निर्णय को लेकर प्रदेश के सभी शिक्षक एलबी संगठनों ने तीखी नाराजगी जतायी है। प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत, मनीष मिश्रा, केदार जैन, संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे ने कहा है कि पिछले दिनों राज्य शासन को युक्तियुक्तकरण को लेकर ज्ञापन भी सौंपा गया था। बावजूद सरकार अपनी हठधर्मिता अपना रही है,2008 सेटअप से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा सभी युक्तियुक्तकरण को शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने वाला और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। कृष्णकुमार नवरंग, राजनारायण द्विवेदी, लैलून भारद्वाज, जाकेश साहू, गिरीश केसकर ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश की शिक्षा प्रणाली चौपट हो जाएगी प्रदेश के स्कूलो मे पढ़ने वाले छोटे छोटे विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र मे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा प्रदीप पाण्डेय, चेतन बघेल विक्रम राय, विष्णु साहू, भूपेंद्र बनाफर ने कहा है कि 2008 के सेटअप में छेड़छाड़ शिक्षा व्यवस्था के लिए आत्मघाती कदम होगा शिक्षकों के पद समाप्त होगा जिससे शिक्षकों को पदोन्नति के अवसर कम मिलेंगे साथ ही प्रदेश के बेरोजगार युवा को शिक्षक बनने का अवसर नही मिल पायेगा । शंकर लाल साहू,भूपेंद्र गिलहरे, प्रदीप लहरे, प्रीतम कोसले, कमल दास मुरचले, राजकिशोर तिवारी ने साफ कहा है कि पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण किये बगैर युक्तियुक्तकरण करना बेहद ही अव्यवाहरिक कदम है।
प्रदेश मे प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक एवं शिक्षक संवर्ग की पदोन्नति कई वर्षों से लंबित है, जिसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यदि युक्तियुक्तकरण इससे पहले किया गया तो शिक्षकों को बड़ा नुकसान होगा और इससे आक्रोश फैलना स्वाभाविक है।
प्रदेश के 21 शिक्षक एलबी संगठनों के साझा मंच ने यह भी मांग की है कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया 2008 स्वीकृत सेटअप और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुरूप ही की जाए। वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत पदों और उसी आधार पर हुई नियुक्तियों को नजरअंदाज कर अगर प्रक्रिया की जाती है, तो बड़ी संख्या में शिक्षक अतिशेष (Surplus) की श्रेणी में आ जाएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
सभी संगठनों द्वारा इस मुद्दे को लेकर पिछले वर्ष मुख्यमंत्री एवं शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपा गया है। सभी प्रदेश अध्यक्ष ने एक स्वर मे कहा है की युक्तियुक्तकरण के नाम पर शिक्षकों पर अन्याय किया गया, तो एकजुट होकर सभी संघ सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगा। इस अन्यायपूर्ण कदम का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा इस संबंध मे सभी शिक्षक एलबी संगठन दो बैठको मे चर्चा कर पूरी एकजुटता के साथ श्रीमती सोना साहू की तरह ही एरियर्स सहित क्रमोन्ति वेतनमान प्रदान करने विसंगति पूर्ण युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया का विरोध, पूर्व सेवा अवधि की गणना कर पुरानी पेंशन प्रदान करने की मांग, व्याख्याता व प्राचार्य पदोन्नति मे बीएड की अनिवार्यता समाप्त कर पूर्व की भांति पदोन्नति मे डीएड को शामिल करने की मांग को शासन के समक्ष मजबूती के साथ रखा जायेगा विभाग जानबूझकर किसी भी मुद्दे पर शिक्षक एलबी संगठनों से चर्चा नही कर रही है ज़ब तक विभागीय उच्च अधिकारियो के साथ सभी शिक्षक एलबी संगठनों का चर्चा नही होगा तब तक चारो मुद्दे पर शिक्षक एलबी संगठन व विभाग के बीच गतिरोध बना रहेगा जिसका सीधा नुकसान शिक्षा व्यवस्था व विद्यार्थियों का होगा
युक्त युक्तिकरण रद्द करने, सोना साहू के तर्ज पर प्रदेश के सभी पात्र शिक्षकों को एरियर्स सहित क्रमोन्नति वेतनमान देने के लिए जनरल आर्डर जारी करने, प्रथम सेवा गणना कर पेंशन सहित समस्त लाभ एवं प्राचार्य पदोन्नति में बीएड की अनिवार्यता समाप्त कर डीएड/बीएड प्रशिक्षित दोनों को शामिल करने सहित अन्य मांगों को लेकर सभी संगठन आगामी 20 मई मंगलवार को सुबह 11:00 बजे तक मंत्रालय महानदी भवन परिसर में एकत्रित होंगे। यह जानकारी सभी 21 संगठनों के प्रांत अध्यक्षों मनीष मिश्रा, केदार जैन, विकास राजपूत, कृष्णकुमार नवरंग, राजनारायण द्विवेदी, जाकेश साहू, भूपेंद्र बनाफर, शंकर साहू, भूपेंद्र गिलहरे, चेतन बघेल, गिरीश केशकर, लैलूंन भरतद्वाज, प्रदीप पांडे, प्रदीप लहरें, राजकिशोर तिवारी, कमल दास मुरचले, प्रीतम कोशले, विक्रम राय, विष्णु प्रसाद साहू आदि ने साझा मंच द्वारा संयुक्त बयान जारी कर दी है।
Saturday, May 17, 2025
युक्तियुक्तकरण को लेकर जिला शिक्षधिकारी बालोद ने प्रेषित किया संचालक लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर को नवीन शिक्षक संघ का मांग पत्र
बालोद - नवीन शिक्षक संघ जिला इकाई बालोद द्वारा युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया मे विभिन्न विसंगति को लेकर विरोध दर्ज कराते हुए ज्ञापन के माध्यम से जिला शिक्षाधिकारी बालोद को मांग पत्र सौपकर शिक्षक व विद्यार्थी हित मे शासन के समक्ष महत्वपूर्ण सुझाव दिए जिसे जिला शिक्षाधिकारी बालोद ने नवीन शिक्षक संघ जिला इकाई बालोद के मांग पत्र को मूलतः संचालक लोक शिक्षण संचालनालय को प्रेषित कर दिया है जिलाध्यक्ष बालोद वेदप्रकाश साहू ने कहा है की युक्तियुक्तकरण निर्देश मे विभिन्न विसंगति है जिसका विरोध लगातार प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के मार्गदर्शन मे नवीन शिक्षक संघ छ. ग. द्वारा किया जा रहा है शासन द्वारा युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया स्थगित नही करने पर आने वाले समय मे युक्तियुक्तकरण के कारण हजारों स्कूल बंद होंगे शिक्षकों के पद समाप्त होंगे शिक्षा के स्तर मे भारी कमी आ सकता है जिसका सीधा नुकसान प्रदेश के युवा बेरोजगार व विद्यार्थियों को होगा इसलिए युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को स्थगित कर शासन को नवीन शिक्षक संघ छ. ग. सहित विभिन्न शैक्षिक संगठनों से चर्चा कर युक्तियुक्तकरण दिशा निर्देश मे व्याप्त विसंगति को दूर करना चाहिए जिससे शिक्षा व्यवस्था मे सुधार हो सके।
Friday, May 16, 2025
युक्तियुक्तकरण स्थगित, विषय आधारित भर्ती पदोन्नति के लिए राजपत्र प्रकाशन की मांग
बालोद -
नवीन शिक्षक संघ का जिला प्रतिनिधि मंडल वेदप्रकाश साहू के नेतृत्व में डी ई ओ पी सी मरकले के माध्यम से मुख्यमंत्री ,सचिव स्कूल शिक्षा विभाग ,संचालक लोक शिक्षण संचालनालय को युक्तियुक्तकरण से सम्बन्धित मांगो के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया।
युक्तियुक्तकरण के नियम का आदेश वापस ले ।
जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश साहू ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम 28 अप्रैल 2025 को जारी युक्ति युक्तकरण नियम का आदेश वापस लेकर शासन 2008 के सेटअप को यथावत रखते हुए युक्ति युक्तकरण की प्रक्रिया को अपनाए । जिससे कि छात्रों एवं शिक्षकों का किसी प्रकार का अहित न होने पाए।
काउंसलिंग ब्लॉक स्तर पर हो
संघ के लोकेश साहू एवं टोमन भुआर्य ने बताया कि युक्ति युक्तिकरण के लिए प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं उच्च्तर माध्यमिक शालाओं के शिक्षकों का काउंसलिंग पदस्थ ब्लॉक में हो जिससे ब्लॉक में रिक्त पद होने पर उनका पदस्थापना पदस्थ ब्लॉक के शालाओं में हो सके।
राजपत्र प्रकाशन की मांग
संघ के मांग से अवगत कराते हुए जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश साहू ने बताया कि वर्तमान समय में पूर्व माध्यमिक शालाओं में शिक्षकों की नियुक्ति,पदोन्नति एवं युक्ति युक्तकरण विषय अनुसार नहीं किया जा रहा है,अर्थात विषय विशेषज्ञ शिक्षक की शाला की पदस्थापना में कोई नियम नही है।किसी भी विषय का शिक्षक किसी भी विषय को पढ़ा सकता है।पूर्व में शिक्षकों की नियुक्त एवं पदोन्नति शिक्षक के द्वारा
स्नातक किये संकाय के विषय अनुसार होती थी गणित,विज्ञान,अंग्रेजी विषय के शिक्षक नियुक्ति उनके स्नातक विषय के अनुसार होती रही है जिससे विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के द्वारा बच्चों को अध्यापन कराया जाता था। लेकिन पूर्व के भूपेश बधेल की सरकार ने विषय बाध्यता खत्म करते हुए राजपत्र में विषय बाध्यता के नियम को विलोपित कर दिया।वर्तमान सरकार से संघ मांग करता है कि पुनः राजपत्र में पूर्व माध्यमिक शालाओ में शिक्षकों की नियुक्त,पदोन्नति,एवं युक्ति युक्तकरण में विषय बाध्यता लागू करने का नियम का राजपत्र में प्रकाशन किया जावे।
युक्तियुक्तकरण से पहले पदोन्नति दिया जाय
संघ के बलराम बंजारे,नरेंद्र साहू,युवराज सेवता ने बताया कि युक्तियुक्तकरण करने से पहले विभाग को प्राचार्य,व्याख्याता, शिक्षक,प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला के पदों पर पदोन्नति किया जाना चाहिए।
सर्विस बुक के अनुसार हो पदों की गणना
संघ के हलेश्वरी साहू एवं प्रकाश कुम्भकार ने बताया कि शालाओं में शिक्षकों की रिक्त पदों की गणना शिक्षक के सर्विस बुक में इंदराज विषयअनुसार हो।शिक्षक जिस विषय पर नियुक्त या पदोन्नत होकर शाला में पदस्थ हुआ है।उनको संज्ञान में लेकर रिक्त पदों की गणना किया जाना चाहिए।
विषय विकल्प लिए शिक्षकों का हो चिन्हाकन
पूर्व में हुए युक्ति युक्तकरण एवं पदांकन में शिक्षकों द्वारा विषय विकल्प लेकर रिक्त पदों के विषय मे पदांकन किया गया जो कि अनुचित था।अतः ऐसे शिक्षकों के पदों की गणना उनके नियुक्त विषय या सर्विस बुक में इंदराज विषय के अनुसार किया जावे।
ज्ञापन सौपने वालों में लोकेश साहू,टोमन भुआर्य, बलराम बंजारे,नरेंद्र साहू,दीपक सोनी,प्रकाश कुम्भकार,नरेन्द्र साहू,विष्णु सुधाकर,हुलेश्वरी साहू,युवराज सेवता ,धर्मेन्द्र देशलहरा आदि थे
Thursday, May 15, 2025
राज्य कर्मचारियो को केसलेस इलाज के सुविधा देने की मांग स्वास्थ्य मंत्री को सौपा मांग पत्र
रायपुर - शंकर नगर रायपुर स्थित स्वास्थ्य मंत्री के बंगले मे स्वास्थ्यमंत्री जी को प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के केसलेस इलाज की सुविधा प्रदान करने की मांग को लेकर नवीन शिक्षक संघ छ. ग. द्वारा ज्ञापन सौपा गया है नवीन शिक्षक संघ छ. ग. के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने मांग पत्र सौपने के बाद कहा की प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को केसलेस इलाज की सुविधा बहुत जरूरी है केसलेस इलाज के आभाव मे पीड़ित कर्मचारी एवं उनके आश्रित परिजन को भारी आर्थिक समस्याओ का सामना करना पड़ता है प्रदेश पदाधिकारी गंगा शरण पासी व चंद्रशेखर रात्रे कहा की शासकीय कर्मचारी या आश्रित परिजन बीमार या दुर्घटना होने पर सुविधा सम्पन्न महंगे निजी अस्पतालो मे इलाज कराते है तो सबसे पहले अस्पताल मे राशि जमा करते है फिर इलाज पूर्ण हो जाने के बाद अस्पताल से छुट्टी होने इलाज मे खर्च हुए भारी भरकम राशि को अपने जमीन, घर, गहने बेचकर या गिरवी रखकर चुकाते है उसके बाद पीड़ित कर्मचारी चिकत्सा प्रतिपूर्ति राशि प्राप्त करने के लिए विभागीय चक़्कर लगातार काटते काटते परेशान हो जाते है तब कही जाकर सालभर बाद चिकित्सा प्रतिपूर्ति की लगभग 70% के आसपास की राशि पीड़ित कर्मचारियो को भुगतान होता है कई ऐसे कर्मचारी तो राशि के आभाव मे अपने व अपने आश्रित परिजन का इलाज सुविधा सम्पन्न अस्पताल मे नही करवा पाते जिससे उनको शारीरिक व आर्थिक दोनों नुकसान का सामना करना पड़ता है प्रदेश पढ़ाशिकारी उमा जाटव, गिरीश साहू, रूपेंद्र सिन्हा, अजय कड़व, प्रकाश चंद कांगे, बालविंदर कौर, शंकर लाल भार्गव, दुष्यन्त कुम्भकार, राजेश शुक्ला, ब्रिज नारायण मिश्रा आदि ने आगे कहा की आखिर राज्य शासन इलाज के बाद पीड़ित कर्मचारियो को चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि भुगतान करते ही है जिसको प्राप्त करने के लिए पीड़ित कर्मचारियो को अनेको बार विभागीय कार्यालय का चक़्कर काटना पड़ता है खर्च हुए राशि की मात्र 70% राशि ही भुगतान प्राप्त कर पाते है जिससे कर्मचारियों को मानसिक, आर्थिक व शारीरिक परेशानियों का सामना इलाज से उबरने के पश्चात करना पड़ता है इसलिए प्रदेश सरकार को चाहिए की प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों का सुविधा सम्पन्न अस्पतालो मे शासकीय कर्मचारियों व आश्रित परिजनों का केसलेस इलाज के लिए शासनादेश लागु किया जाना चाहिए जिससे प्रदेश के शासकीय कर्मचारी अपने व अपने आश्रित परिजनों का इलाज बिना किसी परेशानियों के सुविधा सम्पन्न अस्पतालो मे सहजता से करवा सके केसलेस इलाज के लिए नवीन शिक्षक संघ छ. ग. का संघर्ष सफलता प्राप्त करने तक जारी रहेगा।
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