दुर्ग-नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कोरोना योद्धा लेब टेक्नोलॉजिस्ट दया साहू के मौत पर नवीन शिक्षक संघ छःत्तीसगढ़ के तरफ से दुख व्यक्त करते हुए कोरोना योद्धा दया साहू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्य सरकार से निवेदन किया है कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा कोरोना योद्धा दया साहू के परिवार को मुआवजा,50 लाख बीमा का लाभ व परिवार के एक सदस्य को तत्काल अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान किया जाय,विकास सिंह राजपूत ने आगे कहा कि कोरोना संक्रमण के रोकथाम में लगे शिक्षको सहित अन्य शासकीय कर्मचारियों को सुरक्षा के पर्याप्त साधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ सभी कोरोना संक्रमण के रोकथाम में लगे कर्मचारियों का केंद्र सरकार की तरह राज्य सरकार भी 50 लाख बीमा का लाभ प्रदान करने का निर्णय लिया जाय जिससे प्रदेश के समस्त कर्मचारी जो कोरोना संक्रमण के रोकथाम में लगे हुए है वो बिना भय के कार्य कर सके,नवीन शिक्षक संघ छ. ग.ने कोरोना संक्रमण रोकथाम में लगे प्रदेश के डॉक्टर,नर्स,मेडिकल स्टॉफ, पुलिस,शिक्षक,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता,मितानिन,बैंक कर्मचारी,राशन दुकान संचालक,मीडिया,शासन -प्रशासन के सभी अधिकारी-कर्मचारी,प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री-मंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों,समाजसेवी को धन्यवाद देते हुए प्रदेश के समस्त जनता से अपील किया है कि शासन के दिशा-निर्देश का पालन करते हुए अपने व अपने परिवार के सदस्यों को सुरक्षित रखे,अफवाहों पर ध्यान न दे और जरूरतमंद लोगों का यथा-संभव मदद कर मानवता का परिचय दे,
Sunday, May 17, 2020
लेब टेक्नोलॉजिस्ट की मौत पर नवीन शिक्षक संघ ने किया दुख व्यक्त ,कोरोना संक्रमण रोकथाम में लगे कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा साधन व 50 लाख बीमा का लाभ दिया जाय,
दुर्ग-नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कोरोना योद्धा लेब टेक्नोलॉजिस्ट दया साहू के मौत पर नवीन शिक्षक संघ छःत्तीसगढ़ के तरफ से दुख व्यक्त करते हुए कोरोना योद्धा दया साहू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्य सरकार से निवेदन किया है कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा कोरोना योद्धा दया साहू के परिवार को मुआवजा,50 लाख बीमा का लाभ व परिवार के एक सदस्य को तत्काल अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान किया जाय,विकास सिंह राजपूत ने आगे कहा कि कोरोना संक्रमण के रोकथाम में लगे शिक्षको सहित अन्य शासकीय कर्मचारियों को सुरक्षा के पर्याप्त साधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ सभी कोरोना संक्रमण के रोकथाम में लगे कर्मचारियों का केंद्र सरकार की तरह राज्य सरकार भी 50 लाख बीमा का लाभ प्रदान करने का निर्णय लिया जाय जिससे प्रदेश के समस्त कर्मचारी जो कोरोना संक्रमण के रोकथाम में लगे हुए है वो बिना भय के कार्य कर सके,नवीन शिक्षक संघ छ. ग.ने कोरोना संक्रमण रोकथाम में लगे प्रदेश के डॉक्टर,नर्स,मेडिकल स्टॉफ, पुलिस,शिक्षक,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता,मितानिन,बैंक कर्मचारी,राशन दुकान संचालक,मीडिया,शासन -प्रशासन के सभी अधिकारी-कर्मचारी,प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री-मंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों,समाजसेवी को धन्यवाद देते हुए प्रदेश के समस्त जनता से अपील किया है कि शासन के दिशा-निर्देश का पालन करते हुए अपने व अपने परिवार के सदस्यों को सुरक्षित रखे,अफवाहों पर ध्यान न दे और जरूरतमंद लोगों का यथा-संभव मदद कर मानवता का परिचय दे,
Monday, May 11, 2020
सेनेटाइजर व मास्क के भरोसे कोरोना वाइरस संक्रमण के खतरे के बीच कार्य कर रहे शिक्षको का 50 लाख का बीमा राज्य सरकार द्वारा किया जाय
रायपुर-नवीन शिक्षक संघ छःत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत व महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा जाटव ने बयान जारी कर कहा है कि कोरोना वाइरस संक्रमण के खतरे के बीच बिना सुरक्षा साधन के सिर्फ सेनेटाइजर व मास्क के भरोसे अन्य राज्यो से आये मजदूरों के देखभाल के लिए हजारों शिक्षको की तैनाती शासन द्वारा किया गया है ऐसे स्थिति में हजारों शिक्षको के परिवारजन को वाइरस का भय सताने लगा है,राज्य सरकार को चाहिए कि जिस प्रकार स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्य के लिए संक्रमण से प्रभावित न हो इसलिए सुरक्षा के साधन किट सहित 50 लाख का बीमा शासन द्वारा किया गया है ठीक उसी तरह राज्य शासन भी कोरोना संक्रमण खतरे के बावजूद अन्य राज्य से आये मजदूरों के देखभाल करने हेतु कार्य कर रहे शिक्षको व अन्य कर्मचारियों को सेनेटाइजर व मास्क के साथ-साथ सुरक्षा के साधन किट प्रदान करने के साथ ही 50 लाख का बीमा प्रदान करना चाहिए जिससे प्रदेश के जो कर्मचारी कोरोना से प्रभावित लोगों को सेवा दे रहे है ऐसे शिक्षक व शासकीय कर्मचारी अपने आप को सुरक्षित महसूस कर और बेहतर से बेहतर कार्य कर सके।नवीन शिक्षक संघ के पदाधिकारी गिरीश साहू,अभिनय शर्मा,दुष्यंत कुम्भकार,अमितेश तिवारी,अजय कडव,रूपेंद्र सिन्हा,संजय साहू,प्रकाशचन्द कांगे,राजेश शुक्ल,ब्रिज नारायण मिश्रा,मनोज चन्द्रा,अमित नामदेव,चन्द्रशेखर रात्रे ने राज्य सरकार के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा है केंद्र सरकार की तरह राज्य सरकार द्वारा भी कोरोना संक्रमण खतरे के बीच ईमानदारी से शासन के निर्देश पर कार्य रहे शिक्षको व अन्य शासकीय कर्मचारियों को भी सुरक्षा के साधन के साथ-साथ 50 लाख का बीमा किया जाना चाहिए,नवीन शिक्षक संघ ने देश व प्रदेश के सभी जनता से अपील किया है कि कोरोना संक्रमण की बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दिये दिशा-निर्देश का पालन करते हुए बिना कोई कार्य के घर से बाहर न निकले,कोई जरूरी कार्य हो तो सामाजिक दूरी का पालन कर सेनेटाइजर व मास्क का प्रयोग करते हुए अपने जरूरी कार्य निपटने के बाद घर को वापस आ जाये,सावधानी ही बचाव का सबसे अच्छा उपाय है
Saturday, May 9, 2020
सरपंच व सचिव ने प्राचार्य,प्रधान पाठक व शिक्षको को दिया निर्देश,नवीन शिक्षक संघ ने किया विरोध,कहा विभाग द्वारा निर्देश जारी किया जाय,
रायपुर-नवीन शिक्षक संघ छःत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत व उमा जाटव ने कहा है कि कोरोना वाइरस संक्रमण की इस विषम परिस्थिति में केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों से कोरोना वाइरस संक्रमण रोकथाम व संक्रमित लोगो के देखभाल के लिए परिस्थिति अनुसार कार्य लिया जा रहा है और प्रदेश के समस्त कर्मचारी राष्ट्रहित व राज्यहित को ध्यान में रखकर शासन के आदेश का पालन कर रहे है जिसमे स्वास्थ्य विभाग,राजस्व विभाग,पुलिस विभाग,महिला एवं बाल विकास विभाग व शिक्षा विभाग सहित अन्य शासकीय कर्मचारी अपना कर्तव्य का ईमानदारी पूर्वक कार्य कर रहे,इस सम्बंध में सभी विभागीय अधिकारियों द्वारा समय-समय पर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को निर्देश दिया जा रहा है,लेकिन जांजगीर-चांपा जिला के अकलतरा विकाशखण्ड के ग्राम पंचायत किरारी के व सचिव द्वारा प्रचार्य,प्रधान पाठक व शिक्षको को अन्य प्रदेशों से आये मजदूरों के देखभाल,भोजन व्यवस्था,मुख्य दरवाजे पर चौकीदारी,साफ-सफाई व्यवस्था के प्रबन्ध करने हेतु आदेश जारी किया गया है,ग्राम पंचायत किरारी सरपंच व सचिव द्वारा हस्ताक्षर युक्त प्राचार्य,प्रधान-पाठक व शिक्षको को आदेशित करना अनुचित है,जब शासन व प्रशासन के विभागीय अधिकारियों द्वारा स्थिति-परिस्थिति को देखते हुए अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से समयानुसार कोरोना वाइरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए कार्य करने हेतु दिशा-निर्देश दिया जा रहा है और सभी शासकीय कर्मचारियों द्वारा शासन -प्रशासन के विभागीय अधिकारियों के दिशा-निर्देश का पालन ईमानदारी पूर्वक किया जा रहा है तो ऐसे समय मे ग्राम पंचायत किरारी के सरपंच व सचिव को प्राचार्य,प्रधान-पाठक व शिक्षको को अनुचित निर्देश देने की आवश्यकता ही नही है,सरपंच व सचिव द्वारा अपने पंचायत के पंच,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता,मितानिन,महिला कमांडो,कोटवार,सचिव व रोजगार सहायक से अन्य राज्य से आये मजदूरों के देखभाल के लिए सहयोग लेना चाहिए और आवश्यकता होने पर विभागीय अधिकारियों के माध्यम से अन्य शासकीय कर्मचारियों की व्यवस्था करने की मांग करना चाहिए,नवीन शिक्षक संघ छःत्तीसगढ़ ने ग्राम पंचायत किरारी के सरपंच व सचिव के आदेश को अनुचित बताते हुए इस आदेश को निरस्त कर वापस लेने की मांग किया है व उच्चाधिकारियों को इस मामले पर संज्ञान लेकर सम्बंधित सरपंच व सचिव पर उचित कार्यवाही करना चाहिए जिससे भविष्य में ऐसी स्थिति निर्मित न हो
साथ ही कहा है कि शासन-प्रशासन को जब भी आवश्यकता होगी तो विभागीय अधिकारियों द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को निर्देश दिया जाए उस विभागीय निर्देश का शासकीय कर्मचारी अपना दायित्व पूर्ण ईमानदारी से निभाने के लिए तैयार है,कोरोना संक्रमण के विषम परिस्थिति में प्रदेश के समस्त शासकीय कर्मचारी राज्य सरकार के साथ मिलकर संक्रमण के रोकथाम व बचाव के लिए कदम से कदम मिलाकर चल रहे है और आगे भी शासन -प्रशासन के सहयोग के लिए तैयार है,नवीन शिक्षक संघ छःत्तीसगढ़ ने प्रदेश के सभी जनता से अपील किया है कि कोरोना वाइरस संक्रमण के बचाव व रोकथाम के लिए शासन के निर्देशों का पालन करते हुए सामाजिक दूरी,हाथ-सफाई व आवश्यक कार्य नही होने पर घर मे ही रहने की अपील किया है जिससे हम सब मिलकर कोरोना वाइरस संक्रमण को प्रदेश व देश से समाप्त कर सके।
साथ ही कहा है कि शासन-प्रशासन को जब भी आवश्यकता होगी तो विभागीय अधिकारियों द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को निर्देश दिया जाए उस विभागीय निर्देश का शासकीय कर्मचारी अपना दायित्व पूर्ण ईमानदारी से निभाने के लिए तैयार है,कोरोना संक्रमण के विषम परिस्थिति में प्रदेश के समस्त शासकीय कर्मचारी राज्य सरकार के साथ मिलकर संक्रमण के रोकथाम व बचाव के लिए कदम से कदम मिलाकर चल रहे है और आगे भी शासन -प्रशासन के सहयोग के लिए तैयार है,नवीन शिक्षक संघ छःत्तीसगढ़ ने प्रदेश के सभी जनता से अपील किया है कि कोरोना वाइरस संक्रमण के बचाव व रोकथाम के लिए शासन के निर्देशों का पालन करते हुए सामाजिक दूरी,हाथ-सफाई व आवश्यक कार्य नही होने पर घर मे ही रहने की अपील किया है जिससे हम सब मिलकर कोरोना वाइरस संक्रमण को प्रदेश व देश से समाप्त कर सके।
Thursday, May 7, 2020
ग्रीष्मकालीन अवकाश में ऑनलाइन पढ़ाई के स्थान पर निर्धारित समय पर स्कूल संचालन की तैयारी विभाग को करना चाहिये,अंकसूची व परीक्षाफल पंजी संधारण में शिक्षको को लगेगा समय
रायपुर-नवीन शिक्षक संघ छःत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत,उमा जाटव,प्रवक्ता दुष्यंत कुम्भकार,मनोज चन्द्रा व गंगा पासी ने कहा है कि शिक्षासत्र 2019-20 का ग्रीष्मावकाश प्रारम्भ हो गया है लेकिन प्रदेश के स्कूलो में कार्यरत शिक्षको को अंकसूची व परीक्षाफल संधारण करने में काफी परिश्रम करना पड़ रहा है,अंकसूची व परीक्षाफल पंजी संधारण में एक-एक बच्चो के रिकार्ड संधारण करने से समय अधिक लग रहा है और कर्ण है कि विभाग द्वारा कुछ दिन पहले ही अंकसूची व परीक्षाफल पंजी स्कूलो को प्रदान किया गया है,गिरीश साहू,अभिनय शर्मा,अमितेश तिवारी,अमित नामदेव,ब्रिजनारायन मिश्रा,अजय कडव ने कहा है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के समय भी शिक्षक खाली नही है बल्कि अंकसूची व परीक्षाफल संधारण का कार्य लगातार किया जा रहा है साथ ही दसवीं व बारहवीं बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्रों की जांच शिक्षको द्वारा घर पर विभाग के आदेशानुसार किया जा रहा है जिससे बोर्ड परीक्षा का परिणाम जल्दी ही घोषित विभाग द्वारा किया जा सके,रूपेंद्र सिन्हा,प्रकाश चन्द कांगे,राजेश शुक्ला,संजय साहू,चन्द्रशेखर रात्रे,बलविंदर कौर,नंदिनी देशमुख ने ऑनलाइन पढ़ाई को ग्रीष्मकालीन अवकाश में स्थगित कर आगामी शिक्षासत्र में स्कूलो को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए विभाग को कार्य योजना तैयार करना चाहिए,सभी पदाधिकारियो ने कहा है कि ऑनलाइन पढ़ाई शासन की अच्छी योजना है लेकिन इसका लाभ सभी बच्चों को मिले तभी ये कारगर साबित होगा।प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने आगे कहा कि कोरोना वाइरस संक्रमण के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने 13 मार्च से प्रदेश के स्कूलो में अवकाश घोषित कर दिया था जिसके कारण स्कूलो में बच्चो को पढ़ाया नही जा सका जिसका सीधा नुकसान पढ़ने वाले बच्चों को हुआ ये सही है, कोरोना वाइरस का प्रभाव हमारे देश व प्रदेश में कम रहता है तो ग्रीन व ऑरेंज जोन वाले जिलों में ऑनलाइन पढ़ाई के स्थान पर एक जुलाई से शारीरिक दूरी का पालन करते हुए आगामी शिक्षासत्र में स्कूल संचलन करने के लिए विभाग को ठोस कार्य योजना बनाना चाहिए जिससे बच्चो को पूर्व की भांति बेहतर शिक्षा स्कूलो में मिल सके,ऑनलाइन पढ़ाई स्कूल का विकल्प नही हो सकता है और कारण सभी जानते है कि प्राथमिक व मिडिल कक्षा के छोटे-छोटे बच्चों पर मोबाइल का दुष्प्रभाव पड़ सकता है इसलिए पूर्व में विभाग द्वारा ही शिक्षको व बच्चो को स्कूल व कक्षा में मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध लगाने हेतु दिशा-निर्देश कई बार जारी किया गया है,नवीन शिक्षक संघ ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के समय ऑनलाइन पढ़ाई को स्थगित कर आगामी शिक्षासत्र से स्कूल संचालन हेतु ठोस कार्य योजना बनाकर जल्दी ही दिशा-निर्देश जारी करने की मांग विभाग से किया है जिससे कोरोना वाइरस संक्रमण के इस विषम परिस्थिति में शासन-प्रशासन के नियमो व दिशा-निर्देश का पालन करते हुए बच्चो को स्कूलो में बेहतर शिक्षा मिल सके।
Friday, May 1, 2020
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का मानदेय अब तक नही मिला कर्मियों को,दुर्ग जिला में नगद वेतन देने के स्थान पर ऑनलाइन वेतन देने का किया व्यवस्था पर आज तक कर रहे है मानदेय का इंतजार
दुर्ग-नवीन शिक्षक संघ छःत्तीसगढ़ के दुर्ग जिलाध्यक्ष संजीव मानिकपुरी व सचिव बी.प्रकाश ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण सरकार चुनने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव करवाया गया जिसमें दुर्ग जिले के दुर्ग,पाटन व धमधा विकासखण्ड से हजारों शिक्षको सहित अन्य कर्मचारियों को चुनाव कार्य सम्पन्न कराने हेतु मतदान दल में शामिल किया गया,त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के समय मतदान कार्य मे संलग्न कर्मियों को अपने-अपने विकासखण्ड में प्रशिक्षण देने के बजाय पाटन वाले धमधा,धमधा वाले पाटन व दुर्ग वाले धमधा पाटन में प्रशिक्षण लेने उपस्थित हुए,लगातार तीन प्रशिक्षण पश्चात तीन चरणों मे चुनावी कार्य मतदान कर्मियों द्वारा पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ सम्पन्न कराया,मतदान प्रशिक्षण व मतदान कार्य करते हुए मतदान कर्मियों द्वारा अपने स्वयं के राशि से आने-जाने व भोजन,चाय,नाश्ता का व्यवस्था किया जिससे मतदान कर्मियों का हजारो रुपये खर्च हुआ,जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा मतदान के समय नगद मानदेय देने के स्थान पर ऑनलाइन मानदेय कर्मियों के बैंक खातों के माध्यम से भुगतान करने की बात कही थी लेकिन जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा आज दिनांक तक मतदान कर्मियों को मानदेय भुगतान करने में असफल रहा,नवीन शिक्षक संघ छःत्तीसगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष धमधा संजय शर्मा व पाटन जागेश्वर चन्द्राकर ने कहा है कि त्रिस्तरीय चुनाव में जब से नगद मानदेय भुगतान करना प्रारम्भ जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा किया गया है तब से मानदेय भुगतान हेतु नवीन शिक्षक संघ को अपने ही मानदेय प्राप्त करने हेतु आवाज उठाना पड़ता है साथ ही मतदान कार्य मे रिजर्व मतदान कर्मियों को मानदेय भुगतान नही किया जाता है जबकि नवीन शिक्षक संघ के द्वारा लगातार रिजर्व मतदान कर्मियों के मानदेय भुगतान के लिए मांग किया जाता रहा है,रिजर्व मतदान कर्मियों को भी मतदान दल में शामिल कर्मियों के समान प्रशिक्षण व समान लेने हेतु सम्बन्धित विकाशखण्ड में उपस्थित होना पड़ता है,रिजर्व मतदान कर्मियों का भी आने-जाने व भोजन,नाश्ता व चाय व्यवस्था में हजारों रुपये खर्च करना पड़ता है,नवीन शिक्षक संघ दुर्ग जिला ने शीघ्र ही चुनावी कार्य मे संलग्न कर्मियों को मानदेय भुगतान करने की मांग जिला प्रशासन से किया है साथ भविष्य में होने वाले चुनाव में ऑनलाइन व्यवस्था से मानदेय भुगतान के स्थान पर नगद राशि भुगतान करने की मांग किया है।
पुरानी पेंशन बहाली एवं महंगाई भत्ता (डी. ए.) जारी रखने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन राजनांदगॉव -छत्तीसगढ़ अंशदायी पेंशन कर्मचारी कल्याण संघ
(CGPEWU/NMOPS) के प्रांतीय आह्वान पर जिला इकाई राजनांदगॉव के जिलाध्यक्ष छन्नूलाल साहू एवं प्रांतीय संयुक्त सचिव अजय कडव के नेतृत्व मे माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय मुख्यमंत्री जी छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा गया! कलेक्टर महोदय के मीटिंग में व्यस्त होने के कारण अधीक्षक के हाथों ग्यापन सौंपा गया!
जिलाध्यक्ष छन्नूलाल साहू ने बताया कि वर्तमान समय में देश सहित छत्तीसगढ़ राज्य मे भी कोरोना वायरस (कोविड -19)के प्रभाव से जन सामान्य का जीवन परेशानी भरा हो गया है किन्तु इस विषम परिस्थिति में भी सभी शासकीय कर्मचारीगण लगातार अपने कर्तव्य पर डटे हुये है और कोरोना के खिलाफ जंग में सरकार का सहयोग कर रहे है! ऐसे परिस्थिति में केन्द्र सरकार द्वारा इस वर्ष 2020 से आगामी वर्ष 2021 तक महंगाई भत्ता (डी. ए.) को फ्रीज (रोकने) करने का निर्णय लिया गया है जो कि सभी शासकीय कर्मचारियों की मनोबल तोड़ने वाला साबित हो रहा है! इस प्रकार डी. ए. रोकने से उसकी भरपाई पुरे नौकरी के अवधि में नही हो पायेगा जिससे एक आम कर्मचारी को बहुत ज्यादा आर्थिक नुकसान होगा! विदित हो कि सभी कर्मचारियों द्वारा अपना एक दिन का वेतन कोरोना वायरस (कोविड -19)की लड़ाई में सरकार के राहत कोष (प्रधानमंत्री केयर फंड /मुख्यमंत्री राहत कोष) में स्वेक्छा से दान देकर सहयोग किये है! कई शासकीय कर्मचारी अपने परिवार से दूर रहकर कोरोना पीड़ित व प्रभावित इलाकों में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाकार्य में लगे हुये है! अतः अलग से डी. ए. पर रोक लगाना सभी कर्मचारियों के हित में कुठाराघात है!
विदित हो कि सन् 2004 में इसी तरह केन्द्र सरकार द्वारा पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बंद कर शेयर मार्केट आधारित नवीन पेंशन योजना (NPS) लागू किया गया था जिससे कर्मचारियों का भविष्य और बुढ़ापा अंधकारमय हो गया है क्योंकि नवीन पेंशन योजना (NPS) शेयर मार्केट के अधीन है जबकि सांसद और विधायक वर्तमान समय में पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ ले रहे है! अतः संघ ने केंद्र सरकार से मांग किया है कि वर्तमान में महंगाई भत्ता (डी. ए.) रोकने के निर्णय पर पुनर्विचार कर इस कर्मचारी विरोधी गतिविधि पर विराम लगाये एवं सन् 2004 से कर्मचारियों के लिये बंद की गयी पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः लागू किया जाये! आखिर जब सांसद एवं विधायक पुरानी पेंशन योजना का लाभ ले रहे है तो कर्मचारियों को क्यों वंचित किया गया है!
ग्यापन सौंपने वालो में सर्वश्री अजय कडव, छन्नूलाल साहू, अजय गडपायले, मिलन साहू, प्रफुल्ल कुमार झा, खिलावन सिंह ठाकुर, हेमंत निर्मलकर, शैलेन्द्र कुमार साहू, पुरुषोत्तम पटोदी आदि पदाधिकारीगण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुये शामिल हुये! उक्त जानकारी जिला मीडिया प्रभारी हेमंत निर्मलकर द्वारा दिया गया!
जिलाध्यक्ष छन्नूलाल साहू ने बताया कि वर्तमान समय में देश सहित छत्तीसगढ़ राज्य मे भी कोरोना वायरस (कोविड -19)के प्रभाव से जन सामान्य का जीवन परेशानी भरा हो गया है किन्तु इस विषम परिस्थिति में भी सभी शासकीय कर्मचारीगण लगातार अपने कर्तव्य पर डटे हुये है और कोरोना के खिलाफ जंग में सरकार का सहयोग कर रहे है! ऐसे परिस्थिति में केन्द्र सरकार द्वारा इस वर्ष 2020 से आगामी वर्ष 2021 तक महंगाई भत्ता (डी. ए.) को फ्रीज (रोकने) करने का निर्णय लिया गया है जो कि सभी शासकीय कर्मचारियों की मनोबल तोड़ने वाला साबित हो रहा है! इस प्रकार डी. ए. रोकने से उसकी भरपाई पुरे नौकरी के अवधि में नही हो पायेगा जिससे एक आम कर्मचारी को बहुत ज्यादा आर्थिक नुकसान होगा! विदित हो कि सभी कर्मचारियों द्वारा अपना एक दिन का वेतन कोरोना वायरस (कोविड -19)की लड़ाई में सरकार के राहत कोष (प्रधानमंत्री केयर फंड /मुख्यमंत्री राहत कोष) में स्वेक्छा से दान देकर सहयोग किये है! कई शासकीय कर्मचारी अपने परिवार से दूर रहकर कोरोना पीड़ित व प्रभावित इलाकों में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाकार्य में लगे हुये है! अतः अलग से डी. ए. पर रोक लगाना सभी कर्मचारियों के हित में कुठाराघात है!
विदित हो कि सन् 2004 में इसी तरह केन्द्र सरकार द्वारा पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बंद कर शेयर मार्केट आधारित नवीन पेंशन योजना (NPS) लागू किया गया था जिससे कर्मचारियों का भविष्य और बुढ़ापा अंधकारमय हो गया है क्योंकि नवीन पेंशन योजना (NPS) शेयर मार्केट के अधीन है जबकि सांसद और विधायक वर्तमान समय में पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ ले रहे है! अतः संघ ने केंद्र सरकार से मांग किया है कि वर्तमान में महंगाई भत्ता (डी. ए.) रोकने के निर्णय पर पुनर्विचार कर इस कर्मचारी विरोधी गतिविधि पर विराम लगाये एवं सन् 2004 से कर्मचारियों के लिये बंद की गयी पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः लागू किया जाये! आखिर जब सांसद एवं विधायक पुरानी पेंशन योजना का लाभ ले रहे है तो कर्मचारियों को क्यों वंचित किया गया है!
ग्यापन सौंपने वालो में सर्वश्री अजय कडव, छन्नूलाल साहू, अजय गडपायले, मिलन साहू, प्रफुल्ल कुमार झा, खिलावन सिंह ठाकुर, हेमंत निर्मलकर, शैलेन्द्र कुमार साहू, पुरुषोत्तम पटोदी आदि पदाधिकारीगण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुये शामिल हुये! उक्त जानकारी जिला मीडिया प्रभारी हेमंत निर्मलकर द्वारा दिया गया!
Thursday, April 30, 2020
पूछता है भारत काला धन कहां है,कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में कटौती के स्थान पर कालाधन को देशहित में उपयोग किया जाना चाहिए
नवीन शिक्षक संघ छःत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने केंद्र सरकार से निवेदन करते हुए कहा है कि कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में कटौती के स्थान पर विदेशो में जमा कालाधन को अब वापस लाने का सही समय है और उसी कालाधन को आम जनता के खातों में जमा करना चाहिए,2013-14 लोकसभा चुनाव में कालाधन लाकर जनता में बांटने वाले अब चुप क्यों है,कालाधन लाओ और प्रत्येक जनता तक कालाधन पहुंचाओ,कालाधन वापस लाकर भारत के जनता के साथ न्याय करे,महंगाई भत्ता में कटौती कर कर्मचारियों के साथ अन्याय न करे,जो वादा किया उसे निभाना चाहिए और कालाधन वापस लाना चाहिए!
*घंटी बजाओ*
,अब तो बाबा जी भी चुप है शायद कालाधन के बारे में उनका अनुमान गलत था,कुछ लोग कालाधन वापस लाकर भारत के प्रत्येक लोगो को 15 लाख देने की बात कही थी बाद में उसे जुमला कहकर पल्ला झाड़ दिया है,कालाधन कहाँ है,2013-14 के चुनाव पूर्व बहुत हल्ला मचाया था अब क्या जितने अनुमान लगा रहे थे वो झूठा अनुमान था सिर्फ चुनावी लाभ लेने के लिए और ऐसा नही है तो कालाधन वापस लेकर अब देशहित में उपयोग करना चाहिये!
*डी. एन. ए.*
प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने आगे कहा कि पहले सरकार द्वारा पुरानी पेंशन योजना समाप्त कर लाखो कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात किया गया पुरानी पेंशन योजना बन्द होने से कर्मचारियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है,कर्मचारियों को सेवानिवृत्त होने के बाद पेंशन के रूप में कितना मिलेगा ये शेयर मार्केट तय करेगा,हो सकता है कि नौकरी समाप्त होने के बाद कर्मचारियों को फूटी कौड़ी भी नही मिलेगा जिससे कर्मचारियों को अपने रिटायरमेंट के बाद भूखे मरने या आत्महत्या करने के अलावा कोई रास्ता ही नही बचेगा,एक तरफ कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद शेयर मार्केट के आधार पर कुछ राशि व मामूली पेंशन मिलने की संभावना है वही संसद व विधानसभा सदस्य बनने के बाद सांसद व विधायको को जीवन पर्यंत पेंशन के रूप में एक बड़ी राशि मिलते रहेगा, कर्मचारी लगातार 62 वर्ष के उम्र तक नौकरी के बाद मामूली पेंशन से अपना गुजारा करने पर मजबूर रहेंगे वही एक सांसद व विधायक एक दिन के सदस्य होने बाद भी पूर्ण पेंशन का हकदार,तो क्या नवीन पेंशन योजना से कर्मचारियों को नौकरी के बाद कितना सुरक्षा दे रहे है सरकार,अब केंद्र सरकार द्वारा एक वर्ष तक महंगाई भत्ते में कोई बढोत्तरी नही करने का निर्णय लेकर लाखो कर्मचारियों के साथ अन्याय किया जा रहा है,कोरोना संकट के समय भारत का हर कर्मचारी सरकार के साथ है और आज अपने जीवन का परवाह किये बिना कोरोना वाइरस जैसे वैश्विक महामारी से लगातार संघर्ष कर रहे है,अब सरकार को सोचना है कि कर्मचारियों के लगातार इस विषम परिस्थितियों में भी कोरोना वाइरस से संघर्ष के समय महंगाई भत्ते को न बढ़ाने के निर्णय कितना सही है,कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में रोक के स्थान पर भ्रष्ट्र लोगो से जो करोड़ो रूपये बैको से लेकर फरार है ऐसे लोगो से वसूल कर सरकारी खजाने में राजसात कर देश के जरूरतमन्दों तक सहयोग पहुंचाना चाहिए साथ ही कालाधन की राशि को वापस लेकर जरूरतमंद को सहयोग करना चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा है कि पुरानी पेंशन योजना बन्द कर नवीन अंशदायी पेंशन योजना से कर्मचारियों का कोई हित नही है अगर हित होता तो सांसद व विधायको को भी नवीन अंशदायी पेंशन के अंतर्गत क्यो नही रखा गया है ये सबसे बड़ा सवाल है और इस सवाल का हल भी सरकार के पास है,सरकार चाहे तो नवीन अंशदायी पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू कर कर्मचारियों को नौकरी के बाद बुढ़ापे का लाठी प्रदान कर सकता है,सरकार को पुरानी पेंशन योजना लागू करने व महंगाई भत्ते एक वर्ष तक नही देने के निर्णय पर पुनर्विचार कर जल्दी ही कर्मचारियों के हित मे निर्णय लेना चाहिए।
अभी वर्तमान में हम सब भारत के लोग एक अदृश्य बीमारी कोरोना वाइरस से संघर्ष कर रहे है और इस संघर्ष में हम सब भारत के लोग विजेता बनकर पूरे विश्व को भारत के लोगो के शक्ति का अहसास कराएंगे,हम विजेता तभी बन सकते जब हम सरकार के द्वारा दिये गए दिशा-निर्देश के अनुसार चलेंगे इसलिए नवीन शिक्षक संघ छःत्तीसगढ़ सभी लोगो से निवेदन करता है कि घर पर रहे सुरक्षित रहे,समय -समय पर साबुन व सेनेटाइजर का प्रयोग करे,सोशल दूरी का पालन कर अपने आपको व अपने परिवार को सुरक्षित रखे।
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