Friday, August 23, 2019

समयमान वेतनमान के आधार पर पुनरीक्षित वेतनमान की गणना कर रिवाइज्ड एल.पी. सी. जारी करने डीईओ द्वारा उच्च कार्यालय से मार्गदर्शन लेने की कही बात

नवीन शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा है की 2012-13 मे हम सबकी लम्बी संघर्ष के बाद राज्य सरकार ने शिक्षको के समतुल्य वेतनमान देने का आदेश जारी किया उस आदेश मे आठ वर्ष का बन्धन  कर दिया गया,समतुल्य वेतनमान मे आठ वर्ष का बन्धन का विरोध प्रदेश के एकमात्र संघ नवीन शिक्षाकर्मी संघ ने विरोध किया और आठ वर्ष के बन्धन को समाप्त कर छ.ग.वेतन पुनरीक्षण नियम 2009 के अनुसूची एक के अनुसार वेतन की गणना करने की मांग को शासन-प्रशासन तक रखकर वर्ष बन्धन व वेतन विसंगति को सुधारने की मांग को प्रमुखता से रखा लेकिन सरकार द्वारा इस सम्बन्ध मे कोई निर्णय नही लिया गया फिर पुनः 2017 मे एक बड़े आंदोलन के बाद हम सबको संविलियन कर शासकीय कर्मचारी का दर्जा सरकार द्वारा आठ वर्ष के बन्धन के साथ दिया गया जिसका भी सबसे पहले नवीन शिक्षाकर्मी संघ द्वारा विरोध कर आठ वर्ष का बन्धन समाप्त कर समस्त शिक्षक पंचायत संवर्ग का स्कूल शिक्षा विभाग मे संविलियन कर वेतन विसंगति को दूर करने की मांग को लेकर सड़क पर उतरकर संघर्ष किया जिसका भी कोई परिणाम नही निकला और सत्ता परिवर्तन के बाद उम्मीद जगी थी और इस सम्बन्ध मे नवीन शिक्षाकर्मी संघ द्वारा प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी से मुलाकात कर शिक्षक हित मे निर्णय लेने की मांग किया लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री महोदय जी ने आने वाले राज्य के मुख्य बजट मे शिक्षक संवर्ग के हित मे निर्णय लेने की बात कही।वही वेतन विसंगति समाप्त हो इस दिशा मे नवीन शिक्षाकर्मी संघ द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है उसी के नवीन शिक्षाकर्मी संघ दुर्ग जिला के अध्यक्ष संजीव मानिकपुरी के द्वारा दुर्ग सम्भाग आयुक्त से मांग कर समयमान वेतनमान के आधार पर रिवाइज्ड एल.पी.सी.जारी करने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित करने का निवेदन किया था नवीन शिक्षाकर्मी संघ के ज्ञापन पर कार्यवाही करते हुए सम्भाग आयुक्त दुर्ग  ने उप संचालक शिक्षा दुर्ग सम्भाग को इस सम्बन्ध मे पत्र जारी किया फिर उप संचालक शिक्षा दुर्ग सम्भाग ने दुर्ग,बेमेतरा,बालोद,कवर्धा व राजनांदगांव जिला शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी  किया फिर जिला शिक्षाधिकारी दुर्ग ने पाटन,धमधा व दुर्ग बीईओ को पत्र जारी किया,नवीन शिक्षाकर्मी संघ धमधा के ब्लॉक अध्यक्ष संजय शर्मा के नेतृत्व मे धमधा बीईओ से मुलाकात कर समयमान वेतनमान के आधार पर छ.ग.वेतन पुनरीक्षण नियम 2009 अनुसूची एक के अनुसार वेतन की गणना कर रिवाइज्ड एल.पी.सी.जारी कर संविलियन पश्चात सातवां वेतनमान की गणना कर कोष व लेखा कार्यालय राजनांदगांव मे सत्यापन कराने के बाद कोष व लेखा कार्यालय के निर्धारण अनुसार वेतन भुगतान की मांग को रखा जिस पर धमधा बीईओ ने जिला शिक्षाधिकारी को इस सम्बन्ध मे मार्गदर्शन हेतु पत्राचार किया है जिस पर नवीन शिक्षाकर्मी संघ के जिलाध्यक्ष दुर्ग संजीव मानिकपुरी के नेतृत्व मे डीईओ दुर्ग से मुलाकात कर नवीन शिक्षाकर्मी संघ के मांगपत्र व बीईओ धमधा के पत्र पर जल्दी विचार करने की मांग किया जिस पर दुर्ग डीईओ ने 15 दिनों के अन्तर्गत उच्च कार्यालय से मार्गदर्शन प्राप्त कर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन नवीन शिक्षाकर्मी संघ को दिया है,प्रतिनिधि मण्डल मे प्रदेश प्रवक्ता दुष्यंत कुम्भकार,संजय शर्मा(धमधा),(जगेश्वर चन्द्राकर),संजय मानिकपुरी(दुर्ग),बी. प्रकाश,पन्नालाल साहू,सुनील स्वर्णकार,धनेश नेताम,विष्णु शंकर साहू शामिल रहे

Tuesday, August 13, 2019

आठ वर्ष के बन्धन समाप्त कर 2013 से हो रहे अन्याय का अंत कर शिक्षक पंचायत संवर्ग के साथ न्याय करेंगे सरकार-विकास सिंह राजपूत

रायपुर-नवीन शिक्षक संघ छ.ग.के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने छत्तीसगढ़ के किसान हितैसी,लोकप्रिय व संवेदनशील मुख्यमंत्री से निवेदन करते हुए कहा है की पूर्व सरकार द्वारा 2013 मे आठ वर्ष का बन्धन कर शिक्षाकर्मियों को शिक्षको के समतुल्य वेतनमान प्रदान किया गया व 2018 मे शिक्षा विभाग मे संविलियन करते समय भी आठ वर्ष बन्धन डालते हुए शिक्षक पंचायत संवर्ग के साथ भारी अन्याय किया गया,आठ वर्ष के बन्धन का 2013 से एकमात्र संघ नवीन शिक्षाकर्मी संघ ने विरोध करते हुए आठ वर्ष का बन्धन समाप्त कर समस्त शिक्षक पंचायत संवर्ग का शिक्षको के समतुल्य वेतनमान प्रदान करने व 2018 मे संविलियन के पश्चात सबका संविलियन करने की मांग को पूर्व सरकार के समक्ष रखते आ रहे है लेकिन पूर्व सरकार ने आठ वर्ष का बन्धन समाप्त नही किया,अब छ.ग.मे सरकार बदल गया है और वर्तमान सरकार से समस्त शिक्षक पंचायत संवर्ग व शिक्षक एलबी संवर्ग को बहुत ही ज्यादा उम्मीद है,वर्तमान सरकार आठ वर्ष का बन्धन समाप्त कर समस्त शिक्षक पंचायत संवर्ग का शिक्षा विभाग के पदो पर संविलियन कर 2013 से हो रहे अन्याय का अंत कर समस्त शिक्षक पंचायत संवर्ग के साथ न्याय करने की मांग को प्रमुखता से रखा है,नवीन न्यूज से चर्चा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने विश्वास व्यक्त किया है की वर्तमान सरकार माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के नेतृत्व मे प्रदेश के किसानों की कर्जमाफी,2500 रुपये धान का समर्थन मूल्य व आम जनता के लिए घरेलू बिजली बिल आधा कर जिस प्रकार से बहुत ही अच्छे कार्य करते आ रहे है ठीक उसी तरह प्रदेश के सबसे बड़े कर्मचारी समूह शिक्षक पंचायत संवर्ग का आठ वर्ष का बन्धन समाप्त कर शिक्षा विभाग मे संविलियन करने के बाद ही नये शिक्षक भर्ती करेंगे जिससे लगातार ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के स्कूलो मे पहले से कार्य कर रहे शिक्षक पंचायत संवर्ग के साथ न्याय हो सकेगा।

Sunday, August 4, 2019

जिला कलेक्टर ने बच्चो से किया अपील पानी का करे सरंक्षण व्यर्थ न बहने दे,

जिला कलेक्टर बालोद रानु साहू ने भू-जल के गिरते स्तर के कारण पानी को व्यर्थ न बहाने व पानी की सरंक्षण कर भविष्य मे पानी की कमी न हो इस अपील के साथ बच्चो के लिए दिया सन्देश
प्रिय बच्चों,
अपने घर में और आस-पड़ोस में आपने बड़े- बुजुर्गों को बात करते हुए सुना होगा कि जमीन के अंदर पहले खूब पानी हुआ करता था, जो अब बहुत कम हो गया है। कहीं कहीं पर तो आपने कुछ बंद हैंड पंप और खाली कुँए भी देखे होंगे। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों हुआ?

जमीन के पानी के अत्यधिक दोहन और बारिश के पानी का समुचित संरक्षण नहीं हो पाने के कारण आज हमारे जिले बालोद में पानी की उपलब्धता में समस्या उत्पन्न हो गई है। चूँकि पानी का उपयोग सभी लोगों के द्वारा किया जाता है, तो इस समस्या के समाधान करने के लिए भी हम सबको एक होकर काम करने की आवश्यकता आ पड़ी है। अपने मन में कल्पना करें कि पानी के बिना मछली कैसे तड़पती है, हम मनुष्यों का हाल भी पानी के अभाव में ऐसा ही हो सकता है।

पहले के समय में पानी धीमी गति से देर तक बरसा करता था, और धरती का अधिकांश हिस्सा कच्चा था तो धीरे- धीरे पानी रिसता हुआ धरती में समा जाता था। मनुष्य पानी भी कम-कम उपयोग करता था जिससे कि जलस्तर अच्छा बना रहता था। लेकिन आज के समय में बरसात का स्वरूप बदला है, अब कम समय में ही तेज बारिश के साथ पानी गिर जाता है साथ ही पक्के आँगन और पक्की सड़कों-गलियों की संख्या बहुत अधिक हो गई है, जिससे बरसे हुए पानी का बड़ा भाग नालियों के माध्यम से बह जाता है, रिसते हुए कम ही पानी जमीन तक पहुँचता है वहीं मनुष्य इस बहुमूल्य पानी का उपयोग ज्यादा मात्रा में और लापरवाही के साथ करने लगा है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो सोचिए कि आप जब बड़े होंगे तब पानी की क्या स्थिति होगी और पानी के अभाव में आपकी क्या स्थिति होगी जब आपके घर के आसपास सभी हैंडपंप और बोरवेल पानी देना बंद कर चुके होंगे।

आप सभी जिम्मेदार बच्चे हैं इसलिए मैं आपसे अपील करती हूँ कि आज से आप जहाँ कहीं भी पानी को व्यर्थ में बहता हुआ देखें तो उसको रोकने का प्रबंध करे।

चलिए हम सब मिलकर एक छोटा अभ्यास दैनिक रूप से करे।आप एक जल-सारिणी बना लें कि जिसमें आपके परिवार के प्रत्येक सदस्य के द्वारा दैनिक उपयोग में भिन्न-भिन्न कार्यों हेतु ली जा रही जलराशि को अंकित करें एवं उसका योग करके अपने परिवार के द्वारा उपयोग की जा रही दैनिक जलराशि निकालें। इसमें अंतिम कॉलम में ये भी लिखें कि कितना पानी ऐसा है जिसका एक कार्य के बाद दोबारा उपयोग में लाया जाता है। इसके बाद आप देखें कि क्या आपके अथवा परिवार के किसी सदस्य के द्वारा स्नान अथवा कपड़े धोने में अधिक जल का उपयोग हो रहा है, उनको पानी बचाने के लिए प्रोत्साहित करें। मैं जानती हूँ कि आपका दिमाग बहुत तेज है, आप ऐसी संभावनाएँ भी अवश्य तलाशें कि किस प्रकार स्नानघर से निकले हुए पानी अथवा किचन में सब्जियों को को धोने के बाद बचे हुए पानी का दोबारा किसी अन्य कार्य के लिए प्रयोग किया जा सकता है, उदाहरण के लिए- आपके घर की साफ-सफाई में, गाड़ी धुलाई में, बागवानी में इत्यादि। आप जल-सारिणी को क्रमवार दैनिक रूप से भरते रहें एवं पिछले दिन की सारिणी से मिलाएँ कि कितनी जलराशि को बचाने में आप कामयाब हुए हैं।जल्द ही आपको विद्यालय की तरफ से जल संरक्षण हेतु एक परियोजना कार्य दिया जाएगा, उस परियोजना कार्य के अनुसार आप अपने घर में बारिश के पानी को बहने से रोकने के लिए एक रैन वॉटर हार्वेस्टिंग पिट का निर्माण अपने मित्रों व परिजनों के साथ मिलकर करेंगे और अपने अनुभव विद्यालय में साझा करेंगे।
जल-सारिणी के अनुसार सबसे ज्यादा पानी बचाने वाले एवं सर्वश्रेष्ठ सोख्ता पिट का निर्माण करने वाले विद्यार्थियों को ज़िला प्रशासन की तरफ से पुरस्कृत किया जाएगा।

हम जानते हैं कि आप के सहयोग से बालोद जिले को पानी की समस्या से मुक्ति दिलाई जा सकती है जिससे कि आपका भविष्य खुशहाली से व्यतीत होगा।

Thursday, August 1, 2019

मांग जरूर पूरा होगा,जो कहा है वो करेंगे मुख्यमंत्री ने दिया प्रतिनिधि मण्डल को भरोसा


रायपुर-आज हरेली तिहार कार्यक्रम में बिलासपुर के ग्राम नेवरा मे मुख्य अतिथि के रूप मे शिरक़त करने पहुँचे प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ज़ी ने लिपिक संघ का ज्ञापन पढ़कर संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी को उक्त बातें कही।
उल्लेखनीय है कि आज हरेली तिहार कार्यक्रम के दौरान लिपिक संघ का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ज़ी के नेतृत्व मे मुख्यमंत्री से मिला। रोहित तिवारी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर बिलासपुर सम्मेलन मे किये गये घोषणा अनुसार लिपिक वेतनमान सुधार करने तथा लंबित महँगाई भत्ता भुगतान व अन्य समस्याओ के निराकरण हेतु माँग किया। ज्ञापन देखकर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ज़ी ने मुस्कुराते हुये कहा कि *आपके सम्मेलन मे बोल दिया हूँ, लिपिको की मांग पूरी करूंगा... मतलब करूंगा, थोड़ा धैर्य रखिये पहलवान ज़ी*
चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने लंबित महँगाई भत्ता भुगतान एवं अन्य समस्याओं को शीघ्र निराकृत करने का आश्वासन दिया।
विधानसभा चुनाव के पूर्व प्रदेश लिपिक संघ के नेतृत्व में प्रदेश भर के लिपिकों ने वेतन विसंगति दूर करने की मांग पर 26 दिनों तक आंदोलन किया था। सरकार से सार्थक चर्चा उपरांत माँगो पर सहमति बनने पर आंदोलन समाप्त हुआ था, परन्तु ऐन वक्त पर आचार संहिता लागू हो जाने के कारण लिपिकों की मांग लंबित रह गयी। इसका खामियाजा तत्कालीन भाजपा सरकार को सत्ता से दूर होकर भोगना पड़ा। नये सरकार के गठन के बाद लिपिकों ने पुनः इसका प्रयास किया था, और फरवरी माह में बिलासपुर के अपने प्रांतीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया था। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मंच से घोषणा किया था कि आगामी वर्ष लिपिकों की माँग पूरी की जायेगी।
आज उसी घोषणा को मूर्त रूप देने के लिये पुनः लिपिकों ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया। इस अवसर पर प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी , जिलाध्यक्ष सुनील यादव, जिला सचिव प्रदीप शर्म , जिला सह सचिव सूर्यप्रकाश कश्यप, कार्यालयीन सचिव रिन्केस सोनी सहित अन्य लिपिक उपस्थित थे।

Tuesday, July 30, 2019

समय-सीमा मे पूर्ण नही हुआ संविलियन प्रक्रिया,लोकशिक्षण संचालनालय से जारी करना पड़ा पत्र,

रायपुर 30 जुलाई 2019। नवीन शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिन्हा,प्रकाशचन्द कांगे,ब्रिज नारायण मिश्रा,अमित नामदेव व प्रदेश पदाधिकारी अजय कड़व और संजय साहू ने कहा है की सरकार के निर्देश को निचले स्तर के अफसरों ने ठेंगा दिखाने का मानों ठेका ले रखा है। शायद ही कोई ऐसा निर्देश होता हो, जिसके लिए विभाग दो से चार बार याद दिलानी ना पड़ती हो। अब ताजा मामला संविलियन का ही ले लीजिये। जुलाई से शुरू हुए संविलियन को लेकर सरकार ने एक टाइम टेबल प्रोग्राम जारी किया था। स्पष्ट निर्देश था कि किन-किन तारीख को किस तरह के संविलियन का काम आगे बढ़ाया जायेगा, लेकिन सरकार के निर्देश को अफसरों ने हल्के में ले लिया। प्रदेश के आधा से ज्यादा जिला पंचायत सीईओ और डीईओ ने निर्देश को ठेंगा दिखाते हुए संविलियन के टाइम टेबल प्रोग्राम का इम्प्लीमेंटशन किया ही नहीं।
लिहाजा डीपीआई को नया निर्देश जारी कर जिलों को याद दिलाना पड़ा है कि उन्होंने अब तक सीनियरिटी लिस्ट जारी नहीं की है, जिन जिलों से लिस्ट नहीं आया है, वो तत्काल लिस्ट की साफ्ट कॉपी भेजे। दरअसल राज्य सरकार ने संविलियन का जो प्रोग्राम जारी किया था, उसके मुताबिक प्रत्येक जिले को 17 जुलाई तक अंतिम सीनियरिटी लिस्ट प्रकाशित कर देना था, लेकिन कमाल की बात ये रही कि 27 जिलों में से 13 जिलों ने ही लिस्ट भेजी, 14 जिलों से लिस्ट आयी ही नहीं।
लिहाजा राज्य सरकार की संविलियन प्राप्त शिक्षकों का पदस्थापनावार और नामवार जो संविलियन आदेश जारी होना था, वो नहीं हो पाया, क्योंकि कार्यक्रम के मुताबिक 30 जुलाई तक संविलियन का आदेश हो जाना चाहिये था। ऐसे में इस लापरवाही को डीपीआई ने बड़ी गंभीरता से लिया है और नया आदेश जारी कर तुरंत लिस्ट तलब की है।
इन जिलों से ही अब तक भेजी गयी है सूची
17 जुलाई को वरीष्ठता सूची का प्रकारण सभी 27 जिलों में हो जाना चाहिये था, लेकिन सिर्फ 13 जिलों से ही सूची आई। जिन जिलों से सूची भेजी गयी, उनमें बालोद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, जांजगीर, चांपा, कोंडागांव, कोरिया, रायगढ़, धमतरी, कबीरधाम, महासमुंद, सुकमा, सरगुजा और बिलासपुर शामिल हैं, जबकि राजधानी रायपुर सहित 14 जिलों से लिस्ट भेजी ही नहीं गयी।प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू,चन्द्रशेखर रात्रे,मनोज चन्द्रा,अभिनय शर्मा,दुष्यंत कुम्भकार व अमितेश तिवारी ने शेष बचे 14 जिलो के अधिकारियों से जल्द ही संविलियन सूची मंत्रालय भेजने की मांग की है जिससे आठ वर्ष पूर्ण कर चुके शिक्षक पंचायत संवर्ग का स्कूल शिक्षा विभाग मे संविलियन प्रक्रिया पूर्ण हो सके।

Monday, July 29, 2019

पुरानी पेंशन की मांग को लेकर कोरिया,बेमेतरा,राजनांदगांव,जांजगीर सहित सभी 27 जिलो मे मुख्यमंत्री के नाम सौपा गया ज्ञापन


रायपुर-छत्तीसगढ अंशदायी पेंशन कर्मचारी कल्याण संघ जिला राजनांदगॉव के प्रांतीय सचिव अजय कडव एवं जिलाध्यक्ष छन्नूलाल साहू,जिला कोरिया ब्रिज नारायण मिश्रा व हरिकांत अग्निहोत्री,जिला जांजगीर-चांपा अनुभव तिवारी व जयन्त सिंह,जिला बेमेतरा उमा जाटव व विजय ड़ेहरे ने बताया कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सोमवार दिनांक 29/07/2019 को पुरे प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में मुख्यमंत्री के नाम ग्यापन सौंपा गया है ,इसी कडी में राजनांदगॉव,कोरिया,जांजगीर,बेमेतरा जिले के  जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में मुख्यमंत्री जी के नाम ज्ञापन सौपा गया है !विदित हो कि सन 2004 के उपरांत नियुक्त होने वाले सभी कर्मचारी एवं अधिकारीगणों एवं शिक्षकगणों को पुरानी पेंशन से वंचित कर दिया गया है जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है !पुरानी पेंशन की जगह NPS नेशनल पेंशन स्कीम कर दिया गया है जो शेयर मार्केट के अधीन है ,जिसमें यही साफ नही है कि कर्मचारी को रिटायर के बाद कितना पेंशन मिलेगा !राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के नेतृत्व में देश भर के कर्मचारी पुरानी पेंशन की मांग को लेकर एकजुट हो रहे है !इसी कडी में प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के निर्देशन में छत्तीसगढ प्रदेश के समस्त कर्मचारी अपनी आवाज बुलंद कर रहे है !छत्तीसगढ के अनेक कर्मचारी संघठन पुरानी पेंशन बहाली की मांग का समर्थन कर रहे है !
विदित हो कि कांग्रेस पार्टी ने अपनी जनघोषणा पत्र में छत्तीसगढ के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देने का वादा किया था ,उसी वादे को याद दिलाने के लिये राजनांदगॉव ,कोरिया,जांजगीर व बेमेतरा सहित सभी जिलो में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है!
ज्ञापन सौपने वालो में सर्वश्री अजय कडव,ब्रिज नारायण मिश्रा, उमा जाटव, हरिकांत अग्निहोत्री,अनुभव तिवारी,छन्नू लाल साहू ,जयन्त सिंह,विजय ड़ेहरे,शरद राठौर,दीपक यादव,अम्बरीष बैस,खिलावन सिंह ठाकुर ,रमेश निगम,पुरुषोत्तम पडोती ,अजय गडपायले  ,कमलेश बंजारे ,योगेश साहू,दिनेश सोनी,रामस्वरूप साहू,प्रमोद पांडेय,प्रमित सिंह,प्रशांत चतुर्वेदी,खेमलाल बारले, संदीप सोनकर

के साथ अन्य कई पुरानी पेंशन विहिन कर्मचारीगण शामिल थे!

Saturday, July 27, 2019

नवीन शिक्षक संघ छ.ग.के मांग पर सम्भाग आयुक्त दुर्ग ने रिवाइज्ड एलपीसी के सम्बन्ध मे जारी किया पत्र [


 रायपुर-नवीन शिक्षक संघ(नवीन शिक्षाकर्मी संघ) छ.ग.के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत,उमा जाटव, व जिला अध्यक्ष संजीव मानिकपुरी के नेतृत्व मे संघ का एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा एक माह पूर्व सम्भाग आयुक्त दुर्ग से मुलाकात कर सम्भाग आयुक्त को जानकारी देते हुए बताया की प्रदेश के शिक्षक पंचायत/एलबी.संवर्ग को सात वर्ष पूर्ण होने पर पंचायत विभाग द्वारा समयमान वेतनमान सहा. शिक्षक पंचा.को 5000,शिक्षक पंचा. को 6000 व व्याख्याता पंचा. को 7000 वेतनमान दिया गया और आठवे वर्ष पुनरीक्षित वेतनमान प्रदान करते समय समयमान वेतनमान के आधार पर वेतन का निर्धारण नही करते हुए छठवां वेतनमान के नये कर्मचारियों के समान अनुसूची एक के स्थान पर अनुसूची दो के प्रारम्भिक वेतनमान के अनुसार वेतन भुगतान किया गया और जुलाई 2018 मे पंचायत विभाग द्वारा विद्यमान वेतनमान मे एक वार्षिक वेतन वृद्धि जोड़कर शिक्षा विभाग मे संविलियन हेतु एलपीसी जारी किया गया संविलियन  पश्चात पंचायत विभाग द्वारा जारी एलपीसी  अनुसार शिक्षा विभाग द्वारा सातवां वेतनमान प्रदाय किया गया जिससे शिक्षक एलबी संवर्ग को प्रतिमाह दस से बारह हजार का नुकसान होते आ रहा है जिसके कारण नवीन शिक्षक संघ छ.ग.द्वारा पंचायत व शिक्षा विभाग से मांग किया था की समयमान वेतनमान के आधार पर पुनरीक्षित वेतनमान प्रदान कर संविलियन पश्चात सातवां वेतनमान की गणना किया जाये जिसके बाद शिक्षा विभाग के द्वारा पंचायत विभाग को रिवाइज्ड एलपीसी प्रदान करने हेतु पत्र जारी किया गया है लेकिन अप्रेल से आज तक शिक्षा विभाग के द्वारा जारी पत्र जिला/जनपद पंचायत द्वारा कोई कार्यवाही प्रारम्भ नही किया गया है जिस पर सम्भाग आयुक्त दुर्ग द्वारा पहल करने का भरोसा नवीन शिक्षक संघ छ.ग.के प्रतिनिधिमंडल को दिया था उसी अनुरूप नवीन शिक्षक संघ के मांग के आधार पर सम्भाग आयुक्त दुर्ग ने सयुक्त संचालक शिक्षा विभाग दुर्ग सम्भाग को पत्र जारी कर नवीन शिक्षक संघ के आवेदन/मांग पत्र पर नियमानुसार कार्यवाही कर कार्यवाही पश्चात कार्यालय आयुक्त दुर्ग सम्भाग को अवगत कराने पत्र जारी किया है,इस सम्बन्ध मे नवीन शिक्षक संघ छ.ग.के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत व दुर्ग जिलाध्यक्ष संजीव मानिकपुरी ने सयुक्त संचालक शिक्षा दुर्ग सम्भाग से मांग किया है की जल्दी ही दुर्ग,राजनांदगांव,बेमेतरा,बालोद व कवर्धा जिले के सम्बन्धित अधिकारियों को  समयमान वेतनमान के आधार पर पंचायत विभाग द्वारा रिवाइज्ड एलपीसी जारी कर संविलियन पश्चात सातवां वेतनमान शिक्षक एलबी.संवर्ग को प्रदान किया जाय जिससे शिक्षक पंचायत/एलबी संवर्ग के साथ न्याय हो सके इस बात की जानकारी नवीन शिक्षक संघ छ.ग.के मीडिया प्रभारी मनोज चन्द्रा,गंगा पासी व  दुर्ग जिला सचिव बी. प्रकाश ने दिया है।