Tuesday, April 5, 2022

प्रदेश के शासकीय कर्मचारियो को केसलेस इलाज प्रदान करने की नवीन शिक्षक संघ की मांग पर आज शासन स्तर पर चर्चा



रायपुर- नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रवक्ता दुष्यंत कुम्भकार,ज्योति सक्सेना व मनोज चंद्रा ने जानकारी देते हुए बताया है कि पिछले माह प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के दिशा निर्देश पर सभी प्रदेश  जिला व ब्लॉक पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न विधानसभा क्षेत्र के विधायकों से मुलाकात कर व मुख्यमंत्री,स्वास्थ्य मंत्री,सचिव/संचालक शिक्षा विभाग,वित्त विभाग व स्वास्थ्य विभाग छ. ग.शासन को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश के समस्त शासकीय कर्मचारियो व परिवार के सदस्यों को सरकारी व मान्यता प्राप्त अस्पतालों में केसलेस इलाज प्रारम्भ करने की मांग को प्रमुखता से रखा था प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव,गिरीश साहू,अमितेश तिवारी,रूपेंद्र सिन्हा,अजय कड़व,प्रकाश चंद कांगे,बलविंदर कौर,नंदिनी देशमुख,गंगा शरण पासी,चन्द्र शेखर रात्रे,सतीस टण्डन,ब्रिज नारायण मिश्रा,राजेश शुक्ला ने कहा कि बढ़ती महँगाई व बीमारी में होने वाले खर्च से प्रदेश के शासकीय कर्मचारियो को केसलेस इलाज के अभाव में भारी आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है जिला पदाधिकारी संजीव मानिकपुरी,अनुभव तिवारी,वेदप्रकाश साहू,रमन शर्मा,छन्नूलाल साहू,अमीन बंजारे,नरेश चौहान,नरेश गुप्ता,हरिकांत अग्निहोत्री,रोशन मंसूरे ने कहा कि कर्मचारी व परिवार के सदस्य जब बीमार होते है और अस्पताल में भर्ती होने के बाद केसलेस इलाज के अभाव में इलाज में होने वाले भारी भरकम खर्च को वहन करने में कर्मचारियो व परिवार का पसीना छूट जाता है केसलेस इलाज के अभाव में कर्मचारियो को जमा पूंजी व चल सम्पत्तियों को भी बेचने की नौबत आ जाती है इसलिये नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ लगातार प्रदेश के शासकीय कर्मचारियो व परिवार का इलाज केसलेस इलाज से करने हेतु राज्य शासन से मांग करते आ रहे है प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत सहित अन्य सभी पदाधिकारियों ने बताया है 4 अप्रैल को वित्त विभाग द्वारा जारी पत्र में राजस्थान की तर्ज पर राज्य शासन स्वास्थ्य योजना(SGIIS) लागू करने के औचित्य व संभावना चर्चा करने बैठक के एजेंडा में शामिल कर नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के द्वारा किये जा रहे प्रदेश के शासकीय कर्मचारियो व परिवार के इलाज केसलेस इलाज की मांग को मजबूती प्रदान किया है,नवीन  शिक्षक संघ छ. ग.के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने कहा है कि केसलेज इलाज के संबंध में निर्णय नही होने की स्थिति में जल्दी ही नवीन शिक्षक संघ छ. ग.का प्रतिनिधि मंडल स्वास्थ्य मंत्री व स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात कर केसलेस इलाज को प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों व परिवार के इलाज हेतु लागू करने की मांग को पूरी मजबूती के साथ रखेंगे

Saturday, April 2, 2022

महंगाई भत्ता प्राप्त करने व वेतन विसंगति दूर करवाने प्रदेश के कर्मचारी हो एकजुट करे 11 से 13 अप्रैल को निर्णायक संघर्ष का आगाज



रायपुर- सुरसा जैसे लगातार बढ़ते महंगाई के दौर में आज सबसे ज्यादा परेशान है तो वो वर्ग है छ.ग.के शासकीय कर्मचारी वर्ग है भारत सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण के कारण अर्थव्यवस्था को पहुंचे नुकसान के बाद भी केंद्रीय कर्मचारियों को लगातार महंगाई भत्ता प्रदान कर इस भीषण महंगाई में कुछ राहत देने का लिया गया वही राजस्थान,महाराष्ट्र,उत्तराखंड,झारखंड,उत्तरप्रदेश,हरियाणा,उड़ीसा,मध्यप्रदेश,बिहार जैसे अन्य राज्य सरकार द्वारा भी अपने राज्य कर्मचारियो को महंगाई से लगातार राहत प्रदान करते ह केंद्र के समान या आसपास महंगाई भत्ता दिया जा रहा है वही एक तरफ अपने आप को देश मे सबसे ज्यादा आर्थिक विकास वाले राज्य बताने वाले छत्तीसगढ़ सरकार अपने राज्य कर्मचारियो को महंगाई भत्ता देने के मामले में फिसड्डी साबित हो रहे है एक तरफ केंद्र ,राजस्थान,महाराष्ट्र सरकार 34 प्रतिशत व हरियाणा,उड़ीसा,बिहार,झारखंड,

मध्यप्रदेश,पंजाब,उत्तरप्रदेश,गुजरात,उत्तराखंड जैसे राज्य 31% महंगाई भत्ता अपने राज्य कर्मचारियो को प्रदान कर रहे है वही छ. ग.सरकार अपने राज्य कर्मचारियो को मात्र 17% महंगाई भत्ता देकर महंगाई से जूझने के लिए मजबूर कर दिया है ये सभी जानकारी देते हुए नवीन शिक्षक संघ छ. ग.के प्रदेश अध्यक्ष व महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक विकास सिंह राजपूत ने प्रदेश के समस्त राज्य कर्मचारियो से एकजुटता के साथ संघर्ष करने की अपील करते हुए कहा कि लंबित महंगाई भत्ता प्राप्त करने व वेतन विसंगति को दूर करवाने के लिए प्रदेश के समस्त पीड़ित कर्मचारियो को एकजुट होकर निर्णायक संघर्ष करना पड़ेगा नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष व महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक विकास सिंह राजपूत ने प्रदेश के शासकीय कर्मचारियो से अपील करते हुए महंगाई भत्ता 34% करवाने के लिए एकजुट होकर 11 से 13 अप्रैल तक सामूहिक अवकाश में रहकर पूरी एकजुटता के साथ निर्णायक संघर्ष करने का आह्वान किया है

Tuesday, March 22, 2022

तपती सूरज के गर्मी में विद्यार्थी पढ़ने मजबूर सुबह स्कूल लगाने से प्रदेश के छोटे-छोटे बच्चों को मिल सकता है गर्मी से राहत

 रायपुर- होली का पर्व समाप्त हो चुका है और अभी अप्रैल के महीने का आगाज नही हुआ है लेकिन सूरज दादा ने अपनी कहर बरपाना शुरू कर दिया है ऐसे में सवाल है छोटे-छोटे बच्चे जो प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ते है अत्यधिक गर्मी पड़ने के कारण छोटे-छोटे स्कूली बच्चों के सेहत में विपरीत असर पड़ता है ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार व स्कूल शिक्षा विभाग को बच्चो के सेहत को दृष्टिगत रखते हुए ठोस निर्णय लेना चाहिए जिससे पढ़ाई व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित हो नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने बयान जारी कर कहा प्रदेश साथ ही प्रदेश पदाधिकारी उमा जाटव,गिरीश साहू,दुष्यंत कुम्भकार,अमितेश तिवारी,रूपेंद्र सिन्हा,संजय साहू अजय कड़व व नंदिनी देशमुख ने कहा कि तपती सूरज के गर्मी से छोटे -छोटे स्कूली बच्चों को स्वास्थ्यगत परेशानी का सामना करना पड़ता है दसवीं व बारहवीं के  स्कूली बच्चों की परीक्षा समाप्त होने को साथ ही नवमी व ग्यारहवीं की परीक्षा प्रारम्भ होने को है जिससे बड़े बच्चो को तो गर्मी से राहत मिल सकता है परंतु सवाल प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले मासूम बच्चों के स्वास्थ्य का है गंगा शरण पासी  प्रकाश चंद कांगे,बलविंदर कौर,चन्द्र शेखर रात्रे,सतीस टण्डन,मनोज चंद्रा, ब्रिज नारायण मिश्रा व ज्योति सक्सेना ने छत्तीसगढ़ सरकार व स्कूल शिक्षा विभाग से अपील करते हुए कहा है कि प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ने वाले प्राथमिक व माध्यमिक कक्षा के छोटे-छोटे बच्चों के सेहत व बढ़ती सूरज के गर्मी को ध्यान में रखकर जल्दी ही गरियाबंद जिला शिक्षा कार्यालय की तरह आदेश जारी कर प्रदेश के एक पाली में संचालित होने वाले स्कूलों को सुबह 7.30 से 11.30  तक संचालित करने हेतु समस्त सयुंक्त संचालक शिक्षा संभाग व जिला शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया जाय जिससे छोटे-छोटे मासूम बच्चों को बढ़ती तापमान व गर्मी से राहत मिल सके।

Friday, March 11, 2022

केंद्र के समान महंगाई भत्ता व गृह भत्ता की मांग को लेकर हुआ जंगी प्रदर्शन रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम सौपा ज्ञापन




रायपुर- महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संचालक विकास सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए कहा है कि माननीय नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री  केंद्र सरकार ने अपने केन्द्रीय कर्मचारियो को लगातार महंगाई से राहत देने महंगाई भत्ता जारी कर रहे है वर्तमान में केन्द्रीय कर्मचारियो को 31% प्रतिशत मंहगाई भत्ता व सातवां वेतनमान के अनुसार गृह भत्ता प्रदान कर रहे है प्रदेश सह सयोंजक उमा जाटव,गिरीश साहू,प्रकाशचन्द कांगे,सतीस टण्डन राजेश शुक्ला ने आगे बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारियो को मात्र 17%महंगाई भत्ता दिया जा रहा है जो केन्द्रीय कर्मचारियो से 14% कम है जिला संयोजक संजीव मानिकपुरी,वेदप्रकाश साहू ब्लॉक सयोंजक संजय शर्मा,लोकेश साहू ने कहा कि केंद्र के साथ-साथ राजस्थान,उड़ीसा,बिहार,मध्यप्रदेश,गोवा,हरियाणा,उत्तराखंड, झारखंड सहित अन्य राज्यो में राज्य कर्मचारियो को केन्द्रीय कर्मचारियो के समान महंगाई भत्ता दिया जा रहा है तो छ. ग.राज्य कर्मचारियो को कोरोना व आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए केंद्र के समान महंगाई भत्ता राज्य सरकार द्वारा क्यो नही दिया जा रहा है खिलेंद्र बघेल,कुशल साहू,विनोद ठाकुर,धनेश नेताम,अमित यदु,ईश्वर निर्मलकर,लिखन भुआर्य,राजेश साहू,विजय श्रीवास्तव,मिलन साहू, सैबान बेग,तोषन देवांगन,प्रदीप राजपूत सहित अन्य उपस्थित संघर्षरत कर्मचारियो ने कहा कि जब स्वयं मुख्यमंत्री जी विधानसभा भवन में स्वयं जानकारी देते हुए कहते है कि छ. ग.राज्य की आर्थिक स्थिति देश व अन्य राज्यो से बेहतर है व देश के जीडीपी से छः. ग.का जीडीपी 3% अधिक है और जब कर्मचारियो को लंबित महंगाई भत्ता जारी करने के विषय मे बात करने पर कोरोना व आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए लंबित महंगाई भत्ते पर कोई भी निर्णय नही लिए जाते है जिससे पूरे प्रदेश के कर्मचारियो में भारी आक्रोश है और उसी आक्रोश को दिनांक 11 मार्च को महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संचालक विकास सिंह राजपूत,अनिल शुक्ला,ओ. पी.शर्मा,कमलेश राजपूत,संजय शर्मा,रोहित तिवारी,जितेंद्र ठाकुर,महेंद्र राजपूत,करन अटेरिया,शिव कुमार पांडेय सहित अन्य संचालक गण के नेतृत्व में राजधानी रायपुर के बूढ़ातालाब में धरना प्रदर्शन कर जंगी रैली निकालकर केंद्रीय कर्मचारियों के समान 31% महंगाई भत्ता व सातवां वेतनमान के अनुसार गृह भत्ता देने की मांग को प्रमुखता से रखते हुए मुख्यमंत्री जी के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

Wednesday, March 9, 2022

पुरानी पेंशन योजना लागू करने से सात सूत्रीय मांग पर एक मांग पूर्ण अन्य छः मांगो पर संघर्ष रहेगा जारी 11 मार्च को होगा लंबित महंगाई भत्ता की मांग को लेकर रायपुर में जंगी प्रदर्शन-विकास सिंह राजपूत




रायपुर- नवीन शिक्षक संघ छ. ग.के प्रवक्ता दुष्यंत कुम्भकार,ज्योति सक्सेना व मनोज चंद्रा ने जानकारी दिया है कि प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने बयान जारी कर कहा है कि विगत एक माह से नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश के सम्मानीय विधायको को पूर्व सेवा अवधि की गणना,उच्चतर वेतनमान,लंबित महंगाई, गृह भत्ता, पुरानी पेंशन योजना का लाभ,केसलेस इलाज व खुली स्थान्तरण नीति लागू करने के सात सूत्रीय मांग को लेकर मुलाकात कर विधानसभा बजट सत्र में माननीय मुख्यमंत्री जी का ध्यानाकर्षण करवाने का निवेदन किया जा रहा है आज विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते समय राज्य कर्मचारियो के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने का एलान प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री पेंशन पुरुष भूपेश बघेल जी द्वारा किया गया पुरानी पेंशन लागू करने के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी का नवीन शिक्षक संघ छ. ग.के तरफ से सादर धन्यवाद,प्रदेश पदाधिकारी गिरीश साहू,अमितेश तिवारी,रूपेंद्र सिन्हा,संजय साहू,सतीस टण्डन,चन्द्र शेखर रात्रे,गंगा शरण पासी,देवकांत सिन्हा,ब्रिज नारायण मिश्रा,रोशन मंसूरे,सुमनलता यादव ने कहा है कि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ में दो संगठन पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्ष कर रहे है लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य स्तर में एकमात्र नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ही प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत के नेतृत्व में  लगातार प्रदेश के विधायकों व मंत्रियों के साथ मुलाकात कर  पुरानी पेंशन योजना लागू करने सहित सात मांगो को प्रमुखता से रख रहे थे। जिला अध्यक्ष अनुभव तिवारी,रमन शर्मा,हरिकांत अग्निहोत्री,संजीव मानिकपुरी,वेदप्रकाश साहू,अमीन बंजारे,नरेश चौहान,छन्नूलाल साहू,नरेश गुप्ता,संतोष द्विवेदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के पेंशन पुरुष माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा पुरानी पेंशन योजना लागू करने के घोषणा से पेंशन विहीन कर्मचारियो व परिवार के सदस्यों के जीवन मे खुशहाली छा गया है रिटायर होने के बाद बुढ़ापे का सहारा पुरानी पेंशन हमे मिल गया है अब रिटायर होने का बाद हम हंसी खुशी जीवन यापन कर सकते है। प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत,उमा जाटव,प्रकाश चंद कांगे,बलविंदर कौर,अजय कड़व ने कहा है कि पुरानी पेंशन योजना लागू करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री जी को बहुत-बहुत साधुवाद नवीन शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ द्वारा सौपे जा रहे सात सूत्रीय मांगों में से एक मांग के पूर्ति होने के बाद हमारा संगठन का संघर्ष रुकेगा नही जब तक पूर्व सेवा अवधि की गणना,पदोन्नति से वंचित शिक्षक एलबी संवर्ग को उच्चतर वेतनमान,लंबित महंगाई, गृह भत्ता, केसलेस इलाज व खुला स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की पूर्ति शासन द्वारा नही किया जाता तब तक नवीन शिक्षक संघ छ. ग.का संघर्ष जारी रहेगा और क्रम में महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के बैनरतले  11 मार्च को रायपुर के बूढ़ातालाब धरना स्थल पर 31%महंगाई भत्ता व सातवां वेतनमान के अनुसार गृह भत्ता के देने की मांग को लेकर एक दिवसीय जंगी प्रदर्शन किया जाएगा ।

Monday, March 7, 2022

प्रदेश के शासकीय कर्मचारियो की मांग पूर्ति करो सरकार नही तो 11 मार्च को होगा राजधानी रायपुर में हड़ताल





मोर्चा के प्रदेश संचालक विकास सिंह राजपूत,सह संचालक गिरीश साहू के उपस्थिति में ब्लॉक संचालक धमधा मदन साटकर,संजय शर्मा, ईश्वर साहू व महावीर वर्मा (बीआरसी धमधा) के नेतृत्व में महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के बैनर तले केंद्र के समान 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता व सातवां वेतनमान के अनुसार गृह भत्ता निर्धारण की मांग को लेकर प्रांतीय आह्वान पर ब्लॉक धमधा में मुख्यमंत्री जी के नाम एसडीएम धमधा ब्रजेश क्षत्रिय को ज्ञापन सौंपा गया प्रदीप राजपूत,वीरेंद्र साहू,अशोक देवांगन,माधो चेलक,अखिलेश शर्मा,खिलेंद्र बघेल,मेखराम कोसले, अनिल मार्कण्डेय,तीरथ मार्कण्डे,कमल नारायण साहू,सुरेंद्र राय,ने बताया कि कर्मचारियों की 2 सूत्रीय मांग लंबित 14% मंहगाई भत्ता का एरियर सहित भुगतान एवं गृह भाड़ा भत्ता को सातवें वेतनमान के आधार पर पुनरीक्षित कर प्रदान करने के लिए ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया है। वही जिला मुख्यालय दुर्ग में प्रदेश संचालक अनिल शुक्ला,कमलेश राजपूत,जिला संचालक संजीव मानिकपुरी,शत्रुघ्न साहू सहित अन्य संचालक की उपस्थिति में  कलेक्टर एवं  तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया है।


11 मार्च को राजधानी में आंदोलन


 मोर्चा के प्रदेश संचालक विकास सिंह राजपूत ने बताया कि 11 मार्च को प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन राजधानी रायपुर में किया जावेगा जिसमें समस्त संगठनों के  कर्मचारी एक दिवसीय आंदोलन में सामुहिक अवकाश लेकर शामिल होंगे।


 3 दिवसीय आंदोलन की घोषणा


प्रदेश संचालक अनिल शुक्ला,कमलेश राजपूत,जिला संचालक संजीव मानिकपुरी व शत्रुघ्न साहू ने बताया कि मांगे पूरी नहीं होने पर 11 अप्रैल से 13 अप्रैल तक 3  दिवसीय आंदोलन में  मोर्चा के समस्त कर्मचारी एवं अधिकारी सामूहिक अवकाश लेकर  जिला और ब्लॉक मुख्यालय में प्रदर्शन करेंगे।

प्रदेश सह संचालक गिरीश साहू,दुष्यंत कुम्भकार,अमितेश तिवारी ने कहा कि 3 चरणों के उपरांत मांगों के पूर्ण नही होने की स्थिति में मांगों पर सकारात्मक निर्णय नही लेने पर समूर्ण छत्तीसगढ़ के कर्मचारी -अधिकारी अनिश्चितकालीन आंदोलन करने बाध्य होंगे।

महावीर वर्मा,ईश्वर साहू,प्रदीप राजपूत,वीरेंद्र साहू,माधो चेलक,अनिल मार्कण्डेय,मेखराम कोसले,अशोक देवांगन,अखिलेश शर्मा,सुरेंद्र राय,तीरथ मार्कण्डेय सहित उपस्थित सभी कर्मचारियो ने कहा कि  सरकार  ने विगत 3 वर्षों से कर्मचारियों के विभिन्न मांगों एवं समस्याओं को अनसुना करते हुए उपेक्षा किया है।जिससे अब कर्मचारी संगठन लामबंद होकर आंदोलन करने को बाध्य हो रहे है।

Sunday, March 6, 2022

प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना, उच्चतर वेतनमान,केसलेस इलाज,पुरानी पेंशन व महंगाई भत्ता व खुली स्थानांतरण के लिए नवीन शिक्षक संघ ने किया विधायको से मुलाकात



रायपुर- छत्तीसगढ़ प्रदेश में शिक्षाकर्मी प्रथा को समाप्त कर सम्पूर्ण संविलियन के लिए आवाज उठाने वाले एकमात्र संगठन नवीन शिक्षक संघ ने फिर पूर्व सेवा की गणना,उच्चतर वेतनमान,केसलेस इलाज,महंगाई भत्ता व खुली स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग को प्रमुखता से माननीय मुख्यमंत्री तक पहुचाने के लिए प्रदेश के सम्मानीय विधायको से मिलने का सिलसिला जारी रखे हुए है प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह जी के नेतृत्व में कांकेर,जांजगीर,बेमेतरा,रायपुर के बाद मुख्यमंत्री के गृह जिला में प्रांतीय पदाधिकारी गिरीश साहू,जिलाध्यक्ष संजीव मानिकपुरी,सचिव बी.प्रकाश,महेश ठाकरे,मनोज जोशी,धनेश नेताम,विनोद ठाकुर,व रितेश जोशी ने दुर्ग विधायक अरुण वोरा,भिलाई विधायक देवेंद्र यादव व वैशाली नगर विधायक विद्यारतन भसीन से मुलाकात कर नवीन शिक्षक संघ छ. ग.के सात सूत्रीय मांग को विधानसभा बजट सत्र में उठाकर कर सरकार का ध्यानाकर्षण करवाने का निवेदन किया जिस पर अरुण वोरा सहित दोनो विधायको ने नवीन शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि नवीन शिक्षक संघ के बिंदुवार मांग को सरकार के ध्यान में लाया जाएगा जिससे शिक्षक  संवर्ग के उपरोक्त समस्याओं का शासन द्वारा उचित समाधान किया जा सके।